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मैं भाग्यशाली कि पति के साथ रामलला दर्शन का मौका मिला : रामाबाई ने किया रामलला का दर्शन

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रायपुर। खेती-किसानी में उलझे द्वारिका पटेल ने कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन उन्हें भी मुफ्त में तीर्थ यात्रा का मौका मिलेगा। उनकी पत्नी रामाबाई को भी कभी लगता नहीं था कि वह अपने पति के साथ रामलला का दर्शन करने अयोध्या जा पाएगी। जब से अयोध्या में मंदिर बना और रामलला विराजमान हुए तब से रामाबाई की इच्छा थी कि वह भी भगवान राम का दर्शन करें।

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा तीर्थ यात्रियों का चयन किए जाने के लिए आवेदन मंगाए जाने पर पटेल दम्पति ने अपना आवेदन जमा किया और ये भाग्यशाली रहे कि लॉटरी में भी दोनों का नाम निकल आया। अपना नाम आने के बाद खुद को सौभाग्यशाली मानते हुए पति-पत्नी ने खुशी-खुशी कोरबा से अयोध्या तक यात्रा की। अयोध्या से रामलला का दर्शन करने के बाद खुद को धन्य समझने वाले पटेल दम्पति ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित छत्तीसगढ़ की सरकार को कोटि-कोटि धन्यवाद दिया।

रामलला दर्शन तीर्थ यात्रा के यादगार पलों को बताते हुए द्वारिका प्रसाद खुद को बहुत रोमांचित महसूस करते हैं। पाली विकासखंड के ग्राम चैतमा में रहने वाले किसान द्वारिका पटेल ने बताया कि पत्नी रामाबाई के साथ रामलला दर्शन के लिए चयन होने के बाद दोनों कोरबा से बस में सवार होकर बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां अन्य यात्रियों के साथ सभी का स्वागत अभिनंदन किया गया। स्पेशल ट्रेन में सवार होने के बाद वे अयोध्या तक पहुंचे। इस दौरान ट्रेन में भजन-कीर्तन का माहौल था और भगवान राम के जयकारे के साथ लंबी दूरी की यात्रा का पता ही न चला। अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर और उनकी प्रतिमा का दर्शन बहुत ही सुखद अनुभूति कराने वाला अविस्मरणीय पल था।

रामाबाई ने बताया कि तीर्थ यात्रा में पति के साथ जाने का मौका मिला। अन्य तीर्थ यात्रियों के बीच मेल मिलाप और पारिवारिक रिश्ते जैसे अनुभव हुए। उन्होंने कहा कि यात्रा यादगार रही। अभी भी उस यात्रा को याद करने पर भगवान रामलला आंखों में दिखाई देते हैं। रामाबाई ने बताया कि हम दोनों दिन भर खेती किसानी के कार्य में व्यस्त रहते हैं और अपने गांव के आसपास से कही और नहीं जा पाते। छत्तीसगढ़ की सरकार ने घर से लेकर अयोध्या तक बस, स्पेशल ट्रेन और नाश्ते-भोजन के साथ रहने की व्यवस्था की और बिना पैसा लिए निःशुल्क में श्री रामलला दर्शन तीर्थ यात्रा योजना के माध्यम से हम जैसे परिवारों को सुनहरा मौका दिया उसके लिए हम हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।

माता कौशल्या को तिजा लेने अयोध्या गए छत्तीसगढ़ के कलाकार, अयोध्या की मिट्टी से बनेगी दीदी कौशल्या की प्रतिमा

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 आरंग। गत वर्षानुसार इस वर्ष भी चित्रोत्पला लोक कला परिषद द्वारा माता कौशल्या संग तीजा पर्व चंदखुरी में मनाने की तैयारियां की जा रही है।जिसके लिए संस्था के दो वरिष्ठ सदस्य ग्राम बोड़रा निवासी डॉक्टर पुरुषोत्तम चंद्राकर एवं हेमलाल पटेल माता कौशल्या को तीजा लाने अयोध्या गए हुए हैं।


