Media24Media.com: कस्टम मिलिंग

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मंत्रि-मंडलीय उप समिति की बैठक : धान खरीदी के साथ ही धान के उठाव में तेजी लाने दिए निर्देश, अब तक 63.14 लाख मीट्रिक टन धान की हो चुकी खरीदी

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रायपुर। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल बघेल की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ विधानसभा स्थित मुख्य समिति कक्ष में मंत्री मंडलीय उप समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में धान खरीदी व्यवस्था सहित कस्टम मिलिंग के लिए धान का उठाव, किसानों के लिए पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था, टोकन की स्थिति सहित विभिन्न किसान हित से जुड़े मुद्दे की समीक्षा की गई। बैठक में धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए धान के उठाव में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही किसानों को विक्रय में सहुलियत प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में मंत्री-मंडलीय उप समिति के सदस्य कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा 20 सूत्रीय कार्यान्वयन मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा शामिल हुए।

खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश के किसानों से सुगमता पूर्वक धान खरीदने के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा की गई। बैठक में धान खरीदी सुव्यस्थित हो तथा किसानों को सरलता के साथ बारदाना उपलब्ध हो इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में धान उठाव और कस्टम मिलिंग, केन्द्रीय पूल और छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम में चावल जमा कराने तथा परिवहन के संबंध में भी विस्तार पूर्वक चर्चा की गई।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड 144.92 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी। वर्तमान में राज्य में 2058 सहकारी समितियां तथा 2739 धान उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से आगामी खरीफ विपणन वर्ष में 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का अनुमान लगाया गया है।

बैठक में खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 14 नवम्बर 2024 से शुरू हुए धान खरीदी महाअभियान के तहत अब तक 63.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। धान खरीदी के एवज में राज्य 13.19 लाख किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 14058 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए धान का उठाव जारी है। धान के उठाव में तेजी लाने के प्रदेश के सभी कलेक्टरों को निर्देशित किए गए हैं। अब तक कुल धान खरीदी का 50 प्रतिशत से अधिक धान के उठाव के लिए डिओ और टीओ जारी कर दिया गया है। जिसके विरूद्ध मिलर्स द्वारा अब तक लगभग 10 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है।

बैठक में खाद्य विभाग के सचिव अन्बलगन पी, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती रेणु जी पिल्ले, वित्त विभाग के विशेष सचिव चंदन कुमार, सहकारिता विभाग के आयुक्त कुलदीप शर्मा, खाद्य विभाग के संचालक जितेन्द्र कुमार शुक्ला, कृषि विभाग के संचालक डॉ. सरांश मित्तल, मार्कफेड के प्रबंध संचालक रमेश शर्मा, अपेक्स बैंक के ओएसडी अविनाश कुमार श्रीवास्तव, खाद्य विभाग के संयुक्त सचिव जी.एस. सीकरवार सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री की पहल पर किसानों की समस्या का हुआ समाधान राईस मिलर्स के लंबित माँगों पर बनी सहमति, राशि का होगा जल्द भुगतान

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ में धान उपार्जन केन्द्रों से धान का उठाव न होने के कारण केन्द्रों में जाम की स्थिति और किसानों को धान बेचने में हो रही दिक्कत का समाधान हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर शासन स्तर पर इस समस्या के समाधान के लिए लघु उद्योग भारती एवं भारतीय किसान संघ के साथ राइस मिल एसोसिएशन के पदाधिकारियों के बीच हुई सकारात्मक बातचीत से राईस मिलर्स ने धान खरीदी केन्द्रों से धान का नियमित रूप से उठाव करने और कस्टम मिलिंग जारी रखने का निर्णय लिया है। शासन द्वारा मिलर्स के बीते वर्षों के बकाया प्राशि का जल्द ही भुगतान के आश्वासन के साथ उनके अन्य माँगो का हल निकाला गया।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल एवं स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जयसवाल के प्रयासों से हुई बैठक का परिणाम यह रहा कि धान उपार्जन केन्द्रों से मिलर्स लगातार धान का उठाव करेंगे और तेजी से कस्टम मिलिंग कर अपने-अपने हिस्से का चावल भारतीय खाद्य निगम और नागरिक आपूर्ति निगम में जमा करेंगे।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में 14 नवम्बर से समर्थन मूल्य पर किसानों से धान उपार्जन किया जा रहा है। उपार्जन केन्द्रों में बड़ी मात्रा में धान की आवक हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर राईस मिलर्स के लंबित राशि का जल्द भुगतान करने का निर्णय लिया गया। राईस मिलर्स ने शासन के इस फैसले पर सहमति जताते हुए केन्द्रों से धान का उठाव और मिलिंग करने की सहमति दी है, जिसके चलते उपार्जन केन्द्रों से धान का उठाव तेजी से होगा और किसानों को धान बेचने में दिक्कत नहीं आएगी।

भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों प्रदेश संगठन मंत्री श्री तुलाराम, प्रदेशाध्यक्ष माधव ठाकुर, प्रदेश महामंत्री नवीन शेष और प्रदेश कोषाध्यक्ष गजानंद तिधरसकर सहित लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंघानिया, प्रदेश महामंत्री डॉ (श्रीमती) सीपी दुबे, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मोहन पटेल ने किसानों की समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल के प्रति आभार जताया है।

ओम साई राईस मिल अतरिया से 100 क्विंटल धान एवं 1493 क्विंटल चावल जब्त

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रायपुर। छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश के प्रावधानों के उल्लंघन के मामले में जिला प्रशासन बेमेतरा द्वारा राईस मिलरों पर कार्रवाई का सिलसिला शुरू कर दिया गया है। कलेक्टर रणबीर शर्मा के निर्देशानुसार खाद्य विभाग के अधिकारियों की टीम कस्टम मिलिंग का चावल जमा करने में उदासीनता बरतने वाले मिलर्स के यहां औचक रूप से दबिश देकर जांच पड़ताल और जब्ती की कार्रवाई कर रही है।

इसी सिलसिले में बीते दिनों ओम साई राईस मिल अतरिया की जांच पड़ताल के दौरान खाद्य विभाग के अधिकारियों की टीम ने यह पाया कि बीते तीन महीने ओम साई राईस मिल अतरिया के संचालक मिथलेश सिन्हा द्वारा कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश का उल्लंघन किया जा रहा है। परिणाम स्वरूप अधिकारियों की टीम ने ओम साई राईस मिल से धान 100 क्विंटल एवं चावल 1493 क्विंटल जब्त कर संचालक के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किया गया।

 

 

कस्टम मिलिंग में लापरवाही बरतने वाले 9 राइस मिलरों पर कार्रवाई

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रायपुर। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के कस्टम मिलिंग का चावल समय पर भारतीय खाद्य निगम और नागरिक आपूर्ति निगम में जमा करने में लापरवाही बरतने वाले 9 राइस मिलरों पर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। जिला खाद्य अधिकारी श्रीमती श्वेता अग्रवाल ने बताया कि तहसीलदार, सहकारिता विस्तार अधिकारी, खाद्य निरीक्षको और मार्कफेड के अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा राईस मिलों में भौतिक सत्यापन किया गया।


भौतिक सत्यापन में पाये गये धान की मात्रा का मिलान ऑनलाईन रिपोर्ट से करने पर कम पाए जाने पर कुल 2 लाख 5 हजार 229.20 क्विंटल धान जप्त की गई। खाद्य अधिकारी ने बताया कि मेसर्स जे.पी. अग्रवाल सन्स कोल्ड स्टोरेज प्राइवेट लिमिटेड अजनी गौरेला के राइस मिल में भौतिक सत्यापन में धान और चावल की मात्रा का मिलान किया गया। ऑनलाईन रिपोर्ट के अनुसार धान एवं चावल का स्टाक नहीं पाये जाने 20041.20 क्विंटल धान जप्त किया गया।

इसी तरह धान एवं चावल की मात्रा का मिलान ऑनलाईन रिपोर्ट से करने पर कम पाए जाने पर मेसर्स जेपी अग्रवाल एग्रोटेक अंजनी गौरेला के राईस मिल में 18650 क्विंटल धान की जप्ती की गई। मेसर्स गर्ग फूड प्रोडक्टस गौरेला के राईस मिल में 38892 क्विंटल धान, मेसर्स मां नर्मदा एग्रोटेक गौरेला के राईस मिल में 33292 क्विटल धान, मेसर्स मां नर्मदा राईस प्रोडक्ट गौरेला के राईस मिल में 74210 क्विटल धान, मेसर्स लक्ष्मी एग्रो इंडस्ट्रीज पेण्ड्रा के राइस मिल में 11493 किवंटल धान, मेसर्स दक्ष फूडस्ट्रीज पेण्ड्रा के राईस मिल में 2965.60 क्विंटल धान, मेसर्स शिवानी ट्रेडर्स पेण्ड्रा के राईस मिल में 640 क्विंटल धान और मेसर्स बुआजी फर्म्स प्रा. लिमिटेड पेण्ड्रा के राईस मिल में 7044.80 क्विंटल धान जप्त की गई।

