Media24Media.com: छत्तीसगढ़ सरकार

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label छत्तीसगढ़ सरकार. Show all posts
Showing posts with label छत्तीसगढ़ सरकार. Show all posts

भारत-पाक तनाव: छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, गृह मंत्री बोले- 'पाकिस्तान सुधरे वरना होगा अंतिम निर्णय'

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। राज्य में सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर आज अहम दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने साफ किया कि केंद्र सरकार के सभी निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन किया जा रहा है, क्योंकि यह एक राष्ट्रीय मसला है और इसमें सभी का सहयोग जरूरी है।


गृह मंत्री विजय शर्मा ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वह लगातार ड्रोन और मिसाइल के जरिए भारत में हमला करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन यह भारतीय सेना की ताकत है कि वह दुश्मन की हर साजिश को हवा में ही नष्ट कर रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “पाकिस्तान को समझना चाहिए, नहीं तो फिर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।”

साइबर अटैक की आशंका, गृह विभाग आज कर सकता है अहम ऐलान

गृह मंत्री ने जानकारी दी कि बौखलाए पाकिस्तान की ओर से साइबर अटैक की आशंका है। खास तौर पर सरकारी संस्थानों को निशाना बनाने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की साइबर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि आज राज्य गृह विभाग की ओर से साइबर हमलों से निपटने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। मंत्री शर्मा ने कहा, “हम हर मोर्चे पर मुस्तैद हैं। दुश्मन चाहे जमीन से हमला करे या साइबर स्पेस से, उसका जवाब तैयार है।

नागरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को सशक्त बनाने के लिए दृढ़संकल्पित है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री साय

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : प्रदेश की नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार लगातार प्रतिबद्ध प्रयास कर रही है। संसाधनों के आधुनिकीकरण, अग्निशमन सेवाओं को तकनीकी रूप से उन्नत करने और जवानों के प्रशिक्षण व मनोबल को प्राथमिकता देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के माना कैंप स्थित नगर सेना केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 18 नवीन अग्निशमन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने सेक्टर-13, नवा रायपुर में नवनिर्मित अग्निशमन केंद्र सह आवासीय परिसर और माना में नवीन सेनानी कार्यालय का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।


आपातकालीन सेवाओं को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ये अत्याधुनिक अग्निशमन वाहन प्रदेश की त्वरित आपातकालीन सेवाओं की क्षमता को नई गति देंगे। उन्होंने इसे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकार्पित भवनों के माध्यम से अग्निशमन तंत्र को मजबूती मिलेगी और हमारे जवानों की दक्षता में भी इजाफा होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन नए वाहनों से आगजनी की घटनाओं पर पहले से कहीं अधिक प्रभावी तरीके से और तेज़ी से काबू पाया जा सकेगा, जिससे जान-माल की रक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि जीवन की रक्षा सबसे बड़ा कार्य है और इसे पूरी निष्ठा और तत्परता से निभाने वाले अग्निशमन कर्मी हमारे सच्चे नायक हैं, जिनकी सेवाओं को समाज हमेशा सम्मान की दृष्टि से देखता है।

आपातकालीन सेवा का डेमो और अत्याधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी
कार्यक्रम के दौरान राज्य आपदा मोचन बल और अग्निशमन राहत दल द्वारा आगजनी की घटना पर आधारित आपातकालीन सेवा का प्रदर्शन (डेमो) भी किया गया। मुख्यमंत्री साय ने पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन को गहरी रुचि और गंभीरता से देखा और जवानों की तत्परता व सजगता की भूरी-भूरी प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने अग्निशमन सेवाओं में उपयोग होने वाले अत्याधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। विभागीय अधिकारियों ने उन्हें लुकास जैक, ग्लास ब्रेकर, एयर लिफ्टिंग बैग, पेलिकन टावर लाइट, डायमंड टिप, चेन सॉ, फायर जैल ब्लैकेट, फायर सूट और अंडर वॉटर कैमरा जैसे उपकरणों की कार्यप्रणाली और उपयोगिता की जानकारी दी।

अग्निशमन सेवाओं का निरंतर हो रहा सशक्तिकरण
उप पुलिस महानिरीक्षक अजात शत्रु बहादुर सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में अग्निशमन सेवा को नगरीय निकाय से हस्तांतरित किया गया था। वर्तमान में प्रतिवर्ष औसतन 8,000 फायर कॉल प्राप्त होते हैं, जबकि ग्रीष्मकाल में यह संख्या प्रतिदिन 40 तक पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि आज जिन 18 नवीन अग्निशमन वाहनों को शामिल किया गया है, उनके साथ विभाग के पास अब कुल 161 अग्निशमन वाहन उपलब्ध हो गए हैं। रायगढ़, कोरबा, कबीरधाम, दंतेवाड़ा, धमतरी, कोरिया और अंबिकापुर जैसे जिलों को आज ही ये वाहन सौंपे गए हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एनआरडीए द्वारा नवा रायपुर में अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के लिए 5.5 करोड़ रुपये की लागत से फायर स्टेशन सह आवासीय परिसर का निर्माण कराया गया है, जिसका आज लोकार्पण हुआ।

शहीद अग्निशमन कर्मियों को समर्पित अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह
अजात शत्रु बहादुर सिंह ने बताया कि अग्निशमन सेवाओं में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर कर्मचारियों की स्मृति में प्रतिवर्ष 14 अप्रैल को शहीद दिवस मनाया जाता है और 14 से 20 अप्रैल तक पूरे देश में अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह आयोजित किया जाता है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में भी इस वर्ष अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, अपर मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम और मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ तीर्थ दर्शन योजना की ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी “तीर्थ दर्शन योजना” का आज आधिकारिक शुभारंभ हो गया. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में इस योजना की शुरुआत करते हुए पहली तीर्थयात्रा ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस योजना के तहत राज्य के वरिष्ठ नागरिकों और कम आय वाले परिवारों को प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा करने का अवसर मिलेगा.