डाक्टर पुरुषोत्तम ने बताया माता कौशल्या को तीजा के लेने छत्तीसगढ़ी पकवान ठेठरी, खुरमी लेकर गये थे। अयोध्या में दशरथ भवन के मुख्य पुजारी महंत निरंजन दास द्वारा कलाकारों को पूजा पाठ कर पवित्र मिट्टी सौंपा गया।जिसे लेकर कलाकार द्वय रायपुर के लिए रवाना हुए। रविवार को दोपहर 12 बजे रायपुर के रेलवे स्टेशन में बाजा गाजा के साथ माता कौशल्या के मूर्ति के लिए लाये पवित्र मिट्टी व लिवाने गए कलाकारों का भव्य स्वागत अभिनंदन किया जाएगा।वहीं चित्रोत्पला लोक कला परिषद के सदस्यों ने दीदी कौशल्या के प्रतीकात्मक रूप से छत्तीसगढ़ आगमन पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने अपील किए हैं।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के रायपुर जिला के नगर पंचायत चंदखुरी में माता कौशल्या का भव्य मंदिर है। उन्हें कोशल प्रदेश (प्राचीन छत्तीसगढ़) की बेटी होने की मान्यता प्राप्त है। छत्तीसगढ़ के तीज त्योहार के रीति अनुसार सभी बहन-बेटी अपने मायके में तीजा मानने आती हैं, इसी मान्यता को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ की बेटी कौशल्या को अयोध्या से चंदखुरी लाने और तीजा मनाने लोक कलाकार अयोध्या गए थे।

चित्रोत्पला लोक कला परिषद के संस्थापक राकेश तिवारी ने बताया सभी कलाकार बिरादरी और सर्व समाज के द्वारा पूजा-अर्चना कर स्वागत पश्चात पवित्र मिट्टी को छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध मूर्तिकार पीलू राम साहू (निमोरा) को माता कौशल्या की सुंदर मूर्ति बनाने के लिए सौंपा जाएगा।पीलू साहू द्वारा प्रभु श्रीरामचंद्र के बाल रूप को कौशल्या माता की गोद में बैठे हुए मूर्ति बनाई जाएगी। उक्त आयोजन चित्रोत्पला लोक कला परिषद रायपुर के निर्देशक और आयोजक राकेश तिवारी की परिकल्पना में किया जा रहा है। जिसके व्यापक प्रचार प्रसार का दायित्व नगर के स्वयं सेवी सामाजिक संगठन पीपला फाउंडेशन को दिया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव के साथ पूरा मंत्रिमंडल कल जाएगा अयोध्या, करेंगे रामलला के दर्शन

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रायपुर : शनिवार यानी 13 जुलाई को छत्तीसगढ़ सरकार रामलला के दरबार में उपस्थित होकर हाजिरी देगी।  


मुख्यमंत्री और सभी मंत्री चार्टड विमान से अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करेंगे .

बता दें कि भाजपा ने अपने विधानसभा के घोषणा पत्र में रामलला दर्शन योजना का उल्लेख किया था और सरकार बनने पर इस योजना को लागू किया है. इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के लोग लगातार अयोध्या का दौरा कर रामलला के दर्शन कर रहे हैं.


दस हजार दीयों से जगमग हुआ तुरतुरिया धाम

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रायपुर। अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर बलौदाबाजार-भाटापारा जिला राममय हो गया। इस एतिहासिक दिन का साक्षी बना राम वन गमन परिपथ में शामिल लव कुश की जन्म स्थली तुरतुरिया धाम। जहां पर शाम होते ही 10 हजार राम ज्योति प्रज्ज्वलित किए गए। जिससे पूरा तुरतुरिया धाम जगमग हो गया।