कस्टम मिलिंग के लिए 105.55 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार की कुशल प्रबंधन के कारण अब तक कस्टम मिलिंग के लिए 105.55 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है, जबकि 107.53 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ जारी कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष किसानों से समर्थन मूल्य पर 107.53 लाख मीट्रिक टन धान की सफलतापूर्वक खरीदी की गई है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री की पहल पर पिछले वर्ष की तर्ज पर इस वर्ष भी धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए सीधे उपार्जन केन्द्रों से धान का उठाव शुरू किया गया था, जिसके चलते राज्य सरकार को परिवहन व्यय में काफी कमी आयी है। इसके साथ ही धान खरीदी के बाद धान उठाव की लंबी प्रक्रिया से भी निजात मिली है। राज्य सरकार ने इस वर्ष 23 लाख 42 हजार से अधिक किसानों से 31 जनवरी 2023 तक 107.53 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की है। किसानों को धान खरीदी के एवज में 22 हजार 67 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है।

कस्टम मिलिंग के लिए लगभग 105 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार की कुशल प्रबंधन के कारण अब तक कस्टम मिलिंग के लिए तेजी के साथ धान का उठाव निरंतर जारी है। कस्टम मिलिंग के लिए धान का उठाव अंतिम चरण में है। अब तक लगभग 105 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है, जबकि लगभग 107 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ जारी कर दिया गया है। किसानों से समर्थन मूल्य पर इस वर्ष 107.53 लाख मीट्रिक टन धान की सफलतापूर्वक खरीदी की गई है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री की पहल पर पिछले वर्ष की तर्ज पर इस वर्ष भी धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए सीधे उपार्जन केन्द्रों से धान का उठाव शुरू किया गया था, जिसके चलते राज्य सरकार को परिवहन व्यय में काफी कमी आयी है। इसके साथ ही धान खरीदी के बाद धान उठाव की लंबी प्रक्रिया से भी निजात मिली है। राज्य सरकार ने इस वर्ष 23 लाख 42 हजार से अधिक किसानों से 31 जनवरी 2023 तक 107.53 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की है। किसानों को धान खरीदी के एवज में 22 हजार 67 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है।

छत्तीसगढ में समर्थन मूल्य पर अब तक 107 लाख टन धान की खरीदी

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश में दिनोदिन धान खरीदी का नया कीर्तिमान बनता जा रहा है। 1 नवम्बर 2022 से शुरू हुई धान खरीदी का महाभियान में अब तक लगभग 107 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। 23.35 लाख किसानों ने धान विक्रय किया है। धान के एवज में किसानों को 21,937 करोड़ रूपए का भुगतान बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान अभी 31 जनवरी 2023 तक जारी रहेगा।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए निरंतर धान का उठाव जारी है। अब तक कुल धान खरीदी 107 लाख मीट्रिक टन में से 94 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध मिलर्स द्वारा 87 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 27 जनवरी को 8 हजार से अधिक किसानों से 32 हजार टन से अधिक तथा ऑनलाइन प्राप्त टोकन के जरिए किसानों से 2 हजार टन से अधिक धान की खरीदी हुई है।

गौरतलब है कि इस साल राज्य में 24.98 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जिसमें लगभग 2.32 लाख नये किसान शामिल हैं। किसानों को धान विक्रय में सहूलियत हो इस लिहाज से इस वर्ष राज्य में 135 नए उपार्जन केन्द्र शुरू किए गए, जिससे राज्य में धान खरीदी के लिए 2617 उपार्जन केन्द्र हो गया हैं। सामान्य धान 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान 2060 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। इसी तरह राज्य में धान खरीदी की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सीमावर्ती राज्यों से धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए चेक पोस्ट पर माल वाहकों की चेकिंग की जा रही है। राज्य सरकार इस वर्ष प्रदेश के पंजीकृत किसानों से लगभग 110 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है। धान खरीदी केन्द्रों में किसानों की चहल-पहल और धान की आवक से अनुमानित आंकड़े पार हो जाएंगे।

 

