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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 103 अमृत भारत स्टेशनों का वर्चुअल उद्घाटन

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रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत विकसित 103 स्टेशनों का लोकार्पण किया। इन स्टेशनों में छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़, भानुप्रतापपुर, भिलाई, उरकुरा और अंबिकापुर स्टेशन भी शामिल है।

इस अवसर पर उरकुरा के रेल्वे स्टेशन में कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमे राज्यपाल रमेन डेका बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने लगभग 10 करोड़ की लागत से पुनर्विकसित उरकुरा स्टेशन का विधिवत लोकार्पण किया। स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं, आकर्षक डिजाइन और सांस्कृतिक वातावरण के साथ यात्रियों के लिए विशेष अनुभव के रूप में तैयार किया गया है।

अमृत भारत स्टेशन के लोकार्पण अवसर पर राज्यपाल डेका ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेल्वे एक अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। अमृत भारत स्टेशन योजना केवल यात्री सुविधाओं के उन्नयन तक सीमित नहीं है बल्कि यह विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि रेल्वे अब केवल यातायात का माध्यम नहीं बल्कि नये भारत की गतिशील अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुकी है। राज्यपाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में इस समय 35 हजार करोड़ रूपये से अधिक की रेवले परियोजनाएं संचालित है और वर्ष 2025-26 के बजट में राज्य को 6925 करोड़ रूपए का ऐतिहासिक आबंटन प्राप्त हुआ है। यह केंद्र सरकार की राज्य के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

डेका ने कहा कि स्टेशनों के विकसित होने से छत्तीसगढ़ में पर्यटन, व्यापार और सांस्कृतिक समन्वय को नई ऊंचाई मिलेंगी। विशेष रूप से जनजातीय, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए रेल्वे एक विकास की मजबूत कड़ी बनकर उभरेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री और भारतीय रेल्वे का छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से आभार प्रकट किया और विश्वास व्यक्त किया कि अमृत भारत स्टेशन सामाजिक, आर्थिक प्रगति में उत्प्रेरक की भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम में उपस्थित वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता मंत्री तथा रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित रेल परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह हमारे राज्य के लिए बहुमूल्य उपहार है।

रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि रेल्वे हमारे देश की जीवन रेखा है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों का विकास हो रहा है। जिसके लिए केंद्र सरकार द्वारा 1680 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए है। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे के महाप्रबंधक तरूण प्रकाश ने दिया। रेल्वे द्वारा आयोजित निबंध प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, गुरू खुशवंत साहेब, सुनील सोनी एवं अन्य जनप्रतिनिधि, रेल्वे के डीआरएम, एडीआरएम अन्य अधिकारी तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन रेल्वे मंडल रायपुर के डीआरएम दयानंद ने किया।

शहरों के बेहतर विकास और जनहित में करें कार्य, लापरवाही की तो होगी कार्रवाई - अरुण साव

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में संभाग के सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों की बैठक लेकर विकास कार्यों की प्रगति और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने अंबिकापुर कलेक्टोरेट में आयोजित बैठक में अधिकारियों को शहरों के सुनियोजित और सुव्यवस्थित विकास के लिए कार्ययोजना बनाकर उसके अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। 

उन्होंने नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को इंजीनियर्स के साथ बेहतर तालमेल से काम करते हुए गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में सभी कार्यों को पूर्ण करने को कहा। उन्होंने विकास और जन सुविधाएं विकसित करने के कामों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. और सरगुजा के कलेक्टर भोसकर विलास संदिपान भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे। 

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक में बताया कि सरगुजा संभाग के विभिन्न नगरीय निकायों को विकास कार्यों के लिए पिछले दस महीनों में अधोसंरचना मद में कुल 141 करोड़ 99 लाख रुपए जारी किए गए हैं। वहीं 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत 44 करोड़ 34 लाख रुपए प्रदान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि विगत दस महीनों में राज्य के नगरीय निकायों को विकास कार्यों के लिए करीब 600 करोड़ रुपए तथा 15वें वित्त आयोग मद में 1450 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।

उन्होंने बैठक में पिछले माह रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में नगरीय निकायों के संचालन, कार्य पद्धति में बदलाव और कार्यालय के रखरखाव पर दिए निर्देशों पर अमल की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आयुक्त और सीएमओ अपनी जिम्मेदारी समझें और शहरों के हित में गंभीरता से कार्य करें। शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाएं। शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाएं। उन्होंने बैठक में स्थानांतरण आदेशों के पालन और जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के दौरान प्राप्त अनिराकृत आवेदनों के निराकरण की भी जानकारी ली।

उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में अधिकारियों को सख्ती से निर्देशित किया कि वे अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से समझें, काम में अरुचि और लापरवाही बिल्कुल अक्षम्य होगी। काम नहीं करने वालों पर कार्यवाही अवश्य ही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा निकायों के विकास के लिए पूरा सहयोग किया जा रहा है। अधिकारी उदासीन न रहें, उत्साह के साथ काम करें। काम में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इंजीनियरों से दो टूक शब्दों में कहा कि कार्य में लेट-लतीफी न करें। फील्ड पर भी समय बिताएं और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करें। शासन द्वारा मांगी गई जानकारियों और प्रस्तावों को व्यवस्थित रूप से भेजें।

 साव ने बैठक में अधिकारियों से सरगुजा संभाग के सभी नगरीय निकायों में अटल परिसर के निर्माण के लिए स्थल चिन्हांकन की जानकारी ली। उन्होंने इसके लिए सभी सीएमओ को अपना प्रस्ताव शीघ्र संबंधित कलेक्टर को भेजने को कहा। उन्होंने दीपावली के तुरंत बाद इस पर काम शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सीएमओ को स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी भी जोर-शोर से करने को कहा। साव ने बैठक में सभी नगरीय निकायों में हर विभाग के बेहतर समन्वय से सुव्यवस्थित और सुनियोजित विकास तथा स्वच्छता एवं सुंदरता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य और अंबिकापुर क्षेत्रीय कार्यालय के संयुक्त संचालक एस.के. सुंदरानी सहित सरगुजा संभाग के सभी नगर निगमों के आयुक्त, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा अभियंता भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल का निर्देश, लापरवाही करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, मानवीय पहलुओं का रखा जाए ध्यान

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रायपुर। सरगुजा जिले के विकासखण्ड अंबिकापुर अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नवानगर में प्रसूता द्वारा जमीन पर प्रसव किए जाने की घटना संज्ञान में आते ही स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने घटना की जांच के निर्देश दिए थे। मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच करवाई गई।

जांच के दौरान बीएमओ, संस्था प्रभारी, बीपीएम, स्टॉफ नर्स, एएनएम एवं स्थानीय मितानिन उपस्थित रहे। जांच के तहत सभी के समक्ष उक्त प्रकरण के बारे में बयान लिया गया, तथा जच्चा-बच्चा प्रसूता महिला एवं नवजात बच्चों को देखा गया। प्रसव को लेकर प्रोटोकॉल का पालन नही करने वाले खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ पी.एन. राजवाड़े को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। रात्रिकालिन स्टॉफ द्वितीय एएनएम श्रीमती मीना चौहान को तत्काल प्रभाव से हटाकर आयुष्मान मंदिर रेवापुर में कार्यादेशित किया गया।

डयूटी में पदस्थ स्टॉफ नर्स बिना पूर्व सूचना के स्टॉफ नर्स कन्या पैंकरा कार्य में अनुपस्थित थी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया, निलंबन अवधि में संबंधित का मुख्यालय शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नवापारा किया गया। निलबंन अवधि में संबंधित को जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं की भविष्य में भी ऐसी गंभीर लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए और मरीजों के मानवीय पहलुओं का विशेष ध्यान रखा जाए।

सैनिक स्कूल अंबिकापुर में कक्षा 6वीं और 9वीं में प्रवेश हेतु ऑनलाईन आवेदन 16 दिसम्बर तक

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रायपुर। सैनिक स्कूल अंबिकापुर में शैक्षणिक सत्र 2024-25 में कक्षा 6वीं और 9वीं में प्रवेश के लिए ऑनलाईन आवेदन की अंतिम तिथि 16 दिसम्बर को शाम 5 बजे तक है। ऑनलाईन आवेदन वेबसाईट www.nta.ac.in या https://exams.nta.ac.in/AISSEE/ पर भरे जा सकेंगे। 

प्रवेश हेतु अखिल भारतीय सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा 21 जनवरी 2024 को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित की जाएगी। सैनिक स्कूल में कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए विद्यार्थी की उम्र 31 मार्च 2024 को 10 से 12 वर्ष और कक्षा 9वीं में प्रवेश के लिए विद्यार्थी की उम्र 13 से 15 वर्ष होनी चाहिए। 

सीट खाली रहने की स्थिति में छात्राओं के लिए कक्षा 6वीं और कक्षा 9वीं में प्रवेश ओपन रखा गया है। छात्राओं के लिए भी उम्र की सीमा छात्रों के समान है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी वेबसाईट www.nta.ac.in पर प्राप्त की जा सकती है।

महामाया एयरपोर्ट के रनवे को देखकर मुख्यमंत्री ने जताई खुशी, कहां सरगुजा की एयर कनेक्टिविटी बढ़ने से यहां पर्यटन को मिलेगा जबरदस्त बढ़ावा

