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छत्तीसगढ़ में खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है— मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की कार्यकारिणी बैठक में शामिल हुए। इस अवसर पर वर्ष 2025-26 के वार्षिक बजट का अनुमोदन किया गया। साथ ही, मुख्यमंत्री साय ने स्टेडियम परिसर में संघ के अध्यक्ष के नवीन कार्यालय कक्ष का विधिवत उद्घाटन भी किया।

छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की कार्यकारिणी बैठक सम्पन्न

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खिलाड़ियों के प्रोत्साहन हेतु हमारी सरकार ने खेल अलंकरण समारोहों का पुनः शुभारंभ किया है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया शीघ्र ही पूर्ण की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन दिया कि संघ के सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेलों के विकास के लिए वृहद स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक विजेताओं को ₹3 करोड़, रजत पदक विजेताओं को ₹2 करोड़ तथा कांस्य पदक विजेताओं को ₹1 करोड़ की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, ओलंपिक खेलों में केवल प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की दिशा में आवश्यक पहल की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने यह भी बताया कि वे स्वयं राज्य तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष हैं और बचपन से उन्हें तीरंदाजी का शौक रहा है। उन्होंने कहा कि जशपुर में एनटीपीसी के सहयोग से तीरंदाजी अकादमी का निर्माण किया जा रहा है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को विशेष लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ एक उद्योग प्रधान और खनिज संसाधनों से भरपूर राज्य है। सरकार का प्रयास रहेगा कि सीएसआर मद के माध्यम से खेलों के लिए आधारभूत ढांचे का विकास किया जाए।

बैठक को संबोधित करते हुए खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के मार्गदर्शन में वर्षों से बंद खेल अलंकरण समारोह पुनः आरंभ किए गए हैं। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची भी घोषित की जाएगी। वर्मा ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित प्रशिक्षण और अवसर देने की है।

उन्होंने आगे बताया कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ युवा रत्न पुरस्कार की भी घोषणा की गई है, जिसके अंतर्गत खेल, कला, संगीत, साहित्य, उद्योग, व्यापार आदि क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘खेलो इंडिया’ योजना के तहत प्रत्येक जिले में खेलों को बढ़ावा देने के कार्य किए जा रहे हैं। बस्तर ओलंपिक का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इस आयोजन की प्रधानमंत्री ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में भी प्रशंसा की है।

इस अवसर पर सांसद एवं ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष विजय बघेल ने भी बैठक को संबोधित किया और प्रदेश में खेलों के विस्तार के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए संगठनात्मक सुदृढ़ता और संसाधनों की उपलब्धता पर बल दिया।

बैठक में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिंह सिसोदिया ने वर्ष 2024-25 का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए राज्य सरकार से मिल रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा खेलों के विकास के लिए लिए गए निर्णयों और सहयोग से प्रदेश में एक सकारात्मक खेल वातावरण निर्मित हो रहा है। इस अवसर पर संघ के अनेक पदाधिकारीगण उपस्थित थे।


महासमुंद का तीरंदाजी में शिखर की ओर सफर, सपनों को साध्य बनाने की कहानी - महासमुंद से अंतर्राष्ट्रीय पटल तक

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रायपुर। छत्तीसगढ़ का महासमुंद जिला आज खेलों के क्षेत्र में एक नई पहचान गढ़ रहा है। खासकर तीरंदाजी जैसे पारंपरिक खेल प्रतिस्पर्धी में जिले के 23 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने देश की प्रतिष्ठित खेल अकादमियों में प्रशिक्षण लेकर न केवल अपने सपनों को साकार कर रहे हैं, बल्कि जिले, राज्य और देश का नाम भी रोशन कर रहे हैं।

पद्मा साहू की प्रेरणादायक उड़ान

महासमुंद की पद्मा साहू, भारतीय खेल प्राधिकरण बहालगढ़, सोनीपत (हरियाणा) में दाखिला पाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं, आज जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उनकी शुरुआत भी महासमुंद की धरती से ही हुई थी।

राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर चमके महासमुंद के सितारे

38वें नेशनल गेम्स, उत्तराखंड 2025 में महासमुंद की चांदनी साहू ने तीरंदाजी में व्यक्तिगत इंडियन राउंड में रजत पदक तथा टीम इवेंट में कांस्य पदक जीतकर जिले को गौरवान्वित किया। इसके लिए उन्हें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 3,20,000 रूपए (रजत) और 1,20,000 रूपए (कांस्य) की नकद राशि देकर सम्मानित किया गया।