छत्तीसगढ में धान खरीदी का आकड़ा 105 लाख मीट्रिक टन से पार

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में 1 नवम्बर 2022 से शुरू हुई धान खरीदी का महाभियान निरंतर जारी है। प्रदेश में धान खरीदी का आंकड़ा अब तक के रिकार्ड तोड़ते हुए आज की तिथि में 105 लाख मीट्रिक टन से पार हो गया है। धान खरीदी का यह अभियान अभी 31 जनवरी 2023 तक जारी रहेगा। राज्य के 23.12 लाख किसानों ने धान विक्रय किया है। धान के एवज में किसानों को 21,587 करोड़ रूपए का भुगतान बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत किया गया है।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए निरंतर धान का उठाव जारी है। अब तक कुल धान खरीदी 105 लाख मीट्रिक टन में से 91 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध मिलर्स द्वारा 83 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है।

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 23 जनवरी को 16 हजार से अधिक किसानों से 63 हजार मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी की गई है। ऑनलाइन प्राप्त टोकन के जरिए किसानों से 4 हजार टन धान की भी खरीदी हुई है।  गौरतलब है कि इस साल राज्य में 25.96 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जिसमें लगभग 2.30 लाख नये किसान शामिल हैं।

किसानों को धान विक्रय में सहूलियत हो इस लिहाज से इस वर्ष राज्य में 135 नए उपार्जन केन्द्र शुरू किए गए, जिससे राज्य में धान खरीदी के लिए 2617 उपार्जन केन्द्र हो गया हैं। सामान्य धान 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान 2060 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। इसी तरह राज्य में धान खरीदी की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सीमावर्ती राज्यों से धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए चेक पोस्ट पर माल वाहकों की चेकिंग की जा रही है। राज्य सरकार इस वर्ष प्रदेश के पंजीकृत किसानों से लगभग 110 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है। धान खरीदी केन्द्रों में किसानों की चहल-पहल और धान की आवक से अनुमानित आंकड़े पार हो जाएंगे।

छत्तीसगढ़ : समर्थन मूल्य पर किसानों से 89 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का महाभियान निरंतर जारी है। यह अभियान 31 जनवरी 2023 तक चलेगा। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में समर्थन मूल्य पर किसानों से अब तक 89 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। धान खरीदी के एवज में राज्य के 20.81 लाख किसानों को 18,266 करोड़ रूपए का भुगतान बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत किया गया है।

मुख्यमंत्री की पहल पर पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए निरंतर धान का उठाव जारी है। अब तक लगभग 77 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध मिलर्स द्वारा 65 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि 09 जनवरी को 46 हजार से अधिक किसानों से 1.90 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। इसके अलावा ऑनलाइन प्राप्त टोकन के जरिए किसानों से लगभग 14 हजार टन धान की भी खरीदी हुई है। आगामी दिवस की धान खरीदी के लिए 53 हजार से अधिक टोकन तथा टोकन तुंहर हाथ एपके जरिये लगभग 5 हजार  से अधिक  टोकन ऑनलाइन जारी किए गए हैं।

गौरतलब है कि इस साल राज्य में 25.92 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जिसमें लगभग 2.26 लाख नये किसान शामिल हैं। राज्य में धान खरीदी के लिए 2616 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। सामान्य धान 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान 2060 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। इसी तरह राज्य में धान खरीदी की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सीमावर्ती राज्यों से धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए चेक पोस्ट पर माल वाहकों की चेकिंग की जा रही है।

छत्तीसगढ़ में 19.33 लाख किसानों से 80.55 लाख टन धान की खरीदी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का महाभियान निरंतर जारी है जो 31 जनवरी 2023 तक चलेगा। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में समर्थन मूल्य पर किसानों से अब तक 80.55 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। धान खरीदी के एवज में 19.33 लाख किसानों को लगभग 16,217 करोड़ रूपए का भुगतान बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत किया गया है।

मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए निरंतर धान का उठाव जारी है। अब तक 68 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध मिलर्स द्वारा 55 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि 02 जनवरी को 44 हजार  किसानों से 1.65 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। इसके अलावा ऑनलाइन प्राप्त टोकन के जरिए किसानों से लगभग 23 हजार टन धान की भी खरीदी हुई हैं। आगामी दिवस की धान खरीदी के लिए 55,440 हजार टोकन तथा टोकन तुंहर हाथ एपके जरिये लगभग 7 हजार 608 टोकन ऑनलाइन जारी किए गए हैं।

