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चिरायु योजना ने लौटाई मासूमों की मुस्कान, गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों को मिल रहा नया जीवन

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रायपुर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिरायु जरूरतमंद और कमजोर आय वर्ग के बच्चों के लिए वरदान बनकर सामने आया है। इस योजना के तहत जन्मजात और गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों को निःशुल्क उपचार की सुविधा दी जा रही है, जिससे न केवल बच्चों को नया जीवन मिल रहा है, बल्कि उनके परिवारों में भी खुशियों की वापसी हुई है।

स्वास्थ्य विभाग कोण्डागांव से प्राप्त जानकारी के अनुसार, चिरायु योजना के अंतर्गत कोंडागांव जिले के कुम्हारपारा निवासी पांच माह के रोनित कोर्राम और तहसीलपारा की चार माह की बच्ची का 15 जुलाई को रायपुर के निजी अस्पताल में सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। दोनों बच्चे कटे-फटे होंठ की समस्या से पीड़ित थे। सर्जरी के बाद अब दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। बच्चों के परिजनों ने शासन को इस निःशुल्क इलाज सुविधा के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

जिले में चिरायु योजना के तहत अब तक कोंडागांव विकासखंड के 51 बच्चों की हृदय संबंधी सर्जरी की जा चुकी है। इसके अलावा टेढ़े-मेढ़े पैरों वाले 23 बच्चों, कटे-फटे होंठ से पीड़ित 22 बच्चों और जलने के कारण त्वचा चिपकने की समस्या से जूझ रहे 19 बच्चों का सफल इलाज किया गया है। केन्द्र एवं राज्य सरकार बच्चों के स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के प्रति संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। चिरायु योजना के माध्यम से जहां एक ओर बच्चों को बेहतर इलाज मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर उनके परिवारों को आर्थिक बोझ से राहत भी मिल रही है।


अम्बेडकर अस्पताल के न्यू ट्रामा विभाग में आग लगने की घटना में मरीज एवं डॉक्टर सुरक्षित

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रायपुर। डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के तृतीय तल में स्थित न्यू ट्रामा विभाग में आज दोपहर आग लगने की घटना घटित हुई थी जिसमें कोई भी मरीज एवं मेडिकल स्टाफ घायल नहीं हुआ है। घटना के दौरान वहां मौजूद सभी लोग सुरक्षित हैं। न्यू ट्रामा की जिस ओटी में आग लगने की घटना घटित हुई वहां ओटी के बाद साफ-सफाई करके ओटी को बंद कर दिया गया था। बगल में जो ओटी थी वहां पर ऑपरेशन चल रहा था। ऑपरेशन टीम में तीन-चार डॉक्टर एवं अन्य पैरामेडिकल स्टॉफ शामिल थे।

जैसे ही उन्होंने धुआं उठता देखा तुरंत इसकी सूचना प्रबंधन को दी। इसके साथ प्रबंधन ने आग लगने की घटना के दौरान तुरंत तत्परता दिखाते हुए अस्पताल के स्टाफ की मदद से ओटी से लगे हुए खिड़की के ग्रिल को इलेक्ट्रिक कटर से काटकर और कांच को तोड़कर मरीज एवं डॉक्टरों को सुरक्षित बाहर निकाला। ऑपरेशन टीम के डॉक्टरों को धुएं के कारण सांस लेने में दिक्कत हो रही थी इसलिए उन्हें ऑब्जरवेशन में भर्ती रखा गया है। सभी लोग अभी सामान्य स्थिति में हैं।

आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है परंतु प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि एयर प्यूरीफायर एवं ए.सी. में शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी जिस पर त्वरित काबू पा लिया गया था किंतु दोनों उपकरणों के प्लास्टिक बॉडी के जलने से कक्ष में अत्यधिक धुआं भर गया था। इस सम्बन्ध में अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता विद्युत/यांत्रिक को पत्र लिखकर घटनास्थल का निरीक्षण कर निरीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध कराने के त्वरित निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही संपूर्ण अस्पताल परिसर के विद्युत प्रवाह सिस्टम की ऑडिट कराकर ऑडिट रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराने को कहा है।

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस घटना की सूचना मिलते ही तत्काल घटना स्थल पर पहुंचकर मरीज के परिजनों एवं डॉक्टरों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य के संबंध में इलाज कर रहे डॉक्टरों से जानकारी ली। उन्होंने घटना को लेकर अस्पताल प्रबंधन एवं डॉक्टरों की त्वरित तत्परता और सूझबूझ की तारीफ़ की। स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी को संपूर्ण घटनाक्रम की जांच तकनीकी टीम से कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने घटना की वास्तविक वस्तुस्थिति से अवगत होकर प्रबंधन को तीन दिन के भीतर न्यू ट्रामा विभाग को ठीक करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं।