वन विभाग एवं जिला प्रशासन के तत्वाधान में आयोजित किए गए इस विशेष दीपोत्सव में शाम होते ही दीप जलाने के लिए आसपास के ग्रामीण एवं श्रध्दालुओं बड़ी संख्या में पहुँचने लगे। वाल्मिकी आश्रम से लेकर बालमदेही नदी एवं मातागढ़ तक दीपक जलाए गए। इसके साथ ही प्रवेश द्वार, आईसीटी सेंटर, पार्किंग स्थल, गार्डन एवं अन्य स्थलों में दीपक सहित रंगबिरंगी लाईटों से पूरे स्थल को रोशनी से सजाया गया था। इस मौके पर लोग ने उत्साह के साथ बढ़-चढ़कर भाग लिया। कई ग्रामीणों ने तो घर से ही दीपक सजाकर आये थे।

दीपोत्सव पर जनसंपर्क विभाग द्वारा कला जत्था के माध्यम से प्रभु राम के आदर्शों पर आधारित प्रस्तुति दी गई। इस मौके पर जनपद पंचायत अध्यक्ष सिद्धांत मिश्रा, स्थानीय जनप्रतिनिधि गण, बारनवापारा अभ्यारण्य अधीक्षक, वन विभाग एसडीओ, जनपद पंचायत सीईओ, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी सहित आसपास के ग्रामीण श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

राममय हुआ महासमुंद : विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने किया भगवान राम की आरती

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महासमुंद। अयोध्या में हुए आज राम लला के प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक पल में महासमुंद नगरवासी गवाही बने। स्थानीय विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा सपत्नीक भगवान राम की पूजा अर्चना कर जिले वासियों की सुख समृद्धि की कामना की।

आज स्थानीय कचहरी चौक के हनुमान मंदिर में पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा सहित कलेक्टर प्रभात मलिक, एसपी राजेश कुकरेजा, वनमंडलाधिकारी पंकज राजपूत सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं शहर के श्रद्धालु गण बड़ी संख्या में शामिल हुए।  इस अवसर पर जिले के उत्कृष्ट 5 रामायण मंडलियों द्वारा भक्तिमय राम भजन की प्रस्तुति की गई। प्रस्तुति के पश्चात विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा द्वारा शॉल और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। जिसमें श्रोतागण राम भक्ति में झूमते नजर आए। अयोध्या में हुए राम लला प्राण प्रतिष्ठा के लाइव प्रसारण को देखने सभी अतिथिगण एवं नागरिकगण शामिल हुए।

इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि संदीप दीवान, पूर्व युवा आयोग के सदस्य प्रशांत श्रीवास्तव, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष पवन पटेल, दिग्विजय साहू, सतपाल सिंह पाली, प्रकाश शर्मा, श्रीमती नीलम दीवान, मुन्ना साहू, राजेंद्र साहू, निरंजना शर्मा अन्य प्रतिनिधिगण, अतिथिगण एवं श्रद्धालु गण शामिल हुए। साथ ही जिले के सभी विकासखंडों के प्रमुख मंदिरों में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जहां अयोध्या से हुए लाइव प्रसारण को देखा गया तथा स्थानीय रामायण मण्डली द्वारा रामायण की भक्तिमय प्रस्तुति की गई। 

प्रशासन द्वारा प्रमुख मंदिरों में लाइव प्रसारण देखने के लिए आवश्यक व्यवस्था की गई थी। महासमुंद विकासखण्ड के ग्राम खैरझिटी, बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत खल्लारी मंदिर प्रांगण में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसी तरह शहर एवं गांव के राम मंदिर समितियों द्वारा भी राम मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की गई। मंदिर प्रांगणों में आज सुबह से ही साफ-सफाई की गई। महासमुंद में विधायक राजू सिन्हा ने साफ-सफाई की। इसके अलावा मंदिरों में विशेष रंगोली चित्रित किया गया। मंदिरों में भोज भंडारा, विशेष पूजा अर्चना की गई। इसी तरह शाम को दीपदान और दीप प्रज्ज्वलन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