गौरतलब है कि इस साल राज्य में 25.92 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जिसमें लगभग 2.26 लाख नये किसान शामिल हैं। राज्य में धान खरीदी के लिए 2600 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। सामान्य धान 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान 2060 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। राज्य में धान खरीदी की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सीमावर्ती राज्यों से धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए चेक पोस्ट पर माल वाहकों की चेकिंग की जा रही है।

धान खरीदी महाभियान: किसानों से अब तक 58 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों से धान खरीदी महाभियान के तहत समर्थन मूल्य पर अब तक 58 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी हो चुकी है। गौरतलब है कि राज्य सरकार इस वर्ष 110 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है। एक नवम्बर से अब तक धान खरीदी लक्ष्य के विरूद्ध में 50 प्रतिशत से भी अधिक धान की खरीदी हो चुकी है। धान खरीदी के एवज में राज्य के 14.66 लाख किसानों को 11,640 करोड़ रूपए का भुगतान बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत किया गया है। वर्ष की तरह इस वर्ष भी धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए निरंतर धान का उठाव जारी है। 


अब तक
45 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान के उठाव के लिए डीओ जारी किया गया है, जिसके एवज में मिलर्स द्वारा 35 लाख 77 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है। खाद्य विभाग के सचिव टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि इस साल राज्य में 25.92 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जिसमें लगभग 2.26 लाख नये किसान शामिल हैं। राज्य में धान खरीदी के लिए 2600 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। सामान्य धान 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान 2060 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। राज्य में धान खरीदी की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। 

सीमावर्ती राज्यों से धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए चेक पोस्ट पर माल वाहकों की चेकिंग की जा रही है अधिकारियों ने बताया कि आज 19 दिसम्बर को लगभग 57 हजार से अधिक किसानों से 2 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी की गई है, इसके अलावा ऑनलाइन प्राप्त टोकन के जरिए किसानों से 55 हजार टन से अधिक धान की भी खरीदी हुई हैं। आगामी दिवस की धान खरीदी के लिए 77,124 टोकन तथा टोकन तुंहर हाथ एप के जरिये 18,269 टोकन ऑनलाइन जारी किए गए हैं।

किसानों से तीसरे सप्ताह 8.67 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में धान खरीदी के तीसरे सप्ताह किसानों से समर्थन मूल्य पर  8 लाख 67 हजार  487 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। राज्य सरकार की धान खरीदी के समुचित व्यवस्था के चलते किसान उत्साह के साथ धान खरीदी केन्द्रों में पहुंच रहे हैं। धान बेचने के लिए अब उन्हें लम्बा इंतजार नहीं करना पड़ रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान बेचने वाले किसानों को अग्रिम में टोकन दिया जा रहा है। जिसके फलस्वरूप किसानों का धान सुविधाजनक ढंग से खरीदने का काम हो रहा हैं। धान खरीदी के साथ-साथ लगातार कस्टम मिलिंग के लिए धान का उठाव भी चल रहा है।



खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 नवंबर से चालू धान खरीदी सीजन में अब तक लगभग 2 लाख 61 हजार 346  किसानों से 8 लाख 67  हजार 487 मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है। धान के एवज में किसानों को बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत 1777.59 करोड़ रुपये का भुगतान जारी कर दिया गया है। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष 110 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन अनुमानित है। समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए प्रदेश में 25.91 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जिसमें लगभग 2.18 लाख नये किसान है। राज्य में धान खरीदी के लिए 2538 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। 

इस साल किसानों से सामान्य धान 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान 2060 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। खाद्य विभाग के सचिव टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि आज 18 नवम्बर को 30 हजार 895 किसानों से 1 लाख 10 हजार 251 मीट्रिक टन धान तथा ऑनलाइन प्राप्त टोकन के जरिए किसानों से 16 हजार 590 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। आगामी दिवस की धान खरीदी के लिए राज्य में धान उपार्जन के लिए 38 हजार 113 टोकन तथा तुंहर हाथ एप के जरिये 5689 टोकन जारी किए गए हैं। राज्य में धान खरीदी निर्बाध रूप से जारी है। 