AIIMS के डॉक्‍टरों ने किया चमत्कार, दो जुड़ी हुई बच्चियों को किया अलग

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नई दिल्ली। दिल्ली के एम्स अस्पताल में डॉक्टरों ने जन्म से जुड़ी दो जुड़वा बहनों को ऑपरेशन कर उन्हें अलग किया। दोनों बहनें छाती और पेट के ऊपरी हिस्से से आपस में जुड़ी हुई थीं। जुड़वा बहनों के बीच प्रमुख अंग साझा थे, जिनमें निचले छाती हृदय को ढकने वाली परतें, डायफार्म और पेट शामिल था। इस सर्जरी में लिवर और हृदय के हिस्सों को अलग करना डॉक्टरों के लिए सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण था।


बरेली के रहने वाले अंकुर गुप्ता और दीपिका गुप्ता को बच्चों के आपस में जुड़े होने की जानकारी तभी मिल गई थी जब दीपिका के गर्भ को 5 माह हुए थे। ऐसे में दोनों परेशान हो गए। दिल्ली एम्स में ही दोनों बच्चियों का जन्म हुआ, जब दोनों 11 महीने की हो गई तब इन्हें अलग-अलग करने के लिए 11 जून को यह सर्जरी की गई। रिद्धी-सिद्धी नाम की इन दोनों बहनों की जान अब खतरे से बाहर है।

9 घंटे चली सर्जरी

एम्स के सर्जनों की एक टीम ने करीब 9 घंटे तक रिद्धी-सिद्धी की सर्जरी किया। 9 घंटे तक चली इस सर्जरी में दोनों बहनों को अलग-अलग किया गया। इस सर्जरी की पूरा करने के लिए अलग-अलग विभाग के डॉक्टर टीम में शामिल थे।

मोतियाबिंद ऑपरेशन से 815 लोगों को मिली नई रोशनी

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रायपुर। बस्तर जिले को मोतियाबिंद मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। जिले में चिन्हांकित इसके 1392 पीड़ितों में से 563 मरीजों का सघन मोतियाबिंद मुक्त अभियान के तहत सफल ऑपरेशन कर उनकी आंखों की रोशनी लौटाई गई है।
                   

बस्तर जिले में 15 मई 2023 से यह विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसमें जिले के सभी विकासखंडों में संभावित मरीजों का सर्वे कर 3512 मरीजों की जांच कर 1392 की पुष्टि मोतियाबिंद मरीजों के रूप की गई है। सर्वे कार्य अभी भी सतत जारी है। अभियान के दौरान मिले मरीजों में से 563 तथा सर्वे के पहले चिन्हांकित 252 सहित अब तक 815 मरीजों का ऑपरेशन कर इस बीमारी से निजात दिलाई जा चुकी है।

                                  

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. चतुर्वेदी ने बताया कि बस्तर जिले को जल्द से जल्द मोतियाबिंद मुक्त करने के लिए यह विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत हर मरीजों की पहचान के लिए डोर-टू-डोर अभियान चलाया जा रहा है।

                               

चिन्हांकित मरीजों का शीघ्र ऑपरेशन सुनिश्चित करने के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल और महारानी अस्पताल के डॉक्टरों को जिम्मेदारी दी गई है। सघन मोतियाबिंद मुक्त अभियान के अंतर्गत बकावंड में 99, बास्तानार में 32, लोहंडीगुड़ा में 37, दरभा में 71, तोकापाल में 63 और जगदलपुर (नानगुर) में 123 मरीजों का आपरेशन किया गया। बस्तर विकासखंड में अब तक चिन्हांकित सभी मरीजों का आपरेशन किया जा चुका है।

चिरायु से 10 वर्षीय सीमा के जन्मजात विकृति का हुआ निःशुल्क ऑपरेशन

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सारंगढ़-बिलाईगढ़। कलेक्टर डॉ फरिहा आलम सिद्दीकी के निर्देशन में जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ की चिरायु टीम को लगातार सफलता मिल रही है। पिछले सप्ताह में भावेश के बाद इस सप्ताह भी चिरायु से 10 वर्षीय सीमा के हाथ की विकृति का निःशुल्क सफल ऑपरेशन हुआ है।

