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छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल हरेली त्यौहार से होंगे प्रारंभ : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक खेलों की शुरूआत अब हरेली त्यौहार से होगी। बघेल आज धमतरी विधानसभा क्षेत्र के भटगांव में आयोजित भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में आम नागरिकों से चर्चा कर रहे थे। कार्यक्रम में उन्होंने शासन की विभिन्न योजनाओं की जमीनी हकीकत की जानकारी ली। उन्होंने इस मौके पर 137 करोड़ रुपए के 154 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया। इसमें 13 करोड़ 97 लाख रुपए के 28 कार्यों का लोकार्पण तथा 123 करोड़ 63 लाख रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि शहादत दिवस 21 मई को पाटन विधानसभा में महात्मा गांधी उद्यानिकी उद्यानिकी विश्वविद्यालय की शुरुआत होगी। साथ ही विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को न्याय योजनाओं की राशि भी वितरित की जाएगी। इस दौरान इस दौरान बालोद संजारी विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणुजी पिल्ले, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, संभागायुक्त यशवंत कुमार, आईजी आरिफ शेख, कलेक्टर ऋतुराज रघुवंशी, एसपी प्रशांत ठाकुर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

वर्मी खाद से कमाये छह लाख रुपए- भटगांव की टेरिना साहू ने बताया कि हमारे समूह में दस सदस्य हैं और हम अनेक आजीविकामूलक गतिविधियों में सक्रिय हैं। सभी वर्मी खाद तैयार कर रहे हैं। इससे छह लाख रुपए की आय हमें हुई है। जैविक दवाई के माध्यम से 56 हजार रुपए तथा मुर्गी पालन से 75 हजार रुपए आय हुई है। समूह की महिलाओं की योजना बकरी पालन की भी है। टेरिना ने बताया कि हम लोग अपनी गतिविधियों का इसी तरह से विस्तार करते जाएंगे। गोधन न्याय योजना के हितग्राही भटगाँव निवासी डोरेलाल ने बताया कि मैंने डेढ़ लाख रुपए का गोबर बेचा है। इसके लिए मैंने बरदी के साथ ही गली में भी गोबर इकट्ठा किया है और बेचा है। इससे मैंने स्कूटी ली है।

आईटीआई में वैकेंसी बढ़ाने जताया आभार- मुख्यमंत्री ने इस दौरान बेरोजगारी भत्ता वितरण की जानकारी भी ली तथा शासन द्वारा हाल ही में बड़ी संख्या में निकाली गई वैकेंसी के संबंध में भी चर्चा की। टोकेश्वरी गजेंद्र ने बताया कि उसने आईटीआई का कोर्स किया है। आईटीआई में मुख्यमंत्री ने वैकेंसी बढ़ाकर 920 पद कर दिया है। इससे आईटीआई करने वाले युवा बहुत उत्साहित हैं। टोकेश्वरी ने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। ग्राम रूद्री के राजीव युवा मितान क्लब के अध्यक्ष शुभम साहू ने कहा कि बरसों बाद हम सब लोगों ने पारंपरिक खेल खेले। विलुप्त हो रहे हमारे खेलों को छत्तीसगढ़िया ओलंपिक से संजीवनी मिली है।

नीली गाड़ी आती है कि नहीं, मुख्यमंत्री ने पूछा, ग्रामीणों ने कहा हाँ- मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हाट बाजार स्वास्थ्य क्लीनिक योजना के बारे में जानकारी भी ली। उन्होंने पूछा कि नीली गाड़ी आती है कि नहीं। ग्रामीणों ने बताया कि सुबह 8 बजे से मोबाइल मेडिकल वैन आ जाती है और शाम पांच बजे तक रहती है। आत्माराम साहू ने बताया कि हम लोग सुबह गाँव में मुनादी करा देते हैं। दिन में डेढ़ सौ से दो सौ लोग इलाज करा लेते हैं। मुख्यमंत्री की घोषणाएं- भेंट मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने आमदी में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने, ग्राम पंचायत भटगांव के औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र का नामकरण स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. मनराखन देवांगन के नाम पर करने, 