इस दौरान CM साय ने यात्रियों से बातचीत भी की और उन्हें शुभकामनाएं दी. ट्रेन में यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं को खाने-पीने की व्यवस्था, यात्रा बीमा और अन्य सुविधाएं प्रदान की गईं। योजना के तहत यात्रा का अधिकांश खर्च सरकार वहन करेगी, जिससे गरीब परिवारों को आर्थिक बोझ न उठाना पड़े.

इस मौके पर CM साय ने कहा कि, यह योजना हमारी सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का हिस्सा है. हम चाहते हैं कि राज्य के हर नागरिक को देश के पवित्र तीर्थस्थलों के दर्शन का अवसर मिले, चाहे उनकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो. वहीं उन्‍होंने कहा कि हम एक और मोदी की गारंटी पूरी कर रहे हैं. हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव के वक्‍त जनता से वादा किया था, उस दौरान मोदी की गारंटी में इसे भी शामिल किया गया था. जिसे छत्‍तीसगढ़ सरकार पूरा कर रही है.

इस योजना का लाभ कैसे मिलेगा

इच्छुक लाभार्थियों को ऑनलाइन या जिला प्रशासन के माध्यम से आवेदन करना होगा. आयु सीमा वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष से अधिक) को प्राथमिकता. आर्थिक पृष्ठभूमि में कम आय वाले परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी. चयन प्रक्रिया में लाभार्थियों का चयन पारदर्शी लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा.

छत्तीसगढ़ सरकार 1 अप्रैल से नई आबकारी नीति करने जा रही है लागू , खुलेंगी 60 से अधिक नई शराब दुकानें

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : विष्णुदेव सरकार 1 अप्रैल से नई आबकारी नीति 2025—26 लागू करने जा रही है जिसके तहत शराब विक्रय सहित कई अन्य चीजों में बदलाव देखने को मिलेगा साथ ही नई आबकारी नीति के तहत प्रदेश में 67 नए शराब दुकान खुलेंगे जिसके बाद प्रदेश में शराब दुकानों की कुल संख्या अब 741 हो जाएगी।


वही नए दुकान खुलने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार को साढ़े 12 हजार करोड़ का अनुमानित राजस्व प्राप्त होगा। इधर सूत्रों कि माने तो आबकारी नीति 2025-26 के तहत अब प्रीमियम शॉप्स के संचालन का फैसला लिया गया है।

साथ ही देसी शराब में मिलावट रोकने के लिए सीलबंद पेटी में सप्लाई करने किया जाएगा और बोतलों में बारकोड भी लगाया जाएगा, इसके साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि शराब दुकानों को एक जिले से दूसरे जिले में ट्रांसफर किया जा सकेगा हालांकि अभी इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।

बता दें कि हाल ही में हुए कैबिनेट बैठक में “वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए छत्तीसगढ़ आबकारी नीति को मंजूरी दी गई थी। नई नीति के अनुसार, 674 शराब दुकानें अगले वित्तीय वर्ष में चालू रहेंगी और प्रीमियम दुकानें आवश्यकता के अनुसार संचालित की जाएंगी।” वहीं, इस दौरान 9.5 प्रतिशत के ‘अतिरिक्त उत्पाद शुल्क’ को खत्म करने का फैसला किया गया था। इसके परिणामस्वरूप, विदेशी शराब की खुदरा कीमतें, विशेष रूप से मध्यम और उच्च श्रेणी की श्रेणियों में लगभग 40 रुपये से 3,000 रुपए प्रति बोतल तक गिर जाएंगी।

BIG NEWS : दुर्ग और धमतरी के कलेक्टर बदले गए, इन्हें मिली नई जिम्मेदारी

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने आज बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत कई आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। राज्य शासन ने विशेष सचिव अभिजीत सिंह को दुर्ग का नया कलेक्टर नियुक्त किया है, वहीं रायपुर नगर निगम के आयुक्त अबिनाश मिश्रा को धमतरी कलेक्टर बनाया गया है।


देखें आदेश कॉपी

छत्तीसगढ़ बजट 2025: पेट्रोल के रेट में एक रुपए की कमी, कर्मचारियों का डीए बढ़ाकिसानों और उद्योगों को भी होगा फायदा

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने बजट में जनता को राहत देने वाले कई अहम फैसले किए हैं। पेट्रोल की कीमत में ₹1 प्रति लीटर की कमी की गई है, जिससे आम लोगों, किसानों और उद्योगों को लाभ होगा। इसके पहले सरकार ने बल्क में डीजल खरीदी पर वैट घटाकर 17% कर दिया था, जिससे परिवहन और कृषि कार्यों की लागत में कमी आई है। वहीं, राज्य के सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 3% की बढ़ोतरी की गई है, जो मार्च से लागू होगी।


पेट्रोल और डीजल सस्ता होने से ट्रैक्टर, पंप सेट और अन्य कृषि यंत्रों की लागत घटेगी, जिससे किसानों का मुनाफा बढ़ेगा। इसके अलावा, चावल मिल, गन्ना फैक्ट्री और अन्य कृषि आधारित उद्योगों के लिए परिवहन और उत्पादन खर्च कम होगा, जिससे आवश्यक वस्तुएं सस्ती हो सकती हैं।

महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी से सरकारी कर्मचारियों की आय बढ़ेगी, जिससे उनकी क्रय शक्ति और बाजार में मांग बढ़ेगी। सरकार का यह फैसला आम जनता, किसानों और व्यापारियों के लिए राहत लेकर आया है और इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

प्रदेश सरकार जेल सुधार के साथ-साथ कैदियों के आध्यात्मिक एवं नैतिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध - मुख्यमंत्री साय

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार की एक अनूठी पहल के तहत प्रदेश के विभिन्न जेलों में बंद कैदियों को गंगा जल स्नान का अवसर प्रदान किया गया।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पुनीत कार्य पर कहा कि मां गंगा की कृपा सभी पर बनी रहे, यही हमारी कामना है। यह पहल कैदियों को मानसिक शांति और आत्मचिंतन का अवसर प्रदान करेगी, जिससे वे सकारात्मक बदलाव की ओर अग्रसर हो सकें। प्रदेश सरकार जेल सुधार के साथ-साथ कैदियों के आध्यात्मिक एवं नैतिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे।

