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विश्व साइकिल दिवस पर देशभर में उमड़ा जनसैलाब, 4 लाख से अधिक लोगों ने लिया ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ अभियान में हिस्सा

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नई दिल्ली- विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित विशेष साइक्लिंग कार्यक्रम में हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में अभिनेता विक्रांत मैसी विश्व चैम्पियनशिप रजत पदक विजेता मुक्केबाज नूपुर श्योराण और प्रसिद्ध कन्नड़ अभिनेत्री रागिनी द्विवेदी भी शामिल हुए।

नई दिल्ली में 15,000 से अधिक फिटनेस प्रेमियों ने साइकिल चलाई, जबकि देशभर में एक ही दिन में 4 लाख से अधिक लोगों ने इस अभियान में भागीदारी की। कारगिल और लेह से लेकर कन्याकुमारी और अल्लेप्पी तक तथा त्रिपुरा से वडोदरा तक हजारों स्थानों पर साइक्लिंग कार्यक्रम आयोजित किए गए।

30 लाख से अधिक लोगों तक पहुंचा अभियान

दिसंबर 2024 में केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया द्वारा शुरू किया गया ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ अभियान अब तक 30 लाख से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित कर चुका है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने अभिनेता विक्रांत मैसी के साथ मैत्रीपूर्ण रस्साकशी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और बाद में हजारों प्रतिभागियों के साथ साइकिल चलाते हुए "भारत माता की जय" और "फिट इंडिया, हिट इंडिया" के नारे लगाए।

साइकिलिंग से स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को लाभ

डॉ. मांडविया ने कहा कि यह ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ का 77वां संस्करण है। उन्होंने कहा कि साइकिलिंग न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है, बल्कि ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके साथ ही यह बढ़ती ट्रैफिक समस्या का भी प्रभावी समाधान है।

उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री के फिटनेस मंत्र को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट साइकिलिंग या अन्य शारीरिक गतिविधि को जीवनशैली का हिस्सा बनाया जाए तो अनेक स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।

सुरक्षा बलों और संस्थाओं की व्यापक भागीदारी

इस राष्ट्रीय अभियान में विभिन्न राज्यों के खेल विभागों के अलावा National Cadet Corps, सेना, नौसेना, वायुसेना, तटरक्षक बल, सीआईएसएफ, बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी और एसएसबी सहित अनेक सुरक्षा बलों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया।

इसके अलावा माय भारत स्वयंसेवक, किसान संगठन, खिलाड़ी, फिट इंडिया साइक्लिंग क्लब, शारीरिक शिक्षा संस्थानों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी अभियान को सफल बनाने में योगदान दिया।

युवाओं को स्क्रीन टाइम कम करने की सलाह

अभिनेता विक्रांत मैसी ने कहा कि इस अभियान ने उन्हें बचपन की यादें ताजा कर दीं, जब बच्चे घंटों बाहर खेलते और साइकिल चलाते थे। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करना और उन्हें मैदानों की ओर प्रोत्साहित करना बेहद जरूरी है।

फिटनेस के प्रति बढ़ी जागरूकता

मुक्केबाज नूपुर श्योराण ने कहा कि फिट इंडिया जैसे अभियानों ने लोगों में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाई है। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रतिदिन कम से कम 15 से 30 मिनट किसी न किसी शारीरिक गतिविधि के लिए निकालने की अपील की।

महिलाओं के लिए विशेष साइक्लिंग प्रतियोगिताएं

कार्यक्रम के तहत देशभर में महिलाओं के लिए विशेष "अस्मिता साइक्लिंग टूर्नामेंट" भी आयोजित किए गए। अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग संस्था Union Cycliste Internationale (यूसीआई) ने भी इस अभियान में सहयोग किया।

खेल और मनोरंजन का संगम

साइक्लिंग के अलावा प्रतिभागियों के लिए बैडमिंटन, शतरंज, कैरम, लूडो, नींबू दौड़, रस्साकशी, स्क्वाट और पुश-अप जैसी मनोरंजक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया, जिससे कार्यक्रम में उत्साह और बढ़ गया।

यह अभियान युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा Cycling Federation of India, योगासन भारत, राहगिरी फाउंडेशन और माय भारत के सहयोग से आयोजित किया गया। देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ आयोजित यह पहल फिटनेस, स्वास्थ्य और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है।


फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल के 75वें संस्करण में देशभर में जबरदस्त भागीदारी, कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की तैयारियों को मिला बढ़ावा

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देशभर में “फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल” के 75वें संस्करण में आज 8,000 से अधिक स्थानों पर जबरदस्त भागीदारी देखी गई। यह आयोजन कॉमनवेल्थ गेम्स डे के अवसर पर किया गया और इसका उद्देश्य अहमदाबाद में होने वाले ऐतिहासिक कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की दिशा में उत्साह और गति बढ़ाना था।

अहमदाबाद के प्रतिष्ठित साबरमती रिवरफ्रंट से केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना ने 5,000 साइकिल चालकों, खिलाड़ियों, युवाओं, स्वयंसेवकों और फिटनेस प्रेमियों के साथ इस भव्य आयोजन का नेतृत्व किया।

इस संस्करण की थीम “A New Icon for a Fitter India – Pedalling to 2030” रखी गई थी। इसमें 5 किलोमीटर लंबी साइक्लिंग रैली, योग और ज़ुम्बा प्रदर्शन शामिल रहे, जिससे साबरमती रिवरफ्रंट एक बड़े फिटनेस और सांस्कृतिक उत्सव में बदल गया।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण कॉमनवेल्थ गेम्स थीम पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन रहा, जिसे डॉ. मांडविया ने किया। इसमें भारत की खेल उपलब्धियों, खेलो इंडिया मिशन के तहत खेल अवसंरचना के विस्तार और 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों को प्रदर्शित किया गया।

इसके अलावा पिकलबॉल, बॉक्स क्रिकेट, वॉलीबॉल, टग ऑफ वॉर और अन्य सामुदायिक खेलों ने कार्यक्रम को उत्सव जैसा माहौल दिया।

कार्यक्रम में ओलंपियन और कॉमनवेल्थ गेम्स पदक विजेता गुरजीत कौर, राजानी एटिमार्पु, सोनिका तांडी, अंजुम मौद्गिल, अंकुर मित्तल और तृप्ति मुर्गुंडे सहित कई खेल हस्तियों ने भाग लिया और युवाओं को प्रेरित किया।

इसके साथ ही आयुष्मान खुराना, भारतीय ओलंपिक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय पटेल, ओलंपिक निशानेबाज और CWG पदक विजेता गगन नारंग, खेलो इंडिया के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव तथा एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अडिले सुमरिवाला जैसे कई प्रमुख लोग भी मौजूद रहे।

एक विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति में गरबा और योग का अनोखा मिश्रण भी दर्शाया गया। साथ ही मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योग के डॉ. पवन कुमार ने प्रतिभागियों को स्वास्थ्य और योग पर मार्गदर्शन दिया।

देशभर में इसी तरह के कार्यक्रम SAI क्षेत्रीय केंद्रों, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों, खेलो इंडिया केंद्रों और सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित किए गए, जहां ओलंपियन, CWG पदक विजेता और खेल सितारों ने भाग लिया। गुवाहाटी में रक्ष खडसे ने, धर्मशाला में बबीता फोगाट ने और मुंबई में सबा अंजुम ने कार्यक्रम में भाग लेकर “स्पोर्ट्स जन भागीदारी” को मजबूत किया।

यह पहल दिसंबर 2024 में शुरू हुई थी और तब से अब तक यह 3.07 लाख से अधिक स्थानों तक पहुंच चुकी है, 50 लाख से अधिक साइकिल चालकों को जोड़ चुकी है और 7 करोड़ से अधिक लोगों तक डिजिटल और ऑन-ग्राउंड माध्यम से पहुंच बना चुकी है।

यह कार्यक्रम भारत को एक फिट, मजबूत और वैश्विक खेल शक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, खासकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की तैयारियों के संदर्भ में।

फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल का 57वां संस्करण: देशभर में जागरूकता और फिटनेस का संदेश, गोंडल और हैदराबाद में हुआ आयोजन

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आज सुबह देशभर में फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल का 57वां संस्करण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने राजकोट के निकट गोंडल में किया, जबकि केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने हैदराबाद में 1,000 से अधिक प्रतिभागियों के साथ कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