ग्राम तुमराबहार व देवपुर में उप स्वास्थ्य केन्द्र खोलने, ग्राम मोंगरागहन में जिला सहकारी बैंक की शाखा खोलने की घोषणाएं की। साथ ही उन्होंने ग्राम पंचायत भटगांव के मौली माता मंदिर का जीर्णाेद्धार व विभिन्न निर्माण कार्य कराया जायेगा, सड़क निर्माण कार्य कराने, ग्राम देवपुर के हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन करने, विधानसभा क्षेत्र के आत्मानंद स्कूलों में आवश्यक निर्माण व मरम्मत कार्य कराने, भटगांव गौठान में प्राकृतिक पेंट इकाई स्थापना के लिये मशीनरी व उपकरण क्रय करने, महानदी मुख्य नहर के आरडी 390 से 1000 मीटर तक एवं आरडी 1000 मीटर से 15000 मीटर तक लाइनिंग एवं मरम्मत कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा की।

साथ ही उन्होंने भोयना जलाशय के बांध एवं नहरों का जीर्णाेद्धार कार्य, सी.सी. लाइनिंग एवं पक्के संरचनाओं का निर्माण कार्य कराने, मोंगरागहन व्यपवर्तन के बियर, गेट एवं नहरों का मरम्मत कार्य कराने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने धमतरी शहर की विभिन्न सड़कों के निर्माण की भी घोषणा की। उन्होंने अम्बेडकर चौक से गंगरेल तक सड़क निर्माण, गोकुलपुर वार्ड से बिलाई माता मंदिर होते हुए नहर नाका चौक तक सड़क निर्माण, नहर नाका चौक से सिहावा चौक तक सड़क निर्माण और रत्नाबांधा चौक सिग्नल से ग्राम मुजगहन तक सड़क निर्माण की घोषणा की।

मैं आपकी पीए बनना चाहती हूँ क्या ऐसा हो सकता है

भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल स्वामी आत्मानंद स्कूल के बच्चों से चर्चा के दौरान बता रहे थे कि पिछली बार हमने 14 हजार शिक्षकों की भर्ती की थी, इस बार 12 हजार शिक्षकों की भर्ती कर रहे हैं। स्वामी आत्मानंद स्कूल भी हमने आरंभ किये हैं। इसी दौरान सबसे पहले स्कूल की छात्रा प्रियांशी मिश्रा उठी और कहा कि आप लगातार काम करने वाले और सक्रिय मुख्यमंत्री हैं। आज आपसे बात करने का मेरा सपना पूरा हुआ। मैं बहुत खुश हूँ।

छात्रा प्रियांशी मिश्रा ने कहा कि मैंने बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इसके बाद क्या बनना चाहती हैं। छात्रा ने कहा कि मैं तो आपकी पीए बनना चाहती हूँ। क्या ऐसा हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए तो आपकी शासकीय सेवा में आना पड़ेगा। अपने स्कूल के बारे में प्रियंका ने बताया कि यहाँ अच्छी पढ़ाई तो होती ही है स्पोर्ट्स और कल्चर से जुड़ी एक्टिविटी भी काफी होती है। प्रियांशी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे सैजेस के बच्चों का गाना सुने। मुख्यमंत्री ने बच्चों का गाना सुना और उन्हें प्रोत्साहित करते हुए ताली बजाते रहे।

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मितान योजना के शुभंकर पहाड़ी मैना ने मचाई धूम

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रायपुर। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के स्टेट लेवल कार्यक्रम में जब अचानक मुख्यमंत्री मितान योजना के शुभंकर की एंट्री हुई तो माहौल देखने लायक था। राजधानी रायपुर के बूढ़ा तालाब के पास स्थित इनडोर स्टेडियम में जब प्रतिभागियों के बीच मितान का शुभंकर पहाड़ी मैना विजेताओं को जीत की बधाई देने पहुंचे तो सारे लोग झूम उठे। 

खिलाड़ियों और दर्शकों में मितान के साथ फोटो खिंचवाने और सेल्फी लेने की होड़ सी मच गई। खिलाड़ियों के साथ मितान ने छत्तीसगढ़िया ओलंपिक और मुख्यमंत्री मितान योजना के थीम सॉन्ग पर नृत्य भी किया। अक्टूबर 2022 से शुरू हुए छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों के महाकुंभ का आज आखिरी दिन था। राज्य स्तरीय मुकाबले में हिस्सा लेने के लिए प्रदेश के कोने-कोने से खिलाड़ी आए हुए थे। बच्चे बूढ़े जवान महिलाएं सभी ने इन मुकाबलों में जोश के साथ हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री 8 जनवरी को अनेक कार्यक्रमों में होंगे शामिल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 8 जनवरी को अनेक कार्यक्रमों में  शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पूर्वान्ह 11 बजे राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री 11.55 बजे पुलिस ग्राउंड से हेलीकॉप्टर द्वारा रायपुर जिले की तहसील तिल्दा के ग्राम- रायखेड़ा जाएंगे और वहां पर दोपहर 12.20 बजे छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी समाज के 77 वां वार्षिक राज अधिवेशन 2023 में शामिल होंगे।