31वीं सीनियर, 44वीं जूनियर और 40वीं सब-जूनियर नेशनल तीरंदाजी चैंपियनशिप में महासमुंद के खिलाड़ियों चांदनी साहू, सत्यभामा साहू, पद्मा साहू, जया साहू, नवलीन कौर, तोरण यादव, कमलेश साहू आदि ने हिस्सा लेकर जिले की प्रतिभा का प्रमाण दिया।

प्रशिक्षण केंद्रों में महासमुंद के सितारे

साईं रायपुर एवं कोदूराम वर्मा खेल अकादमी, रायपुर में 11 खिलाड़ी प्रशिक्षणरत हैं। खेलो इंडिया सेंटर, बिलासपुर में 11 खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। कुल मिलाकर 23 खिलाड़ी देश व राज्य की शीर्ष खेल अकादमियों में उत्कृष्ट प्रशिक्षण ले रहे हैं।

यहीं से हुई शुरुआत - जिला स्तरीय केंद्रों का योगदान

एकलव्य आवासीय विद्यालय, भोरिंग, बॉल आश्रम, बिहाझर बागबाहरा में जहां एवन कुमार साहू, डॉ. सुनील भोई, डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ. पुरेन्द्र चंद्राकर, पिरित साहू व अन्य प्रशिक्षकों के नेतृत्व में खिलाड़ियों को तराशा गया।

स्कूल स्तर से उठाया गया कदम

पीएम आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल बागबाहरा, बसना, शासकीय उच्च. माध्य. विद्यालय बकमा, कोमाखान, खोपली जैसे शालाओं में तीरंदाजी को बढ़ावा देकर छात्र-छात्राओं को शुरुआती मंच प्रदान किया गया।

खिलाड़ियों की सफलता में कलेक्टर विनय लंगेह का मार्गदर्शन एवं युवा कल्याण विभाग, SAI, भारतीय आर्चरी संघ, कैफीन होम लिमिटेड रायपुर व खेल अधिकारी मनोज धृतलहरे का भी विशेष योगदान रहा, जिनके प्रयासों से संसाधनों, प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण शिविरों और अकादमी प्रवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ।


खेलो इंडिया एकेडमी रायपुर में सुकमा की 8 महिला फुटबॉल खिलाड़ी चयनित प्रतिभाओं को मिला राज्य स्तरीय मंच

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रायपुर। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंक राम वर्मा ने संचालक खेल एवं युवा कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित आवासीय खेल अकादमी रायपुर में खेलो इंडिया एकेडमी सुकमा की 8 महिला फुटबॉल खिलाड़ियों का चयन होने पर बधाई दी है। यह चयन जिले की खेल प्रतिभाओं के लिए गौरव का विषय है और खेल क्षेत्र में उनके उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं को मजबूती प्रदान करता है।

चयनित खिलाड़ियों में किच्चे ललिता (पोलमपल्ली), माड़वी पूजा (चिंतागुफा), संध्या नाग (कोकावाड़ा), शारदा प्रधानी (चिपुरपाल), लक्ष्मी सोढ़ी (करिगुण्डम, चिंतागुफा), सोढ़ी कोईन्दे (चिंतागुफा), माही कुंजाम (कोर्रा) और किच्चे लक्ष्मी (पोलमपल्ली) का नाम शामिल है। ये सभी खिलाड़ी सुकमा जिले की दूरस्थ क्षेत्रों से आकर अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर इस मुकाम तक पहुँची हैं।

खेल अधिकारी वीरूपाक्ष पौराणिक ने बताया कि रायपुर स्थित इस आवासीय खेल अकादमी में खिलाड़ियों को न केवल गहन खेल प्रशिक्षण दिया जाएगा, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पौष्टिक आहार, खेल परिधान, आवश्यक सामग्री और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी का भी अवसर मिलेगा। यह सुविधा पूर्णतः आवासीय होगी, जिससे खिलाड़ी एक अनुशासित और समर्पित वातावरण में शिक्षा व खेल दोनों में आगे बढ़ सकें। खिलाड़ियों के चयन हेतु ट्रायल्स अप्रैल 2025 में राजधानी रायपुर में आयोजित किए गए थे। यह उपलब्धि सुकमा जिले के लिए न केवल गर्व की बात है, बल्कि जिले के अन्य खिलाड़ियों को भी प्रेरित करने वाली है।

ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी को 3 करोड़ रुपए, रजत पदक विजेता को 2 करोड़ व कांस्य पदक विजेता को 1 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के मोवा स्थित आई स्पोर्टज़ बैडमिंटन अरीना में आयोजित सीएम ट्राफी इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज बैडमिंटन स्पर्धा 2024 के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। खिलाड़ियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और बेहतर खेल अधो-संरचनाएं विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी को 3 करोड़ रुपए, रजत पदक विजेता को 2 करोड़ व कांस्य पदक विजेता को एक करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने सीएम ट्राफी इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज बैडमिंटन स्पर्धा 2024 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ में बैडमिंटन का यह टूर्नामेंट आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 10 देशों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एकता, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक है। यह युवाओं को सकारात्मक और ऊर्जावान बनाता है। भावनात्मक रूप से मजबूत बनाता है। छत्तीसगढ़ में हम लगातार खेलों को आगे बढ़ा रहे हैं। हमारे राज्य में अनेक प्रतिभावान खिलाड़ी हैं। भारत सरकार की खेलो-इंडिया योजना को भी हम छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में लागू कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी मुझे अवसर मिलता है। मैं खिलाड़ियों से बातचीत करके उनकी अपेक्षाओं को जानने समझने का प्रयास करता हूं। उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें प्रोत्साहित करता हूं। कल ही मैंने धमतरी की बैडमिंटन खिलाड़ी रीतिका धु्रव से वीडियो कॉल पर बात करके राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें मिली उपलब्धियों के लिए बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रीतिका ने मुझे बताया कि उनके पिता जीवन-यापन के लिए मजदूरी करते हैं और मां आंगनवाड़ी सहायिका हैं। संघर्षों के बावजूद रीतिका ने बैडमिंटन में शानदार प्रदर्शन किया है। मैंने रितिका को आश्वस्त किया कि आप खूब आगे बढ़िये और अपने माता-पिता के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करिये। हम आपका पूरा सहयोग करेंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इसी तरह कुछ दिन पहले भी छत्तीसगढ़ की एक पर्वतारोही बिटिया निशा से मैंने फोन पर बात की। निशा पूर्वी-अफ्रीकी देश तंजनिया का किलीमंजारों पर्वत फतह करना चाहती है। वह माउंट एवेरेस्ट भी फतह करना चाहती है। उसके पिता रिक्शा-चालक हैं। मुझे पता चला कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से वह बेटी पर्वतारोहण के लिए नहीं जा पा रही है। मैंने उसे सरकार की ओर से सभी तरह के सहयोग का भरोसा दिया और कल मैंने पौने चार लाख की राशि निशा बेटी के लिए स्वीकृत कर दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। बैडमिंटन के क्षेत्र में खिलाड़ी आगे बढ़ें इसके लिए भी हम सभी सुविधाएं देंगे। मुख्यमंत्री ने मेंस डबल्स विजेता हरिहरन व रुबन कुमार को बधाई दी। उन्होंने सीएम ट्राफी इंडिया इंटरनेशनल चौलेंज बैडमिंटन स्पर्धा 2024 के सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को भी बधाई दी। मुख्यमंत्री ने विदेश से आए खिलाड़ियों और उनकी टीम के सभी सदस्यों का छत्तीसगढ़ में स्वागत किया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम सिसोदिया, महासचिव संजय मिश्रा, राकेश शेखर, गौतम महंता सहित बैडमिंटन संघ के पदाधिकारीगण, खिलाड़ी व बड़ी संख्या में खेलप्रेमी उपस्थित थे।

बस्तर ओलंपिक-2024 : पढ़ाई के साथ खेल भी जीवन के लिए महत्वपूर्ण है : केदार कश्यप

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रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जीवन में संपूर्ण विकास के लिए पढ़ाई के साथ-साथ खेल भी महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप बस्तर ओलम्पिक के माध्यम से गांव के प्रतिभाओं को निखारने का अच्छा अवसर मिला है। मंत्री कश्यप आज बस्तर ओलम्पिक-2024 के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर बस्तर ओलम्पिक के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री की पहल पर जनजातीय बाहुल्य और माओवाद प्रभावित बस्तर संभाग में खेल के माध्यम से विकास और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक 2024 का आयोजन किया गया। इस आयोजन को लेकर बस्तर के युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया, जिसमें सुदूर गांवों से आए युवा अपने खेल कौशल का प्रदर्शन किया।

