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सफलता की कहानी-धमतरी के विशेष छात्र सत्यांशु दीप का भारतीय फुटबॉल टीम में चयन, स्वीडन में करेंगे देश का प्रतिनिधित्व

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सार्थक स्कूल के छात्र सत्यांशु स्पेशल ओलंपिक्स गोथिया ट्रॉफी 2026 में बिखेरेंगे जलवा

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा और समाज कल्याण विभाग ने दी बधाई, कहा- प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं

रायपुर- धमतरी जिले के लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का क्षण है। समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित विशेष विद्यालय ‘सार्थक स्कूल’ के विशेष छात्र सत्यांशु दीप का चयन स्पेशल ओलंपिक्स भारत (Special Olympics Bharat)  की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम में हो गया है। सत्यांशु आगामी 12 से 16 जुलाई 2026 तक स्वीडन में आयोजित होने वाली स्पेशल ओलंपिक्स गोथिया ट्रॉफी 2026 (Special Olympics Gothia Trophy 2026)  अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

सत्यांशु दीप की यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल धमतरी जिले, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ के लिए बड़े गौरव का विषय है। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और खेल कौशल का यह उत्कृष्ट उदाहरण यह साबित करता है कि यदि उचित प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और अवसर मिले, तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का परचम लहरा सकते हैं।

उचित मार्गदर्शन और लगन से मिला मुकाम

विद्यालय परिवार के अनुसार, सत्यांशु ने यह मुकाम अपने कड़े व नियमित अभ्यास, अनुशासन, समर्पण और मैदान पर बेहतरीन खेल प्रदर्शन के दम पर हासिल किया है। उनकी यह शानदार सफलता अन्य विशेष बच्चों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए उत्साहित करेगी।

समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित और अनुदानित इन विशेष विद्यालयों का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, खेल, जीवनोपयोगी कौशल और व्यक्तित्व विकास के समान अवसर उपलब्ध कराना है। सत्यांशु का यह चयन विभाग की इन कोशिशों की सार्थकता को प्रमाणित करता है।

कलेक्टर ने दीं शुभकामनाएँ- विश्व मंच पर चमकेगा धमतरी का नाम

इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि यह सफलता सत्यांशु की कड़ी मेहनत, लगन और खेल के प्रति उनके अटूट समर्पण का परिणाम है। मैं सत्यांशु दीप, उनके माता-पिता, प्रशिक्षकों, विद्यालय परिवार और समाज कल्याण विभाग को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ। मुझे पूरा विश्वास है कि वे स्वीडन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारत, छत्तीसगढ़ और धमतरी जिले का नाम विश्व स्तर पर गौरवान्वित करेंगे।

कलेक्टर ने आगे कहा कि सत्यांशु की सफलता यह गहरा संदेश देती है कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती। यह गौरवपूर्ण उपलब्धि धमतरी जिले में समावेशी शिक्षा, खेल संस्कृति और दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है।

अभिभावकों और गुरुओं का मिला सतत सहयोग

इस ऐतिहासिक अवसर पर समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों एवं प्रशिक्षकों ने सत्यांशु के उज्ज्वल भविष्य और आगामी मैचों में शानदार प्रदर्शन की कामना की है। इसके साथ ही उन्होंने सत्यांशु के माता-पिता को भी विशेष रूप से बधाई दी है, जिनके निरंतर सहयोग, अटूट विश्वास और संबल ने सत्यांशु को इस अंतर्राष्ट्रीय मुकाम तक पहुँचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पूरे धमतरी जिले को विश्वास है कि स्वीडन की धरती पर सत्यांशु दीप अपने खेल कौशल से विश्व मंच पर भारत का मान और बढ़ाएंगे।

फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल के 75वें संस्करण में देशभर में जबरदस्त भागीदारी, कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की तैयारियों को मिला बढ़ावा

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देशभर में “फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल” के 75वें संस्करण में आज 8,000 से अधिक स्थानों पर जबरदस्त भागीदारी देखी गई। यह आयोजन कॉमनवेल्थ गेम्स डे के अवसर पर किया गया और इसका उद्देश्य अहमदाबाद में होने वाले ऐतिहासिक कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की दिशा में उत्साह और गति बढ़ाना था।

अहमदाबाद के प्रतिष्ठित साबरमती रिवरफ्रंट से केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना ने 5,000 साइकिल चालकों, खिलाड़ियों, युवाओं, स्वयंसेवकों और फिटनेस प्रेमियों के साथ इस भव्य आयोजन का नेतृत्व किया।

इस संस्करण की थीम “A New Icon for a Fitter India – Pedalling to 2030” रखी गई थी। इसमें 5 किलोमीटर लंबी साइक्लिंग रैली, योग और ज़ुम्बा प्रदर्शन शामिल रहे, जिससे साबरमती रिवरफ्रंट एक बड़े फिटनेस और सांस्कृतिक उत्सव में बदल गया।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण कॉमनवेल्थ गेम्स थीम पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन रहा, जिसे डॉ. मांडविया ने किया। इसमें भारत की खेल उपलब्धियों, खेलो इंडिया मिशन के तहत खेल अवसंरचना के विस्तार और 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों को प्रदर्शित किया गया।

इसके अलावा पिकलबॉल, बॉक्स क्रिकेट, वॉलीबॉल, टग ऑफ वॉर और अन्य सामुदायिक खेलों ने कार्यक्रम को उत्सव जैसा माहौल दिया।

कार्यक्रम में ओलंपियन और कॉमनवेल्थ गेम्स पदक विजेता गुरजीत कौर, राजानी एटिमार्पु, सोनिका तांडी, अंजुम मौद्गिल, अंकुर मित्तल और तृप्ति मुर्गुंडे सहित कई खेल हस्तियों ने भाग लिया और युवाओं को प्रेरित किया।

इसके साथ ही आयुष्मान खुराना, भारतीय ओलंपिक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय पटेल, ओलंपिक निशानेबाज और CWG पदक विजेता गगन नारंग, खेलो इंडिया के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव तथा एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अडिले सुमरिवाला जैसे कई प्रमुख लोग भी मौजूद रहे।

एक विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति में गरबा और योग का अनोखा मिश्रण भी दर्शाया गया। साथ ही मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योग के डॉ. पवन कुमार ने प्रतिभागियों को स्वास्थ्य और योग पर मार्गदर्शन दिया।