बघेल दोपहर 1.30 बजे बालोद जिले के डौंडीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम भालुकोन्हा पहुंचेंगे और वहां सद्गुरू कबीर स्मृति महोत्सव में शामिल होंगे। बघेल अपरान्ह 3 बजे बालोद जिले के गुंडरदेही विकासखण्ड के ग्राम भालुकोन्हा पहुंचकर मंदिर दर्शन करेंगे और वहां से 3.45 बजे भिलाई-3 के थाना ग्राउंड परिसर हेलीपेड पहुंचेंगे।  


छत्तीसगढ़िया ओलंपिक : राज्य स्तरीय प्रतियोगिता 8 से 10 जनवरी तक

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रायपुर। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक 2022-23 का राज्य स्तरीय आयोजन अब 08 जनवरी से 10 जनवरी 2023 तक राजधानी रायपुर के विभिन्न खेल मैदानों के साथ-साथ इंडोर स्टेडियम में किया जाएगा। राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़िया आलंपिक का उद्घाटन समारोह 08 जनवरी को प्रातः 11 बजे से सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में होगा। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के सभी 14 खेल विधाओं की प्रतियोगिता सरदार बलबीर सिंह जुनेजा स्टेडियम, आउटडोर स्टेडियम बुढ़ापारा, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय खेल परिसर और स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा में आयोजित किए जाएंगे।

उद्घाटन समारोह और समापन समारोह में प्रतिभागियों के द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाऐंगे। समापन समारोह में आकर्षक आतिशबाजी भी की जाएगी। समापन समारोह का आयोजन स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा-रायपुर में 10 जनवरी की शाम में किया जाएगा। गौरतलब है कि पूर्व में राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता के लिए 07 जनवरी से 09 जनवरी की तिथि निर्धारित की गई थी जिसे बदल कर 8 से 10 जनवरी कर दिया गया है।

नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ें युवा और नाम रोशन करें- मंत्री डॉ डहरिया

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अम्बिकापुर। संभाग स्तरीय युवा महोत्सव एवं छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल प्रतियोगिता का रंगारंग शुभारंभ सोमवार को पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में हुआ। समारोह का शुभारंभ अतिथियों के द्वारा मां सरस्वती एवं छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन व राजगीत के साथ किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया ने वर्चुअल माध्यम से संभाग स्तरीय युवा महोत्सव एवं छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के शुभारंभ की विधिवत घोषणा की। उन्होंने इस अवसर पर टीम भावना व अनुशासन के साथ प्रतिभा प्रदर्शन हेतु प्रतिभागियों को शपथ दिलाया। इस अवसर पर प्रतिभागियों के उत्साहवर्धन के लिए जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने रस्साकसी में दमखम दिखाया। 12 से 15 दिसम्बर तक आयोजित संभाग स्तरीय आयोजन में 6 जिलों के करीब 5800 प्रतिभागी अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगे।



समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ डहरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य में विकास कार्य तेजी से संचालित हो रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश की पारंपरिक खेलों को पुनर्जीवित करने को तथा सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक एवं युवा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेंगे जिससे वे नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ेंगे और अपना तथा देश-प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि इस  प्रतियोगिता में प्रतिभागी ग्राम पंचायत, क्लस्टर, विकासखंड तथा जिला स्तर के बाद संभाग स्तर पर पहुंचे हैं। सभी प्रतिभागी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। यहां से चयनित होने के बाद राज्य स्तर पर संभाग का प्रतिनिधित्व करेंगे।



समारोह के विशिष्ट अतिथि एवं खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेश से विलुप्त हो रही पारंपरिक खेल को जीवंत रखने तथा युवाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़े रखने के लिए छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक एवं युवा महोत्सव शुरू करने का निर्णय लिया। इस आयोजन से सभी वर्ग के लोगों को अपनी हुनर प्रदर्शन के लिए मंच मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में संस्कृति विभाग द्वारा पहली बार अन्तराष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन किया गया जिसमें देश-विदेश के लोक कलाकारों ने प्रदेश को जाना। छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को धान के समर्थन मूल्य के अतिरिक्त आदान राशि भी दे रही है जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। 