रामलला मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर राजभवन में भव्य सजावट

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रायपुर। अयोध्या में राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के अवसर पर आज राजभवन में भव्य सजावट की गई। पूरे परिसर को आकर्षक रंगोलियों से सजाया गया,

रोशनी की गई और 2100 दिये जलाकर दीपोत्सव मनाया गया। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने प्रदेश की जनता को बधाई देते हुए कहा कि भगवान राम का आर्शीवाद हम सब के जीवन में खुशी, समृद्धि और शांति लाए।

 

राम मंदिर देश की आन, बान, शान और स्वाभिमान का प्रतीक : अरुण साव

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज अयोध्या में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के गौरवशाली पल का साक्षी बनने मुंगेली जिले के बरेला में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। बरेला में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री साव और अन्य अतिथियों ने जय राम की आकृति के दीपों का प्रज्वलन कर तथा रामलला की पूजा-अर्चना कर रामोत्सव का शुभारंभ किया।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने रामोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि 500 वर्षों की लंबी तपस्या के बाद भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा हुई है। यह केवल एक मंदिर का निर्माण नहीं है, बल्कि पूरे भारतवासियों की आन, बान, शान और स्वाभिमान का प्रतीक है। प्रभु श्रीराम हम सबके श्रद्धा और आस्था के केन्द्र हैं। उनके बताए रास्ते से दुनिया में सुख, शांति और समृद्धि आ सकती है। उन्होंने कहा कि आज भगवान राम के इस उत्सव को पूरे देश के लोग मना रहे हैं। लोरमी में भी बेर से बने भगवान राम की आकृति निर्मित करने का रिकॉर्ड बना है। अब पूरा हिन्दुस्तान एक नई दिशा में एक नई सोच के साथ बढ़ेगा तथा छत्तीसगढ़ में रामराज्य का सपना साकार होगा।

साव ने कार्यक्रम में कहा कि छत्तीसगढ़ को खुशहाल और समृद्ध बनाने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हम सभी मिलकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन सहित सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सब के सहयोग से हम राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुंगेली के विधायक पुन्नूलाल मोहले ने कहा कि 500 वर्षों की कठिन मेहनत के बाद आज रामलला की अपने स्थान पर प्राण प्रतिष्ठा हुई है। छत्तीसगढ़ भगवान राम का ननिहाल है। हमारी सरकार ने सभी जिलों और विकासखंडों में रामोत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया था। प्रभु श्रीराम आदर्श जीवन के प्रतीक रहे हैं। भगवान राम ने अपने आचरण से सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया, इसलिए उनको मर्यादा पुरूषोत्तम राम कहा जाता है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए शांति के मार्ग पर चलते हुए लोगों की सेवा करने के लिए प्रेरित किया।

मानस मंडलियों की भक्तिमय प्रस्तुति, चेक एवं वाद्य यंत्र वितरित कर किया गया सम्मानित

बरेला में आयोजित कार्यक्रम में रामायण मंडलियों के मानस भजन कीर्तन से पूरा माहौल राम नाम की धुन से गुंजित हो गया। रामायण मंडलियों ने मानस गायन के माध्यम से रामकथा का रसपान कराया। मानस मंडलियों को अतिथियों ने चेक एवं वाद्य यंत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

उप मुख्यमंत्री साव ने कार सेवकों को शॉल और श्रीफल भेंटकर किया सम्मानित

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मंदिर निर्माण में सहयोग देने वाले कार सेवकों को सम्मानित किया। उन्होंने विधायक पुन्नुलाल मोहले, द्वारिका जायसवाल, मोहन भोजवानी और अन्य कारसेवकों को शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में लोरमी के पूर्व विधायक तोखन साहू, जिला पंचायत की सदस्य श्रीमती दुर्गा उमाशंकर साहू, मुंगेली के कलेक्टर राहुल देव, पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह, वनमंडलाधिकारी सत्यदेव शर्मा और जिला पंचायत के सीईओ प्रभाकर पांडेय सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे।