देशभर में इसी तरह के कार्यक्रम SAI क्षेत्रीय केंद्रों, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों, खेलो इंडिया केंद्रों और सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित किए गए, जहां ओलंपियन, CWG पदक विजेता और खेल सितारों ने भाग लिया। गुवाहाटी में रक्ष खडसे ने, धर्मशाला में बबीता फोगाट ने और मुंबई में सबा अंजुम ने कार्यक्रम में भाग लेकर “स्पोर्ट्स जन भागीदारी” को मजबूत किया।

यह पहल दिसंबर 2024 में शुरू हुई थी और तब से अब तक यह 3.07 लाख से अधिक स्थानों तक पहुंच चुकी है, 50 लाख से अधिक साइकिल चालकों को जोड़ चुकी है और 7 करोड़ से अधिक लोगों तक डिजिटल और ऑन-ग्राउंड माध्यम से पहुंच बना चुकी है।

यह कार्यक्रम भारत को एक फिट, मजबूत और वैश्विक खेल शक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, खासकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की तैयारियों के संदर्भ में।

मुख्यमंत्री ने नवरात्रि की पावन बेला पर मां महामाया की धरा से सरगुजा ओलंपिक का किया शुभारंभ

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3 लाख 49 हजार खिलाड़ियों की स्वस्फूर्त सहभागिता खेल के प्रति उनके प्रेम और समर्पण को दिखाता है : मुख्यमंत्री साय

बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक के वार्षिक आयोजन हेतु बजट में 10 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान

सरगुजा ओलंपिक में बेटियों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखना सुखद, बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करें युवा : गीता फोगाट

सरगुजा के पंडरापाठ में 20 करोड़ रुपए की लागत से बनेगी आर्चरी अकादमी

खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने शासन की अनूठी पहल से जुड़ रहे है लोग

रायपुर- नवरात्रि के पावन बेला में मां महामाया की धरा से यह शुभ शुरुआत हुई है। मां महामाया के आशीर्वाद पिछले दो वर्षों से बस्तर ओलंपिक का आयोजन हो रहा है और आज सरगुजा अंचल के साथियों को ओलंपिक के जरिए अपनी हुनर दिखाने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित पी जी कॉलेज ग्राउंड में सरगुजा ओलंपिक का शुभारंभ किया और कार्यक्रम का शुभारंभ कर अंचल वासियों को शुभकामनाएं दी। साय को इस दौरान संभाग के सभी जिलों से पहुँचे खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट का सलामी दी। मुख्यमंत्री ने मुख्य मंच से सभी खिलाड़ियों का अभिवादन स्वीकारा और खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की। 

मुख्यमंत्री साय ने मां महामाया का स्मरण करते हुए प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद अब सरगुजा में भी इस आयोजन की शुरुआत की गई है, जिससे यहां के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक में पहले वर्ष 1.65 लाख और इस वर्ष 3.91 लाख प्रतिभागियों ने भाग लिया, जबकि सरगुजा ओलंपिक में इस बार लगभग 3.49 लाख खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। इनमें से 2000 से अधिक खिलाड़ी संभाग स्तरीय तीन दिवसीय प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 लाख 49 हजार खिलाड़ियों की स्वस्फूर्त सहभागिता खेल के प्रति उनके प्रेम और समर्पण को दिखाता है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए बजट में बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक के वार्षिक आयोजन हेतु 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को 21 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जबकि स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेताओं को क्रमशः 3 करोड़, 2 करोड़ और 1 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद उन्मूलन के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र अब तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। नक्सल मुक्ति का संकल्प हमारे जवानों के अदम्य साहस से पूरा होने की कगार पर है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर ओलंपिक में आत्म समर्पित नक्सलियों की टीम ने जोआ बाट के नाम से हिस्सा लिया, जिसमें लगभग 700 आत्म समर्पित नक्सली शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने बताया कि खेलों के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है और बस्तर व सरगुजा अंचल खेल अधोसंरचनाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरगुजा के पंडरापाठ में 20 करोड़ रुपए की लागत से आर्चरी अकादमी स्थापित की जा रही है, जिससे क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवा एथलीट अनिमेष कुजूर का उल्लेख करते हुए उनकी उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि पहली बार खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ में होगा, जिसका शुभारंभ 25 मार्च को केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने हाल ही में छत्तीसगढ़ विधानसभा में पारित हुए धर्म स्वातंत्र्य विधेयक तथा कर्मचारी चयन मंडल के स्थापना के संबंध में भी जानकारी दी। शुभारंभ सत्र के अंत में मुख्यमंत्री सह अतिथियों ने सरगुजा ओलंपिक का मशाल प्रज्ज्वलित किया और सफल आयोजन के लिए बधाई दी। 

कार्यक्रम में राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता गीता फोगाट ने भी खिलाड़ियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरगुजा ओलंपिक में बड़ी संख्या में बेटियों की भागीदारी देखना सुखद है। उन्होंने युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करने का संदेश दिया, साथ ही नशे और गलत आदतों से दूर रहने की अपील की।

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि सरगुजा ओलंपिक में 6 जिलों से कुल 3.49 लाख प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है, जिनमें 1.59 लाख पुरुष और 1.89 लाख महिलाएं शामिल हैं। तीन दिवसीय इस आयोजन में 11 से अधिक खेल विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।

कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने इसे सरगुजा वासियों के लिए बड़ी सौगात बताते हुए कहा कि इस मंच से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

इस अवसर पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद चिंतामणि महाराज, विधायक प्रबोध मिंज, विधायक रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर मंजूषा भगत, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष राम किशुन सिंह, सभापति हरविंदर सिंह, राम लखन पैंकरा खेल विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संभाग आयुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

उपराष्ट्रपति ने आगरा में तृतीय संसद खेल महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की

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भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर आगरा में आयोजित तृतीय संसद खेल महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। इस आयोजन में युवा खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली, जो जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति के बढ़ते विस्तार को दर्शाती है।