उन्होंने कहा कि अब 65 प्रकार के वनोपज की खरीदी हो रही है तथा तेंदूपत्ता का दर 4000 रुपये मानक बोरा हो गया है। उन्होंने कहा की प्रतियोगिता के विजेता टीम को संस्कृति विभाग की ओर से प्रथम पुरस्कार 10 हजार, द्वितीय पुरस्कार 7500 तथा तृतीय पुरस्कार 5 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसी प्रकार एकल प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 1 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 750 रुपये एवं तृतीय पुरस्कार 500 दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि संस्कृति विभाग के चिन्हारी पोर्टल में पंजीकृत जिले के करीब 200 मंडलियों को 5-5 हजार दिए जाएंगे।

सीजीएमएससी के अध्यक्ष व लुण्ड्रा विधायक डॉ प्रीतम राम ने कहा कि जब से मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार बनी है तब से प्रदेश में त्यौहार का मौसम है। सभी तरह उल्लास और उमंग है। उन्होंने कहा कि छत्तसगढ़िया ओलाम्पिक व युवा महोत्सव के आयोजन से लोगों का मनोबल बढ़ता है। शारीरिक व मानसिक रूप से लोग स्वास्थ होते हैं।

ऑडिटोरियम होगी वातानुकूलित- इस अवसर पर खाद्य मंत्री ने पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में एयर कंडीशन एवं साउंड सिस्टम लगवाने हेतु राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। वर्तमान में ऑडिटोरियम में साउंड सिस्टम नहीं होने से किराए से लेना पड़ता है।

मांदर बजाकर किया उत्साहवर्धन-  खाद्य मंत्री ने प्रतिभागियों का उत्साह वर्धन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे प्रतिभागियों के साथ मांदर बजाई व फोटो भी खिंचवाई।

कार्यक्रम को खाद्य आयोग के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह बाबरा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मधु सिंह, छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड के उपाध्यक्ष इरफान सिद्दीकी, तेल घानी बोर्ड के सदस्य लक्ष्मी गुप्ता, बीज प्रमाणीकरण बोर्ड के सदस्य अरविंद गुप्ता, गौ सेवा आयोग के सदस्य अटल बिहारी यादव ने भी संबोधित किया। प्रभारी कलेक्टर विश्वदीप ने बताया कि 4 दिवसीय संभाग स्तरीय आयोजन में सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, सूरजपुर, कोरिया तथा मनेन्द्रगढ़-चिरिमिरी-भरतपुर जिले के प्रतिभागी शामिल होंगे। यहाँ से उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल होंगे।

इस अवसर पर कृषक कल्याण परिषद के सदस्य संजय गुप्ता, जनपद उपाध्यक्ष त्रिलोकी सिंह, नगर निगम आयुक्त सुश्री प्रतिष्ठा ममगई, अपर कलेक्टर एएल ध्रुव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित थे।

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जशपुर जिले के ग्राम पंचायत लोरो और तोरा के पंचायत सचिव निलंबित

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जशपुर। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जितेन्द्र यादव ने बगीचा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत लोरो के सचिव मंगतु राम और ग्राम पंचायत तोरा के सचिव राम श्रवण यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय जनपद पंचायत बगीचा निर्धारित किया गया है।


उन्होंने बताया कि जिला स्तर के छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में शामिल होकर कॉलेज की छात्रा सहित महिला प्रतिभागियों के साथ वापस अपने ग्राम पंचायत लौटते समय मंगतु राम एवं रामश्रवण ने गाड़ी रोककर शराब का सेवन किया था। मंगतु राम एवं रामश्रवण का उक्त कृत्य छ.ग.पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 के नियम 03 के विपरीत है। अतः मंगतु राम पंचायत सचिव लोरो एवं  राम श्रवण पंचायत सचिव तोरा जनपद पंचायत बगीचा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है एवं इन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

शिखर पर पाटन के चमन, हिमाचल के माउंट फ्रेंडशिप पीक पर फहराया छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का झंडा