आध्यात्मिक जागरूकता और सामाजिक समावेश की दिशा में बड़ा कदम

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि संस्कार और संस्कृति किसी भी व्यक्ति के जीवन का अभिन्न हिस्सा होते हैं, और जेलों में बंद कैदी भी इससे अछूते नहीं हैं। 144 वर्षों बाद आयोजित हो रहे महाकुंभ के पुण्य लाभ से समाज का हर वर्ग वंचित न रहे, इसलिए राज्य सरकार ने यह विशेष आयोजन किया। इससे कैदियों में आत्मशुद्धि, सकारात्मक सोच और नैतिक जागरूकता का संचार होगा। उन्होंने कहा कि 5 सेंट्रल जेल, 20 जिला जेल और 8 उपजेल में गंगा जल स्नान और सामूहिक प्रार्थना का विशेष आयोजन किया गया, जिससे कैदियों को आध्यात्मिक और मानसिक शुद्धि का अनुभव मिला।

प्रदेशभर में कैदियों में दिखा उत्साह, सामूहिक प्रार्थना में लिया भाग

इस विशेष आयोजन के दौरान प्रदेशभर की जेलों में कैदियों के लिए गंगा जल की आपूर्ति और स्नान की उपयुक्त व्यवस्था एवं सामूहिक प्रार्थना की व्यवस्था की गई है। जेल अधीक्षकों ने बताया कि कैदियों ने इस आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लिया और इसे एक सकारात्मक अनुभव बताया। कई कैदियों ने कहा कि इस आयोजन से उन्हें आत्मशुद्धि और मानसिक शांति का अनुभव हुआ।

कैदियों के सुधार और पुनर्वास की दिशा में सरकार की नई पहल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार कैदियों के सुधार और सामाजिक पुनर्वास के लिए प्रतिबद्ध है। इस पहल को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि जेल केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र भी होना चाहिए। कैदियों को नैतिक और आध्यात्मिक मार्गदर्शन देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने का यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा।

छत्तीसगढ़ सरकार का सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में सराहनीय प्रयास

राज्य सरकार द्वारा जेलों में आयोजित यह गंगा जल स्नान और आध्यात्मिक कार्यक्रम कैदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और सराहनीय पहल है। यह पहल न केवल कैदियों को आत्मशुद्धि और मानसिक शांति प्रदान करेगी, बल्कि उनके पुनर्वास की दिशा में भी एक प्रभावी कदम साबित होगी।

बागेश्वर धाम में ऐतिहासिक आयोजन: 251 निर्धन कन्याओं का विवाह बागेश्वर धाम द्वारा संपन्न होगा, मुख्यमंत्री साय आयोजन में हुए शामिल

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बागेश्वर धाम में चल रहे शिवरात्रि महोत्सव और 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए।


बागेश्वर धाम में धार्मिक भक्ति, सामाजिक समर्पण और राष्ट्रीय एकता का अनूठा संगम देखने को मिला।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत परंपरा और धर्मनिष्ठा की भूमि है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकांश समय यहीं बिताया था। हमें गर्व है कि बागेश्वर धाम में इस दिव्य आयोजन में शामिल होने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि संस्कार और संस्कृति किसी भी व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं।


नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रही है। डबल इंजन सरकार के सहयोग से यह संकल्प लिया गया है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूरी तरह उन्मूलन किया जाएगा। प्रदेश के सुरक्षा बल मजबूती से इस अभियान में लगे हुए हैं, और गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के नेतृत्व में यह मिशन सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है।

धर्मांतरण पर रोक और घर वापसी अभियान

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सांस्कृतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए सरकार धर्मांतरण रोकथाम और घर वापसी अभियान को भी प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि धर्मांतरण के विरुद्ध हमारी सरकार कठोर नीति अपनाएगी और समाज को उसकी मूल पहचान से जोड़ेगी।

समाज सेवा का नया अध्याय: 251 निर्धन कन्याओं का विवाह

बागेश्वर धाम द्वारा आयोजित 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। इस आयोजन में वैदिक रीति-रिवाज से कन्याओं का विवाह संपन्न होगा, सभी नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी का संपूर्ण सामान प्रदान किया जाएगा।

आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक समरसता का संगम

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बागेश्वर धाम का यह आयोजन सनातन धर्म की महिमा को पुनर्स्थापित करने, समाज में एकता और सद्भाव को बढ़ावा देने और गरीब कन्याओं के भविष्य को संवारने का ऐतिहासिक अवसर है।छत्तीसगढ़ सरकार इस आयोजन में भागीदारी कर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही है और भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में योगदान देने के लिए संकल्पित है।

सरल स्वभाव के धनी हैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय - धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

कार्यक्रम में बाबा बागेश्वर ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सराहना करते हुए कहा कि इस पावन कार्य को संपूर्णता देने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री स्वयं उपस्थित हैं। वे बहुत ही सरल स्वभाव के हैं और छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार आज एक बड़ा अनूठा कार्य कर रही है, जो गौरव का विषय है। राज्य को अगले दो वर्षों के भीतर नक्सल प्रभावित क्षेत्र से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं, ताकि छत्तीसगढ़ समृद्ध और शांतिपूर्ण प्रदेश बन सके। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, और जब हम छत्तीसगढ़ जाते हैं, तो एक बात हमेशा कहते है - छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया। यह प्रदेश धर्म और संस्कृति की भूमि है, और हम प्रार्थना करते हैं कि यह भूमि हमेशा खुशहाल और धन-धान्य से परिपूर्ण बनी रहे।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

PM आवास योजना के हितग्राहियों को अब मिलेगी ज्यादा राशि, शहरी गरीबों की आर्थिक सहायता के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने लिए अभूतपूर्व निर्णय

