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एनडीएमए एवं एनडीआरएफ की संयुक्त बैठक सम्पन्न

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रायपुर- छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण( सीजीएसडीएमए) में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) एवं राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के अधिकारियों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की गई।  

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने बताया कि राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण, मानसून अवधि की तैयारियों तथा आपदा प्रतिक्रिया तंत्र के बारे में बताया। राज्य में बाढ़, अतिवृष्टि, आकाशीय बिजली एवं भूस्खलन जैसी मौसमी आपदाओं की तैयारियों की समीक्षा की। राज्य एवं जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की कार्यप्रणाली तथा समन्वय व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों ने जानकारी दी। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं जिला प्रशासन के मध्य त्वरित प्रतिक्रिया एवं समन्वय को और सुदृढ़ बनाने पर विचार किया गया। इसी तरह से पूर्व चेतावनी प्रणाली सचेत प्लेटफॉर्म एवं सेल ब्रॉडकास्ट आधारित अलर्ट प्रणाली की प्रभावी उपयोग की भी समीक्षा की गई। एनडीएमए के संयुक्त सलाहकार संजीव सही द्वारा राज्य में किये जा रहे आपदा प्रबंधन कार्यों में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग पर प्रकाश डाला।

मॉक एक्सरसाइज, क्षमता निर्माण, सामुदायिक जागरूकता तथा संसाधनों की उपलब्धता पर चर्चा हुई। इसी तरह से आगामी मानसून अवधि के दौरान संवेदनशील जिलों में बेहतर समन्वय एवं त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बढ़ाने, पूर्व तैयारी को मजबूत करने तथा किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।

सावन में भोरमदेव धाम पर सुरक्षा का कड़ा पहरा: 500 से ज्यादा जवान तैनात, ड्रोन व CCTV से होगी निगरानी

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 कवर्धा : सावन माह में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध भोरमदेव, डोंगरिया और बुढ़ा महादेव धाम पहुंचने वाले हजारों कांवड़ियों तथा पदयात्री श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर कबीरधाम पुलिस प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। पूरे यात्रा मार्ग पर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए व्यापक ट्रैफिक प्रबंधन योजना लागू की गई है।


इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था में 500 से अधिक पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, होमगार्ड जवानों और स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है। असामाजिक तत्वों पर नजर रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरे मार्ग की निगरानी ड्रोन तथा CCTV कैमरों के जरिए की जाएगी।

8 सेक्टरों में बंटा यात्रा मार्ग, जगह-जगह बने चेक पोस्ट

  • पुलिस प्रशासन के अनुसार, पूरे यात्रा मार्ग को सुरक्षा की दृष्टि से आठ अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित किया गया है:
  • सेक्टर पेट्रोलिंग: आठ समर्पित पेट्रोलिंग वाहन लगातार गश्त पर रहेंगे।
  • चेक पोस्ट: मुख्य प्रवेश द्वारों और प्रमुख मार्गों पर आठ चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं, जहां आने-जाने वाले वाहनों और संदिग्धों की जांच की जाएगी।
  • त्वरित कार्रवाई: कंट्रोल रूम से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) मौके पर तत्काल पहुंचेगी।

ट्रैफिक डायवर्जन: रविवार और सोमवार को बंद रहेगा सामान्य यातायात

  • श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के सुगम व सुरक्षित आवागमन को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने रूट डायवर्जन प्लान जारी किया है:
  • प्रतिबंध: श्रावण मास के प्रत्येक रविवार और सोमवार को भोरमदेव रोड पर आम गाड़ियों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
  • वैकल्पिक मार्ग: इस दौरान सामान्य वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से भेजा जाएगा ताकि कांवड़ियों की पैदल यात्रा में कोई बाधा न आए।
  • ब्लैक स्पॉट्स पर पिकेट: मार्ग के अंधे मोड़ों, ढलान, चढ़ाई और प्रमुख चौराहों पर विशेष ट्रैफिक पिकेट लगाए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर भारी वाहनों को भी अस्थायी रूप से रोका जाएगा।

