Media24Media.com: कैबिनेट की बैठक

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CG Cabinet Meeting: बजट के एक दिन पहले कैबिनेट की बैठक लिए गए ये महत्वपूर्ण फैसले

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 मंत्रिपरिषद के निर्णय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -


 मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2025-26 का अनुमोदन किया गया।

वर्ष 2025-26 की आबकारी नीति वर्ष 2024-25 की भांति होगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 674 मदिरा दुकानें तथा आवश्यकता अनुसार प्रीमियम मदिरा दुकानें संचालित करने का निर्णय भी यथावत् रखा गया है। देशी मदिरा की आपूर्ति पूर्ववत् रेट ऑफर प्रभावी रहेगा। विदेशी मदिरा थोक क्रय, वितरण छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा होगा। मदिरा पर लागू अधोसंरचना विकास शुल्क यथावत् रहेगा। विदेशी मदिरा फुटकर दुकानों पर 9.5 प्रतिशत की दर से लगने वाला अतिरिक्त आबकारी शुल्क समाप्त होगा।

 मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ लोक परिसर (बेदखली) (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

 मंत्रिपरिषद द्वारा ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के हित को देखते हुए ई-प्रोक्योरमेंट के लिए गठित सशक्त समिति को समाप्त करने का निर्णय लिया। चूंकि वर्तमान में पीएफआईसी द्वारा 100 करोड़ रूपए से उपर की परियोजनाएं स्वीकृत किए जा रहे हैं। बड़ी आईटी परियोजनाओं के संबंध में पहले से सशक्त समिति अनुमोदन की अनिवार्यता होने से अनुमोदन प्रक्रिया का डुप्लिकेशन होता है। इस कारण सशक्त समिति को समाप्त करने का निर्णय लिया।

 छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण और उपभोक्ता मामलों की समयबद्ध सुनवाई के लिए सदस्य का एक नवीन पद सृजित करने का निर्णय लिया गया।

 खरीफ विपणन वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 के समर्थन मूल्य योजना में धान एवं चावल परिवहन की दर के लिए गठित राज्य स्तरीय समिति की अनुशंसा दर को स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया।

 छत्तीसगढ़ श्रम विधियां संशोधन एवं विविध प्रकीर्ण उपबंध विधेयक-2025 के माध्यम से कारखाना अधिनियम-1948, औद्योगिक विवाद अधिनियम-1947 तथा ट्रेड यूनियन अधिनियम-1976 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

 रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1908 (छत्तीसगढ़ संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

 रजिस्ट्री ऑफिसों के नियमित रूप से संचालन के लिए वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग में उप पंजीयक के पदोन्नति श्रेणी के रिक्त 9 पदों की पूर्ति के लिए पांच वर्ष की अर्हकारी सेवा में एक बार के लिए छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।

 राज्य में 01 नवम्बर 2024 से औद्योगिक विकास नीति 2024-30 प्रभावशील है। इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ शासन भण्डार क्रय नियम-2002 में प्रस्तावित संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

 छत्तीसगढ़ सरकार एवं व्यक्ति विकास केन्द्र इंडिया (द आर्ट ऑफ लिविंग) के मध्य आजीविका सृजन एवं ग्रामीण छत्तीसगढ़ का कल्याण विषयक एमओयू के लिए राज्य सरकार के सुशासन एवं अभिसरण विभाग को अधिकृत किया गया। 

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक 28 अक्टूबर को

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 रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सोमवार 28 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे कैबिनेट की बैठक मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर, अटल नगर में आयोजित की गई है।


मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक 16 अक्‍टूबर को

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 रायपुर । मुख्‍यमंत्री विष्‍णुदेव साय की अध्‍यक्षता में 16 अक्‍टूबर को राज्‍य कैबिनेट की बैठक होगी। यह बैठक मंत्रालय में सुबह करीब 11 बजे शुरू होगी। इस बैठक पर राज्‍य के किसानों, सरकारी कर्मचारियों के साथ ही युवाओं की भी नजर रहेगी। विष्‍णुदेव कैबिनेट की पिछली बैठक 20 सितंबर को हुई थी। इसके बाद से कैबिनेट की बैठक नहीं हो पाई है।