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार की बीते रविवार को हुई कैबिनेट की बैठक प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के लिए कई नई सौगातें लेकर आया। सरकार ने इस बैठक में योजना के लाभार्थियों के लिए आर्थिक सहायता बढ़ाने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। राज्य कैबिनेट ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के प्रथम चरण में कमजोर आय वर्ग के एक लाख 32 हजार परिवारों को आवास उपलब्ध कराने कुल 3938 करोड़ 80 लाख रुपए के अनुदान को मंजूरी दी। इसमें 1450 करोड़ का अनिवार्य राज्यांश, 538 करोड़ 80 लाख रुपए का अतिरिक्त राज्यांश और 1950 करोड़ रुपए का केंद्रांश शामिल है।


राज्य सरकार के नए फैसलों के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के अन्तर्गत प्रति आवास लागत राशि तीन लाख 21 हजार रुपए को बढ़ाकर तीन लाख 89 हजार रुपए दिए जाएंगे। सरकार ने इसमें अब तक दी जा रही 85 हजार रुपए राज्यांश में 63 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए एक लाख 39 हजार रुपए प्रति आवास राज्यांश देने का निर्णय लिया है। इससे कमजोर आय वर्ग के एक लाख हितग्राही लाभान्वित होंगे।

राज्य शासन द्वारा भागीदारी में किफायती आवास (एएचपी) घटक के अन्तर्गत प्रति आवास दी जा रही चार लाख 75 हजार रुपए की लागत राशि को बढ़ाकर अब पांच लाख 75 हजार रुपए कर दिया गया है। राज्य सरकार इसमें राज्यांश के रूप में ढाई लाख रुपए प्रति आवास देती थी। इसमें 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए अब दो लाख 80 हजार रुपए कर दिया गया है। इस निर्णय से किफायती आवास घटक के 27 हजार परिवारों को लाभ मिलेगा।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले प्रवासी, फुटकर व्यापारी, संविदा कर्मी सहित ईडब्ल्यूएस/एलआईजी लाभार्थियों के लिए आवासों की नई सौगात के रूप में किफायती किराया आवास (एआरएच) घटक शामिल किया गया है। राज्य शासन ने अभूतपूर्व निर्णय लेते हुए इसके हितग्राहियों के लिए प्रति आवास दो लाख 38 हजार रुपए के अतिरिक्त राज्यांश के मान से कुल 118 करोड़ 80 लाख रुपए का अतिरिक्त राज्यांश मंजूर किया है। किराए में रहने वाले दस हजार शहरी परिवारों को इसका फायदा मिलेगा।

राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के द्वितीय चरण प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत सभी शहरों में ऑनलाइन हितग्राही सर्वेक्षण का कार्य प्रगति पर है। अब तक 33 हजार हितग्राहियों की जानकारी भारत सरकार के पोर्टल पर दर्ज की जा चुकी है। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा दिसम्बर-2024 में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ में 15 हजार आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई है।

सरकार बदलने के बाद राज्य में आवास निर्माण में आई तेजी

छत्तीसगढ़ में सरकार बदलने के बाद पिछले 13 महीनों में शहरों में प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानों के निर्माण में तेजी आई है। योजना के तहत अब तक स्वीकृत कुल दो लाख 49 हजार 166 आवासों में से दो लाख चार हजार 196 आवासों को पूर्ण कर लिया गया है। इसके बीएलसी घटक के अंतर्गत योजना के प्रारंभ से नवम्बर-2023 तक मात्र 1680 आवास प्रतिमाह की दर से एक लाख 30 हजार 548 आवास पूर्ण किए गए थे। सरकार बदलने के बाद दिसम्बर-2023 से अब तक 4788 आवास प्रतिमाह की दर से 51 हजार 091 आवासों का निर्माण पूरा किया गया है।

एएचपी घटक के तहत योजना के प्रारंभ से नवम्बर-2023 तक मात्र 16 हजार 185 आवासों का निर्माण किया गया था, जबकि नई सरकार आने के बाद पिछले एक वर्ष में ही 6372 आवासों का काम पूर्ण किया गया है। बीते एक वर्ष में एएचपी के अंतर्गत निर्मित मकानों को जरूरतमंदों को आबंटन में भी तेजी आई है। एएचपी घटक के अन्तर्गत योजना के प्रारंभ से नवम्बर-2023 तक मात्र 15 हजार 751 आवासों का आबंटन एवं 9393 हितग्राहियों को पूर्ण आवासों में व्यवस्थापित किया गया था। इसमें तेजी लाते हुए गत एक वर्ष में ही 8002 आवासों का आबंटन कर उनमें 7007 परिवारों को व्यवस्थापित किया गया है।

आवास निर्माण के लिए शहरों को ज्यादा राशि भी दी जा रही

राज्य में भाजपा सरकार आने के बाद से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासों के निर्माण के लिए नगरीय निकायों को ज्यादा राशि प्रदान की जा रही है। योजना के प्रारंभ से नवम्बर-2023 तक नगरीय निकायों को 55 करोड़ प्रतिमाह की दर से 4758 करोड़ रुपए जारी किए गए थे, जबकि पिछले एक साल में ही नगरीय निकायों में नए आवासों के निर्माण के लिए 62 करोड़ प्रतिमाह की दर से 737 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।

CG Election 2025: नगरीय निकाय चुनाव ईवीएम से होंगे, जल्द जारी होगा अध्यादेश

No comments Document Thumbnail

 CG Election 2025: छत्तीसगढ़ सरकार ने नगरीय निकाय चुनाव में बड़ा बदलाव करने की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य में अब सभी शहरी निकायों के चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के माध्यम से कराए जाएंगे। इस नई व्यवस्था के लिए चुनाव आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।


राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री और उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि आगामी नगरीय निकाय चुनाव ईवीएम के माध्यम से कराए जाएंगे। इस निर्णय पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कोर ग्रुप बैठक में सहमति बनी थी।

यहां यह उल्लेखनीय है कि 2019 में कांग्रेस सरकार ने नगरीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराए थे। लेकिन अब साय सरकार ने निर्णय लिया है कि चुनावी प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा।