सभा को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने संसद खेल महोत्सव का हिस्सा बनकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने खेलों से अपने व्यक्तिगत जुड़ाव का उल्लेख करते हुए बताया कि वे स्कूल और कॉलेज के दिनों में सक्रिय खिलाड़ी रहे हैं। वे टेबल टेनिस में कॉलेज चैंपियन रहे, लंबी दूरी की दौड़ में भाग लिया तथा क्रिकेट और वॉलीबॉल जैसे खेलों का भी आनंद लिया। उन्होंने कहा कि खेलों से प्राप्त शारीरिक फिटनेस और मानसिक दृढ़ता ने उन्हें कठिन पदयात्राओं और लगभग 19,000 किलोमीटर की रथयात्रा जैसे अभियानों को सफलतापूर्वक पूरा करने में मदद की।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत की प्राचीन परंपरा में मन और शरीर के संतुलन पर हमेशा जोर दिया गया है। उन्होंने खेलों को केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित न मानते हुए, उन्हें चरित्र निर्माण का सशक्त माध्यम बताया, जो अनुशासन, धैर्य, टीम भावना और नियमों के सम्मान जैसे गुणों को विकसित करता है—जो व्यक्तिगत विकास और राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि संसद खेल महोत्सव जैसे आयोजन जमीनी स्तर पर इन मूल्यों के पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आयोजकों की सराहना करते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि महानगरों से बाहर खेलों को बढ़ावा देना अत्यंत सराहनीय पहल है। उन्होंने पिछले ग्यारह वर्षों में भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र में आए संरचनात्मक परिवर्तन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में खेलो इंडिया, फिट इंडिया मूवमेंट और स्वदेशी खेलों को प्रोत्साहन जैसी पहलें राष्ट्रीय विकास के समग्र दृष्टिकोण को दर्शाती हैं।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि हाल के वर्षों में भारत की खेल उपलब्धियों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने महिलाओं की खेलों में भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे विशेष प्रयासों का भी उल्लेख किया, जिनमें ASMITA महिला लीग जैसी पहलें शामिल हैं।

युवाओं में नशे की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि खेल, नशा मुक्त भारत के निर्माण के सबसे प्रभावी साधनों में से एक हैं। उन्होंने युवाओं से “नशे को ना और खेल को हां” कहने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ और सक्रिय युवा ही सशक्त राष्ट्र की नींव हैं।

माता-पिता और शिक्षकों से अपील करते हुए उन्होंने बच्चों और युवाओं को खेलों के लिए प्रोत्साहित करने को चरित्र निर्माण और मानसिक स्वास्थ्य में निवेश बताया तथा ऐसी संतुलित शिक्षा प्रणाली की वकालत की जिसमें शिक्षा और खेल—दोनों को समान महत्व दिया जाए।

उल्लेखनीय है कि संसद खेल महोत्सव का आयोजन आगरा में 21 से 25 दिसंबर तक किया जा रहा है, जिसमें पांच दिनों के दौरान 33 से अधिक टीम और व्यक्तिगत खेल प्रतियोगिताओं में हजारों नागरिक भाग ले रहे हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज राज्य मंत्री एवं आगरा से सांसद प्रो. एस. पी. सिंह बघेल, उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


सांसद खेल महोत्सव के समापन की तैयारियों की समीक्षा: डॉ. जितेंद्र सिंह ने जिलाधिकारियों और विधायकों के साथ की वर्चुअल बैठक

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प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज उधमपुर–कठुआ–डोडा लोकसभा क्षेत्र के उपायुक्तों (DCs) और विधायकों (MLAs) के साथ एक वर्चुअल बैठक कर सांसद खेल महोत्सव के समापन कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। यह समापन कार्यक्रम 25 दिसंबर 2025 को आयोजित किया जाएगा, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली संबोधित करेंगे।

बैठक में विभिन्न जिलों और विधानसभा क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया ताकि समापन कार्यक्रम का सफल आयोजन सुनिश्चित किया जा सके। डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि 25 दिसंबर को होने वाला यह समापन कार्यक्रम सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ आयोजित किया जाएगा, जिसमें जिला प्रशासन, विधायक और सांसद सक्रिय रूप से भाग लेंगे। यह आयोजन 25 अगस्त 2025 को शुरू हुए सांसद खेल महोत्सव के सफल समापन का प्रतीक होगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव को एक पैन-इंडिया, बड़े स्तर की पहल के रूप में परिकल्पित किया गया है, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर की खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और फिट इंडिया मूवमेंट के तहत एक स्वस्थ, फिट और खेलोन्मुख भारत की दृष्टि को सशक्त करना है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने निर्देश दिए कि सभी जिले विभिन्न संभावित आयोजन मॉडलों—जैसे जिला स्तर और संसदीय क्षेत्र स्तर—के लिए पूरी तरह तैयार रहें। उन्होंने प्रधानमंत्री के वर्चुअल संबोधन को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त स्थलों, सुनिश्चित कनेक्टिविटी और आवश्यक बुनियादी ढांचे की पहचान करने पर बल दिया।

सांसद खेल महोत्सव की दीर्घकालिक सोच पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि यह पहल केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य देशभर में एक स्थायी खेल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है। उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायत, ब्लॉक, जिला और उच्च स्तर पर विजेताओं का विवरण निर्धारित पोर्टलों पर समयबद्ध तरीके से अपलोड किया जाए, ताकि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें आगे के प्रशिक्षण, अवसर और उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए समर्थन दिया जा सके।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 25 दिसंबर का दिन सुशासन दिवस (सुषासन दिवस) तथा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। इस अवसर को शासन, युवा सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण के विषयों से जोड़ने का अवसर बताते हुए उन्होंने जिलों से स्थानीय कार्यक्रमों को इन राष्ट्रीय आयोजनों के साथ समन्वित करने का आग्रह किया।

बैठक में यह भी बताया गया कि समापन कार्यक्रमों में स्थानीय युवा, खिलाड़ी, सामुदायिक प्रतिनिधि और खेल जगत की प्रतिष्ठित हस्तियां भाग लेंगी। ये कार्यक्रम “MY Bharat” प्लेटफॉर्म के अंतर्गत आयोजित किए जाएंगे, जिन्हें युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय तथा जिला प्रशासन का सहयोग प्राप्त होगा, जिससे व्यापक जनभागीदारी और जनसंपर्क सुनिश्चित किया जा सकेगा।

बैठक के अंत में डॉ. जितेंद्र सिंह ने सभी हितधारकों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया और कहा कि सांसद खेल महोत्सव का समापन कार्यक्रम एक आदर्श राष्ट्रीय आयोजन के रूप में उभरना चाहिए, जो खेल संस्कृति को बढ़ावा देने, युवा प्रतिभाओं को निखारने और फिट इंडिया मूवमेंट को मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे और समयबद्ध तैयारी को कार्यक्रम की सफलता की कुंजी बताया।