जिला मुख्यालय सारंगढ़ से दूर ग्राम झिलगिटार के प्राथमिक विद्यालय में चिरायु टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान पाया कि 10 वर्षीय बच्ची सीमा जिसके दाहिने हाथ की कोहनी 90 डिग्री के एंगल से मुड़ी हुई है जो सीधा नहीं हो रही थी, जिसे मेडिकल भाषा में कॉंट्रेक्चर ऑफ राइट एल्बो या डिस्टल ऑर्थोग्रैपोसिस ऑफ राइट एल्बो के नाम से जाना जाता है। चिरायु टीम ने इस समस्या को संज्ञान में लेते हुए तत्काल आईडी 1030752804 से रायपुर रिफर किया।

13 फरवरी 2023 को डॉ रमन श्रीवास्तव (पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक) के मार्गदर्शन में डीकेएस अस्पताल रायपुर में भर्ती कर 16 फरवरी 2023 को प्रथम बार सर्जरी/कास्टिंग की गई। कुछ दिनों बाद कास्टिंग ओपन कर सॉफ्टनेस देखा गया। ऑपरेशन के पहले बीच में 6 बार बुलाकर कास्टिंग की गई थी। दो माह के बाद में 11 अप्रैल और 15 अप्रैल 2023 को डीकेएस के पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक सर्जन के सुपरविजन में भर्ती कर एल्बो सॉफ्ट टिसू रिलीज सर्जरी पूरी की गई। बच्ची अब सामान्य बच्चों की तरह अपने हाथ को पूरी तरह से सीधा कर पाएगी और उसके जीवन में उमंग भरी खुशियां लौट के आ गई है।

अमूमन निजी अस्पतालों में ऐसे ऑपरेशन से लाखों रुपए खर्च हो जाते हैं किंतु छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम 'चिरायु' के तहत सीमा के हाथ का ऑपरेशन पूर्णतः निःशुल्क हुआ है। माता-पिता और परिजनों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कलेक्टर, चिरायु स्वास्थ्य कार्यक्रम और चिरायु टीम का प्रशंसा कर धन्यवाद दिया है। उल्लेखनीय है कि सीमा के हाथ के सफल ऑपरेशन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सारंगढ़ के बीएमओ, डीपीएम, जिला नोडल अधिकारी (चिरायु) व समस्त चिरायु टीम सारंगढ़ का अहम योगदान रहा है।

Health Camp : सोहम अस्पताल में निःशुल्क पथरी जांच शिविर 15 को

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महासमुन्द : सोहम हॉस्पिटल लभराखुर्द (महासमुन्द) में 15 अप्रैल दिन शनिवार को विशाल निः शुल्क यूरोलॉजी (पथरी जांच) कैंप आयोजित किया जा रहा है। डॉ युगल चंद्राकर ने बताया कि शिविर में मूत्र एवं पथरी जांच , परामर्श एवं आवश्यकतानुसार ऑपरेशन किया जाएगा। विशेषज्ञ डॉक्टर आकाश अग्रवाल (MBBS,MS,MCH) सोहम हॉस्पिटल महासमुंद में सेवा देने उपलब्ध रहेंगे। अग्रिम रजिस्ट्रेशन एवं पंजीयन हेतु संपर्क कर सकते हैं-7803008904


उपलब्ध सेवाएं

• किडनी की पथरी का समुचित इलाज एवं सर्जरी
•प्रोस्टेट का इलाज एवं सर्जरी
• किडनी की सूजन एवं सिकुड़न का इलाज .पुरुषों में बांझपन नपुंसकता का इलाज
• मूत्रकोष का संक्रमण एवं मूत्र नली का सिकुड़न किडनी,प्रोस्टेट एवन टेस्टिस के कैंसर का इलाज
• पेशाब का रूक रूक कर आना , लीक करना या खून आने का उपचार
• पीडियाट्रिक यूरोलॉजी की सेवाएं
• इमरजेंसी यूरोलॉजी की सेवाएं , ट्रॉमा से लेकर किडनी में यूरीन ब्लॉकेज तक।

छुईखदान धसने से पांच महिला सहित 6 की मौत, 3 ग्रामीण घायल

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जगदलपुर। मालगांव स्थित छुईखदान के धसने से उसमें दबकर छह ग्रामीणों की मौत हो गई है। इनमें पांच महिलाएं शामिल हैं। वहीं, तीन अन्य ग्रामीण घायल हो गए हैं। नगर पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि नगरनार थाना क्षेत्र के मालगांव के ग्रामीण, घरों की पुताई के लिए गांव के ही छुईखदान गए हुए थे। छह लोग छुई निकालने के लिए खदान के अंदर गए थे, जबकि तीन लोग बाहर रहकर मदद कर रहे थे। इसी दौरान दोपहर लगभग एक बजे छुईखदान अचानक धंस गई।