इस फैसले को अमल में लाने के लिए नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। यह प्रस्ताव जल्द ही राज्य निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा। आयोग द्वारा परीक्षण के बाद विधि विभाग की मंजूरी प्राप्त होते ही अध्यादेश जारी किया जाएगा। ईवीएम से चुनाव कराने का मुख्य उद्देश्य चुनाव परिणामों को शीघ्रता से घोषित करना है। बैलेट पेपर से चुनाव के दौरान मतगणना में काफी समय लगता है। उदाहरण के तौर पर, 2010 में रायपुर महापौर चुनाव की मतगणना देर रात तक चली थी। ऐसे अनुभवों को देखते हुए ईवीएम का उपयोग जरूरी समझा गया है।

इसके अलावा, आगामी महापौर चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होंगे, जहां भारी संख्या में मतदान की उम्मीद है। इस स्थिति में ईवीएम का उपयोग प्रक्रिया को सुगम और समयबद्ध बनाने में सहायक होगा। 

छत्तीसगढ़ के भूमि रिकॉर्ड डिजिटलीकरण को केन्द्र सरकार ने सराहा, जारी की 225 करोड़ रुपए की राशि

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण और आधुनिकीकरण के लिए किए गए प्रयासों की केंद्र सरकार ने सराहना की है। छत्तीसगढ़ सरकार की पहल और इसके दूरगामी सकारात्मक प्रभावों को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य को 225 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की है। इससे छत्तीसगढ़ सरकार को इस कार्य को और भी बेहतर करने की प्रेरणा मिलेगी।


केन्द्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार को भूमि रजिस्ट्री प्रक्रिया को ऑनलाइन करने और इसे भूमि रिकॉर्ड से जोड़ने के लिए 150 करोड़ रुपए तथा विरासत रजिस्ट्री को डिजिटल कर आम जनता के लिए सर्च सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 75 करोड़ रुपए दिए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा राज्य में भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण कार्य की सराहना और इसके लिए दी गई प्रोत्साहन राशि हमारे लिए उत्साहवर्धक है। यह राशि हमारे डिजिटलीकरण प्रयासों को और तेज करेगी, जिससे नागरिकों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ सुगमता से प्राप्त हो सकेगा।

जीआईएस मैपिंग के माध्यम से भूमि रिकॉर्ड डिजिटलीकरण
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण के तहत भू-आधार (विशिष्ट भूमि पार्सल पहचान संख्या) जारी करने, कैडेस्ट्रल नक्शों का सर्वेक्षण और डिजिटलीकरण तथा कृषक रजिस्ट्री तैयार करने का कार्य किया जा रहा है। इससे किसानों को बैंकिंग सेवा, ऋण और सरकारी योजनाओं का सहजता से लाभ मिलेगा। शहरी क्षेत्रों में ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने के लिए जीआईएस मैपिंग के माध्यम से भूमि रिकॉर्ड डिजिटलीकरण किया जा रहा है।

मास्टर प्लान तैयार करने में सहायक
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह प्रक्रिया शहरी नियोजन में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के साथ ही मास्टर प्लान तैयार करने में सहायता करेगी। भूमि रिकॉर्ड डिजिटलीकरण परियोजना छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और शहरी नागरिकों को सशक्त बनाने के साथ ही राज्य में विकास कार्यों को नई दिशा प्रदान करेगी। केंद्र सरकार द्वारा मिली यह सराहना राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और इस प्रोत्साहन राशि का उपयोग नागरिकों के जीवन को सरल और सुविधाजनक बनाने में किया जाएगा।

नववर्ष पर 70 लाख हितग्राहियों के खिलेंगे चेहरे, महतारी वंदन योजना की 11वीं किस्त हुई का ट्रांसफर

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना, महतारी वंदन योजना, की 11वीं किस्त का वितरण अब महिलाओं के बैंक खातों में किया जा चुका है। इस योजना के तहत राज्य सरकार ने 01 जनवरी 2025 को लगभग 70 लाख महिलाओं को एक-एक हजार रूपए की सहायता राशि प्रदान की, जिसका कुल आंकड़ा 651.62 करोड़ रूपए है।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा यह राशि ट्रांसफर की गई है। योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 10 मार्च 2024 को किया गया था और तब से अब तक इस योजना से लाखों माताओं और बहनों को हर महीने आर्थिक मदद मिल रही है। मार्च 2024 से लेकर जनवरी 2025 तक कुल 7181 करोड़ 94 लाख रूपए की राशि महिलाओं के खाते में 11 किश्तों के रूप में ट्रांसफर की जा चुकी है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। इसके अंतर्गत हर माह एक हजार रूपए की राशि राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जाती है। साथ ही, योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए एक मोबाइल एप भी उपलब्ध है, जिसे हितग्राही प्ले स्टोर से डाउनलोड करके अपनी राशि और अन्य विवरण देख सकते हैं।

विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक आज, नए साल से पहले बड़े फैसले संभव

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार के मुखिया सीएम विष्णुदेव साय आज कैबिनेट की बैठक लेंगे। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक 30 दिसंबर को दोपहर साढ़े तीन बजे से नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की गई है। इसमें छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय चुनाव 2025 समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इसके साथ ही सीएम साय अपने मंत्रियों के साथ कई अहम मुद्दों और भावी योजनाओं पर चर्चा करेंगे।


इसमें छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय चुनाव 2025 समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इसके साथ ही सीएम साय अपने मंत्रियों के साथ कई अहम मुद्दों और भावी योजनाओं पर चर्चा करेंगे।

बता दें कि इससे पूर्व पिछली कैबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रदेश के नगर पालिक निगमों के महापौर एवं नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का निर्वाचन प्रत्यक्ष रीति से कराए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए बैठक में छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 (संशोधन) अध्यादेश, 2024 एवं छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 (संशोधन) अध्यादेश 2024 (प्रत्यक्ष निर्वाचन एवं आरक्षण संबंधित प्रावधान) की विभिन्न धाराओं में संशोधन किए जाने के संबंध में अध्यादेश 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

 