3 अगस्त (पहला सोमवार) को उमड़ेगी भारी भीड़, पुलिस अलर्ट

पुलिस के अनुमान के अनुसार, श्रावण मास के पहले सोमवार (3 अगस्त) को श्रद्धालुओं का सबसे बड़ा जत्था उमड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए धाम परिसर और मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। सुबह से ही अधिकारी ट्रैफिक कंट्रोल, क्राउड मैनेजमेंट और आपातकालीन सहायता के लिए तैनात रहेंगे।

पुलिस की अपील:

कबीरधाम पुलिस ने सभी पदयात्रियों व श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सड़क के किनारे-किनारे ही चलें और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करें, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका को टाला जा सके।

सड़क पर केज व्हील वाले ट्रैक्टर दौड़े तो कटेगा चालान

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रायपुर- खेतों में जुताई और मिट्टी पलटने के लिए इस्तेमाल होने वाले लोहे के केज व्हील (पिंजरा पहिया) लगे ट्रैक्टर अब सार्वजनिक सड़कों और सीमेंट रोड पर नहीं चल सकेंगे। ऐसे ट्रैक्टर सड़क पर चलते पाए जाने पर परिवहन विभाग मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई करेगा। जिला परिवहन विभाग ने किसानों और ट्रैक्टर संचालकों को इस संबंध में चेतावनी जारी करते हुए नियमों का पालन करने की अपील की है।

परिवहन विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर सभी जिला परिवहन अधिकारियों को सार्वजनिक सड़कों पर केज व्हील लगे ट्रैक्टरों का संचालन रोकने और उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

दरअसल, यह फैसला उच्च न्यायालय, बिलासपुर में दायर एक जनहित याचिका के बाद लिया गया है। याचिका में कहा गया था कि कृषि कार्यों के लिए बनाए गए केज व्हील का उपयोग केवल खेतों तक सीमित होना चाहिए, लेकिन कई स्थानों पर इन्हें सड़कों और राजमार्गों पर भी चलाया जा रहा है। इससे सड़कें क्षतिग्रस्त होती हैं और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। परिवहन विभाग का कहना है कि सार्वजनिक मार्गों पर ऐसे ट्रैक्टरों का संचालन मोटरयान अधिनियम और प्रचलित नियमों के अनुरूप नहीं है।

परिवहन विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि जुताई या मिट्टी पलटने का कार्य पूरा होने के बाद ट्रैक्टर से केज व्हील हटाकर सामान्य रबर के टायर लगाएं और उसके बाद ही सार्वजनिक सड़कों पर वाहन चलाएं। इससे सड़कें सुरक्षित रहेंगी और हादसों की आशंका भी कम होगी। परिवहन विभाग ने कहा है कि अपील के बावजूद यदि कोई ट्रैक्टर चालक केज व्हील लगे ट्रैक्टर के साथ सार्वजनिक सड़क पर चलता पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार चालान सहित विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

बेंगलुरु डे-केयर सेंटर में बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार से देश स्तब्ध, पुलिस जांच में जुटी

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बेंगलुरु- बेंगलुरु के एक डे-केयर सेंटर में छोटे बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद पूरे देश में चिंता और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और डे-केयर सेंटर के संचालन व कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, डे-केयर सेंटर में मासूम बच्चों के साथ कथित रूप से अमानवीय व्यवहार किए जाने के आरोप लगे हैं। घटना सामने आने के बाद अभिभावकों में भारी नाराजगी है और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

इस मामले ने देशभर में डे-केयर और चाइल्डकेयर केंद्रों की निगरानी तथा सुरक्षा मानकों को और सख्त बनाने की मांग तेज कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे संस्थानों में नियमित निरीक्षण, प्रशिक्षित स्टाफ और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अग्नि सुरक्षा को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगी नई स्थिति रिपोर्ट