बस्तर ओलम्पिक-2024 के तहत नारायणपुर जिले में विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 09 से 16 नवंबर तक किया गया, जिसमें नारायणपुर विकासखंड हेतु प्रतियोगिता का आयोजन 09 से 11 नवंबर तक नारायणपुर के परेड ग्राउंड और खेल परिसर में किया गया, जिसमें जिले के खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ओरछा विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता 14 से 16 नवंबर तक आयोजन किया गया।

मंत्री कश्यप ने कहा कि इस अवसर का फायदा उठाते हुए राज्य स्तर तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित कर खेल के क्षेत्र में आगे बढ़े। खिलाड़ियों को हमेशा खेल भावना के साथ खेलकर अपने अनुशासन का परिचय देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ क्षेत्र के बच्चों ने मलखम्भ खेलों का हुंनरबाज बनकर देश के कई शहरों में प्रदर्शन कर अपने अबूझमाड़ का नाम रोशन किया है।

जीत-हार की चिंता किए बिना खिलाड़ियों को खेल भावना से खेलना चाहिए : मंत्री अमरजीत भगत

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रायपुर। खाद्य और संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने सरगुजा जिले के अम्बिकापुर स्थित में शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैदान में चार दिवसीय 23वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। राज्य स्तरीय स्पर्धा में सभी सम्भाग से आए खिलाड़ियों द्वारा अपने जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए मार्चपास्ट किया गया, ततपश्चात खेल भावना के साथ खेल खेलने की शपथ ली गई।

मंत्री भगत ने इस मौके पर कहा कि जीत-हार की चिंता किए बिना खिलाड़ियों को खेल भावना से खेलना चाहिए। छत्तीसगढ़ शासन खेलों के प्रति बेहद सजग है जिससे प्रतिभाओं को मौका मिल रहा है। लोक खेलों को पुनर्जीवित करने छत्तीसगढ़िया ओलंपिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

प्रतियोगिता में राज्य के पांचों संभाग दुर्ग, रायपुर, बस्तर बिलासपुर और सरगुजा संभाग के खिलाड़ी शामिल हिस्सा ले रहे है। प्रत्येक संभाग से 78 खिलाड़ी अर्थात कुल 390 खिलाड़ी प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं। संभाग स्तरीय खेल के विजेता खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।

इस अवसर पर सीजीएमएससी के अध्यक्ष एवं लुण्ड्रा विधायक डॉ. प्रीतम राम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मधु सिंह, बीस सूत्रीय कार्यान्वयन कार्यक्रम के उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य राकेश गुप्ता एवं कलेक्टर कुन्दन कुमार, तेलघानी विकास बोर्ड के सदस्य लक्ष्मी गुप्ता, खाद्य संरक्षण एवं नागरिक आपूर्ति आयोग के सदस्य अभिषेक सिंह, नगर निगम आयुक्त अभिषेक कुमार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, सभी संभाग से आए खिलाड़ी उपस्थित थे।

अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता : पंचकूला में छत्तीसगढ़ ने लहराया परचम

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रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर ने आज 26वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के समस्त विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया। गौरतलब है कि हरियाणा राज्य के पंचकूला में सम्पन्न हुई 26वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ 12वीं बार ओवर ऑल चैम्पियन बना है। छत्तीसगढ़ ने कुल 129 मेडल जीतकर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कर्नाटक को पछाड़ते हुए पुनः अपना प्रथम स्थान कायम रखा।

वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने छत्तीसगढ़ राज्य की अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता में इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए वन विभाग को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इनके बेहतर प्रदर्शन से वन विभाग की टीम सहित पूरा छत्तीसगढ़ राज्य गौरवान्वित हुआ है। साथ ही विभागीय काम-काज में भी वन विभाग का बेहतर प्रदर्शन रहा है। इसके परिणाम स्वरूप वन विभाग को अपने विभागीय गतिविधियों के बेहतर संचालन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर 9 विभिन्न पुरस्कार भी प्राप्त हुए है।