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज अंबिकापुर के महामाया एयरपोर्ट पहुंचे। यहां उन्होंने रनवे देखा और गुणवत्तायुक्त कार्य तय समय पर पूरा होने अधिकारियों की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि सरगुजा में महामाया एयरपोर्ट को विकसित करने के लिए लंबे समय से चर्चा प्रदेश स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर हो रही थी। मैं हमेशा स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव से तथा खाद्य मंत्री अमरजीत भगत से इस संबंध में चर्चा करता था। साथ ही हम लगातार दिल्ली में विमानन मंत्रालय से भी संपर्क में थे।

आज यह एयरपोर्ट बड़े विमानों को उतारने के लिए भी तैयार हो गया है। 48 करोड़ रुपये की लागत से बनी अट्ठारह सौ मीटर एयर स्ट्रिप से यह संभव हो गया है। यह पूरा क्षेत्र 374 एकड़ में है और भविष्य में अधिक संख्या में बड़े विमानों के उतारने के लिए हमने एयरपोर्ट के अधिक विकास के लिए भी कार्य योजना बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 दिनों बाद डीजीसीए की टीम यहां निरीक्षण के लिए आने वाली है। इसके तुरंत बाद हम लाइसेंस के लिए आवेदन लगा देंगे। लाइसेंस के आवेदन लगाने के बाद सामान्यतः 25 दिनों में लाइसेंस जारी हो जाता है।

हम अंबिकापुर से दिल्ली बनारस और रायपुर की फ्लाइट शुरू करने का सुझाव विमानन मंत्रालय को देंगे। सुझाव के स्वीकृत हो जाने से इस क्षेत्र में पर्यटन के विकास की बड़ी संभावनाएं बनेंगी। 3 दिन बनारस की फ्लाइट और 3 दिन दिल्ली की फ्लाइट आरंभ होने से सरगुजा की सुंदरता विमानन रूट के माध्यम से भी उपलब्ध हो जाएगी और लोग सहजता से सरगुजा पहुंच पाएंगे। सरगुजा की खूबसूरती विलक्षण है और अब विमानन सुविधा उपलब्ध होने से पूरे देश के पर्यटक यहां के जंगल और पहाड़ियां की प्राकृतिक सुंदरता निहार सकेंगे। वे मैनपाट देख सकेंगे और सरगुजा में रामगढ़ की पहाड़ियां देख सकेंगे।

इसके साथ ही तातापानी के गर्म जल के स्रोत भी देख सकेंगे। इस तरह से सरगुजा पर्यटन नक्शे में तेजी से प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरगुजा एयरपोर्ट देश के सबसे पुराने एयरपोर्ट में से एक है। आजादी के बाद 1950 में यहां डब्ल्यूबीएम एयरपोर्ट बनाया गया था। 1974 में इंदिरा जी यहां आईं थीं। अब जब यह एयरपोर्ट विकसित हो गया है तो निजी विमान भी यहां उतर सकेंगे और बड़े विमानों की लैंडिंग से सरगुजा के पर्यटन का तेजी से विकास होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्टूबर-नवंबर का समय सरगुजा को देखने के लिए सबसे अच्छा समय होता है विमानन सुविधा आरंभ होने से यहां पर बड़े पैमाने पर टूरिस्ट इस मौके पर पहुंचेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां रामवन गमन पथ भी पर्यटक देख सकेंगे। सरगुजा का स्वर्ग जैसा दृश्य देख सकेंगे। पुराना अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जब यहां विमान की लैंडिग होती थी तो गोता लगाने जैसा अनुभव होता था। अब शानदार एयर स्ट्रिप बन जाने से स्मूथ लैंडिंग हो रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट निर्माण में लगी 5 महिलाओं को साड़ी देकर सम्मानित किया।

स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में नवजातों की मृत्यु के मामले में की कड़ी कार्रवाई

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रायपुर। राजमाता श्रीमती देवेन्द्रकुमारी सिंहदेव चिकित्सा महाविद्यालय, अंबिकापुर से संबद्ध अस्पताल के एसएनसीयू में विगत 5 दिसम्बर को चार नवजातों की मृत्यु के मामले पर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कड़ी कार्रवाई की है। राज्य शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने आज उनके अनुमोदन के बाद अस्पताल में शिशु रोग विभाग के सीनियर रेसीडेंट (शिशु रोग विशेषज्ञ) डॉ. कमलेश प्रसाद विश्वकर्मा को निलंबित कर दिया है। 