विशाखापत्तनम नेवी मैराथन का 10वां संस्करण भव्य रूप से संपन्न, 17 देशों के 17,000 से अधिक धावकों की सहभागिता

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14 दिसंबर 2025 को आयोजित विशाखापत्तनम नेवी मैराथन (Vizag Navy Marathon) का 10वां संस्करण अत्यंत उत्साह, जोश और खेल भावना के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस प्रतिष्ठित आयोजन में 17 देशों के विदेशी नागरिकों सहित 17,000 से अधिक धावकों ने भाग लेकर इसे एक अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। ₹10 लाख से अधिक की पुरस्कार राशि के साथ यह मैराथन देश–विदेश के एथलीटों और फिटनेस प्रेमियों के लिए एक यादगार आयोजन साबित हुई।

42 किलोमीटर फुल मैराथन को हरी झंडी और पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता वाइस एडमिरल संजय भल्ला, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, ईस्टर्न नेवल कमांड ने की। हाफ मैराथन और संकल्प रन को  प्रिया भल्ला, अध्यक्ष, नेवल वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (पूर्वी क्षेत्र) ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे उद्देश्य, एकता और सामुदायिक सहभागिता का संदेश मजबूत हुआ। 10 किमी और 5 किमी दौड़ों को क्रमशः जिला कलेक्टर और पुलिस आयुक्त द्वारा रवाना किया गया।

इस अवसर पर फ्लैग ऑफिसर्स, जीवीएमसी आयुक्त, वरिष्ठ पूर्व सैनिकों तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) जैसे प्रमुख साझेदारों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ी।

सुदृढ़ योजना और निर्बाध क्रियान्वयन के कारण प्रतिभागियों को उत्कृष्ट अनुभव प्राप्त हुआ। जिला प्रशासन, शहर पुलिस और स्थानीय समुदाय के सहयोग ने आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

इस वर्ष मैराथन में कई नई और उन्नत सुविधाएँ जोड़ी गईं, जिनमें धावकों के लिए आकर्षक छूट, बेहतर डिलीवरबल्स पैकेज और सभी प्रतिभागियों के लिए बीमा कवर शामिल रहा, जिससे सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित हुआ।

विदेशी खिलाड़ियों की सहभागिता ने इस मैराथन की अंतरराष्ट्रीय अपील को और मजबूत किया और इसे क्षेत्र की अग्रणी मैराथनों में स्थापित किया।

विशाखापत्तनम नेवी मैराथन 2025 समर्पण, टीमवर्क और जुनून का सशक्त उदाहरण बनी। ईस्टर्न नेवल कमांड के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ ने सभी विजेताओं, धावकों और आयोजकों को शुभकामनाएँ दीं तथा जिला प्रशासन, शहर पुलिस और स्वयंसेवी संगठनों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह आयोजन अत्यंत सफल रहा।

राउरकेला में 4th राष्ट्रीय EMRS स्पोर्ट्स मीट 2025 का भव्य समापन, तेलंगाना ने जीता ओवरऑल चैम्पियनशिप

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राउरकेला- बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम में आज 4th राष्ट्रीय EMRS खेल प्रतियोगिता 2025 का भव्य समापन हुआ। यह आयोजन पूरे देश में मनाए जा रहे भगवान बिरसा मुंडा जनजातीय गौरव दिवस के साथ खास तौर पर मेल खाता रहा। कार्यक्रम में भगवान बिरसा मुंडा के अदम्य साहस और बलिदान को नमन करते हुए भारत के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत का उत्सव मनाया गया।

यह खेल महोत्सव ओडिशा मॉडल ट्राइबल एजुकेशन सोसाइटी (OMTES) द्वारा, ST & SC विकास, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, ओडिशा सरकार के अंतर्गत आयोजित किया गया। आयोजन का संचालन नेशनल एजुकेशन सोसाइटी फॉर ट्राइबल स्टूडेंट्स (NESTS), जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अतिथि

  • मोहन् चरण माझी, माननीय मुख्यमंत्री, ओडिशा (मुख्य अतिथि)

  • जुअल ओराम, माननीय केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री (विशिष्ट अतिथि)

  • अजीत कुमार श्रीवास्तव, IRAS, आयुक्त, NESTS

  •  बी. परमेश्वरन, IAS, सचिव, ST & SC विकास विभाग, ओडिशा

  • डॉ. शुभंकर मोहापात्र, IAS, कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, सुंदरगढ़

  • दूती चंद, अंतरराष्ट्रीय धाविका

  • सुंदरगढ़ क्षेत्र के माननीय विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि

आयुक्त श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का स्वागत कर खेल प्रतियोगिता की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की और EMRS छात्रों के उत्कृष्ट प्रदर्शन व जनजातीय समुदायों में बढ़ती खेल संस्कृति की सराहना की।

परिणाम सारांश

ओवरऑल स्पोर्ट्स चैम्पियन

    • रैंक
    • राज्य
    •  स्वर्ण 
    • रजत
    •  कांस्य
    •  कुल
    •  अंक
    • 1
    • तेलंगाना        
    •  88
    •  66
    •    76
    • 230
    •  714
    • 2
    • छत्तीसगढ़
    •  55
    •  43
    •    64
    • 162
    •  468
    • 3
    • मध्य प्रदेश
    •  40
    •  49
    •    62
    • 151
    •  409

शीर्ष 3 – व्यक्तिगत स्पर्धाएँ

  • रैंक
  • राज्य
  • स्वर्ण
  • रजत
  • कांस्य
  • कुल
  • अंक
  • 1
  • तेलंगाना
  • 82
  • 65
  • 74
  • 221
  • 679
  • 2
  • छत्तीसगढ़
  • 54
  • 43
  • 62
  • 159
  • 461
  • 3
  • मध्य प्रदेश
  • 40
  • 47
  • 61
  • 148
  • 402

शीर्ष 3 – टीम इवेंट्स

  • रैंक
  • राज्य
  • स्वर्ण
  • रजत
  • कांस्य
  • कुल
  • अंक
  • 1
  • तेलंगाना
  • 6
  • 1
  • 2
  • 9
  • 35
  • 2
  • ओडिशा
  • 2
  • 5
  • 1
  • 8
  • 26
  • 3
  • आंध्र प्रदेश
  • 1
  • 2
  • 2
  • 5
  • 13