सुसाशन का आधार पारदर्शिता और समावेशिता

No comments Document Thumbnail

 छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश में सुसाशन की दिशा में किए गए एक वर्ष के उत्कृष्ट कार्यों के उपलक्ष्य में “सुसाशन सप्ताह ” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने और उनके शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के लिए एक व्यापक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी को लोगों तक पहुँचाकर अधिक से अधिक लाभान्वित करना और जनभागीदारी के माध्यम से समाज में समृद्धि और विकास को बढ़ावा देना है।


कार्यक्रम का आयोजन

सुसाशन सप्ताह के अवसर पर बागबाहरा के खल्लारी में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में शासकीय विभागों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न शिविरों, जागरूकता सत्रों और सेवाओं के माध्यम से जनहितकारी कार्यों को प्राथमिकता दी गई।


कार्यक्रम में स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें निदान सेवा परिषद के जिला समन्वयक  कुबेर यदु ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने जागरूकता अभियानों के माध्यम से नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। स्वास्थ्य शिविर में अनेक लोग लाभान्वित हुए और उन्हें स्वास्थ्य जांच व मुफ्त दवाइयाँ उपलब्ध कराई गईं।

कार्यक्रम मे वक्ता सह अतिथि के रूप मे उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सुरेश शुक्ला ने इस कार्यक्रम के दौरान समाज में जनभागीदारी की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, “सुसाशन केवल सरकार के प्रयासों तक सीमित नहीं है; इसके लिए समाज की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। सरकार की सभी योजनाएँ जनता के हित के लिए होती हैं, लेकिन इनका शत-प्रतिशत क्रियान्वयन तभी संभव है, जब जनता भी इसमें योगदान दे।

डॉ. शुक्ला ने बताया कि समाज में जागरूकता फैलाकर और शासकीय योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुँचाकर बेहतर प्रशासन को सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं, महिलाओं और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे जनसेवा में अपनी भूमिका निभाएँ और समाज के विकास में भागीदार बनें।

सरकारी विभागों की सहभागिता

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उपस्थित नागरिकों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। लोगों को बताया गया कि किस प्रकार वे विभिन्न योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। इस अवसर पर आयुष्मान भारत योजना, किसान सम्मान निधि योजना, श्रमिक कार्ड योजना, खाद्य सुरक्षा योजना, और शिक्षा संबंधित योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।

शासकीय अधिकारियों ने योजनाओं के आवेदन की प्रक्रिया, पात्रता मानदंड और योजनाओं से मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताया। इसके साथ ही, कई नागरिकों को कार्यक्रम स्थल पर ही योजनाओं के लिए पंजीकरण करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।

स्वास्थ्य और स्वच्छता पर ध्यान

कार्यक्रम में स्वास्थ्य और स्वच्छता को प्राथमिकता दी गई। स्वास्थ्य शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी स्वास्थ्य जांच कराई। इसके अलावा, जल स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा के महत्व पर भी जागरूकता सत्र आयोजित किए गए।

जनभागीदारी की आवश्यकता

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि समाज का हर व्यक्ति सुसाशन का एक अभिन्न अंग है। यदि समाज और सरकार मिलकर कार्य करें, तो विकास को एक नई दिशा दी जा सकती है।

डॉ. सुरेश शुक्ला ने कहा, “सुसाशन का आधार पारदर्शिता और समावेशिता है। जब तक समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक किसी भी योजना का पूर्ण लाभ नहीं मिलेगा। सरकार और समाज को मिलकर एक ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जिसमें हर नागरिक की आवाज सुनी जा सके और उनकी समस्याओं का समाधान हो।”


कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित नागरिकों, सामाजिक संगठनों और शासकीय अधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। सुसाशन दिवस का यह आयोजन न केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी देने का एक माध्यम बना, बल्कि समाज के हर वर्ग को जोड़ने और सामूहिक रूप से समाज के विकास के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करने का एक अवसर भी बना।

इस प्रकार, “जन सेवा ही प्रभु सेवा” के इस आदर्श को आत्मसात करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने सुसाशन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। यह कार्यक्रम इस बात का सजीव उदाहरण है कि जनभागीदारी के माध्यम से समाज को उन्नति के मार्ग पर ले जाया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: 800 से अधिक चिकित्सा कर्मियों की होगी भर्ती

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने शुक्रवार को सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस के ऑडिटोरियम में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में यह घोषणा की। दो दिवसीय इस बैठक के पहले दिन मंत्री ने विभागीय योजनाओं और कार्यों की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को जनसेवा के प्रति निस्वार्थ भाव से कार्य करने का निर्देश दिया।


स्वास्थ्य सेवाओं में हो रहा अभूतपूर्व विस्तार

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक और सर्वसुलभ बनाने के लिए अनेक परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इन परियोजनाओं में शामिल हैं:

1. सुपर स्पेशलिटी अस्पताल: बिलासपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का निर्माण।

2. रायपुर मेकाहारा में नया अस्पताल भवन: 231 करोड़ रुपये की लागत से 700 बिस्तरों वाला एकीकृत अस्पताल भवन तैयार किया जाएगा।

3. चार नए मेडिकल कॉलेज: राज्य में 1,020 करोड़ रुपये की लागत से चार नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की जा रही है।

4. स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत अगले एक वर्ष में 800 से अधिक चिकित्सा अधिकारियों, विशेषज्ञ चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती होगी।

5. एमबीबीएस की हिंदी में पढ़ाई: राज्य में चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने के लिए एमबीबीएस पाठ्यक्रम अब हिंदी में भी उपलब्ध कराया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों से योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "हर नागरिक को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए सभी अधिकारियों और चिकित्सकों को पूरी निष्ठा से काम करना होगा।"

इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। बैठक के दौरान योजनाओं की समीक्षा की गई और उनके बेहतर कार्यान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

छत्तीसगढ़ सरकार के इन प्रयासों से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी और आम जनता को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। 

छत्तीसगढ़ : 30 बिस्तरों के अस्पतालों के लिये राज्य सरकार ने दी छूट

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2013 में संशोधन करते हुए सभी विधाओं के चिकित्सा संस्थानों को बड़ी राहत देते हुए नई अधिसूचना जारी की गई है। इस अधिसूचना के तहत सभी प्रकार के क्लीनिक तथा 30 बिस्तर तक के अस्पतालों को क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन करवाने हेतु नियमों को लचीला और सरल बना दिया गया है।