सूचना मिलने पर पुलिस और एस.डी.आर.एफ. की टीम तत्काल वहां पहुंची और रेक्स्यू ऑपरेशन चलाकर ग्रामीणों को बाहर निकालना शुरू किया। इस दौरान खदान में दबने से छह लोगों की मौत हो गई। वहीं, घायल तीन अन्य लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस दुर्घटना पर शोक व्यक्त करते हुए इस दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को चार-चार लाख रूपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है।

मोतियाबिंद की वजह से दृष्टिहीन 50 हजार लोगों का सफल ऑपरेशन

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कबीरधाम। छत्तीसगढ़ का कबीरधाम देश का पहला जिला बन गया है, जहां मोतियाबिंद के कारण दृष्टिहीन हो चुके चिन्हांकित सभी लोगों की आंखों की रौशनी लौटाई जा चुकी है। सितंबर दो हजार इक्कीस में कबीरधाम जिले में दोनों आंखों में मोतियाबिंद के कारण दृष्टिहीन एक हजार एक सौ अट्ठाईस और एक आंख में मोतियाबिंद दृष्टिहीनता वाले दो हजार एक सौ चौबीस व्यक्ति चिन्हांकित किए गए थे। स्वास्थ्य विभाग ने बीते अगस्त माह में इन सभी लोगों के ऑपरेशन का लक्ष्य हासिल कर लिया है।



वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान की समीक्षा बैठक में केन्द्र सरकार के अधिकारियों ने इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ राज्य की प्रशंसा की है। राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी डॉक्टर सुभाष मिश्रा ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष दो हजार बाईस-तेईस में प्रदेश में अब तक मोतियाबिंद की वजह से दृष्टिहीन उनचास हजार तीन सौ उनयासी लोगों का सफल ऑपरेशन किया जा चुका है।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाए जा रहे सीसीटीवी कैमरा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली कई एक्सप्रेस और मेमू ट्रेनों में यात्रियों के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा अब तक एक सौ नब्बे कोच में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। जिनमें यह सुविधा शुरू की गई है, उनमें दुर्ग-निज़ामुद्दीन एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, बिलासपुर-भगत की कोठी और दुर्ग-जम्मूतवी एक्सप्रेस जैसी कई ट्रेनें शामिल हैं। 


 

इसी तरह, बल्लारसाह-गोंदिया, चांदाफ़ोर्ट-गोंदिया मेमु सहित बारह स्पेयर कोचों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा प्लेटफार्म और स्टेशन परिसरों में भी कैमरे लगाए जा रहे हैं। अब तक बारह स्टेशनों में लगभग तीन सौ साठ कैमरे लगाए गए हैं। इस बीच, दक्षिण-पूर्व मध्य रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान अपने साथ ज्वलनशील और विस्फोटक पदार्थ न ले जाएं। ऐसा करना दण्डनीय अपराध भी है। दीपावली को देखते हुए रेल प्रशासन और रेलवे पुलिस द्वारा अभियान चलाकर स्टेशनों में सघन जांच की जा रही है।

इस बीच, मानव तस्करी के खिलाफ दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल ने ऑपरेशन आहट शुरू किया है। यह ऑपरेशन विशेषकर बच्चों और महिलाओं की तस्करी के खिलाफ चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत आज रायपुर में रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी के अधिकारियों और बल सदस्यों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री ने रमदहा जलप्रपात में हुए हादसे पर दुःख व्यक्त किया

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रमदहा जलप्रपात में हुए हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त किया है साथ ही मुख्यमंत्री ने कोरिया कलेक्टर को रेस्क्यू ऑपरेशन पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। ज्ञातव्य है कि रमदहा जलप्रपात के बाहर बोर्ड में स्पष्ट चेतावनी लिखी है कि यहां नहाना सख्त मना है। इसके बाद भी परिवार वहां नहाने गया था। इन लोगों के द्वारा चेतावनी बोर्ड का पालन नहीं किया गया था।



उल्लेखनीय है कि आज रमदहा जलप्रपात में बैकुंठपुर मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर में एक दुखद हादसा हुआ है, जिसमें मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के 7 लोग पानी में डूब गए, जिसमें से 2 को बाहर निकाल लिया गया है, जिन्हें अस्पताल भेजा गया है, जिसमें से एक की मृत्यु हो गयी है। दूसरे की हालत अभी सही है। शेष 5 लोगों की तलाश जारी है। सभी मध्यप्रदेश के निवासी हैं। पुलिस प्रशासन की टीम लगातार सर्चिंग कर रही है। इन लोगों के परिवार से भी सम्पर्क कर लिया है।