इस महीने के पहले सप्‍ताह में बैठक कराने का प्रस्‍ताव था, लेकिन मंत्रियों के क्षेत्र में व्‍यस्‍तता की वजह से बैठक टाल दी गई। अब यह बैठक 16 तारीख को होने जा रही है। इस बैठक में राज्‍य सरकार धान खरीदी और राज्‍योत्‍सव की तैयारियों की समीक्षा कर सकती है। बता दें कि धान खरीदी के लिए गठित मंत्रिमंडलीय उपसमिति ने इस साल 160 लाख टन धान खरीदी का लक्ष्‍य रखा है। खरीदी शुरू करने के लिए 15 नवंबर की तारीख प्रस्‍तावित की है। इन फैसलों पर कैबिनेट की मुहर लगनी है।

साय कैबिनेट में कई महत्वपूर्ण फैसले, प्राधिकरणों का पुनर्गठन, पढ़िए किनके हिस्से में क्या जिम्मेदारी

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -


 
मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण तथा बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
 
राज्य मंत्रिमण्डल ने राज्य में गठित पांचों विकास प्राधिकरणों के पुनर्गठन आदेश में आंशिक रूप से संशोधन की मंजूरी दी है। इस संशोधन से पांचों प्राधिकरणों में जनप्रतिनिधित्व का दायरा काफी विस्तृत किया गया है। पांचों प्राधिकरणों में अब राज्य मंत्रिमण्डल के सभी मंत्रीगणों को सदस्य के रूप में शामिल करने के साथ ही संबंधित क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद एवं प्राधिकरण क्षेत्रों के जिला पंचायत अध्यक्षों को अब इसका सदस्य बनाया गया है। पांचों प्राधिकरणों में प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। शेष सभी सदस्य यथावत रहेंगे। 

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में प्रस्तावित संशोधन को मंत्रिमण्डल ने मंजूरी दी, जिसके तहत मुख्यमंत्री प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं क्षेत्र के विधायक उपाध्यक्ष होंगे। इस प्राधिकरण में सदस्य के रूप में शामिल पूर्व में मात्र तीन विभागों के मंत्री के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त माननीय मंत्रीगणों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण क्षेत्र के जिला पंचायत अध्यक्ष प्राधिकरण के सदस्य होंगे। प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को प्राधिकरण के सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुसार पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल 35 विधायकगणों को और अन्य सदस्यों को यथावत रखा गया है। 
 

सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण 

सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में संशोधन किया गया है। माननीय मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं क्षेत्र के विधायक (अ.ज.जा. आरक्षित) उपाध्यक्ष होंगे। पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल आदिम जाति कल्याण विभाग मंत्री एवं वित्त मंत्री के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगण  प्राधिकरण के सदस्य होंगे। प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण क्षेत्र के जनजाति बाहुल्य जिलों के जिला पंचायत अध्यक्ष भी अब प्राधिकरण के सदस्य होंगे। आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव प्राधिकरण के सदस्य सचिव होंगे। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुसार इसमें सदस्य के रूप में शामिल 14 विधायकगणों को यथावत शामिल किया गया है। 
 

अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण 

माननीय मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा विधायक (अ.जा. आरक्षित) प्राधिकरण के उपाध्यक्ष होंगे। राज्य मंत्रिमण्डल के दो मंत्रियों के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के सभी मंत्रीगणों, संबंधित क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण के जिला पंचायत अध्यक्ष (अ.जा.), अनुसूचित जाति विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव इस प्राधिकरण के सदस्य सचिव होंगे। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुरूप सदस्य के रूप में शामिल किए गए 10 विधायकों को यथावत रखा गया है। 

मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण 

माननीय मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा क्षेत्र के विधायक (अ.ज.जा. आरक्षित) उपाध्यक्ष होंगे। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में किए गए संशोधन के अनुसार अब दो मंत्रीगणों के स्थान पर राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगणों तथा प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद एवं जिला पंचायत अध्यक्ष को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इस प्राधिकरण में आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को सदस्य के रूप मंे तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव इसके सदस्य सचिव होंगे। इस प्राधिकरण में पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल 12 विधायकों को यथावत रखा गया है।

बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण 

माननीय मुख्यमंत्री जी इस प्राधिकरण के अध्यक्ष और प्राधिकरण क्षेत्र के निर्वाचित विधायक (अ.ज.जा. आरक्षित) इसके उपाध्यक्ष होंगे। पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल मात्र दो मंत्रियों के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगणों, प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद तथा प्राधिकरण क्षेत्र के जनजातीय बाहुल्य जिलों के जिला पंचायत अध्यक्ष को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग इस प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव इसके सदस्य सचिव होंगे। प्राधिकरण में सदस्य के रूप में पूर्व में शामिल 12 विधायकगणों को यथावत सदस्य रखा गया है। 
 