अधिकारी धान खरीदी व्यवस्था पर निरंतर निगरानी रखे हुए हैं। सीमावर्ती राज्यों से अवैध धान परिवहन को रोकने के लिए चेक पोस्ट के जरिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है। खाद्य सचिव वर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मार्गदर्शन में धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए धान का उठाव हो रहा है। अब तक 5 लाख 95 हजार 022 मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डी.ओ. जारी किए गए हैं, जिसके एवज में उपार्जन केंद्रों से 2 लाख 60 हजार 849 मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है।

किसानों से अब तक 7.37 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ ग्रामीण क्षेत्रों में किसान उत्साह के साथ धान खरीदी केन्द्रों में पहुंच रहे हैं। धान बेचने के लिए अब उन्हें लम्बा इंतजार नहीं करना पड़ रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान बेचने वाले किसानों को अग्रिम में टोकन दिया जा रहा है। जिसके फलस्वरूप किसानों का धान सुविधाजनक ढंग से खरीदने का काम हो रहा हैं। धान खरीदी के साथ-साथ लगातार कस्टम मिलिंग के लिए धान का उठाव भी चल रहा है। धान खरीदी सीजन के 17वें दिन शाम साढ़े 5 बजे तक किसानों से समर्थन मूल्य पर 7 लाख 36 हजार 475 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है।



खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 नवंबर से चालू धान खरीदी सीजन में अब तक लगभग 2 लाख 25 हजार 815 किसानों से 7 लाख 36 हजार 475 मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है। धान के एवज में किसानों को बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत 1566.61 करोड़ रुपये का भुगतान जारी कर दिया गया है। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष 110 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन अनुमानित है। समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए प्रदेश में 25.92 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जिसमें लगभग 2.18 लाख नये किसान है। राज्य में धान खरीदी के लिए 2538 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। 

इस साल किसानों से सामान्य धान 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान 2060 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। खाद्य विभाग के सचिव टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि आज 17 नवम्बर को 26 हजार 469 किसानों से 85 हजार 046 मीट्रिक टन धान तथा ऑनलाइन प्राप्त टोकन के जरिए किसानों से 13 हजार 276 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। इसके लिए किसानों को आज 32 हजार 993 टोकन तथा टोकन तुंहर हाथ एप्प के द्वारा 4077 टोकन जारी किए गए थे। आगामी दिवस की धान खरीदी के लिए राज्य में धान उपार्जन के लिए 39 हजार 963 टोकन तथा तुंहर हाथ एप के जरिये 5114 टोकन जारी किए गए हैं। 

राज्य में धान खरीदी निर्बाध रूप से जारी है। अधिकारी धान खरीदी व्यवस्था पर निरंतर निगरानी रखे हुए हैं। सीमावर्ती राज्यों से अवैध धान परिवहन को रोकने के लिए चेक पोस्ट के जरिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है। खाद्य सचिव वर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मार्गदर्शन में धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए धान का उठाव हो रहा है। अब तक 5 लाख 20 हजार 565 मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डी.ओ. जारी किए गए हैं। जिसके एवज में उपार्जन केंद्रों से 2 लाख 04 हजार 491 मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है।  

अब छत्तीसगढ़ में 01 नवम्बर से होगी धान की खरीदी

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप राज्य में एक नवम्बर से धान खरीदी शुरू होगी। आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में प्रदेश के पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए मंत्रीमंडलीय उप समिति की आज बैठक आयोजित की गई। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत की अध्यक्षता में हुई बैठक में आगामी खरीफ वर्ष में किसानों की पंजीयन व्यवस्था, धान खरीदी एवं कस्टम मिलिंग के लिए पर्याप्त बारदानों की उपलब्धता पर चर्चा की गई। मंत्रीमंडलीय उप समिति की बैठक में राज्य में 110 लाख मीटरिक टन धान खरीदी के लक्ष्य के अनुरूप धान खरीदी केन्द्रों सहित सभी स्तरों के संबंध में तैयारियों पर चर्चा के दौरान प्राथमिकता के साथ बारदाना की उपलब्धता पर बल दिया गया।



उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप इस वर्ष प्रदेश के किसानों से एक नवम्बर से ही धान की खरीदी की जाएगी। इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर नियमित रूप से समीक्षा भी की जा रही है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष किसानों से सुगमतापूर्वक धान खरीदी के लिए केन्द्रीय एजेंसियों से प्राप्त बारदानों की आपूर्ति के साथ ही पर्याप्त मात्रा में बारदाने की उपलब्धता के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली, मिलर्स और किसानों से बारदाना और क्रय कर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए बारदानों की व्यवस्था की गई थी। चूंकि इस वर्ष एक नवम्बर से ही धान की खरीदी की जानी है। 