गोंडल में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 250 साइकिलिस्टों ने भाग लिया और फिटनेस एवं स्थिरता का संदेश फैलाया।
डॉ. मांडविया ने X (ट्विटर) पर लिखा, “भारत को फिट बनाने के लिए हमें हर रविवार साइकिल पर भाग लेना होगा।”

कार्यक्रम में बोलते हुए डॉ. मांडविया ने कहा कि साइकिल चलाना सभी उम्र के लोगों के लिए सर्वोत्तम व्यायाम है और यह कार्बन फुटप्रिंट कम करने में भी मदद करता है। उन्होंने सभी से नियमित रूप से साइकिलिंग करने की अपील की और कहा कि यह एक समुदाय भावना को भी मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि “हम सभी को अपने शहर में हर रविवार किसी स्थान पर साइकिल चलाने के लिए जुड़ना चाहिए।”

उन्होंने शारीरिक और मानसिक फिटनेस के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि एक देश उतना ही मजबूत है जितने उसके नागरिक। विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रत्येक भारतीय को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना आवश्यक है। यह वही दृष्टि है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास है।

इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले लोगों के साथ बातचीत के दौरान कई प्रेरणादायक कहानियाँ सामने आईं, जिसमें साइकिलिंग को समुदाय के साथ जुड़ाव का माध्यम बताया गया।

फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल अब एक राष्ट्रीय जन आंदोलन बन चुका है, जिसमें 22 लाख से अधिक नागरिक और 2 लाख से अधिक स्थान जुड़ चुके हैं।

इस कार्यक्रम का आयोजन हृदय-स्थिरता (Heartfulness Institute) के सहयोग से हैदराबाद के गाचीबावली स्टेडियम में भी किया गया, जिसमें कई दिग्गज खिलाड़ी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी, SAI के चेयरमैन शिवा सेना रेड्डी, बैडमिंटन महान पुलेला गोपीचंद, अर्जुन पुरस्कार विजेता शूटर एशा सिंह, पैरालिम्पिक कांस्य पदक विजेता दीप्ति जीवांजी सहित कई खिलाड़ियों और फिट इंडिया एंबेसडर को उनकी योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने कहा कि फिटनेस को रोज़मर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाना आवश्यक है और इस प्रकार के कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ और सक्रिय समाज के लक्ष्य को साकार करते हैं।

पुलेला गोपीचंद ने निरंतर शारीरिक गतिविधि के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह न केवल खेल में उत्कृष्टता लाती है, बल्कि अनुशासनपूर्ण जीवनशैली भी बनाती है।

फिट इंडिया मूवमेंट की शुरुआत 29 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री द्वारा की गई थी, जिसका उद्देश्य फिटनेस को हमारी दैनिक जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाना है।



फ़िट इंडिया संडेज़ ऑन साइकिल: देशभर में बढ़ा फिटनेस का जन-आंदोलन

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प्रधानमंत्री मोदी ने आज मन की बात के 128वें संस्करण में अपने संबोधन के दौरान कहा, “हमारे युवा मित्रों के बीच कई अन्य प्रतियोगिताएँ भी बहुत लोकप्रिय होती जा रही हैं। बहुत से लोग फ़िट इंडिया संडेज़ ऑन साइकिल जैसे कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए एक साथ आ रहे हैं। ये सभी फिटनेस को बढ़ावा देने के तरीके हैं।”

इत्तफ़ाक़ से, इस रविवार देशव्यापी साइक्लिंग ड्राइव के 51वें संस्करण का सफल आयोजन किया गया, जिसमें एथेंस 2004 ओलंपिक रजत पदक विजेता और राजस्थान के खेल मंत्री राजयवर्धन सिंह राठौड़ ने जयपुर में कार्यक्रम का नेतृत्व किया।

कर्नल राठौड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में बेहतर स्वास्थ्य और कल्याण की संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों की भी सराहना की।

कर्नल राठौड़ ने जयपुर के अमर जवान ज्योति पर आयोजित संडेज़ ऑन साइकिल कार्यक्रम के दौरान कहा, “दुनिया में बहुत कम ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो अपने नागरिकों के स्वास्थ्य और कल्याण पर इतना ज़ोर देते हुए लगातार आह्वान करते हैं। नरेंद्र मोदी जी ने समय-समय पर फ़िट इंडिया के बारे में बात की है।”