कार्यक्रम को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव तथा नोडल अधिकारी एपीसीसीएफ सुनील मिश्रा ने भी संबोधित किया और प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के वन विभाग की टीम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता में टेनिस, टेबल टेनिस, बैडमिन्टन, तैराकी, कैरम, चेस, वेटलिफ्टिंग, पावर लिफ्टिंग, कबड्डी जैसे इंडोर गेम के साथ-साथ क्रिकेट, फुटबॉल, बॉस्केट बॉल, हॉकी, गोल्फ, एथलेटिक्स के विभिन्न इवेंट होते है। इस प्रतियोगिता में वन विभाग के उच्चतम अधिकारी पीसीसीएफ से लेकर गॉर्ड तक खेल स्पर्धाओं में भाग लेते है।

छत्तीसगढ़ के वन विभाग टीम ने क्रिकेट में जम्मू कश्मीर को हराकर सातवीं बार  गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इसी तरह फुटबॉल में हरियाणा के टीम को हराकर छत्तीसगढ़ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। हरियाणा की टीम में कई नेशनल खिलाड़ी शामिल थे। छत्तीसगढ़ की बॉस्केट बॉल टीम ने कर्नाटक की टीम को हराकर गोल्ड मेडल हासिल किया। वेटलिफ्टिंग पॉवरलिफ्टिंग में कुल 19 स्वर्ण, टेनिस में 12 स्वर्ण, बैडमिन्टन में 04 स्वर्ण, तैराकी में 06 स्वर्ण, एथलेटिक्स मेें 18 स्वर्ण, 10 रजत, 08 कांस्य पदक जीते हैं। इसी प्रकार टेनिस में 09 स्वर्ण और 02 रजत पदक प्राप्त किया है।

इस तरह इस वर्ष की 26 वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ ने कुल 129 मेडल जीतकर कुल 509 अंक प्राप्त किए और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कर्नाटक को कड़ी प्रतिस्पर्धा में पछाड़ते हुए पुनः अपना प्रथम स्थान कायम रखा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री तथा वन मंत्री सहित वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव के कुशल मार्गदर्शन में नोडल अधिकारी एपीसीसीएफ सुनील मिश्रा और सीसीएफ राजू आगाशमणि एवं दिलराज प्रभाकर, डीएफओ विश्वेष कुमार, आलोक तिवारी, सुश्री संगीता राजगोपालन के अथक प्रयास तथा खिलाड़ियों के सतत अभ्यास एवं लगन से छत्तीसगढ़ को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। इससे छत्तीसगढ़ गौरवान्वित हुआ है।

 


छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मितान योजना के शुभंकर पहाड़ी मैना ने मचाई धूम

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रायपुर। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के स्टेट लेवल कार्यक्रम में जब अचानक मुख्यमंत्री मितान योजना के शुभंकर की एंट्री हुई तो माहौल देखने लायक था। राजधानी रायपुर के बूढ़ा तालाब के पास स्थित इनडोर स्टेडियम में जब प्रतिभागियों के बीच मितान का शुभंकर पहाड़ी मैना विजेताओं को जीत की बधाई देने पहुंचे तो सारे लोग झूम उठे। 

खिलाड़ियों और दर्शकों में मितान के साथ फोटो खिंचवाने और सेल्फी लेने की होड़ सी मच गई। खिलाड़ियों के साथ मितान ने छत्तीसगढ़िया ओलंपिक और मुख्यमंत्री मितान योजना के थीम सॉन्ग पर नृत्य भी किया। अक्टूबर 2022 से शुरू हुए छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों के महाकुंभ का आज आखिरी दिन था। राज्य स्तरीय मुकाबले में हिस्सा लेने के लिए प्रदेश के कोने-कोने से खिलाड़ी आए हुए थे। बच्चे बूढ़े जवान महिलाएं सभी ने इन मुकाबलों में जोश के साथ हिस्सा लिया।

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक: दुर्ग संभाग ने लंगड़ी दौड़ और सरगुजा संभाग ने रस्सा-कस्सी प्रतियोगिता में मारी बाजी