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बिलासपुर- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य में अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था को लेकर गंभीर रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से अग्नि सुरक्षा संबंधी तैयारियों और आधुनिकीकरण कार्यों पर नई स्थिति रिपोर्ट (Status Report) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि अग्निशमन सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए 280 करोड़ रुपये से अधिक की व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इस योजना के तहत राज्यभर में नए फायर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, मौजूदा फायर स्टेशनों को सुदृढ़ किया जाएगा तथा अत्याधुनिक अग्निशमन वाहन, बचाव उपकरण और अन्य आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

सरकार ने यह भी जानकारी दी कि अग्निशमन विभाग की क्षमता बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके।

हाईकोर्ट ने सरकार से इन योजनाओं की प्रगति, समय-सीमा और क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी अगली सुनवाई में प्रस्तुत करने को कहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अग्निशमन सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाने आवश्यक हैं।

राज्य सरकार की इस पहल से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की फायर सेफ्टी और आपदा प्रबंधन प्रणाली को अधिक आधुनिक, सक्षम और प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

देशभर में 4 से 10 मई तक ‘फायर सेफ्टी वीक’ का आयोजन, स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा पर जोर

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स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 4 मई से 10 मई 2026 तक देशभर में ‘फायर सेफ्टी वीक’ की शुरुआत की है। इस अभियान में सभी राज्य, केंद्र शासित प्रदेश और संबंधित केंद्रीय मंत्रालय शामिल हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने “Fire Safety in Health Facilities” थीम के तहत शपथ दिलाई और कहा कि अस्पतालों व स्कूलों में सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित फायर ऑडिट, प्रशिक्षण और आपातकालीन तैयारी को मजबूत करने पर जोर दिया।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सदस्य कृष्ण एस. वात्सा ने कहा कि अस्पतालों में फायर सेफ्टी के लिए एक व्यवस्थित और सक्रिय दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है। वहीं अग्निशमन सेवाओं के महानिदेशक सुनील कुमार झा ने सुरक्षा मानकों के पालन, नियमित जांच और प्रशिक्षण को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय ने “National Guidelines on Fire and Life Safety in Healthcare Facilities (2026)” भी जारी कीं। इन दिशानिर्देशों में जोखिम प्रबंधन, इन्फ्रास्ट्रक्चर, आपातकालीन प्रतिक्रिया, प्रशिक्षण और जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है।

फायर सेफ्टी वीक के दौरान देशभर में मॉक ड्रिल, फायर ऑडिट, जागरूकता अभियान, पोस्टर प्रतियोगिता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंत्रालय ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों से इन दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित और सतर्क स्वास्थ्य व्यवस्था बनाने का आह्वान किया है।

मुख्यमंत्री साय ने सक्ती में वेदांता पावर प्लांट हादसे पर जताया गहरा शोक, जांच के दिए निर्देश

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रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुई दुर्घटना पर  गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट की हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस दुर्घटना में श्रमिकों के निधन एवं कई लोगों के घायल होने का समाचार अत्यंत व्यथित करने वाला है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा उनके परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दें।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में प्रशासन की निगरानी में तेजी से राहत कार्य संचालित किया जा रहा है और घायलों को त्वरित एवं समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी घायलों के उपचार में किसी प्रकार की कमी न हो तथा आवश्यकतानुसार बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही, उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस दुर्घटना की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाए और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर दुर्घटना: 9लोगों की मौत, घायलों का इलाज जारी

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जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से वेदांता प्लांट हादसे में हालात नियंत्रण में

कलेक्टर ने मजिस्ट्रियल जांच के दिए आदेश

सक्ती- जिला सक्ती के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में भीषण बॉयलर दुर्घटना सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार लगभग कई लोग घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्परता, समन्वय और संवेदनशीलता से राहत एवं बचाव कार्य तेज़ी से प्रारंभ कर दिया। 