उन्होंने आगे कहा, “हमारा तेल उपभोग कम करने से लेकर मिलेट्स (श्री अन्न) को बढ़ावा देने और मोटापे को कम करने के लिए निरंतर काम करने तक—हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री ने हमेशा हमें फिट रहने के सभी उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया है, चाहे वह योग हो, साइक्लिंग हो, दौड़ हो या अन्य माध्यम। संडेज़ ऑन साइकिल के माध्यम से देश में जो चेतना पैदा हुई है, वह इसका स्पष्ट उदाहरण है। आज जयपुर में करीब 1000 बच्चे इसमें भाग ले रहे हैं और उनके लिए साइकिलें भी उपलब्ध हैं।” कर्नल राठौर, जो स्वतंत्रता के बाद भारत के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक रजत पदक विजेता हैं, ने यह भी जोड़ा।

फ़िट इंडिया संडेज़ ऑन साइकिल के 30 नवंबर वाले संस्करण में पूरे भारत से पत्रकारों ने भी अपने-अपने राज्यों और क्षेत्रों में आयोजित रैलियों में हिस्सा लिया।

राजस्थान में चल रहे खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के दौरान जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में एक विशेष फ़िट इंडिया ज़ोन भी स्थापित किया गया है, जो आगंतुकों को एक गतिशील, रोचक और इंटरएक्टिव अनुभव देने के लिए प्रमुख फिटनेस गतिविधियों को एक जगह लाता है।

इस ज़ोन में तीन प्रमुख घटक शामिल हैं—जुम्बा और रोप-स्किपिंग जैसी गतिविधियों के साथ एक ऊर्जावान फ़िटनेस चैलेंज ज़ोन (आकर्षक पुरस्कारों सहित), एक समर्पित साइक्लिंग ज़ोन, और अभिनव बिंद्रा टार्गेट परफॉर्मेंस द्वारा संचालित व्यापक शारीरिक एवं मानसिक फिटनेस आकलन।

फ़िट इंडिया संडेज़ ऑन साइकिल की शुरुआत दिसंबर 2024 में माननीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के मार्गदर्शन में हुई थी।

यह अब एक साप्ताहिक आयोजन है, जो माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “फ़िटनेस का डोज़, आधा घंटा रोज़” और “मोटापे के ख़िलाफ़ लड़ाई” के विज़न को मज़बूती देता है।

आज, संडेज़ ऑन साइकिल एक सच्चा जन-आंदोलन बन चुका है, जिसमें देशभर के आम लोग नेतृत्व कर रहे हैं।

4000 से अधिक नमो फ़िट इंडिया साइक्लिंग क्लब, तथा लाखों आम नागरिक नियमित रूप से साइक्लिंग करते हैं और हर सप्ताह भाग लेते हैं, जिससे यह पहल एक राष्ट्रव्यापी समुदाय-चालित फिटनेस क्रांति में बदल गई है। इन क्लबों द्वारा यह आयोजन हर सप्ताह किया जाता है।

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (SAI) भी अपने नेटवर्क में स्थित SAI ट्रेनिंग सेंटर्स (STCs)—जैसे असम के कोकराझार, पंजाब के जगतपुर और बादल, मणिपुर के उटलौ, लद्दाख के कारगिल आदि—में संडेज़ ऑन साइकिल गतिविधियों के माध्यम से एक मजबूत राष्ट्रीय भागीदारी सुनिश्चित करता है। यह कई खेलो इंडिया केंद्रों, जैसे भद्रक, झारसुगुड़ा, ढेंकनाल, और राष्ट्रभर के 23 SAI नेशनल सेंटर्स ऑफ़ एक्सीलेंस (NCOEs) में भी हर रविवार आयोजित किया जा रहा है।


डॉ. मनसुख मांडविया ने नई दिल्ली में ‘Sundays on Cycle’ का नेतृत्व किया—डॉक्टरों के साथ स्वस्थ भारत का संदेश