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीन दिवसीय राज्य स्तरीय छत्तीसढ़िया ओलंपिक का आज शुभारंभ किया। राज्य में पहली बार आयोजित हो रहे छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के अंतर्गत छत्रपति शिवाजी महाराज आउटडोर स्टेडियम बूढ़ापारा रायपुर में संखली, रस्सा-कस्सी, लंगड़ी, पिठ्ठूल, बांटी (कंचा) की प्रतियोगिताओं में राज्य से आए संभाग के खिलाड़ियों ने अपने खेल का जौहर दिखाया। 

खेल एवं युवा कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव सचिव श्रीमती रेणु जी पिल्ले ने मैदान में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए प्रतियोगिता का आनंद लिया। जहां एक ओर रस्सा-कस्सी की प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने अपने कौशल के साथ काफी ज़ोर आजमाईश भी की, वहीं पिठ्ठूल के साथ-साथ कंचा (बांटी) में अपने सधे हुए हाथों से लक्ष्य पर निशाना साधा। लंगड़ी दौड़ में सहभागी में परस्पर सामंजस्य व संतुलन देखते बन रहा था। संखली में श्रृंखला के रूप में खिलाड़ियों में एकता की भावना एवं विपक्षी दल के लिए चपलता से घेरा बंदी करते दिखे।

लंगड़ी दौड़ में दुर्ग संभाग का दबदबा –

लंगड़ी दौड़ प्रतियोगिता जहां एक ओर पुरूष वर्ग में 18 वर्ष से कम आयु समूह में दुर्ग संभाग के जयनारायण व तोरण साहू ने प्रथम, बस्तर संभाग के कुंजाम वेकेंटस व सोड़ी लक्ष्मण ने द्वितीय और सरगुजा संभाग के महेश व भूवनलाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 18 से 40 वर्ष के वर्ग में दुर्ग संभाग के रामेश्वर व देवकरण ठाकुर प्रथम, बिलासपुर संभाग के ब्रजलाल व भरतलाल द्वितीय एवं रायपुर संभाग के खिलेश्वर व ओमेश्वर तृतीय स्थान पर रहे। 40 वर्ष से अधिक उम्र वर्ग की दलीय प्रतियोगिता में दुर्ग संभाग के शत्रुशाल वर्मा व संदेश वर्मा प्रथम, बिलासपुर संभाग के रामकुमार चौहान एवं शिवकुमार चौहान द्वितीय और तृतीय स्थान पर रायपुर संभाग के पतिराम कुर्रे व संतोष वर्मा ने अपना स्थान पक्का किया। वहीं दूसरी ओर महिला वर्ग में 18-40 वर्ष से आयु समूह में दुर्ग संभाग की निशा व अनिता प्रथम, बस्तर संभाग की खिलेश्वरी व आरती मरकाम द्वितीय और बिलासपुर संभाग की सुजिता यादव व कांता यादव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

18 वर्ष से कम आयु वर्ग के रस्सा-कस्सी प्रतियोगिता में सरगुजा ने दिखाया दम

रस्सा-कस्सी प्रतियोगिता में महिला एवं पुरूष दोनों वर्ग में 18 वर्ष से कम उम्र के खिलाड़ियों में सरगुजा संभाग ने फ़तह हासिल की। पुरूष वर्ग में बिलासपुर उप विजेता और महिला वर्ग में रायपुर उपविजेता रहे। तृतीय स्थान पर महिला वर्ग में बिलासपुर संभाग और पुरूष वर्ग में बस्तर संभाग रहा।

बांटी (कंचा) की प्रतियोगिता - 40 वर्ष से अधिक उम्र के पुरूष वर्ग में सरगुजा संभाग प्रथम, दुर्ग संभाग द्वितीय और बस्तर संभाग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। महिला वर्ग में प्रथम स्थान पर रायपुर संभाग, द्वितीय स्थान पर सरगुजा संभाग एवं तृतीय स्थान पर दुर्ग संभाग ने कब्जा जमाया।

पिठ्ठूल प्रतियोगिता 18 वर्ष से कम आयु की बालिका वर्ग में सरगुजा संभाग ने प्रथम, बिलासपुर संभाग ने द्वितीय एवं बस्तर संभाग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। बालक वर्ग की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रायपुर संभाग का दबदबा रहा। द्वितीय स्थान बस्तर संभाग एवं तृतीय स्थान सरगुजा संभाग ने प्राप्त किया। संखली प्रतियोगिता में आज 18 वर्ष से कम आयु के बालक वर्ग में रायपुर संभाग और बालिका वर्ग में बस्तर संभाग की टीम ने फाईनल में स्थान पक्का कर लिया है।