पांच लाख रूपये का इनामी माओवादी मुठभेड़ में मारा गया

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दंतेवाड़ा। जिले में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में एक माओवादी मारा गया है। उस पर पांच लाख रूपये का इनाम घोषित था और थाने में इसके खिलाफ उन्नीस मामले दर्ज थे। मिली जानकारी के अनुसार कटेकल्याण थाना क्षेत्र के जबरामेटा के जंगलों में बीती देर रात गश्त पर निकले पुलिस जवानों और माओवादियों के बीच यह मुठभेड़ हुई। इलाके की तलाशी के दौरान पुलिस ने माओवादी का शव बरामद कर लिया है, जिसकी पहचान बुधराम मरकाम के रूप में की गई है।



इधर, आगामी अट्ठाईस जुलाई से दो अगस्त के बीच माओवादियों के शहीद सप्ताह को देखते हुए राजनांदगांव जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने जिले के माओवाद प्रभावित मानपुर, खड़गांव, सीतागांव और मदनवाड़ा के अलावा गातापार, बोरतलाव जैसे सरहदी क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में उन्होंने थाना, चौकी और कैम्प प्रभारियों की एक बैठक भी ली।

रायपुर शहर को मोतियाबिंद मुक्त बनाने शुरू हुआ अभियान

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रायपुर। शहर को मोतियाबिंद मुक्त बनाने के उद्देश्य से मोतियाबिंद मुक्त अभियान शुरू किया गया है । इस अभियान का उद्देश्य लोगों को मोतियाबिंद के खतरे से बचाना और समय पर नेत्र जांच कर मोतियाबिंद के इलाज को सुनिश्चित करना है। इसमें शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम (एसएसके) की एएनएम  द्वारा सर्वे किया जा रहा है। अभियान की नोडल अधिकारी डॉ. निधि अत्रीवाल ने बताया: “इस अभियान में रायपुर शहर के प्रत्येक वार्ड में मोतियाबिंद सर्वेक्षण कर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑपरेशन के लिए चिन्हांकित किया जाएगा।



मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए  चिन्हांकित मरीजों को लाने और ले जाने की निशुल्क वाहन सुविधा प्रदान की जाएगी। मोतियाबिंद ऑपरेशन लेंस प्रत्यारोपण पद्धति द्वारा अत्याधुनिक मशीनों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा निशुल्क में किया जाएगा। जिला स्वास्थ्य समिति जिला रायपुर इस संबंध में आम जनता से अपील भी करती है कि जिस घर में 40 वर्ष से ऊपर के व्यक्ति जिसको कम दिखाई देता है वह अपना चेकअप सर्वे के दौरान जरूर करवाएं एवं नेत्र जांच एवं उपचार करवाएं।‘’

रायपुर शहर को मोतियाबिंद मुक्त अभियान की जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के मीडिया प्रभारी गजेंद्र डोंगरे ने बताया: “यह अभियान “रायपुर ने ठाना है मोतियाबिंद मिटाना है" की थीम पर शुरू किया गया है जो 5 जुलाई से 25 जुलाई तक चलेगा। प्रतिदिन एएनएम द्वारा सर्वे की जानकारी नेत्र सहायक अधिकारी को देगी जो मॉनिटरिंग एवं सत्यापन करेंगे ।‘’

क्या है मोतियाबिंद

आंखों का एक सामान्य रोग है। प्रायः 55 वर्ष की आयु से अधिक के लोगों में मोतियाबिंद होता है, किन्तु युवा लोग भी इससे प्रतिरक्षित नहीं हैं। मोतियाबिंद विश्व भर में अंधत्‍व के मुख्य कारण हैं।

मोतियाबिंद के लक्षण

दृष्टि में धुंधलापन या अस्पष्टता; बुजुर्गों में निकट दृष्टि दोष में निरंतर बढ़ोतरी: रंगों को देखने की क्षमता में बदलाव क्योंकि लेंस एक फ़िल्टर की तरह काम करता है; रात में ड्राइविंग में दिक्कत आना जैसे सामने से आती गाड़ी की हैडलाइट से आँखें चैंधियाना या दिन के समय आँखें चैंधियाना: दोहरी दृष्टि (डबल विज़न); चश्मे के नंबर में अचानक बदलाव आना; और दोनों आँखों के पावर में असंतुलन के चलते सर दर्द।

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