इसके अनुसार अब छत्तीसगढ़ में सभी क्लिनिक को आवेदन के साथ निर्धारित मापदंडों का पालन करने हेतु शपथ पत्र देने पर स्वत लाइसेंस दे दिया जाएगा, जिसे वे ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं। इनमें से केवल 10 प्रतिशत संस्थाओं का निरीक्षण मुख्य चिकित्सा अधिकारी की टीम द्वारा किया जाएगा और यदि कोई कमी पाई गई तो एक माह के भीतर उक्त कर्मियों को दूर करवाना सुनिश्चित करना होगा।

1 से 10 बिस्तर तक के अस्पतालों को आवेदन के साथ मापदंडों का पालन करने हेतु शपथपत्र देने पर लाइसेंस प्रदान कर दिया जाएगा तथा 3 महीने के अंदर उन्हें निर्धारित मापदंडों को पूरा करना होगा। 11 से 30 बिस्तर तक के अस्पतालों को नियमों के तहत आवेदन करना होगा तथा चिकित्सा अधिकारी के द्वारा उनका 3 महीने के अंदर उनका निरीक्षण कर लाइसेंस जारी किया जाएगा । यदि 3 महीने के अंदर यह प्रक्रिया जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी की टीम द्वारा पूरी नहीं की जाती है तो ऐसी संस्थाएं स्वत पंजीकृत मानी जाएगी तथा ऑनलाइन लाइसेंस की प्रति डाउनलोड कर सकेंगी। पुन: रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया हर 5 साल बाद की जाएगी।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ राकेश गुप्ता एवं उनकी पूरी टीम ने धन्यवाद किया ज्ञापित्त करते हुए यह आशा व्यक्त की है कि चिकित्सा संस्थानों के इस लाभ का स्वास्थ्य व्यवस्था में सकारात्मक असर होगा । ज्ञात हो अक्टूबर 2023 से बहु-प्रतीक्षित सरलीकरण प्रक्रिया को अभी प्रकाशित किया गया है। उल्लेखनीय है कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन रायपुर के प्रयासों से नर्सिंग होम एक्ट 2013 राज्य सरकार ने संशोधन किया । पिछले कुछ वर्षों से इंडियंन मेडिकल एसोसिएशन रायपुर नर्सिंग होम एक्ट के सरलीकरण के लिए प्रयासरत था । एसोसिएशन के सीनियर सदस्य पूर्व अध्यक्ष डॉ महेश सिन्हा अध्यक्ष डॉ राकेश गुप्ता , डॉ आशा जैन , सचिव डॉ दिग्विजय सिंह ,डॉ विकास अग्रवाल , डॉ अनिल जैन के अथक प्रयासों से यह सफलता प्राप्त हुई 

मरीन ड्राइव में ‘खुशहाल एक साल’ इवेंट में रायपुरवासियों ने बढ़चढ़ कर लिया हिस्सा, सही जवाब देकर खूब उपहार भी बटोरे

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सफल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के एक साल पूरे हो गए हैं । जनसंपर्क विभाग द्वारा खुशहाल एक साल इवेंट के ज़रिए छत्तीसगढ़ सरकार की पिछले एक साल की उपलब्धियों और योजनाओं को राजधानी रायपुर के लोगों के बीच पहुंचाया जा रहा है ।


मनोरंजन , गेम्स , हंसी मज़ाक के माहौल में लोगों को शासन की योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही और इस बीच सरकार की पिछले एक साल की उपलब्धियों और योजनाओं संबंधी प्रश्न भी रोचक ढंग से पूछे जा रहे हैं । सही जवाब देने पर उन्हें आकर्षक गिफ्ट वाउचर्स , उपहार भी दिए जा रहे हैं । योजनाओं की सही जानकारी और उस पर से सही जवाब देने पर मिलने वाले उपहार से लोगों के उत्साह में चार चांद लग रहा है ।


रविवार 15 दिसंबर मैग्नेटो मॉल से शुरू हुए खुशहाल एक साल इवेंट के सिलसिले की कड़ी में मंगलवार 17 दिसंबर को दूसरा कार्यक्रम तेलीबांधा स्थित मरीन ड्राइव में किया गया । शाम की गुलाबी ठंड में मरीन ड्राइव पे वॉक करने , फ़ूड और गेम जोन में आनेवाले सैकड़ों लोगों ने इवेंट शुरू होने पर रुक कर इसका भरपूर आंनद लिया । कोई खड़े खड़े , कोई तालाब किनारे बैठकर , तो कोई कुर्सी में बैठकर इवेंट का लुत्फ उठाता रहा । बच्चे , बड़े , बुजुर्ग , युवा सबने ख़ुशहाल एक साल इवेंट में भाग लेते हुए छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना , नियद नेल्ला नार योजना , औद्योगिक विकास नीति , बस्तर पर्यटन कॉरिडोर , बढ़ती विमान सेवाएं , अधोसंरचनात्मक विकास के कार्यों को दिल से सराहा ।


आज बुधवार को इसी कड़ी में कटोरा तालाब के उद्यान में शाम 6.30 बजे से खुशहाल एक सवाल इवेंट आयोजित किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव ने दिया महत्वपूर्ण संदेश

No comments Document Thumbnail

 रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महत्वपूर्ण संदेश दिया। आगे सीएम साय ने कहा, 13 दिसम्बर को हमारी सरकार का पहला साल पूरा हो रहा है। हमारा यह पहला साल आप सभी की सहभागिता और विश्वास के साथ विकास के लिए समर्पित रहा। बीते 12 महीनों में छत्तीसगढ़ प्रदेश ने विकास के नये आयाम स्थापित किए हैं।