कलेक्टर अमृत विकास तोपनो एवं पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मौके पर ही राहत एवं बचाव कार्यों का नेतृत्व किया। प्रशासन द्वारा एम्बुलेंस, चिकित्सा दल एवं अन्य आवश्यक संसाधनों को तत्काल सक्रिय करते हुए घायलों को प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका समुचित उपचार जारी है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर द्वारा मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि दुर्घटना के प्रत्येक पहलू की गहन एवं  जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

कलेक्टर ने कहा कि “घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन की पूरी टीम तत्काल सक्रिय हो गई। प्राथमिकता के आधार पर घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया है। सभी को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। घटना की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। घायलों को तेजी से अस्पताल पहुंचाया जा रहा है और स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रहा है। जिला प्रशासन द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग करते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राहत एवं उपचार कार्यों में किसी प्रकार की कमी न हो। सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट मोड में रखते हुए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।


एयर इंडिया की उड़ान AI-132 (लंदन–बेंगलुरु) से संबंधित ईंधन नियंत्रण स्विच की जांच पर स्पष्टीकरण

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दिनांक 01.02.2026 को एयर इंडिया का B787-8 विमान (VT-ANX) उड़ान संख्या AI-132 (लंदन–बेंगलुरु) का संचालन कर रहा था। लंदन में इंजन स्टार्ट के दौरान, दो अवसरों पर चालक दल ने यह देखा कि फ्यूल कंट्रोल स्विच हल्का ऊर्ध्वाधर दबाव डालने पर “RUN” स्थिति में मजबूती से लॉक (positively latched) नहीं रह रहा था। तीसरे प्रयास में स्विच “RUN” स्थिति में सही ढंग से लॉक हो गया और उसके बाद स्थिर बना रहा।

आगे की प्रक्रिया जारी रखने से पहले, चालक दल द्वारा भौतिक रूप से यह सुनिश्चित किया गया कि स्विच पूरी तरह और मजबूती से “RUN” स्थिति में लॉक है। इंजन स्टार्ट के दौरान या उसके बाद किसी भी समय कोई असामान्य इंजन पैरामीटर, चेतावनी, सावधानी संकेत या संबंधित सिस्टम संदेश नहीं पाया गया। इस अवलोकन की जानकारी ड्यूटी पर मौजूद चालक दल के सदस्य को दी गई, स्विच के अनावश्यक संपर्क से बचा गया तथा शेष उड़ान के दौरान इंजन संकेतों और अलर्टिंग सिस्टम की कड़ी निगरानी की गई। उड़ान सुरक्षित रूप से बिना किसी घटना के पूरी की गई।

बेंगलुरु में लैंडिंग के बाद, चालक दल ने इस दोष को PDR (Pilot Defect Report) में दर्ज किया। एयर इंडिया ने इस विषय को आगे मार्गदर्शन के लिए एम/एस बोइंग के संज्ञान में लाया। बोइंग द्वारा सुझाई गई जांचों के आधार पर, ईंधन नियंत्रण स्विच की सेवा-योग्यता स्थापित करने हेतु एयर इंडिया इंजीनियरिंग द्वारा निम्नलिखित निष्कर्ष निकाले गए:

“बाएँ और दाएँ दोनों स्विचों की जांच की गई और उन्हें संतोषजनक पाया गया। लॉकिंग टूथ/पॉल पूरी तरह से बैठा हुआ था और RUN से CUTOFF की ओर फिसल नहीं रहा था। बेस प्लेट के समानांतर पूर्ण बल लगाने पर स्विच सुरक्षित बना रहा। हालांकि, यदि बाहरी बल गलत दिशा में लगाया गया, तो कोणीय बेस प्लेट के कारण स्विच RUN से CUTOFF की ओर आसानी से सरक गया, विशेषकर जब उंगली या अंगूठे से अनुचित ढंग से दबाव डाला गया।”