 

 

‘राम आयेंगे’ विषय पर कार्टून प्रदर्शनी ने लोगों का मन मोहा

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रायपुर। अयोध्या में प्रभु रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर राजधानी रायपुर में जगह-जगह विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में तेलीबांधा में आज कार्टून वॉच पत्रिका द्वारा राम आयेंगेविषय पर प्रदर्शनी आयोजित की गई। प्रदर्शनी में कार्टून प्रतियोगिता के चयनित कार्टूनों को शामिल किया गया, जिसे लोगों की खूब सराहना मिली।

प्रदर्शनी का अवलोकन करने पहुंचे लोगों ने कहा कि यह एक अभिनव और रोचक पहल है। देश के विभिन्न हिस्सों से आए इन कार्टूनों से पता चलता है कि लोगों की राम के प्रति कितनी आस्था है। इस प्रदर्शनी में अयोध्या राम मंदिर तक का सफर विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। जानकारी को लोग गंभीरता से पढ़ते दिखे और उत्सुकता के साथ वीडियो भी बनाया। उक्त प्रतियोगिता और प्रदर्शनी का आयोजन जनसंपर्क विभाग के सहयोग से किया गया।

कार्टून वॉच के त्रयंबक शर्मा ने बताया कि पत्रिका का प्राण प्रतिष्ठाअंक भी प्रकाशित किया गया है, जिसमें सभी पुरस्कृत प्रविष्टियां शामिल की गई हैं। प्रविष्टियों में दिल्ली, बैंगलौर, हैदराबाद, नासिक, चेन्नई, तेलंगाना, आन्ध्रप्रदेश और छत्तीसगढ़ के कार्टूनिस्ट शामिल हैं। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप पंडित, कार्टून वॉच के मेहूल कुमार, यश टिकनायत, अंजली शर्मा, आरती शर्मा, अक्षत सिंह, अदिति शर्मा, गरिमा जोशी सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।

500 साल का इंतजार हुआ पूरा, अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा ऐतिहासिक क्षण : अरुण साव

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज अयोध्या में नवनिर्मित श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर लोरमी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों और जनप्रतिनिधियों के साथ अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का सीधा प्रसारण देखा और इसके साक्षी बने। 

कार्यक्रम में अतिथियों का तिलक लगाकर और गमछा भेंटकर स्वागत किया गया। पूरे देश की तरह मुंगेली जिले में भी आज हर तरफ हर्ष और उल्लास का माहौल रहा। जिले में दिनभर पूरा वातावरण राममय रहा। लोगों ने स्वस्फूर्त जगह-जगह विविध कार्यक्रम आयोजित किए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोरमी के हाई स्कूल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में रामलला की बेर से बनी आकृति का दर्शन किया और महाआरती में शामिल होकर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज ऐतिहासिक क्षण है। 

अयोध्या धाम में नवनिर्मित श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का आयोजन किया गया है। पिछले 500 साल से रामभक्त आज के इस ऐतिहासिक दिन का इंतजार कर रहे थे। आज भगवान राम के इस उत्सव को पूरे देश के लोग अपने-अपने तरीके से मना रहे हैं। हर गली, हर मोहल्ले को सजाया गया है। अनेक धार्मिक और सामाजिक संगठनों द्वारा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। ये आयोजन भगवान राम के प्रति लोगों के स्नेह, श्रद्धा और सम्मान को दर्शा रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान राम का ननिहाल है, जिसके कारण यहां खुशी और उमंग बहुत ज्यादा है। आज दीपावली जैसा उत्सव का वातावरण है। ऐसे माहौल में लोरमी भी किसी से पीछे नहीं रहने वाला है। जिस बेर को शबरी माता ने भगवान राम को खिलाया था, वैसे पांच टन बेर से भगवान राम की आकृति बनाने का रिकॉर्ड यहां की धरती पर बना है। उन्होने कहा कि यह केवल एक मंदिर का निर्माण नहीं है, बल्कि पूरे भारतवासियों के मान-सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है। एक स्वाभिमानी, समृद्ध, आत्मनिर्भर और खुशहाल भारत की मजबूत नींव का निर्माण आज अयोध्या में भगवान राम के मंदिर निर्माण के साथ हुई है। उन्होंने इसके लिए पूरे छत्तीसगढ़ की जनता को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