तेलंगाना ने 230 पदकों और 714 अंकों के साथ ओवरऑल चैम्पियनशिप जीती।

पीएम मोदी के खेल एवं जनजातीय सशक्तिकरण के विज़न की दिशा में बड़ा कदम

यह EMRS खेल महोत्सव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न को आगे बढ़ाता है:

  • खेलो इंडिया – "खेलो, बढ़ो, प्रगति करो"

  • ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में खेल प्रतिभा की खोज

  • EMRS छात्रों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुँचाना

  • फिटनेस, नेतृत्व, टीमवर्क सुदृढ़ करना

  • विकसित भारत के निर्माण में खेलों की भूमिका को मजबूत करना

NESTS और EMRS संस्थान जनजातीय खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय उत्कृष्टता तक ले जाने के मार्ग तैयार कर रहे हैं।

सांस्कृतिक एवं औपचारिक कार्यक्रम की झलकियाँ

समापन समारोह में शामिल थे:

  • छात्रों द्वारा अतिथियों का पारंपरिक स्वागत

  • दीप प्रज्वलन, वंदे मातरम और वेव मार्च

  • ओडिशी एवं धीमसा जैसे सांस्कृतिक नृत्य

  • पदक एवं ट्रॉफी वितरण

  • अद्भुत आतिशबाज़ी

  • मुख्य अतिथि एवं दूती चंद द्वारा मशाल का विसर्जन और EMRS ध्वज अवतरण

कार्यक्रम का समापन कलेक्टर डॉ. शुभंकर मोहापात्र द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।


पूर्वी दिल्ली में भव्य “नमो रन”: सड़क सुरक्षा और फिटनेस के संदेश के साथ 6000 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी

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कॉर्पोरेट कार्य तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने सांसद खेल महोत्सव 2025 – पूर्वी दिल्ली के तहत यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, सूरजमल विहार में रोड सेफ़्टी थीम पर आधारित नमो रन का आयोजन किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हज़ारों प्रतिभागियों की मौजूदगी में नमो रन को फ़्लैग ऑफ किया। इस आयोजन में 6000 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

नमो रन का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना, ज़िम्मेदार सड़क व्यवहार को बढ़ावा देना और समाज में फिटनेस व स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक माहौल बनाना था। स्कूल के बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक सभी आयु वर्ग के लोगों ने बड़ी ऊर्जा और जोश से इस रन में भाग लिया।

PM मोदी के विज़न के अनुरूप एक पहल

हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि नमो रन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की युवाओं के प्रति दूरदर्शी सोच के अनुरूप है। मोदी जी का मानना है कि भारत का युवा ही देश को Viksit Bharat @2047 के लक्ष्य तक पहुंचाएगा।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री लगातार फिटनेस, खेल और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देते रहे हैं। नमो रन इसी संदेश को मजबूत करता है और भारत में खेलों के लिए एक प्रोत्साहनकारी, सहभागी और उत्कृष्टता आधारित इकोसिस्टम तैयार करने में सहायक है।

फिटनेस, सड़क सुरक्षा और सामुदायिक एकता का संगम

मल्होत्रा ने कहा कि नमो रन ने फिटनेस प्रेमियों, खेल प्रेमियों, समुदाय के नेताओं और आम नागरिकों को एक मंच पर लाकर एक सकारात्मक संदेश दिया है। प्रतिभागियों का उत्साह न केवल सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देता है, बल्कि समाज में खेल और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को भी दर्शाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिभागियों की ऊर्जा और समर्पण ने उन्हें भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रेरित किया है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और अन्य गणमान्यों की सहभागिता

दिल्ली की मुख्यमंत्री एवं युवा मामले एवं खेल मंत्री, पूर्वी दिल्ली के विधायक एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लेकर FIT India आंदोलन का समर्थन किया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में फिटनेस और सड़क सुरक्षा की अहमियत पर जोर देते हुए प्रतिभागियों से यातायात नियमों का पालन करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। उन्होंने खेल एवं फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए सरकार की विभिन्न पहलों पर भी प्रकाश डाला।

भविष्य के लिए प्रेरणादायी संदेश

हर्ष मल्होत्रा ने सभी प्रतिभागियों, गणमान्यों और स्वयंसेवकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि नमो रन ने यह सिद्ध किया है कि जब समाज एक लक्ष्य के लिए एकजुट होता है तो सकारात्मक बदलाव संभव होते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे आयोजन भारत को एक स्पोर्ट्स पावरहाउस बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

नमो रन की सफलता दर्शाती है कि भारत में फिटनेस और खेलों का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है।


4th राष्ट्रीय EMRS खेल सम्मेलन 2025: आदिवासी युवाओं की एकता, उत्कृष्टता और आकांक्षा का उत्सव

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4th राष्ट्रीय ईकलव्य मॉडल रेसिडेंशियल स्कूल (EMRS) खेल सम्मेलन 2025 का समापन 15 नवंबर को बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम, राउरकेला में हुआ। राष्ट्रीय शिक्षा समाज फॉर ट्राइबल स्टूडेंट्स (NESTS) के आयुक्त अजीत कुमार श्रीवास्तव, IRAS, ने मुख्यमंत्री ओडिशा सहित वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों, अधिकारियों, मेंटर्स और देश भर के छात्र एथलीटों की उपस्थिति में प्रेरक और भविष्य-दृष्टि वाली संबोधन दिया।

आयुक्त, NESTS का संबोधन

आयुक्त ने प्रतिभागियों और गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करते हुए बताया कि यह सम्मेलन, जो पिछले पांच दिनों में सुंदरगढ़, राउरकेला और राजगंगपुर में आयोजित हुआ, 22 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश के 5500 से अधिक छात्रों को एक साथ लाया। उन्होंने इस आयोजन को केवल खेल नहीं बल्कि “पहचान, उत्कृष्टता, एकता और आकांक्षा” का उत्सव बताया और कहा:

“हमारे आदिवासी बच्चे भविष्य का इंतजार नहीं कर रहे हैं—वे खुद भविष्य बन रहे हैं।”

EMRS: आदिवासी शिक्षा में एक शांत क्रांति

आयुक्त ने EMRS की तेजी से प्रगति को “शांत क्रांति” बताते हुए आदिवासी समुदायों के शैक्षिक परिदृश्य में इसके परिवर्तनकारी प्रभाव पर जोर दिया।

मुख्य बिंदु:

  • EMRS की शुरुआत 1997–98 में हुई थी, इसका उद्देश्य शैक्षिक अंतर को समाप्त करना और कक्षा 6 से 12 तक उच्च गुणवत्ता वाली आवासीय शिक्षा प्रदान करना है, जिसमें लड़कों और लड़कियों का समान प्रतिनिधित्व हो।

  • 2025 तक, भारत सरकार ने 728 EMRS को मंजूरी दी है, ताकि हर ऐसे ब्लॉक में कम से कम एक स्कूल हो जहाँ आदिवासी आबादी अधिक हो।

  • वर्तमान में 477 EMRS कार्यरत हैं, जो भारत भर में लगभग 1.4 लाख छात्रों को सेवा दे रहे हैं।

  • NESTS के तहत, प्रत्येक छात्र के लिए वार्षिक ₹1.47 लाख और अतिरिक्त समर्थन व्यय ₹34,971 का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है, जिससे अकादमिक, खेल और सह-पाठ्यक्रम परिणामों में सुधार हो।

ओडिशा: EMRS आंदोलन में अग्रणी

आयुक्त ने होस्ट राज्य ओडिशा के योगदान की सराहना करते हुए बताया:

  • ओडिशा में देश में सबसे अधिक 114 EMRS स्वीकृत हैं।

  • वर्तमान में राज्य के 17 जिलों में 47 कार्यरत EMRS हैं, जिनमें 12,306 से अधिक छात्र नामांकित हैं।

  • ओडिशा ने 5वें राष्ट्रीय EMRS सांस्कृतिक उत्सव (2024) की सफलता के बाद एक बार फिर उत्कृष्ट राष्ट्रीय आयोजन प्रस्तुत किया।

4th राष्ट्रीय EMRS खेल सम्मेलन की उपलब्धियाँ

  • 8 स्थलों पर 22 खेल विधाओं में प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं।

  • 7000 से अधिक व्यक्तियों ने शिक्षकों, अधिकारियों, स्वयंसेवकों और सहयोगी कर्मचारियों के रूप में सहयोग दिया।

  • छात्र एथलीटों ने उत्कृष्ट खेल भावना, अनुशासन और दृढ़ता का प्रदर्शन किया, जिनमें से कई भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने की क्षमता रखते हैं।

आभार व्यक्त

आयुक्त ने विशेष रूप से धन्यवाद व्यक्त किया:

  • माननीय मुख्यमंत्री, ओडिशा सरकार

  • आदिवासी मामलों का मंत्रालय, भारत सरकार

  • ओडिशा सरकार, ST & SC विकास विभाग

  • जिला प्रशासन, सुंदरगढ़

  • राउरकेला स्टील प्लांट, ओडिशा पर्यटन विकास निगम

  • खेल प्राधिकरण, I&PR विभाग, स्वास्थ्य, परिवहन, पुलिस और संबंधित सभी विभाग

  • आयोजन प्रबंधन टीम, UNDP, स्वयंसेवक और सहयोगी कर्मचारी

  • शिक्षकों, एस्कॉर्ट टीम और खेल मेंटर्स के समर्पित प्रयासों के लिए

EMRS छात्रों के लिए संदेश

आयुक्त ने छात्रों को यह प्रेरक संदेश दिया:

“आपमें से प्रत्येक एक संभावनाओं की कहानी है। आपके गांव से इन स्टेडियम तक का आपका सफर स्वयं में विजय है। आप रूढ़ियों को तोड़ रहे हैं और साबित कर रहे हैं कि भारत के आदिवासी युवा एक समावेशी और सशक्त भविष्य बनाएंगे। आप केवल भाग नहीं ले रहे हैं—आप इतिहास रच रहे हैं।”

समापन टिप्पणी

आयुक्त ने खेल सम्मेलन को समाप्त घोषित करते हुए कहा कि EMRS आंदोलन अब एक शक्तिशाली, दृश्यमान और आत्मविश्वासी परिवर्तनकारी शक्ति बन चुका है। उन्होंने सभी भाग लेने वाले राज्यों, एथलीटों, स्कूलों, कोचों और माता-पिता को बधाई दी और उन्हें एकता, उत्कृष्टता और आकांक्षा की भावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि NESTS आदिवासी युवाओं के लिए अकादमिक, खेल, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण के अवसरों को मजबूत करने के लिए निरंतर काम करता रहेगा।


“संसद खेल महोत्सव 2025 – पूर्वी दिल्ली” का हुआ भव्य शुभारंभ: केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने युवाओं में खेल भावना और फिटनेस के महत्व पर दिया जोर

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पूर्वी विनोद नगर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आज “संसद खेल महोत्सव 2025 – पूर्वी दिल्ली” का शुभारंभ हुआ। यह महोत्सव स्थानीय खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए एक प्रमुख पहल है। कार्यक्रम में कॉर्पोरेट कार्य, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ पटपड़गंज के विधायक रविंदर सिंह नेगी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

अपने संबोधन में हर्ष मल्होत्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को दोहराते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर एक मजबूत खेल संस्कृति का निर्माण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवाओं की जोशपूर्ण भागीदारी देश में खेलों के प्रति बढ़ती रुचि और उनकी असीम ऊर्जा को दर्शाती है।

मंत्री महोदय ने कहा कि “संसद खेल महोत्सव” का उद्देश्य केवल खेल और फिटनेस को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि वास्तविक प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने का भी है। उन्होंने खेलों के पाँच ‘S’ — Speed (गति), Stamina (सहनशक्ति), Skill (कौशल), Strength (बल) और Spirit (आत्मा) का उल्लेख करते हुए कहा कि इनमें Spirit सबसे महत्वपूर्ण है।

हर्ष मल्होत्रा ने “खेलो भारत नीति 2025” का उल्लेख करते हुए बताया कि यह नीति देश के खेल परिदृश्य को नया रूप देने और नागरिकों को खेलों के माध्यम से सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि खेलों को शिक्षा और संस्कृति के समान महत्व दिया जाना चाहिए, क्योंकि यही भारत के भविष्य के खेल चैंपियनों को तैयार करेंगे।

इस संसद खेल महोत्सव में एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, कुश्ती, फुटबॉल सहित 11 प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएंगी, जिनमें विभिन्न आयु वर्ग के लड़के और लड़कियाँ भाग लेंगे।

हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भागीदारी के अवसर प्रदान किए जाएंगे।