डॉ. विश्वकर्मा घटना की रात शिशु रोग विभाग में गंभीर अवस्था में नवजातों की भर्ती के बावजूद रात्रि ड्यूटी के दौरान उपस्थित नहीं थे और न ही उन्होंने भर्ती शिशुओं के उपचार के लिए कोई ठोस पहल की। उनकी इस लापरवाही के कारण अस्पताल में भर्ती शिशुओं की मृत्यु हुई। उनका यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन है। राज्य शासन ने डॉ. कमलेश प्रसाद विश्वकर्मा को पदीय दायित्वों एवं कर्तव्यों का तत्परतापूर्वक निर्वहन नहीं करने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय, सिविल सर्जन-सह-मुख्य अस्पताल अधीक्षक, जिला चिकित्सालय सूरजपुर निर्धारित किया गया है। उन्हें निलंबन काल में मूलभूत नियम 53 के तहत नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।चिकित्सा शिक्षा विभाग ने अंबिकापुर चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध अस्पताल के अधीक्षक डॉ. लखन सिंह को भी हटा दिया है। उनके स्थान पर पैथोलॉजी विभाग के संचालक-सह-प्राध्यापक डॉ. आर.सी. आर्या को नया अस्पताल अधीक्षक बनाया गया है।

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चार नवजात शिशुओं की मृत्यु की जांच 48 घंटे में करने का आदेश

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रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चार नवजात शिशुओं की मृत्यु के मामले की जांच अड़तालीस घंटे के भीतर पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉक्टर रमणेश मूर्ति ने बताया है कि चारों नवजात शिशुओं को गंभीर लक्षणों के साथ एस.एन.सी.यू. में भर्ती कर वरिष्ठ चिकित्सकों द्वारा उपचार किया जा रहा था। 



डॉक्टर मूर्ति ने बताया कि शिशुओं के परिजनों को उनकी गंभीर अवस्था के बारे में अवगत कराया गया था। उन्होंने बताया कि परसों रात करीब एक बजे अस्पताल में बिजली व्यवस्था बाधित हुई, लेकिन एक घंटे के भीतर ही पैनल में आई खराबी दूर कर ली गई। इस दौरान वेंटीलेटर लगातार जारी रहा। वैकल्पिक व्यवस्था में डी.जी. और यू.पी.एस. कार्य कर रहे थे। डॉक्टर मूर्ति ने स्पष्ट किया है कि शिशुओं की मृत्यु अलग-अलग गंभीर बीमारियों के कारण हुई है और विद्युत अवरोध से उसका कोई संबंध नहीं है।

चार नवजात शिशुओं की मृत्यु के मामले में स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने दिए जांच के आदेश

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अम्बिकापुर। अंबिकापुर स्थित सरगुजा मेडिकल कॉलेज में बीती रात चार नवजात शिशुओं की मृत्यु के मामले में स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने जांच के आदेश दिए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक बीती रात करीब चार घंटे तक अस्पताल में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। इस वजह से अस्पताल में वेंटीलेटर और अन्य मशीनों ने काम करना बंद कर दिया। इस दौरान मेडिकल अस्पताल के स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट में भर्ती चार बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बच्चों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया।



स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। सिंहदेव आज दोपहर तत्काल हेलीकॉप्टर से अंबिकापुर पहंचे और अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों से इस घटना की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि घटना की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम गठित कर दी गई है। उन्होंने बताया कि इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, राज्यपाल अनुसुईया उइके ने नवजात शिशुओं की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है।

एक ट्वीट में राज्यपाल ने शिशुओं की मृत्यु के मामले की उचित जांच और कार्रवाई कर परिवारों को राहत दिलाने तथा भविष्य में इस प्रकार की घटना को रोकने के संबंध में सरकार और प्रशासन को निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, पूर्व मंत्री और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेश मूणत तथा अनुराग सिंहदेव ने इस मामले में राज्य सरकार पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। भाजपा नेताओं ने स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव से इस घटना को लेकर इस्तीफा देने की मांग की है।

स्वयं को मजबूत बनाना होगा, तभी बाहरी विचारों का हम पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा : मोहन भागवत

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अम्बिकापुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक डॉक्टर मोहन भागवत ने आज अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में एक बौद्धिक कार्यक्रम को संबोधित किया। इसमें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए संघ के कार्यकर्ता शामिल हुए। इससे पहले, अंबिकापुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दो विभाग सरगुजा और कोरिया के स्वयंसेवकों ने संयुक्त पथ संचलन निकाला। यह पथ संचलन शहर के अलग-अलग स्थानों से निकाला गया। फिर सभी कार्यकर्ता मुख्य सड़क पर पहुंचे और यहां से एक संयुक्त पथ संचलन अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान पहुंचकर संपन्न हुआ।



पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हमें अपने देश की जनजातियों के गौरव को सहेजना होगा, क्योंकि धर्म, संस्कृति या समाज की कल्पना इन जनजातियों के बिना अधूरी है। संघ प्रमुख ने कहा कि हमें स्वयं को मजबूत बनाना होगा, तभी बाहरी विचारों का हमारे ऊपर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा

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