इसके अतिरिक्त, बोइंग के संचार के आधार पर, अनुशंसित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित फ्यूल कट-ऑफ स्विच, स्थापित किए जाने वाले फ्यूल कंट्रोल यूनिट तथा एक अन्य विमान के फ्यूल कट-ऑफ स्विच पर पुल-टू-अनलॉक फोर्स की जांच की गई। सभी मामलों में यह बल निर्धारित सीमाओं के भीतर पाया गया। ये सभी निरीक्षण DGCA अधिकारियों की उपस्थिति में किए गए।

सोशल मीडिया पर वर्तमान में प्रसारित वीडियो का भी बोइंग द्वारा अनुशंसित प्रक्रियाओं के संदर्भ में विश्लेषण किया गया। विश्लेषण में यह पाया गया कि वीडियो में दर्शाई गई प्रक्रिया गलत है और बोइंग द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है।

इस परिप्रेक्ष्य में, एयरलाइन को सलाह दी जा रही है कि वह फ्यूल CUT OFF स्विच के संचालन से संबंधित बोइंग द्वारा अनुशंसित प्रक्रिया को अपने सभी चालक दल सदस्यों के बीच प्रसारित करे, ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी से बचा जा सके।


बलौदाबाजार स्पंज आयरन फैक्ट्री हादसे पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक

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रायपुर- बलौदा बाजार जिले के बकुलाही स्थित स्पंज आयरन फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट की घटना को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक बताया है। इस दर्दनाक हादसे में 6 श्रमिकों की असमय मृत्यु हो गई, जबकि 5 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें बेहतर एवं उच्च स्तरीय उपचार के लिए बिलासपुर रेफर किया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शोकाकुल परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न हो तथा उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही, हादसे के कारणों की तथ्यपरक जांच सुनिश्चित करने के भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं बाइक चलाकर युवाओं को दिया सुरक्षित ड्राइविंग का संदेश

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रजत जयंती वर्ष के अवसर पर रायपुर में होगा एमआरएफ नेशनल सुपरक्रॉस चैम्पियनशिप 2025 का भव्य आयोजन

रायपुर- छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर राजधानी रायपुर का बूढ़ापारा आउटडोर स्टेडियम आगामी 8 और 9 नवम्बर को रफ्तार, रोमांच और युवाओं के उत्साह का मंच बनेगा। रजत जयंती समारोह की श्रृंखला में आयोजित यह विशेष कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की नई ऊर्जा, नवाचार भावना और युवा सामर्थ्य का प्रतीक होगा।

छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित एमआरएफ नेशनल सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग चैम्पियनशिप 2025 का यह भव्य आयोजन न केवल रोमांचक मोटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देगा, बल्कि युवाओं को सुरक्षित ड्राइविंग, हेलमेट पहनने और सड़क पर रेसिंग से बचने जैसे सामाजिक संदेश देने का भी माध्यम बनेगा।

कार्यक्रम से पूर्व आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं बाइक चलाकर युवाओं को “सेफ ड्राइविंग” का संदेश दिया। उन्होंने आगामी 8-9 नवंबर को आयोजित नेशनल सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग चैंपियनशिप के सफल आयोजन के लिए अपनी  शुभकामनाएं देते हुए कहा, "युवाओं में अपार ऊर्जा है, और उस ऊर्जा को सही दिशा देना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।" मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं को सेफ ड्राइविंग का संदेश देते हुए कहा कि जीवन अनमोल है इसीलिए दुपहिया चलाते समय हमेशा हेलमेट पहने और ट्रैफिक नियमों का पालन करें ।सड़क पर रेसिंग बिल्कुल ना करें।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रजत जयंती वर्ष छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का उत्सव मनाने के साथ ही नई पीढ़ी में अनुशासन, जिम्मेदारी और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ का युवा केवल गति से नहीं, बल्कि संयम और संकल्प से पहचाना जाए।

छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष उज्जवल दीपक ने बताया कि यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास है। उन्होंने कहा,"हम चाहते हैं कि रफ्तार जुनून बने, जोखिम नहीं — यही इस चैम्पियनशिप की असली सोच है।”