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दुर्ग। पाटन के चमन लाल कोसे ने पर्वतारोहण क्षेत्र में नया रिकॉर्ड कायम किया है। चमन ने हिमाचल प्रदेश के सोलांग वेली मे स्थित 17,353 फीट की ऊंचाई वाले माउंट फ्रेंडशिप पीक पर छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का झंडा फहराया है। 25 वर्षीय चमन बचपन से ही पर्वतारोहण का शौक रखते हैं। इस अभियान के लिए चमन लाल कोसे ने अपने विधानसभा क्षेत्र के विधायक और प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही खेल एवं युवा कल्याण विभाग के मंत्री उमेश पटेल को भी धन्यवाद दिया।



अभियान की संक्षिप्त विवरण

चमन लाल कोसे माउंट फ़्रेंडसशिप पीक को 6 दिनों में फतह कर लिया। उन्होंने 15 नवंबर को एडवांस बेस कैम्प से रात 10.10 बजे पर चढ़ाई शुरू की और 16 नवंबर को सुबह 3.40 बजे पूरा कर लिया। बीते 10 नवंबर को रायपुर से इस अभियान के लिए निकले थे। इस दौरान माइनस (-14 डिग्री) तापमान पर ट्रेकिंग के द्वारा लगभग 24 किलोमीटर दूरी तय करके पूरा किया।

आसान नहीं थी चढ़ाई

छत्तीसगढ़ के पहले विंटर एक्सपीडिशन करने वाले चमन लाल कोसे बताते हैं कि यह चढ़ाई आसान नहीं थी। चढ़ाई के दौरान कई सारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा सबसे बड़ी चुनौती विंड चिल्ड फैक्टर थी, यानी ठंडी तेज़ हवाओं से बचना। इसके अलावा दो बार हिमस्खलन का सामना भी करना पड़ा। चमन बताते हैं इस दौरान पहाड़ो में होने वाली एएमएस बीमारी के चपेट मे भी आ गए। लेकिन उनका कुछ करने का जज्बा और जुनून ही उन्हें शिखर पर ले गया।

शिखर पर छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का झंडा फहरा कर संदेश दिया



छत्तीसगढ़िया ओलंपिक को एडवेंचर स्पोर्ट्स के जरिये बढ़ावा देने लिए चमन ने 17,353 फीट पर हिमाचल प्रदेश के माउंट फ्रेंडशिप पीक ‘छत्तीसगढ़िया ओलंपिक’ का झंडा फहराया। इस अभियान के लिए चमन लाल कोसे ने अपने विधायक और प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार व्यक्त अपने तरीके से किया है। चमन ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को समर्पित करते हुए पाटन वाले कका का पोस्टर शिखर पर फहराया। उन्होंने कहा कका के सहयोग के बिना यह कर पाना संभव नहीं था।

ये रही अभियान की विशेषता



चमन लाल कोसे अल्पाइन टेक्निक क्लाइम्बिंग के साथ-साथ विंटर एक्सपीडिशन किया। अल्पाइन टेक्निक से क्लाइम्बिंग यानी इस चढ़ाई में अमूमन 1-2 लोग ही होते हैं और अभियान को पूरा करते हैं। यह पर्वतारोहण के क्षेत्र में सबसे उच्चतम श्रेणी की विधा है। विंटर एक्सपीडिशन का मतलब शरद ऋतु में पर्वतारोहण करना है। विंटर एक्सपीडिशन 1 प्रतिशत से भी कम पर्वतारोही ही कर पाते हैं। इस तरह राष्ट्रीय स्तर पर विंटर एक्सपीडिशन करने वाले छत्तीसगढ़ के पहले व्यक्ति चमन लाल कोसे बन गए हैं। इससे पहले छत्तीसगढ़ के एवेरेस्ट पर्वतारोही राहुल गुप्ता ‘माउंटेन मेन’ ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पहाड़ों पर अल्पाईन टेक्निक के साथ साथ विंटर एक्सपीडिशन भी किया है।

अगले अभियान के लिए है तैयार



अब अगले महीने में चमन अफ्रीका महाद्वीप के सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो (19,341 फिट/5,895 मीटर) की ऊंची चोटी पर चढ़ाई करेंगे। जो कि महाद्वीपों के पहाड़ो की ऊँचाई की रैंकिंग में चौथा सबसे ऊंची चोटी है।

