Media24Media.com: कांकेर में हादसा

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गड्‌ढे में डूबने से सगे भाई-बहन की मौत, नहाने के दौरान हुआ हादसा

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छत्तीसगढ़ हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश में किसी न किसी दुर्घटना की खबर रोजाना सामने आ रही है। ताजा मामला  कांकेर के आमाबेड़ा थाना क्षेत्र का है, जहां गड्‌ढे में डूबने से भाई-बहन की मौत हो गई है। हादसे के समय बच्चों के माता-पिता अपने काम पर गए थे। वापस लौटे तो दोनों के शव खेत में बने पानी से भरे गड्‌ढे में मिले। बताया जा रहा है कि दोनों बच्चे नहाने के लिए गए थे। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा के बाद दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए।  

किसकोड़ो गांव के रहने वाले अमरसिंह गावड़े अपनी पत्नी के साथ काम पर गए हुए थे। बड़ा बेटा संदीप बकरी चराने जंगल की ओर चला गया। घर में 8 साल की संध्या और 5 साल का अर्जुन था। बताया जा रहा है कि घर से कुछ दूर खेत में बने डबरीनुमा गड्‌ढे में दोनों नहाने के लिए गए थे। शाम को जब बड़ा भाई घर आया तो दोनों बच्चे घर में नहीं दिखे। उसने तुरंत इसकी जानकारी अपने माता-पिता को दी।

डूबने से हुई बच्चों की मौत: TI

इसके बाद पिता और बड़ा भाई दोनों बच्चों को तलाश करते हुए गड्‌ढे के पास पहुंचे। वहां अर्जुन का शव पानी पर तैरता मिला। उसके और संध्या के कपड़े गड्‌ढे के बाहर पड़े थे। पिता ने तत्काल बांस और डंडे की मदद से गड्ढे में संध्या की तलाश शुरू की। कुछ देर में उसकी भी लाश ऊपर आ गई। दोनों के शव निकालकर पुलिस को सूचना दी गई। थाना प्रभारी भोजराम ध्रुव ने बताया बच्चों के पानी में डूबने से मौत हुई है। 

डूबने से लगातार हो रही बच्चों की मौत 

बता दें कि कांकेर जिले में डूबने से लगातार बच्चों की मौत की घटनाएं सामने आ रही है। 9 अप्रैल 2020 को रावस गांव में नहाने गई 4 सगी बहन एक डबरी में एक साथ डूब गई थी। वहीं 2019 में बांदे गौतम नगर में दो स्कूली छात्रों की मौत हो गई थी। 2018 में भानुप्रतापपुर के ही सटेली प्राथमिक शाला में संविलियन की खुशी में पार्टी के दौरान दो छात्रों की डूबने से मौत हो गई थी। साल 2017 में भानुप्रतापपुर भीरागांव के मालापारा प्राथमिक शाला के तीन बच्चे छुट्टी होते ही स्कूल से तालाब नहाने चले गए थे। इस हादसे में सगे भाई बहन समेत तीन छात्रों की मौत हो गई थी। प्रदेशभर में ऐसी घटनाएं बढ़ती जा रही है।

झारखंड में हुआ था ऐसा ही हादसा

बता दें कि 9 नवंबर को झारखंड के पलामू जिले में ऐसा ही हादसा हुआ था, जहां पायल नदी के छठ घाट में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई थी। पुलिस के मुताबिक छठ स्नान के दौरान डूबने से दोनों बच्चों की मौत हो गई थी। पुलिस ने बताया कि दोनों बच्चे राजहारा गांव के राजू भुईयां के बेटे थे। राजू भुईयां के साले की पत्नी राजहारा स्थित छठ घाट पर छठ स्नान और पूजा करने गई थी और उसके साथ राजू की पत्नी और बच्चे भी गए थे। वहीं गिरिडीह के मंगरोडीह गांव में भी ऐसा ही हादसा हुआ था। यहां छठ महापर्व को लेकर स्नान करने गई महिलाओं के साथ गए 4 बच्चों की नदी में डूबने से मौत हो गई थी।

जिले में पुलिस वाहन की टक्कर से 3 लोगों की मौत, आरोपी के स्टेयरिंग घुसाने के बाद हुआ हादसा

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कांकेर जिले में पुलिस वाहन की टक्कर से बाइक सवार पिता-पुत्री और महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक पुलिस मारपीट के एक आरोपी को वाहन से लेकर जा रहे थे। तभी भागने की कोशिश में आरोपी ने वाहन की स्टेयरिंग घुमा दी, जिसके कारण वाहन बाइक से भिड़ गया। इसमें युवक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उसकी भाभी और उनके पिता नदी में जा गिरे। गोताखोरों की टीम नदी में गिरे लोगों को ढूंढने रात भर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, जिसके बाद सुबह पिता और बेटी के शव बरामद हो गए।  

आरोपी शंकर पाल

पखांजूर के व्यवहार न्यायालय से मारपीट के आरोपी शंकर पाल को पुलिस की वाहन में कांकेर जिला मुख्यालय लाया जा रहा था। इसी बीच जब वाहन बड़गांव के पास कोटरी पुल पर पहुंचा तभी भागने की फिराक में आरोपी ने गाड़ी की स्टेयरिंग घुमा दी। इसके कारण विपरीत दिशा से आ रही एक बाइक को वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि महिला और अधेड़ नदी में जा गिरे।

दूसरे दिन मिली दोनों की लाश

नदी में गिरी महिला और अधेड़ का शव आज बरामद हो गया है। मृतकों में पित्तेभोड़ीया के रहने वाले सोमजी कड़ियाम (उम्र 57), उसकी बेटी सुम्मी आंचला (उम्र 30) और सुम्मी का देवर सामसाय आंचला (उम्र 28) शामिल है। तीनों एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होकर घर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि नदी में करीब 15 फीट से ज्यादा पानी है। हादसे में वाहन सवार 2 जवान और आरोपी को भी चोट आई हैं। उन्हें बड़गांव के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

लोगों ने किया जमकर हंगामा

इधर, जब परिजन और आस-पास के गांव के लोगों को हादसे के बारे में जानकारी मिली तो वे सीधे बड़गांव अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने अस्पताल का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी संख्या में जवानों को भी मौके में तैनात किया। पुलिस जिस आरोपी शंकर पाल को लेकर जा रही थी उस पर एक मजदूर पर हमला करने के प्रयास कर आरोप है। बड़गांव के रहने वाले शंकर पाल ने सड़क निर्माण में घटिया निर्माण का आरोप लगाकर लड़ाई किया। इसके बाद मजदूर को बेलचा उठा कर मारने के लिए दौड़ाया था। बड़गांव थाना में उसके खिलाफ मारपीट का केस दर्ज किया गया है। उसे कल पखांजूर कोर्ट में पेश किया गया। जमानत नहीं मिलने पर जवान उसे जेल ले जा रहे थे।

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