इस आयोजन की सबसे खास बात यह है कि रेसिंग सड़क पर नहीं, बल्कि विशेष रूप से निर्मित सुरक्षित रेसिंग ट्रैक पर होगी, जहाँ सभी सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि इस दो दिवसीय सुपरक्रॉस चैम्पियनशिप में देश के शीर्ष राइडर्स हिस्सा लेंगे। एमआरएफ के सहयोग से आयोजित यह प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ को देश के मोटर स्पोर्ट्स मानचित्र पर एक नई और सम्मानजनक पहचान दिलाने जा रही है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा ने एशिया पैसिफिक एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ग्रुप (APAC-AIG) बैठक एवं कार्यशाला का किया उद्घाटन

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नई दिल्ली-नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा ने आज विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित चार दिवसीय एशिया पैसिफिक एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ग्रुप (APAC-AIG) बैठक एवं कार्यशाला (28 से 31 अक्टूबर 2025) का उद्घाटन किया। उद्घाटन सत्र में नागरिक उड्डयन मंत्रालय, एएआईबी (AAIB) भारत, डीजीसीए (DGCA) भारत, आईसीएओ (ICAO) एपीएसी क्षेत्रीय कार्यालय तथा एशिया-प्रशांत क्षेत्र के विभिन्न देशों से आए विदेशी प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

एएआईबी के महानिदेशक जी. वी. जी. युगंधर ने अपने स्वागत भाषण में बताया कि भारत का एएआईबी, आईसीएओ की सुरक्षा पहलों (Safety Initiatives) में सक्रिय भागीदारी निभा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत ने आईसीएओ की 42वीं महासभा में “कंट्रोल्ड फ्लाइट इन्टू टेरेन (CFIT) दुर्घटनाओं की रोकथाम” पर सूचना पत्र प्रस्तुत किया था। उन्होंने दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु सुरक्षा अनुशंसाओं के समयबद्ध कार्यान्वयन के महत्व पर भी जोर दिया और सिंगापुर एयरलाइंस की क्लियर एयर टर्बुलेंस जांच में भागीदारी का उल्लेख किया।

युगंधर ने विश्वभर में दुर्घटनाओं की संख्या घटाने के लिए गहन जांच और ठोस अनुशंसाओं की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सदस्य देशों को भारत की एविएशन प्रयोगशालाओं की सुविधाओं का उपयोग दोष जांच (Defect Investigation) के लिए करने का निमंत्रण दिया।
उन्होंने विदेशी प्रतिनिधियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और योग आधारित जीवनशैली का अनुभव करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर सभी प्रतिनिधियों को आयुष मंत्रालय द्वारा विकसित “वाई-ब्रेक” और नियमित योग मोबाइल ऐप की पुस्तक भेंट की गई। सभी प्रतिनिधियों के लिए 29 अक्टूबर 2025 को अक्षरधाम मंदिर, नई दिल्ली का भ्रमण कार्यक्रम भी निर्धारित किया गया है।

आईसीएओ एपीएसी-एआईजी के चेयरमैन स्टुअर्ट गॉडली और सचिव अनम ने भी प्रतिनिधियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह बैठक दुर्घटना/घटना जांच प्राधिकरणों के बीच विशेषज्ञता, अनुभव और जानकारी के आदान-प्रदान को बढ़ावा देगी और एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र में दुर्घटना जांच क्षमता को सशक्त बनाने में सहयोग करेगी। उन्होंने सुरक्षा अनुशंसाओं के कार्यान्वयन के महत्व को दोहराया और इस आयोजन की मेजबानी के लिए भारत सरकार एवं एएआईबी, भारत का धन्यवाद किया।

अपने संबोधन में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा ने बताया कि भारत ने आईसीएओ एनैक्स-13 के मानकों को अपनाते हुए एयरक्राफ्ट (दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच) नियम, 2017 के अंतर्गत विमान दुर्घटना जांच प्रणाली लागू की है।