बेर से बनी रामलला की आकृति रही आकर्षण का केन्द्र

अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर लोरमी के हाई स्कूल मैदान में पांच टन बेर से भगवान श्रीराम के बालरूप की आकृति बनाई गई, जो लोगों के खासे आकर्षण का केंद्र रहा। बड़ी संख्या में लोग इसका दर्शन करने पहुंचे। इस आकृति की खास बात यह है कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के जिस बालरूप की प्राण प्रतिष्ठा हुई है, उसी बालरूप की आकृति मैदान में बेर से उकेरी गई है। इस आकृति को 30 से अधिक कलाकारों ने 22 घंटे की कड़ी मेहनत से बनाया है, जो अपने आप में अनूठा रिकॉर्ड है।

 कार्यक्रम के दौरान भक्तिमय गाने पर जमकर झूमे उप मुख्यमंत्री, मानस मंडलियों को किया सम्मानित

प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के अवसर पर कलाकारों द्वारा भक्तिमय सांस्कृतिक कार्यक्रम, मानस गायन और भगवान श्रीराम द्वारा शबरी के जूठे बेर खाते हुए झांकी की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। इस दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव भी अपने आप को भक्तिमय वातावरण में झूमने से नहीं रोक सके और वहां उपस्थित अतिथियों के साथ भक्तिमय गाने सुनकर जमकर झूमे। उन्होंने कार्यक्रम में मानस मंडलियों को पांच-पांच हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि तथा तबला व हरमोनियम प्रदान कर सम्मानित किया।

साव ने लोरमी के मानस मंच में नवनिर्मित राम दरबार में भी पहुंचकर दर्शन किया और महाआरती में शामिल होकर सभी की खुशहाली की कामना की। नगरवासियों के सहयोग से मात्र 11 दिनों में ही इस राम दरबार का निर्माण किया गया है। मुंगेली के कलेक्टर राहुल देव, पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह, वन मंडलाधिकारी सत्यदेव शर्मा, जिला पंचायत के सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, पूर्व विधायक तोखन साहू, जिला पंचायत की सदस्य श्रीमती शीलू साहू और श्रीमती दुर्गा उमाशंकर साहू सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।   

रामलला की आप भी देखें झलक , माथे पर तिलक और हाथों में धनुष-बाण… पहली पूर्ण तस्वीर आई सामने

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 Ram Mandir Pran Pratishtha: अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला के प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होना है। जिसके लिए तैयारियां तेजी से चल रही है। इस बीच रामलला की तस्वीर सामने आई गई है। इस तस्वीर में भगवान राम अपने बाएं हाथ में धनुष और दाएं हाथ में तीर थामे हुए हैं। इस तस्वीर में 5 वर्षीय बालक के रूप में भगवान राम के मुस्कुराते चेहरे की झलक दिख रही है। इस मूर्ति में कई खास तस्वीरें उकेरी गई है। इसमें ऊं, गणेश, चक्र, हनुमान, कमलनयन, स्वास्तिक, गदा, शंख की तस्वीरें उकेरी गई है।


बता दें कि अयोध्या से 19 जनवरी की सुबह सामने आई इस पहली तस्वीर में रामलला की प्रतिमा की आंखों पर पट्टी लगी हुई थी लेकिन अब सामने आई तस्वीर से रामलला की प्रतिमा की आखों से पट्टी हट चुकी है और इस तस्वीर में रामलला की प्रतिमा की पूरी झलक दिखाई दे रही है.