कौन हैं पाटन के चमन

25 वर्षीय चमन लाल कोसे दुर्ग जिले के पाटन के निवासी हैं। चमन एक मध्यम वर्गीय परिवार के हैं। उनके पिता एक किसान हैं। साथ ही चमन वर्तमान समय में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर में समाजकार्य विभाग के प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थी हैं।

यहां मिली ट्रेनिंग

पर्वतारोही चमन लाल कोसे ने सिक्किम के पर्वतारोहण संस्थान से माउंटेनियरिंग (पर्वतारोहण) और माउंट आबू, राजस्थान में स्थित स्वामी विवेकानंद इंस्टिट्यूट से रॉक क्लाइम्बिंग का कोर्स किया है। पर्वतारोहण जैसे साहसिक खेलों के क्षेत्र में पिछले 5 सालों का अनुभव रहा है। उन्होंने उत्तराखंड व छत्तीसगढ़ के एडवेंचर स्पोर्ट्स बेस्ड कंपनी व संस्थान में भी काम सीखा है।

 

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का तीसरा चरण सत्ताईस अक्टूबर से

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रायपुर। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का तीसरा चरण परसों सत्ताईस अक्टूबर से शुरू होगा। विकासखंड स्तर पर आयोजित तीसरे चरण की यह प्रतियोगिता दस नवबर तक चलेगी। इसके बाद जिला स्तर पर सत्रह से छब्बीस नवंबर तक, संभाग स्तर पर पांच से चौदह दिसंबर तक और राज्य स्तर पर अट्ठाईस दिसंबर से छह जनवरी तक यह प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इससे पहले, राजीव युवा मितान क्लब स्तर और जोन स्तर पर प्रतियोगिताएं हो चुकी हैं। 



गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने, खिलाड़ियों को मंच प्रदान करने और खेलों के प्रति जन-जागरूकता लाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेलों का आयोजन छह चरणों में किया जा रहा है। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में गिल्ली डंडा, पिट्ठुल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी, बांटी, बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भौंरा, लंबी कूद और सौ मीटर दौड़ को शामिल किया गया है।

विशेष लेख : छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की लहर चहुंओर

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रायपुर। खेलों के प्रति लोगों की रूचि बढ़ाने के लिए राज्य सरकार गांव, नगर, कस्बों में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन कर रही है। इस खेल महाकुंभ को लेकर बच्चों से लेकर युवा, पुरुषों और महिलाओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। हर वर्ग के लोग पारंपरिक खेलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार जिस तरह से छत्तीसगढ़ी परंपरा विरासत और संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को सहेजने में लगी है। उसी तरह से प्रदेश के पारंपरिक खेल कंचा, भंवरा, कबड्डी, खो-खो, लंगडी दौड़, 100 मीटर दौड़, कुर्सी दौड़, पिट्ठुल, गेड़ी दौड़, बिल्लस फुगड़ी,


गिल्ली डंडा, लंबी कूद जैसे पारंपरिक खेलों को भी बचाए रखने के लिए प्रयासरत है। इन खेलों के प्रति लोगों में रूचि बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रदेश में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन कर रही है। इन पारंपरिक खेल प्रतिस्पर्धाओं में तो लोग हिस्सा ले ही रहे हैं, प्रतिभागियों का उत्साह और हौसला बढ़ाने के लिए खासी भीड़ भी जुट रही है। खेल मैदान में वृद्धजन नजर आ रहे है, जो बरसों से इन खेलों से दूरी बना रखे थे, लेकिन अब मैदान में उतरकर अपने पुराने दिनों की यादों को ताजा कर रहे हैं। यह आयोजन छह चरणों में होना है। अभी तक दो चरण में प्रतिस्पर्धाएं हो चुकी है। राज्य सरकार ने इस आयोजन के माध्यम से ऐसे लोगों को अपना खेल हुनर दिखाने का अवसर दिया है, जो खुद की खेल प्रतिभा से अंजान थे।



आयोजन समितियों का किया गया है गठन

राजीव युवा मितान क्लब एवं जोन स्तर पर खेल प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन हेतु प्रत्येक स्तर के लिए अलग-अलग विकासखंड नगरीय क्लस्टर स्तर पर आयोजन के लिए समिति का गठन किया गया है।