कार्यक्रम के अंत में मंत्री महोदय ने स्कूलों, कॉलेजों, खेल क्लबों और स्थानीय खिलाड़ियों से अधिकतम भागीदारी की अपील की ताकि यह महोत्सव एक भव्य सफलता बन सके।

खेल हमें जीवन में बहुत कुछ सिखाता है, खेल से मिलती है आगे बढ़ने की प्रेरणा: लखन लाल देवांगन

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रायपुर- छत्तीसगढ़ के कोरबा के CSEB फुटबॉल ग्राउंड में प्रदेश सरकार के वाणिज्य, उद्योग व श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन द्वारा दीप प्रज्वलित कर 25वीं राज्य स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। इस दौरान कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, नगर पालिक निगम महापौर कोरबा संजूदेवी राजपूत, सभापति नूतन सिंह ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि लखन लाल देवांगन ने कहा कि यह गौरव की बात है कि राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता की मेजबानी कोरबा जिले को पुनः मिली है। उन्होंने कहा कि खेल जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। खेल हमें जीवन में बहुत कुछ सिखाता है; इसमें हार-जीत लगती रहती है, लेकिन निराश होने की जरूरत नहीं है। अपनी गलतियों और कमियों को सुधारकर हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहिए।

मंत्री ने कहा कि खेल से शारीरिक के साथ-साथ बौद्धिक विकास भी होता है। खेल हमें स्पर्धा, समर्पण, मेहनत और टीम भावना सिखाते हैं। इस प्रकार के आयोजन से विभिन्न क्षेत्रों के लोग एक-दूसरे की संस्कृति और रीति-रिवाजों से परिचित होने का अवसर पाते हैं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी इस प्रतियोगिता से सुखद यादें और अनुभव लेकर जाएंगे, जो जीवन भर काम आएंगी। उन्होंने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि वे देश का आने वाला कल हैं। शिक्षा के साथ-साथ खेल और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ते रहें।

विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल ने कहा कि खेल जीवन के लिए बहुमूल्य हैं। खेल से प्रतिभा निखरती है। जीवन में धैर्य और अनुशासन के साथ कठिन परिश्रम करने पर अच्छा परिणाम मिलता है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को अपने संभाग का प्रतिनिधित्व करने और ऊर्जा के साथ खेलने के लिए प्रोत्साहित किया।

शुभारंभ कार्यक्रम में लखन लाल देवांगन ने 25वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन और ध्वजोत्तोलन किया। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के नियमों और विधियों का पालन करने और देश तथा खेल के गौरव के लिए सच्ची खेल भावना के साथ भाग लेने की शपथ दिलाई।

शुभारंभ अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुति दी गई और पांचों संभाग के खिलाड़ियों द्वारा आकर्षक मार्च पास्ट का प्रदर्शन किया गया।

जिला शिक्षा अधिकारी ने खेल प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में प्रदेश के बस्तर, दुर्ग, रायपुर, सरगुजा और बिलासपुर संभागों के प्रतिभागी शामिल हैं। 12 से 15 अक्टूबर तक चलने वाले चार दिवसीय राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्ग की दो विधाओं की प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसके अंतर्गत क्रिकेट, तैराकी, हॉकी, वॉलीबाल, वाटर पोलो बालक/बालिका प्रतियोगिताएं शामिल हैं।



डॉ. मनसुख मांडविया ने 2025 वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों का सम्मान किया

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नई दिल्ली- केंद्रीय युवा मामले और खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज नई दिल्ली 2025 वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों का सम्मान किया। उन्होंने खिलाड़ियों की अद्वितीय लगन, दृढ़ता और रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन की सराहना की, जिसने देश का नाम रोशन किया।

इस प्रतियोगिता में भारत ने अपनी इतिहास की अब तक की सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज की, कुल 22 पदक जीतकर 10वां स्थान हासिल किया — 6 गोल्ड, 9 सिल्वर और 7 ब्रॉन्ज। युवा मामले और खेल मंत्रालय ने इन पैरा एथलीटों को 1.09 करोड़ रुपये से अधिक की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की।

डॉ. मांडविया ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा:
"आप पैरा एथलीट नहीं हैं, बल्कि भारत के पावर एथलीट हैं। पदक जीतकर आपने देश का गौरव बढ़ाया और विशेष रूप से दिव्यांग लोगों को प्रेरित किया। आपका उत्साह और जुनून सराहनीय है।"

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपके मैच टीवी पर देख रहे थे और हमारी बैठकों में आपकी प्रगति के बारे में पूछते रहते थे।

यह सम्मान समारोह भारत में अब तक के सबसे सफल वैश्विक पैरा-खेल आयोजन के बाद आयोजित किया गया। नई दिल्ली 2025 वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित, भारत में अब तक का सबसे बड़ा पैरा-खेल कार्यक्रम था, जिसमें 100 देशों के 2,100 से अधिक प्रतिभागी 186 पदक इवेंट्स में भाग लिए।

कार्यक्रम में पैरालंपिक कमिटी ऑफ इंडिया (PCI) के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने कहा कि "खेल मंत्रालय और खेल प्राधिकरण भारत (SAI) ने हमें परिवार की तरह सहयोग दिया। WPA ने हमें फाइनल दिन इस आयोजन को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए ट्रॉफी दी। IPC अध्यक्ष एंड्रयू पार्सन्स और वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स अध्यक्ष पॉल फ्रिट्ज़रल्ड ने कहा कि खिलाड़ियों को दी गई सुविधाएँ और खेलों का तकनीकी संचालन उच्चतम स्तर का था।"

खिलाड़ियों ने MONDO ट्रैक की भी प्रशंसा की। सुमित अंतिल ने कहा:
"हम सभी MONDO ट्रैक के लिए बहुत खुश थे, जो वार्म-अप और प्रतिस्पर्धा दोनों क्षेत्रों में था। इसके अलावा, होटल, परिवहन और स्थानीय स्वयंसेवक भी बहुत सहायक थे।"

सैलेश कुमार, जिन्होंने WPAC 2025 में भारत के लिए पहला गोल्ड जीता, ने कहा:
"भारत में इतनी बड़ी प्रतियोगिता आयोजित होना गर्व की बात थी। पहले दिन थोड़ी घबराहट थी, लेकिन तैयारी बहुत अच्छी थी। ट्रैक और घरेलू समर्थन बेहद अनुकूल थे।"