 मुख्यमंत्री जी के स्वेच्छानुदान मद से 262 व्यक्ति एवं संस्थाओं को 4 करोड़ 56 लाख 72 हजार रूपये स्वीकृत राशि का अनुमोदन किया गया। 
 
 राज्य के शहरों के सुव्यवस्थित विकास और राज्य की विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मंत्रिपरिषद द्वारा एक बड़ा निर्णय लिया गया। जिसके तहत भूखण्डों का पुनर्गठन और प्रदेश में स्वीकृत विकास योजना के क्रियान्वयन हेतु शहरी विकास नीति (टी.डी.एस.) का अनुमोदन किया गया। इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने हेतु आवास एवं पर्यावरण विभाग को अधिकृत किया गया है।
 
प्रदेश में विकास योजनाओं में प्रस्तावित जनोपयोगी भूमि के समुचित रूप से विकास करने, अतिक्रमण तथा अवैध निर्माणों को हतोत्साहित करने एवं शहरी आबादी को आधुनिक नागरिक सुविधाओं के अभाव और असुविधाओं के निराकरण के लिए इस शहरी विकास नीति का निर्धारण किया गया है। नगर विकास योजना आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक अथवा अन्य प्रयोजन हेतु क्रियान्वित की जा सकेगी।

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में कल कैबिनेट की बैठक

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 रायपुर। मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में कल यानि शुक्रवार 20 सितंबर सुबह 11:30 बजे से नवा रायपुर में महानदी भवन स्थित मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक होगी। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने सभी विभाग सचिवों से कैबिनेट में मंजूरी योग्य प्रस्ताव समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।


 

यह बैठक करीब एक माह बाद हो रही है, जिसमें राज्योत्सव आयोजन, धान खरीदी की शुरुआत, नई औद्योगिक नीति, और नक्सलवाद खत्म करने के लिए पुनर्वास नीति समेत कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है।

बता दें कि इस बार भाजपा सरकार के सत्ता में वापसी के बाद पहला राज्योत्सव है, इस बार 1 नवंबर दीपावली के दूसरे दिन पड़ रहा है, इसलिए सरकार की 3 से 5 दिनों तक भव्य रूप से इसे आयोजित करने की योजना है। जिलों में भी एक या दो दिन के राज्योत्सव कार्यक्रमों का आयोजन संभव है।

 कैबिनेट की बैठक में 1 नवंबर से खरीफ सीजन की धान खरीदी की शुरुआत की घोषणा भी हो सकती है। इसके अलावा “विकसित छत्तीसगढ़” का विजन डाक्यूमेंट पेश किया जाएगा, जिसमें अगले पांच वर्षों के विकास का खाका तैयार किया जाएगा। साथ ही, नई औद्योगिक नीति और नक्सलवाद खत्म करने के लिए पुनर्वास नीति भी पेश की जा सकती है।


विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक आज, किसानों को 3100 रुपए दिए जाने के प्रस्ताव पर लग सकती है मुहर

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय की सरकार की आज बड़ी कैबिनेट बैठक होगी. आज शाम 5 बजे मंत्रालय में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक होगी. विष्णु कैबिनेट में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं. खासकर अगले महीने शुरू होने वाले बजट सत्र को लेकर बैठक में जरूरी निर्देश दिए जा सकते हैं. इसके साथ ही कई बड़े एजेंडे हैं जिन पर विष्णु कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया जा सकता है.


शाम 5 बजे होगी बैठक

दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अब तक सीएम हाउस खाली नहीं किया है. इसलिए कैबिनेट की बैठक फिर से मंत्रालय में बुलाई गई है. 2 घंटे चलने वाली इस कैबिनेट बैठक पर प्रदेश भर को निगाहें टिकी हुई हैं. छत्तीसगढ़ में धान खरीदी लगभग पूरी हो चुकी है. लेकिन अब तक एमएसपी के ऊपर 3100 रुपए में धान की कीमत का वादा कैसे पूरा होगा, इसपर निर्णय नहीं हुआ है. पिछली सरकार एमएसपी के अतिरिक्त पैसे इनपुट सब्सिडी के रूप में एक अलग योजना बनकर 4 किस्तों में दे रही थी.