विभिन्न स्तरों में ग्रामीण क्षेत्रों से 25 लाख और नगरों से 1.30 लाख लोगों की रही भागीदारी

खेल एवं युवा कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी पिल्ले ने बताया कि इस राज्य स्तरीय आयोजन में प्रदेश के सभी जिलों के लगभग 1900 प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। ये स्पर्धाएं 10 जनवरी 2023 तक चलेगी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में ग्रामीण क्षेत्रों के 25 लाख से ज्यादा और नगरीय क्षेत्रों में एक लाख 30 हजार से ज्यादा लोगों की भागीदारी रही। उन्होंने बताया कि बलबीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में फुगड़ी, बिल्लस, भंवरा, बाटी और कबड्डी, छत्रपति शिवाजी महाराज आउटडोर स्टेडियम में संखली, रस्साकशी, लंगडी, पिट्ठुल, गेंडी दौड़, माधव राव सप्रे उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में खो-खो और गिल्ली डंडा और स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा में लंबी कूद और 100 मीटर दौड़ खेलों की प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी।

14 पारंपरिक खेल विधा को किया गया है शामिल

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देेने के उद्देश्य के छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन किया गया है। घरेलू महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी इस ओलंपिक में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में 14 खेल विधा को शामिल किया गया है। इसके तहत दलीय खेल में गिल्ली डंडा, पिट्टुल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी, बाटी (कंचा) और एकल खेल में बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मी. दौड़ तथा लंबी कूद की प्रतिस्पर्धाएं शामिल हैं।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के परंपरागत खेलों को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरूआत की है, जिसका आयोजन प्रत्येक वर्ष होगा। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरूआत 06 अक्टूबर 2022 से राजीव गांधी युवा मितान क्लब स्तर से प्रारंभ होकर विभिन्न स्तरों से होते हुए अपने अंतिम पड़ाव राज्य स्तरीय तक पहुंच चुका है, जिसका आयोजन 8 जनवरी से 10 जनवरी 2023 तक होगा।

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक से बन रही प्रदेश की एक नई पहचान

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रायपुर। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक केवल खेल नहीं यह है हमारे छत्तीसगढ़ के युवक-युवतियों की पहचान। आज राजधानी रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल में भरपूर उत्साह के साथ भाग लेते हुए खिलाड़ियों ने यह बात कही।  इसके तहत 8 जनवरी से 10 जनवरी तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में आज पहले चरण में स्वामी विवेकानन्द स्टेडियम कोटा में 3 चरणों में शून्य से 18 वर्ष के लड़के और लड़कियों ने 100 मीटर की दौड़ में भाग लिया।

इसके पश्चात 18 से 40 वर्ष के युवक एवं युवतियों ने 100 मीटर दौड़ में अपनी प्रतिभा का दमखम दिखाया। सबसे बड़ी बात यह रही कि इस 100 मीटर दौड़ में 40 से अधिक वर्ष के महिला एवं पुरूषों दोनों ही वर्ग के प्रतिभागी शामिल हुए। इसके साथ दूसरा आयोजन लम्बी कूद का था। जिसमें शून्य से 18 वर्ष के बालक-बालिकाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया।

आज यह गौरव का दिन था। गौरव इसलिए भी क्योंकि आज के 100 मीटर दौड़ में जिन महिला-पुरुषों ने भाग लिया। वे कई ऐसे थे जो 40 वर्ष की उम्र को पार करने जा रहे थे पर उन्हें जीवन में किन्हीं कारणों से कभी खेलने-कूदने का अवसर नहीं मिला था। वे आज सब बेहद खुशी से अपनी प्रतिभा से लोगों को वाकिफ करवा रहे थे।

आज के 100 मीटर दौड़ में कई ऐसी गृहणियां थी जो केवल घर का चूल्हा-चौका संभालती आ रही थी आज उनके चेहरे की खुशी देखते ही बन रही थी। राज्य सरकार के इस छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेलों के आयोजन ने उन्हें अपने चूल्हे-चौके से निकालकर एक ऐसा मंच दिया, जिससे वे अपने भीतर दौड़ने की प्रतिभा को पहचान पाईं।