विभाग द्वारा इसके लिए गहन तैयारी की जा रही है। बारदानों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है। किसानों से सुगमतापूर्वक धान खरीदने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही है। मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में कृषि एवं पशुपालन मंत्री रविन्द्र चौबे और उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल शामिल थे। आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में धान खरीदी को सुगम बनाने के लिए समितियों में सभी आवश्यक तैयारियां पूरा करने के सबंध में निर्देश दिए गए हैं। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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जांजगीर-चाम्पा। कस्टम मिलिंग में चावल जमा की प्रगति हेतु जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है। कुछ दिन पूर्व ही कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने राइस मिल संचालकों की बैठक लेकर समय-सीमा में चावल जमा करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने लापरवाही किये जाने पर उचित कार्यवाही के निर्देश भी दिए थे। इसी कड़ी में आज खाद्य विभाग द्वारा ग्राम बनारी स्थित बालाजी राइसमिल में कार्यवाही की गई। मिल की जांच में अनियमितता पाए जाने तथा कस्टम मिलिंग कार्य में लापरवाही बरतने के कारण राइसमिल में 208 क्विंटल धान तथा 102 क्विंटल चावल की जप्ती की गई है।



बनारी स्थित बालाजी राइसमिल में मिल संचालक को निर्देशित किए जाने के बाद भी भारतीय खाद्य निगम में चावल जमा करने में रूचि नहीं ली जा रही थी। राइसमील का संचालन और प्रबंधन अनिल पालीवाल द्वारा किया जाता है। उनकी मौजूदगी में जांच की कार्यवाही की गई। जप्त किए धान एवं चावल की कुल बाजार मूल्य लगभग सात लाख रुपए है। जिला खाद्य अधिकारी मनोज त्रिपाठी द्वारा बताया गया कि उक्त मिलर के विरुद्ध  छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर धान व चावल को शासन के पक्ष में राजसात करते हुए आगामी सत्र में काली सूची में दर्ज करने की कार्यवाही की जाएगी। जांच कार्यवाही हेतु जिला स्तर की टीम गठित की गई है जिसमे खाद्य निरीक्षक मनीष अग्रवाल और अनिरुद्ध तिवारी शामिल हैं।

कस्टम मिलिंग के लिए धान के उठाव में तेजी, 72.81 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव

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छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के बाद कस्टम मिलिंग के लिए धान का उठाव तेजी से किया जा रहा है। सोमवार तक मिली जानकारी के मुताबिक मिलर्स द्वारा DO और TO के माध्यम से 72.81 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है। छत्तीसगढ़ राज्य केंद्रीय पूल में चावल जमा कराने के मामले में भी तेजी से काम कर रही है। अब तक 19.64 लाख मीट्रिक टन केंद्रीय पूल में गुणवत्तायुक्त चावल जमा करा चुके हैं। इनमें भारतीय खाद्य निगम में 10.80 लाख मीट्रिक टन और नागरिक आपूर्ति निगम में 8.83 लाख मीट्रिक टन जमा चावल शामिल है। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के फैसलों का नतीजा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में इस साल 21.77 लाख किसानों से सुगमता पूर्वक समर्थन मूल्य पर लगभग 98 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी हुई है। खाद्य सचिव टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री की पहल पर इस साल धान खरीदी के साथ ही कस्टम मिलिंग के लिए धान का तेजी से उठाव किया जा रहा है। अब तक DO और TO के माध्यम से 72.81 लाख मीट्रिक टन धान का रिकॉर्ड उठाव हो चुका है। 

खाद्य सचिव  वर्मा ने बताया कि 59 लाख 78 हजार मीट्रिक टन धान का डीओ जारी कर दिया गया है। उपार्जन केंद्रों से मिलर्स द्वारा 53 लाख 56 हजार मीट्रिक धान का उठाव कर लिया गया है। इसी प्रकार 23 लाख 22 हजार मीट्रिक टन धान के परिवहन के लिए टीओ जारी किया गया है। जिसके विरूद्ध समितियों से 19 लाख 25 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है। धान खरीदी केन्द्रों से धान का उठाव और कस्टम मिलिंग भी युद्ध स्तर पर जारी है। इस साल केंद्रीय पूल में 61.65 लाख मीट्रिक टन अरवा चावल जमा कराना है। 

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