घरेलु महिलाएं भी ले रही हिस्सा

ग्रामीण क्षेत्र की ऐसी महिलाएं जो हमेशा घर के काम-काज में व्यस्त रहती हैं उन्हें भी छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के माध्यम से मैदान में उतरने का मौका मिला है। इस कारण महिलाएं उत्साहित हैं और एक दो नहीं, बल्कि कई खेल प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा ले रही हैं।

एकल और दलीय प्रतिस्पर्धा के लिए अलग-अलग पुरस्कार राशि निर्धारित

राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रत्येक आयु वर्ग के एकल और दलीय प्रतिस्पर्धा के लिए अलग-अलग पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। दलीय खेल विधा में प्रथम पुरस्कार 10 हजार रूपये, द्वितीय पुरस्कार 7 हजार 500 रूपये, तृतीय पुरस्कार 05 हजार रूपये से पुरस्कृत किए जाएंगे। इसी तरह एकल विद्या में प्रथम पुरस्कार 01 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 750 रुपये, तृतीय पुरस्कार 500 रूपए तय किए गए हैं।

एक हाथ से ‘छत्तीसगढ़िया ओलंपिक’ में अपना दमखम दिखाती गुरबारी की अनूठी है कहानी

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जगदलपुर। सपनों की उड़ान वही भरते हैं जिनके पंख उम्मीदों से बने होते हैं जरूरत सिर्फ उन्हें एक मौका देने की होती है। बस्तर के बकावंड ब्लाक के ग्राम सरगीपाल की रहने वाली गुरबारी की कहानी भी बिल्कुल ऐसी ही है। उन्हें भी बस एक मौका ही चाहिए था कि उनके हुनर को दिखाने का कोई जरिया मिले। दरअसल ग्राम सरगीपाल में आयोजित ‘छत्तीसगढ़िया ओलंपिक’ में लगभग सभी खेलों में अपनी सहभागिता को सुनिश्चित करने वाली गुरबारी का एक हाथ नहीं है।



लेकिन बावजूद उसके उन्होंने राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर कई खेलों में भाग लिया साथ ही सामूहिक खेल कबड्डी और खो-खो में जीत भी दर्ज की। आदिवासी बहुल क्षेत्र के छोटे से गांव सरगीपाल में रहने वाली गुरबारी का कहना है कि वो अपने एक हाथ से ही काफी काबिल है और वे सब काम कर सकती हैं जो एक सामान्य व्यक्ति कर सकता है। उन्होंने कहा कि “खेल में भाग लेने के लिए शारीरिक क्षमता तो जरूरी है लेकिन उससे से भी बढ़कर होसलों का मजबूत होना भी जरूरी है। मजबूत हौसले ही मुझे हिम्मत और आत्मविश्वास देते हैं।

जिससे मैं कोई भी काम कर सकती हूं। मैंने इस आयोजन में लंगड़ी दौड़, पिट्ठुल, 100 मीटर दौड़, कबड्डी, खो-खो और कुर्सी दौड़ खेला। ‘छत्तीसगढ़िया ओलंपिक’ के बारे में बात करते हुए गुरबारी कहती हैं कि ‘छत्तीसगढ़िया ओलंपिक’ सरकार की एक अच्छी पहल है जिसकी वजह से हम जैसी घरेलू महिलाओं को मौका मिला है। हमें पता चला कि हम आगे भी खेलने जाएंगी तो हमें काफी खुशी हो रही है। मैं खुश हूं और प्रदेश के मुख्यमंत्री को धन्यवाद देना चाहती हूं कि उन्होंने हमारे लिए इस तरह के आयोजन की शुरूआत की।

तुमगांव : छत्तीसगढ़िया ओलंपिक को लेकर युवाओं के साथ ही बुजुर्गों में खासा उत्साह

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महासमुंद। पहली बार आयोजित हो रहे छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में युवाओं से लेकर बुजुर्ग उत्साह के साथ हिस्सा ले रहे हैं। तुमगांव नगर पंचायत में आयोजित प्रतियोगिता का जिला वनोपज संघ के अध्यक्ष प्रमोद सेवनलाल चंद्राकर ने शुभारंभ किया। छत्तीसगढ़ के साथ ही महासमुंद जिले में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। 


छत्तीसगढ़िया ओलंपिक को लेकर युवाओं के साथ ही बुजुर्गों में खासा उत्साह

नगरपंचायत तुमगांव में वनोपज संघ के अध्यक्ष प्रमोद सेवनलाल चंद्राकर ने छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का शुभांरभ किया। इस दौरान चंद्राकर ने गिल्ली डंडा व पिट्ठूल खेलकर अपनी पुराने दिनों की यादें ताजा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की संस्कृति को आगे ले जाते हुए स्थानीय खेलों के प्रति युवाओं को जागरूक करना है। साथ ही नई प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर प्रदान करना है। 