हमने यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को एक साल के भीतर ही पूरा कर दिया है। सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास और सबका प्रयास की नीति पर चलते हुए हम आने वाले दिनों में भी विकास के नये सोपान तय करेंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा, पुराणों में जिसे राम राज कहा गया है, उसे ही हम सुशासन कहते हैं। प्रदेश की 70 लाख महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने 1,000 रुपये की राशि भेजी जा रही है। अब तक 10 महीनों में उनके खातों में पहुंची 6,530 करोड़ रुपये की राशि।

सिम्स के पूर्व डीन डॉ. केके सहारे का निलंबन हुआ रद्द, कोरबा मेडिकल कॉलेज के बने नए डीन, आदेश जारी

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सिम्स के पूर्व डीन डॉ. केके सहारे के निलंबन को रद्द कर उन्हें बहाल कर दिया है। उनकी पदस्थापना कोरबा मेडिकल कॉलेज में डीन के पद पर की गई है।


23 सितंबर को डॉ. सहारे को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9(1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। निलंबन के पीछे प्रशासनिक अनियमितताओं और अन्य आरोपों का हवाला दिया गया था। इसके खिलाफ डॉ. सहारे ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। न्यायालय ने 21 अक्टूबर को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए डॉ. सहारे को राहत दी और उनके निलंबन पर रोक लगा दी थी। तब से यहां कुर्सी का खेल शुरू हो गया था।


प्रभारी डीन डॉ. रमणेश मूर्ति और डॉ. सहारे में वर्चस्व की अंदरूनी लड़ाई शुरू हो गई थी। 26 नवंबर को डॉ. सहारे को दिए गए स्टे को समाप्त कर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। सरकार के ताजा आदेश में स्पष्ट किया गया है कि न्यायालय के आदेश के मद्देनजर डॉ. सहारे को तत्काल प्रभाव से सिम्स में बहाल किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें आगामी आदेश तक सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय कोरबा के अधिष्ठाता के पद पर पदस्थ किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने अपनी बैठक के दौरान निलंबन का दिया था आदेश
23 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल अधिशाषी समिति की बैठक लेने सिम्स आए थे। इस दौरान अनियमितताओं पर डॉक्टर केके सहारे को निलंबित कर दिया गया था। इसके खिलाफ उन्होंने स्टे ले लिया था। हाईकोर्ट से जैसे ही स्टे वेकेंट हुआ तब शासन का आदेश लागू होता और वे निलंबित होते। पर 25 नवंबर को स्ट वेकेंट के आदेश के अगले ही दिन 26 नवंबर को शासन ने उन्हें निलंबन से लेकर बहाली करते हुए कोरबा मेडिकल कॉलेज का डीन बना दिया।

एक परिवार की तीन पीढ़ी को मिल रहा महतारी वंदन योजना का लाभ, परिवार ने की पांच बेटियों की शिक्षा से शादी तक की प्लानिंग

No comments Document Thumbnail

 रायपुर :  छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और आर्थिक संबल का एक बड़ा जरिया बन गया है, छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में महतारी वंदन योजना से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बल मिल रहा है। कबीरधाम जिले के बोडला विकासखंड के ग्राम भोंदा निवासी मरार पटेल का संयुक्त परिवार आज हितग्राही परिवारों के लिए प्रेरणा है। इस परिवार में  श्री सदाराम पटेल, उनके छोटे भाई  रामकुमार पटेल सपत्नीक, बेटों, बहुओं और पोते-पोतियों के साथ रहते हैं। इस परिवार के तीन पीढ़ियों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। महतारी वंदन योजना से यह परिवार आर्थिक मजबूती हासिल कर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस योजनाएं भी बना रहा है।


 
संयुक्त परिवार की सशक्त कहानी
 सदाराम पटेल और उनकी पत्नी सुखबती पटेल के दो बेटे और बहुएं हैं। बड़ी बहू श्रीमती दिलेश्वरी (पति  गीताराम) और उनके तीन बच्चे बरखा, अंजू और प्रभा। दूसरी बहु मनीषा (पति  जगियाराम) और उनका बेटा मिंताशु है।  श्री सदाराम के छोटे भाई  रामकुमार पटेल और उनकी पत्नी बीरझा बाई के भी दो बेटे और बहुएं हैं। बड़ी बहू  अनिता (पति  नरेन्द्र) जिनके दो बेटे और एक बेटी हैं। इसी तरह दूसरी बहु गनेशिया (पति  फगियाराम) और उनकी एक बेटी है।
 
सुकन्या समृद्धि और ग्रामीण डाक जीवन बीमा योजना में निवेश के लिए मन बनाया
 
परिवार की बहुओं और माताओं ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने योजना से मिलने वाली राशि को बेटियों की शिक्षा और शादी के लिए उपयोग करने का मन बनाया है। उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना और ग्रामीण डाक जीवन बीमा में लाभकारी योजना में  निवेश का निश्चय किया  है। उनका कहना है कि इस योजनाओं से बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सकेगा। योजनाएं 2039-40 तक उनके बच्चों के भविष्य के लिए आर्थिक रूप से सहायक साबित होंगी। पटेल परिवार की बहुएं श्रीमती सुखबती पटेल और श्रीमती बीरझा बाई ने बताया, "महतारी वंदन योजना ने हमें आत्मनिर्भर बनने और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में काम करने का विश्वास दिया है। परिवार के भी का मिला कर हर माह 6 हजार रुपए की अतिरिक्त आय से हमारा जीवन स्तर बेहतर और खुशहाल होने लगा है। पांच साल में यह राशि 3.60 लाख तक पहुंच जाएगी।" हमे पूरा विश्वास है कि यह योजना आगे भी चलते रहेगी।
 
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना का शुभारंभ एक मार्च 2024 को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने किया था, जिसका उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक स्वावलंबन और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत 21 वर्ष से अधिक आयु की पात्र विवाहित महिलाओं को एक-एक हजार रूपए की मासिक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।योजना के तहत अब तक राज्य की महिलाओं को कुल 5878 करोड़ 37 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।
 
महतारी वंदन योजना ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही उनके परिवारों को आर्थिक स्थिरता प्रदान की है। यह योजना न केवल वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा कर रही है, बल्कि भविष्य के लिए भी मजबूत आधार तैयार कर रही है।
Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.