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केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री, डॉ. मनसुख मांडविया ने आज नई दिल्ली में ‘Sundays on Cycle (SOC)’ के नवीनतम संस्करण का नेतृत्व किया। यह एक राष्ट्रव्यापी पहल है जिसका उद्देश्य नागरिकों में फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है। इस सप्ताह के विशेष साझेदार डॉक्टर और स्वास्थ्य पेशेवर रहे, जो निवारक स्वास्थ्य और शारीरिक गतिविधियों के महत्व को रेखांकित करते हैं, खासकर मोटापे जैसी जीवनशैली संबंधी बीमारियों से निपटने में।

डॉ. मांडविया ने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा,

“कोविड के दौरान स्वास्थ्य मंत्री के रूप में, मैंने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की समर्पण भावना को नजदीक से देखा है। राष्ट्र के प्रति उनका योगदान अतुलनीय है। मैं आप सभी का धन्यवाद करता हूँ कि आप फिटनेस का संदेश फैलाने के लिए Sundays on Cycle में शामिल हुए। मैं आपसे यह भी आग्रह करता हूँ कि नागरिकों को स्वस्थ जीवन के लिए मार्गदर्शन दें, क्योंकि जब डॉक्टर स्वास्थ्य के बारे में कुछ कहते हैं, तो लोग उस पर भरोसा करते हैं। चाहे वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मोटापे से लड़ाई की दृष्टि हो या साइक्लिंग के लाभों का प्रचार, आपका संदेश हर भारतीय तक पहुँचेगा।”

इस आयोजन में सभी आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विश्व पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप (WPAC) के पदक विजेता प्रवीण कुमार, सोमन राणा और शैलेश कुमार ने भी भाग लेकर जनता को सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। यह आयोजन Cycling Federation of India (CFI), योगासन भारत और MY Bharat के सहयोग से किया गया, जबकि दिल्ली में इसका संचालन राहगिरी फाउंडेशन, फिटस्पायर और रेड एफएम के साथ साझेदारी में हुआ। इसके साथ ही जुम्बा, रोप स्किपिंग (डॉ. शिखा गुप्ता द्वारा संचालित), योगासन और गेम ज़ोन जैसी गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं।

डॉ. मांडविया ने बताया कि आज ‘Sundays on Cycle’ देशभर में 10,000 से अधिक स्थानों पर आयोजित किया गया, जहाँ डॉक्टर भी मोटापे से लड़ाई के इस मिशन में शामिल हुए। उन्होंने कहा —

“प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने के लिए नागरिकों का फिट रहना आवश्यक है। स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही मजबूत राष्ट्र की नींव हैं। साइक्लिंग सबसे सरल व्यायाम है, जिसे हर कोई अपना सकता है। साथ ही, मैं सभी से आग्रह करता हूँ कि अपने खेल और फिटनेस उपकरणों के लिए स्वदेशी उत्पाद ही खरीदें।”

प्रवीण कुमार ने कहा — “व्यायाम से एकाग्रता बनी रहती है, जो जीवन में कुछ हासिल करने के लिए जरूरी है। साइक्लिंग एक शानदार व्यायाम है और मुझे खुशी है कि मैं इस प्रेरणादायक कार्यक्रम का हिस्सा बना।”

शैलेश कुमार ने कहा — “सरकार की यह पहल नागरिकों में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सराहनीय है। हर व्यक्ति को रोजाना कम से कम एक घंटे फिटनेस के लिए देना चाहिए — शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से स्वस्थ रहने के लिए।”

‘Sundays on Cycle’ का उद्देश्य समुदायों को हर रविवार एक साथ लाकर साइक्लिंग, व्यायाम और फिटनेस गतिविधियों में शामिल करना है। आज डॉक्टरों की भागीदारी ने यह संदेश मजबूत किया कि रोकथाम ही सबसे अच्छा उपचार है — और फिटनेस एक स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की पहली सीढ़ी है।

अब तक आयोजित 44 संस्करणों में, Fit India Sundays on Cycle पहल ने 1,00,000 से अधिक स्थानों पर आयोजन किया है, जिसमें 12.5 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया है। आज के आयोजन SAI NCOE गुवाहाटी, SAI STC अलेप्पी, SAI NSRC कोलकाता, SAI STC धर्मशाला, और अन्य केंद्रों पर भी हुए।

🇮🇳 “Har Sunday — Fit India on Cycle!” 🚴‍♂️

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