उन्होंने भारतीय विमानन क्षेत्र में क्षमता निर्माण (Capacity Building) की योजनाओं की जानकारी दी, जिनमें शामिल हैं —

  • जेवर में राष्ट्रीय विमानन सुरक्षा केंद्र (National Aviation Safety Center) की स्थापना,

  • राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय (RGNAU) में USOAP ऑडिटर्स कोर्स की शुरुआत,

  • भारतीय वायुवन अधिनियम 2024 के अंतर्गत DGCA और AAIB को सुदृढ़ बनाना,

  • इन संगठनों में अधिकारियों की संख्या दोगुनी करने की योजना।
    उन्होंने आईसीएओ ऑडिट्स में डीजीसीए और एएआईबी के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और वैश्विक व क्षेत्रीय सुरक्षा प्रवृत्तियों पर प्रकाश डाला।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किनजारप्पु राममोहन नायडू का संदेश जी. वी. जी. युगंधर द्वारा पढ़ा गया। उन्होंने कहा कि यह वर्ष का सम्मेलन विशेष है क्योंकि यह पहली बार भारत में आयोजित किया जा रहा है और भारत इस 13वें APAC-AIG सम्मेलन की मेजबानी करके गौरवान्वित है।
उन्होंने कहा कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र ने सुरक्षा निगरानी और दुर्घटना रोकथाम में सदस्य देशों के सहयोगात्मक प्रयासों से लगातार वैश्विक मानक स्थापित किए हैं।

मंत्री ने उल्लेख किया कि इस क्षेत्र की दुर्घटना दर पिछले दशक में वैश्विक औसत से कम रही है, जो सभी हितधारकों की प्रतिबद्धता और पेशेवर उत्कृष्टता को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि भारत ने आईसीएओ SARPS के प्रभावी कार्यान्वयन (Effective Implementation) में उल्लेखनीय प्रगति की है — भारत का स्कोर अब 85% तक पहुँच गया है, जो 2018 में 70% था। इसके साथ भारत की वैश्विक रैंकिंग 112 से बढ़कर 55 हो गई है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का विमानन क्षेत्र, जो अब विश्व का तीसरा सबसे बड़ा और सबसे तेज़ी से विकसित होने वाला क्षेत्र है, असाधारण विकास पथ पर अग्रसर है।
भारत सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक 350 से 400 हवाईअड्डों की स्थापना का है, जो विकास, अवसर और कनेक्टिविटी का प्रतीक है, साथ ही यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी कि वायु सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहे।

सत्र का समापन एएआईबी के निदेशक रमेश बाबू के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

एनएचआरसी ने अहमदाबाद में होर्डिंग गिरने से मजदूरों की मौत का स्वतः संज्ञान लिया

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अहमदाबाद- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC),ने अहमदाबाद के बोपल क्षेत्र में सात मंजिला इमारत की छत से एक विज्ञापन होर्डिंग गिरने की खबर पर स्वतः संज्ञान लिया। इस घटना में दो मजदूरों की मौत हुई और एक गंभीर रूप से घायल हुआ। यह दुर्घटना 27 सितंबर 2025 को हुई थी।

आयोग ने कहा कि यदि मीडिया रिपोर्ट की जानकारी सत्य है, तो यह मानवाधिकार उल्लंघन का गंभीर मामला है। इस कारण आयोग ने मुख्य सचिव, गुजरात सरकार और अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर मामले की दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 29 सितंबर 2025 को प्रकाशित खबर में बताया गया कि लगभग 15 मजदूर एक आवासीय भवन की छत पर लगभग 80 फीट ऊँचाई पर होर्डिंग स्थापित कर रहे थे, तभी वह गिर गई। गिरने से दस मजदूर नीचे जा गिरे, जिनमें से दो की मौत हो गई, एक गंभीर रूप से घायल हुआ और सात अन्य को मामूली चोटें आई। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।


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