दोहरा पदक विजेता प्रीति पाल ने मेडिकल सेंटर की उपयोगिता बताई:
"मेडिकल रूम ने हमें हमारी रेसों के बीच रिकवरी में बहुत मदद की। विशेष रूप से आइस बाथ बेहद लाभकारी रहा।"

डॉ. मांडविया ने खिलाड़ियों की मानसिक दृढ़ता की सराहना करते हुए कहा:
"आपने 'विकलांगता को संकल्प' में बदल दिया। यह साहस की नई परिभाषा है जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी। आप केवल पदक ही नहीं जीते, बल्कि हमारे दिल भी जीत लिए। जब इरादा मजबूत होता है, तो व्हीलचेयर भी पंख बन सकती हैं।"


नई दिल्ली में वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 का भव्य आगाज़

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भारतीय खेलों के लिए ऐतिहासिक दिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इंडियनऑयल नई दिल्ली 2025 वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेज़बानी भारत को दुनिया के सामने एक “खेल-प्रेमी और समावेशी” राष्ट्र के रूप में स्थापित करेगी। इस चैंपियनशिप का उद्घाटन समारोह गुरुवार शाम प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित हुआ।

प्रधानमंत्री मोदी ने 100 देशों से आए लगभग 2,200 प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा:

“बाधाएँ तोड़ते हुए और नए मानदंड स्थापित करते हुए, पैरा एथलीट्स ने भारत की पहचान को एक उभरते हुए खेल केंद्र के रूप में मजबूत किया है और लाखों लोगों को खेलों को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया है।”

भारत, क़तर (2015), यूएई (2019) और जापान (2024) के बाद विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेज़बानी करने वाला चौथा एशियाई देश बना है। इस आयोजन का प्रबंधन भारतीय पैरालंपिक समिति कर रही है।

पीएम मोदी का संदेश

मोदी ने कहा कि भारत को WPAC 2025 की मेज़बानी पर गर्व है। उन्होंने कहा:“खेल लोगों को जोड़ने का सबसे बड़ा माध्यम है, जो धर्म, क्षेत्र और राष्ट्रीयता जैसी सारी सीमाओं को पार कर देता है। आज की दुनिया में खेल के इस एकजुट करने वाले पहलू को और अधिक महत्व देना ज़रूरी है। मुझे पूरा विश्वास है कि WPAC का प्रतिभागियों और दर्शकों पर भी ऐसा ही प्रभाव होगा।”

रंगारंग उद्घाटन समारोह

इस अवसर पर केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, राज्य मंत्री रक्षा खडसे, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सांसद कंगना रनौत, दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद, और वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स प्रमुख पॉल फिट्ज़गेराल्ड मौजूद थे।

यह चैंपियनशिप नव-निर्मित मॉन्डो ट्रैक पर आयोजित होने वाला पहला आयोजन है। यह ट्रैक नीले रंग की छटाओं में है, जिसका उपयोग पेरिस पैरालंपिक 2024 में हुआ था। 29 अगस्त (राष्ट्रीय खेल दिवस) को डॉ. मांडविया ने इसका उद्घाटन किया था। गुरुवार को उन्होंने मॉन्डो वार्म-अप ट्रैक और एक मल्टी-स्पेशलिटी जिम्नेज़ियम का भी शुभारंभ किया, जहाँ एक साथ 200 से अधिक खिलाड़ी अभ्यास कर सकेंगे।

भारत का सबसे बड़ा पैरा दल

डॉ. मांडविया ने कहा:“भारत के लिए यह विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप गर्व, प्रगति और उद्देश्य का प्रतीक है। हमने 74 एथलीट्स का अपना सबसे बड़ा पैरा दल तैयार किया है। यह इस बात का सबूत है कि पैरा खेल अब देश की जड़ों में गहराई तक उतर चुके हैं।”

उन्होंने बताया कि सुमित अंतिल, प्रीति पाल, दीप्ति जीवनजी, धरमबीर नैण और प्रवीण कुमार जैसे चैंपियन घरेलू मैदान पर प्रतिस्पर्धा करेंगे।

प्रतियोगिता और लक्ष्य

WPAC 27 सितम्बर से शुरू होगी, जिसमें कुल 186 स्वर्ण पदक दांव पर होंगे।

वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स प्रमुख फिट्ज़गेराल्ड ने कहा:“दुनिया भर के दर्शक इन शानदार एथलीट्स को नई सुविधाओं में अपनी प्रतिभा, गति और ताक़त का प्रदर्शन करते देखेंगे। यहाँ विश्व रिकॉर्ड भी टूटेंगे और नए चैंपियन भी बनेंगे। लेकिन हर खिलाड़ी अपने सपने पूरे नहीं कर पाएगा। जीत और हार दोनों के अनुभव इस आयोजन को अविस्मरणीय बनाएंगे।”

भारत की भविष्य की महत्वाकांक्षाएँ

डॉ. मांडविया ने कहा कि यह आयोजन भारत की भविष्य में बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेज़बानी करने की क्षमता को परखने की दिशा में एक कदम है। उन्होंने बताया कि भारत कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और ओलंपिक खेल 2036 की मेज़बानी की तैयारी में है।
“खेल केवल चैंपियन नहीं बनाते, बल्कि शांति, प्रगति और स्वास्थ्य को भी बढ़ावा देते हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि WPAC भारत में सुलभ खेल सुविधाएँ, बेहतर सहयोग तंत्र और समान अवसरों के लिए नई सोच पैदा करेगा। यही इस आयोजन की सच्ची विरासत होगी।

भारत की पैरा खेल उपलब्धियाँ

भारत के शीर्ष पैरा एथलीट्स, जिनमें कई पैरालंपिक पदक विजेता और विश्व चैंपियन शामिल हैं, घरेलू परिस्थितियों में खेलने को उत्साहित हैं।

  • कोबे (जापान) 2024 में भारत ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था — 17 पदक (6 स्वर्ण, 5 रजत, 6 कांस्य) जीतकर छठा स्थान हासिल किया।

  • 2023 पेरिस संस्करण में भारत ने 10 पदक (3 स्वर्ण, 4 रजत, 3 कांस्य) जीते थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा:

“भारतीय पैरा एथलीट्स का प्रदर्शन धैर्य और संकल्प की नई परिभाषा है। उनकी उपलब्धियों ने यह विश्वास जगाया है कि कोई भी चुनौती इतनी बड़ी नहीं कि उसे पार न किया जा सके।”


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