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे ग्रामीण

इस दौरान प्रमुख रूप से ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ढेलू निषाद, राजीव मितान क्लब के विधानसभा संयोजक रेखराज पटेल, व्यंकटेश चंद्राकर, गौतम सिन्हा, ओमप्रकाश यादव, केके साहू, गजेंद्र साहू, शैलेंद्र सेन, हर्ष शर्मा, तारिणी चंद्राकर, मानिक साहू आदि मौजूद रहे। इसी तरह आज रविवार को अछोली, सिरपुर, पासिद, चुहरी, सुकुलबाय, मरौद, गढ़सिवनी, पीढ़ी, कुकराडीह, परसाडीह, खैरझिटी, कौवाझर, मालिडीह, बांसकुडा, लोहारडीह, भोरिंग, बेलटूकरी आदि गांवों में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के तहत विभिन्न खेलों का आयोजन किया गया।

’छत्तीसगढ़िया ओलंपिक’: मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों से की अपील

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ’छत्तीसगढ़िया ओलंपिक’ में भाग लेने वाले प्रतिभागियों से अपील करते हुये कहा है - यदि आप भी ‘छत्तीसगढिया ओलम्पिक’ में भाग ले रहे हैं, तो आपको खेलते हुए हम सब देखेंगे.. सभी खेलते हुए अपनी फोटो/वीडियो हैशटैग #CGOlympics2022, #KhelboChhattisgarh के साथ सोशल मीडिया पर साझा कर सकते है। उन्होंने अपनी अपील में कहा कि प्रतिभागी मुझे @BhupeshBaghelCG/@BhupeshBaghel/@BhupeshBaghelinc टैग/मेंशन भी कर सकते हैं।



मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेल गतिविधियों को ग्रामीण क्षेत्र एवं नगरीय क्षेत्रों में प्रोत्साहित करने, प्रतिभागियों को मंच प्रदान करने, उनमें खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और खेल भावना का विकास करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक का 6 अक्टूबर से शुभारंभ किया गया है।इसका समापन विभिन्न छः स्तरों में होते हुए अंतिम चरण राज्य स्तर पर 6 जनवरी 2023 को होगा।

दलीय एवं एकल श्रेणी में 14 तरह के पारम्परिक खेलों को शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री बघेल के विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ में पारम्परिक खेल गतिविधियों को ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में प्रोत्साहित करने के लिए पहल की गई है। छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक से प्रतिभागियों को एक ओर जहां मंच मिलेगा। वहीं दूसरी तरफ उनमें खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और खेल भावना का विकास होगा।

छह अक्टूबर से छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक का आयोजन

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रायपुर। प्रदेश में आगामी छह अक्टूबर से छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक का आयोजन किया जाएगा। इसकी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। इस ओलंपिक में गिल्ली डंडा, पिट्टूल, लंगड़ी दौड़ जैसे चौदह पारंपरिक खेलों के मुकाबले होंगे। इस संबंध में मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक हुई। इस दौरान मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि जिन स्थानों पर आयोजन समितियों का गठन किया गया है, 



वहां कल पांच अक्टूबर से पहले सभी स्तरों पर आयोजन समितियों का गठन कर लिया जाए। मुख्य सचिव ने सभी स्तरों की प्रतियोगिताओं के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के भी निर्देश दिए हैं। बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक के आयोजन का दायित्व पंचायत और ग्रामीण विकास तथा नगरीय प्रशासन और विकास विभाग को सौंपा गया है। स्पर्धा का समापन अगले साल छह जनवरी को होगा।



छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक के लिए छह स्तर निर्धारित किए गए हैं। इसमें गांव में सबसे पहला स्तर राजीव युवा मितान क्लब का होगा। वहीं दूसरा स्तर जोन है, जिसमें आठ राजीव युवा मितान क्लब को मिलाकर एक क्लब होगा। फिर विकासखंड-नगरीय क्लस्टर, जिला, संभाग और अंतिम में राज्य स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। राज्य स्तर के मुकाबले अट्ठाईस दिसम्बर से छह जनवरी तक होंगे।

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