आज स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में लम्बी कूद और 100 मीटर दौड़ के जिन प्रतिभागियों ने प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। उनके नाम इस तरह से हैं-लम्बी कूद महिला 0 से 18 वर्ष में विजयी प्रतिभागी बस्तर से तारणिका सीता, द्वितीय दुर्ग से चंचल, तीसरे स्थान पर सरगुजा से शिक्षा सिंह। लम्बी कूद पुरूष में दुर्ग से प्रभात कुमार, सरगुजा से सलीम टोप्पो, बस्तर से तुषार सीता।

इसी तरह 100 मीटर दौड़ में 0 से 18 वर्ष के बालकों में प्रथम स्थान बिलासपुर आर्यन भारती, द्वितीय रायपुर पारस तारक, तृतीय बस्तर तुषार तेता। 100 मीटर दौड़ बालिकाओं में 0 से 18 वर्ष प्रथम बस्तर से तारणिका तेता, द्वितीय रायपुर रोशनी नेताम, तृतीय सरगुजा शिक्षा सिंह। 18 से 40 वर्ष 100 मीटर दौड़ में पुरूषों में प्रथम स्थान रायपुर से मुकेश भोई, द्वितीय दुर्ग से बिसाहू, तृतीस सरगुजा के राकेश कुमार। महिलाओं में 18 से 40 वर्ष में 100 मीटर दौड़ में प्रथम प्रतिभागी रही रायपुर से नबोनीता बेरा, द्वितीय स्थान दुर्ग रामकली पटेल, तृतीय बस्तर से योगिता नेताम। 100 मीटर दौड़ में 40 वर्ष से अधिक उम्र में प्रथम स्थान प्राप्त किया है दुर्ग से जी. कामेश्वर, द्वितीय रायपुर से रामावतार सिंह, तृतीय स्थान बिलासपुर से प्रहलाद कैवर्त्। 100 मीटर दौड़ में 40 वर्ष से अधिक उम्र में महिला प्रतिभागियों में प्रथम स्थान दुर्ग से इंगला बाई, द्वितीय बिलासपुर से कविता चौहान, तृतीय बस्तर से जयंती मण्डावी रहे।

छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की बैठक में खिलाड़ियों की भागीदारी पर हुई चर्चा

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महासमुंद। 27 सितंबर से 10 अक्टूबर तक गुजरात में 36 वे नेशनल गेम्स का आयोजन किया गया है। आयोजित होना है, जिसके लिए छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की कोर कमेटी की संघ कार्यालय रायपुर आयोजित बैठक में राज्य के खिलाड़ियों की भागीदारी की तैयारियों पर चर्चा हुई। आज मंगलवार को कोर कमेटी में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ उपाध्यक्ष विनोद-चंद्राकर, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ उपाध्यक्ष जीएस बाम्बरा, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ उपाध्यक्ष अखिल धगट

                          27 सितंबर से गुजरात में आयोजित होगा नेशनल गेम्स

छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ महासचिव गुरुचरण सिंह होरा, बैडमिंटन संघ सचिव संजय मिश्रा, रायपुर जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष अतुल शुक्ला की उपस्थिति में संपन्न हुई। उपाध्यक्ष विनोद चंद्राकर ने 36 वे नेशनल गेम्स की भागीदारी के लिए खिलाड़ियों के प्रशिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशिक्षण कैंप में कड़ी मेहनत करें और हमारे राज्य को स्वर्ण पदक दिलाये, जिससे राज्य और खिलाड़ियों का नाम राष्ट्रीय स्तर पर ऊंचा हो सके। 36वां राष्ट्रीय खेल गुजरात में होने जा रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य से विभिन्न खेलों में खिलाड़ी भाग लेंगे। राष्ट्रीय खेल का आयोजन आगामी सितंबर माह में होगा।

राज्य के खिलाड़ी नेशनल गेम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सके और अधिक से अधिक पदक जीत सकें, इसके लिए खेल संचालनालय ने तैयारियां प्रारंभ कर दी है। 36वां राष्ट्रीय खेल के लिए क्वालिफाई करने वाले खिलाड़ियों की अधिकृत जानकारी खेल संचालनालय द्वारा खेल संघों से मंगाई गई है, जिसके आधार पर खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण कैम्प का आयोजन कराया जायेगा। राज्य की खिलाड़ियों को उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों को खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा सहायता एवं प्रोत्साहन दिया जाएगा।

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