आपको बता दें कि कैबिनेट बैठक में अगले महीने शुरू होने वाले बजट सत्र को लेकर चर्चा होगी. वित्त मंत्री ओपी चौधरी लगातार अलग-अलग विभाग की मीटिंग कर रहे हैं. इसके बाद राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर चर्चा होगी. जानकारी के अनुसार, अगले महीने के पहले सप्ताह में पहली ट्रेन अयोध्या रवाना हो सकती है. इसमें करीब 2 हजार लोग अयोध्या जा सकते हैं. वहीं अब लोकसभा चुनाव करीब है. ऐसे में माना जा रहा है कि महतारी वंदन योजना पर भी सरकार फैसला ले सकती है.

मुख्यमंत्री भूपेश की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक , लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में कल शाम उनके निवास कार्यालय में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए 



1. महुआ के संग्रहण, मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण एवं उपयोग को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ में राज्य महुआ बोर्ड के गठन का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। ज्ञातव्य है कि छत्तीसगढ़ राज्य में महुआ के वृक्ष बहुतायत में पाये जाते हैं। महुआ के फूल का पशु, पक्षी एवं मनुष्य सभी उपयोग करते है। महुए के बीज से तेल भी निकलता है। महुआ के फूल में औषधीय गुण भी मौजूद हैं तथा इसका बीज स्वस्थ वसा का अच्छा स्त्रोत है। राज्य में महुआ की उपलब्धता तथा इसके उपयोग की बाहुलता एवं वन तथा वनक्षेत्र के आसपास रहने वाले ग्रामीणों की आजीविका का मुख्य स्त्रोत होने के कारण यह आवश्यक है कि इसके विकास हेतु विशेष प्रयास किया जाए, जिससे महुआ के फूल, फल एवं बीज का अच्छी गुणवत्ता के साथ संग्रहण एवं प्राथमिक प्रसंस्करण हो सके। इसके खाद्य एवं औषधीय उपयोग के साथ-साथ प्रसंस्करण को भी बढ़ावा मिल सके तथा बायोडीजल या एथनॉल के उत्पादन हेतु उद्योगों की स्थापना भी संभव हो सके। इन उद्देश्यों की पूर्ति के लिये राज्य महुआ बोर्ड की स्थापना की गई है। 


2. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा पर मंत्रिपरिषद द्वारा त्वरित अनुमोदन : मुख्यमंत्री द्वारा आज कांकेर के गोविंदपुर में आयोजित नगरीय निकाय एवं पंचायती राज महासम्मेलन में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के अधिकारी-कर्मचारी जो एक जनवरी 2004 अथवा उसके बाद नियुक्त हुए है उनके लिए नवीन अंशदान पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय से स्टेट पॉवर कंपनीज के करीब 10 हजार अधिकारी-कर्मचारी लाभान्वित होंगे।


 3. छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2023 के प्रारूप में निहित संशोधन का अनुमोदन किया गया। 


4. ग्राम पंचायत भोरिंग, जिला-महासमुंद को नगर पंचायत बनाये जाने हेतु निर्धारित मापदण्ड में छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया। 


5. नगर पंचायत अम्बागढ़ चौकी को नगर पालिका उन्नयन किये जाने हेतु निर्धारित मापदण्ड में छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया। 


6. नगर पंचायत नवागढ़, जिला-बेमेतरा को नगर पालिका परिषद बनाये जाने हेतु निर्धारित मापदण्ड में छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।


 7. स्वास्थ्य विभाग के हड़ताल में शामिल अधिकारियों-कर्मचारियों पर एस्मा कानून के तहत बर्खास्तगी संबंधी कार्यवाही को शून्य घोषित करने का निर्णय लिया गया।


 8. श्री कल्याण सेवा आश्रम, अमरकंटक द्वारा छत्तीसगढ़ में आदिवासी एवं पिछड़ा वर्ग के कल्याण हेतु संस्कार अध्ययन शाला, चिकित्सालय एवं गौशाला निर्माण हेतु आबंटित भूमि के प्रब्याजि, वार्षिक भू-भाटक, पर्यावरण उपकर तथा अधोसंरचना उपकर में रियायत देने का निर्णय लिया गया। 


9. खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से मार्कफेड में प्रतिनियुक्ति हेतु स्वीकृत संयुक्त संचालक के 01 पद को अपर संचालक के पद पर अपग्रेड करने का निर्णय लिया गया। 


10. लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ रायपुर में अपर संचालक के दो पद सृजित करने का निर्णय लिया गया।


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