बता दें कि रामलला के इस बाल स्वरूप की मूर्ति से आस्था और आध्यात्म की साक्षात झलक मिलती है. वहीं राम की सादगी और कोमलता पहली नजरों में निहारने से साफ दिखाई दे रही है. इसके अलावा भगवान राम के मस्तक पर लगा तिलक सनातन धर्म की विराटता समाए हुए हैं. वहीं मूर्ति में ऊं, गणेश, चक्र, शंख, गदा, स्वास्तिक और हनुमान की आकृतियां भी बनी हुई है.

 

22 जनवरी को ननिहाल छत्तीसगढ़ में भी धूमधाम से मनेगा रामोत्सव - संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के शिक्षा, धर्मस्व एवम संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने अयोध्या में आयोजित श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा-रामोत्सवअवसर  पर 22 जनवरी 2024 को छत्तीसगढ़ में भी भव्य एवं वृहद रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन करने के निर्देश विभाग को दिए है। इस संबंध में कार्ययोजना बनाकर राज्य के सभी कलेक्टर को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

राज्य शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में आयोजित श्रीरामलला प्राण प्रतिष्ठा-रामोत्सवके मद्देनजर राज्य भर में भव्य रूप से भक्तिमय सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उक्त आयोजन तीन स्तरों में संभागीय/जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर होगा। इस आयोजन में मानस मंडलियों को जोड़ा जाना है। राज्य के प्रत्येक जिलों में संचालनालय संस्कृति एवं राजभाषा के साथ पंजीकृत क्रियाशील लगभग 4700 मानस मंडलियां हैं।

 राज्य शासन के घोषणा अनुरूप इन सभी मानस मंडलियों को प्रोत्साहन स्वरूप प्रत्येक मंडली को 5000 रूपए प्रदाय करने का निर्णय लिया गया है। उक्त निर्णय अनुरूप जिलेवार मानस मंडलियों की सूची एवं तदानुसार धनराशि का आबंटन संचालनालय, संस्कृति एवं राजभाषा द्वारा सीधे प्रत्येक कलेक्टरों को उपलब्ध कराया जा रहा है। जिसका शीघ्रता के साथ वितरण किए जाने की बात कही गई है ताकि  भव्य आयोजनों में इन मानस मंडलियों को पूरा उत्सुकता के साथ भाग लेने के लिए प्रेरित किया जा सके।

इसके साथ ही प्रत्येक जिला स्तरीय संस्थानों, विकासखण्ड स्तरीय, धार्मिक ट्रस्टों, मंदिर समितियों के साथ समन्वय करके उनके सहयोग के साथ जन जन के धार्मिक महत्व के इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों को इस आयोजन में भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उक्त दिवस में भवनों में प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

कार्यक्रम की रूपरेखा

प्रत्येक विकासखण्ड स्तर से कम से कम ऐसे एक विशिष्ट मंदिर में 22 जनवरी, 2024 को दीप प्रज्जवलन, दीपदान एवं लाईटिंग व्यवस्था की जाए। इस मंदिर प्रांगण में प्रत्येक विकासखण्ड स्तर पर क्षेत्र के 05 मानस मंडलियों के मानस गायन का आयोजन इस दिवस आयोजित किया जायेगा। उसी तरह प्रत्येक संभाग एवं जिला मुख्यालयों में भी कम से कम एक प्रतिष्ठित मंदिर तय कर उपरोक्त वर्णन अनुसार भव्य आयोजन किया जायेगा।

बजट आवंटन

विकासखण्ड स्तर पर आवश्यक कार्यक्रम व्यवस्था हेतु राशि 25000 रूपए, प्रत्येक विकासखण्ड में पंजीकृत 05 मानस गायन दलों के लिए प्रोत्साहन राशि 5000 रूपए के मान से संभाग स्तरीय कार्यक्रम आयोजन हेतु राशि एक लाख रूपए के मान से तथा संभाग मुख्यालय में पंजीकृत प्रत्येक संभाग से 5-5 मानस गायन दलों के लिए प्रोत्साहन राशि 5000 रूपए के मान से प्रदान किए जायेंगे।

धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रभु राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह संपूर्ण भारतवर्ष के लिए आस्था का विषय है इसलिए सामाजिक संस्था, मंदिर ट्रस्ट, मंदिर समितियों एवं आम जनमानस के सहयोग से यह भव्य और दिव्य आयोजन सफल होगा।

प्रतिमा बनी कौतूहल का विषय, छत्तीसगढ़ी परिधान से सजी, माता कौशल्या

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आरंग। छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार भांचा राम और दीदी कौशल्या को ग्राम बोडरा आरंग निवासी लोक कलाकार डाक्टर पुरुषोत्तम चंद्राकर और रायपुर के नरेन्द्र यादव ने अयोध्या से मिट्टी लाकर प्रतीकात्मक रूप से माता कौशल्या को तीज लेकर आऐं हैं। 

माता कौशल्या को 15 सितंबर को चंदखुरी के पंडवानी गायिका प्रभा यादव के घर विधि विधान से स्थापित करने की तैयारियां जोरों पर है। माता कौशल्या को निमोरा रायपुर के सुप्रसिद्ध मूर्तिकार से बनवाया गया है। जिसे लेकर लोगों में बहुत ही कौतूहल बना हुआ है। भांचा राम और दीदी कौशल्या की मूर्ति को छत्तीसगढ़ी संस्कृति के अनुरूप श्रृंगार किया गया है। दीदी कौशल्या को चुड़ी बंधा,सूता,करधन, सांटी खिनवाजैसे छत्तीसगढ़ी आभूषणो से सुसज्जित किया गया है। 

कलाकार ही संस्कृति के असली संवाहक डाक्टर पुरुषोत्तम 

साथ ही अंडी साड़ी पहनाकर  छत्तीसगढ़ महतारी  की तरह आकर्षक बनाया गया है। वहीं भांचा राम को ताबीज, माला, पैजनीकरधन से श्रृंगार किया गया है। साथ ही उनके हाथ में खिलौना पकड़ाया गया है। कलाकारों की इस पहल को काफी सराहा जा रहा है। माता कौशल्या की प्रतिमा कैसे बनेगी लोगों में कौतूहल का विषय बना हुआ है।लोक कलाकारों द्वारा भांचा राम और दीदी कौशल्या को तीज में किसी भी प्रकार की कमी न हो इसका ध्यान रखा जा रहा है। लोक कलाकार डाक्टर पुरूषोत्तम का कहना है कलाकार ही संस्कृति के असली संवाहक हैं। माता कौशल्या के छत्तीसगढ़ में तीज लाने की परंपरा से नारी शक्तियां और भी गर्व महसूस करेंगी। 

लोग और भी हर्ष और उल्लास से तीज मनाएगें। वहीं आरंग के सामाजिक संगठन पीपला वेलफेयर फाउंडेशन माता कौशल्या को तीज लाने की परंपरा के प्रचार-प्रसार में सहभागिता निभा रहे हैं।फांऊडेशन के सदस्यों का कहना है लोक कलाकारों की यह पहल से छत्तीसगढ़ी संस्कृति को और भी बढ़ावा मिलेगा। आने वाले दिनों में प्रदेश भर में  तीज पर्व पर माता कौशल्या स्थापित किया जा सकता है।अब तक हम भगवान श्रीराम की पूजा आराधना करते हैं। पर  अब माता कौशल्या की भी लक्ष्मी, दुर्गा की तरह मूर्ति स्थापना कर पूजा आराधना होगी। जो हम सबके लिए गौरव की बात है। माता कौशल्या छत्तीसगढ़ महतारी के कोरा से उपजी पली बढ़ी है।

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