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जनजातीय गौरव दिवस पर राष्ट्रपति मुर्मु का संबोधन: जनजातीय विरासत और विकास को नई दिशा

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भारत की राष्ट्रपति,द्रौपदी मुर्मु ने आज (20 नवंबर, 2025) छत्तीसगढ़ के सरगुजा, अंबिकापुर में, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह में शामिल होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि भारत, जो लोकतंत्र की जननी है, उसके इतिहास में जनजातीय समुदायों का योगदान एक गौरवमयी अध्याय है। इसके उदाहरण प्राचीन गणराज्यों में और असंख्य जनजातीय परंपराओं में दिखते हैं, जैसे कि बस्तर का ‘मुरिया दरबार’—जो कि आदिम जनजातीय जन-सभा के रूप में जाना जाता है।

राष्ट्रपति ने कहा कि जनजातीय विरासत की गहरी जड़ें देश के विभिन्न हिस्सों—छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड—में विद्यमान हैं। उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ सरकार ने 1 नवंबर से 15 नवंबर तक 'जनजातीय गौरव पखवाड़ा' बड़े स्तर पर मनाया।

राष्ट्रपति ने बताया कि पिछले एक दशक में जनजातीय समुदायों के विकास और कल्याण के लिए अनेक राष्ट्रीय स्तर की योजनाएँ बनाई और लागू की गई हैं। पिछले वर्ष गांधी जयंती के अवसर पर ‘धरती अबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान’ शुरू किया गया था, जिसके लाभ देशभर के पाँच करोड़ से अधिक जनजातीय भाइयों और बहनों तक पहुँचेंगे। वर्ष 2023 में 75 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) की शुरुआत की गई। ये सभी योजनाएँ जनजातीय समुदायों को दी जा रही सर्वोच्च प्राथमिकता को दर्शाती हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष पर केंद्र सरकार ने ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ शुरू किया है, जिससे जनजातीय समुदायों के विकास प्रयासों को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस अभियान में देशभर में लगभग 20 लाख स्वयंसेवकों का एक विस्तृत नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि ये स्वयंसेवक जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए जनजातीय समुदायों के विकास को सुनिश्चित करेंगे।

\राष्ट्रपति ने प्रसन्नता जताई कि देशभर में, विशेषकर छत्तीसगढ़ में लोग वामपंथी उग्रवाद (Left Wing Extremism) के मार्ग को छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के सुविचारित और संगठित प्रयासों से निकट भविष्य में वामपंथी उग्रवाद का उन्मूलन संभव होगा। उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि हाल ही में आयोजित ‘बस्तर ओलंपिक’ में 1,65,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने विश्वास जताया कि जनजातीय नायकों के आदर्शों का पालन करते हुए छत्तीसगढ़ के लोग एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में अमूल्य योगदान देंगे।



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेडियापाड़ा में जनजातीय गौरव दिवस पर अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सराहना की

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ का कर रहे है कायाकल्प- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूरी निष्ठा से कार्यरत — मुख्यमंत्री

रायपुर- गुजरात के डेडियापाड़ा में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने उद्बोधन के दौरान छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व की विशेष रूप से प्रशंसा की। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में जनजातीय समाज की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व भारत के विकास की नई पहचान बन रहा है, और इस दिशा में छत्तीसगढ़ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति के लिए लोकतांत्रिक भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज से आने वाले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में व्यापक विकास हो रहे हैं और सभी क्षेत्रों में सकारात्मक दिशा में निर्णायक प्रगति दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि शासन, सेवा और विकास के प्रत्येक आयाम में जनजातीय समाज का प्रतिनिधित्व और सशक्तिकरण ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र की वास्तविक शक्ति को प्रमाणित करता है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ दिन पूर्व रायपुर में उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ के जनजातीय इतिहास, परंपरा, कला और बलिदान का भव्य प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक राष्ट्रीय धरोहर के रूप में स्थापित होगा।

प्रधानमंत्री के उद्बोधन में छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदाय, उनकी संस्कृति तथा राज्य में चल रहे जनजातीय उत्थान के प्रयासों की जिस प्रकार सराहना की गई, उसने पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इन शब्दों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया सम्मान समूचे छत्तीसगढ़वासियों का मनोबल बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के मंत्र को आधार बनाकर जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्यरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन से राज्य में जनजातीय सशक्तिकरण, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका तथा सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय गति प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हमारे देश के गौरव हैं। देश का जनजातीय समाज उनके स्नेह और उदारता के लिए कृतज्ञ है। छत्तीसगढ़ के लिए उनका कहा हुआ प्रत्येक शब्द अमृत के समान है। उनके इस स्नेह को प्रसाद मानते हुए हम और अधिक उत्साह के साथ छत्तीसगढ़ महतारी की अर्चना में स्वयं को समर्पित करते हैं।

अपने संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विकास यात्रा को तीव्र गति देते हुए राज्य सरकार ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण के माध्यम से ‘विकसित भारत’ के प्रधानमंत्री के संकल्प की सिद्धि में अपना पूर्ण योगदान देगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंत में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार जनजातीय समाज की अस्मिता, स्वाभिमान और आकांक्षाओं को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आशीर्वाद से यह विकास यात्रा और अधिक गतिशील, प्रभावी और व्यापक बनेगी।

राउरकेला में 4th राष्ट्रीय EMRS स्पोर्ट्स मीट 2025 का भव्य समापन, तेलंगाना ने जीता ओवरऑल चैम्पियनशिप

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राउरकेला- बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम में आज 4th राष्ट्रीय EMRS खेल प्रतियोगिता 2025 का भव्य समापन हुआ। यह आयोजन पूरे देश में मनाए जा रहे भगवान बिरसा मुंडा जनजातीय गौरव दिवस के साथ खास तौर पर मेल खाता रहा। कार्यक्रम में भगवान बिरसा मुंडा के अदम्य साहस और बलिदान को नमन करते हुए भारत के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत का उत्सव मनाया गया।

यह खेल महोत्सव ओडिशा मॉडल ट्राइबल एजुकेशन सोसाइटी (OMTES) द्वारा, ST & SC विकास, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, ओडिशा सरकार के अंतर्गत आयोजित किया गया। आयोजन का संचालन नेशनल एजुकेशन सोसाइटी फॉर ट्राइबल स्टूडेंट्स (NESTS), जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अतिथि

  • मोहन् चरण माझी, माननीय मुख्यमंत्री, ओडिशा (मुख्य अतिथि)

  • जुअल ओराम, माननीय केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री (विशिष्ट अतिथि)

  • अजीत कुमार श्रीवास्तव, IRAS, आयुक्त, NESTS

  •  बी. परमेश्वरन, IAS, सचिव, ST & SC विकास विभाग, ओडिशा

  • डॉ. शुभंकर मोहापात्र, IAS, कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, सुंदरगढ़

  • दूती चंद, अंतरराष्ट्रीय धाविका

  • सुंदरगढ़ क्षेत्र के माननीय विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि

आयुक्त श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का स्वागत कर खेल प्रतियोगिता की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की और EMRS छात्रों के उत्कृष्ट प्रदर्शन व जनजातीय समुदायों में बढ़ती खेल संस्कृति की सराहना की।

परिणाम सारांश

ओवरऑल स्पोर्ट्स चैम्पियन

    • रैंक
    • राज्य
    •  स्वर्ण 
    • रजत
    •  कांस्य
    •  कुल
    •  अंक
    • 1
    • तेलंगाना        
    •  88
    •  66
    •    76
    • 230
    •  714
    • 2
    • छत्तीसगढ़
    •  55
    •  43
    •    64
    • 162
    •  468
    • 3
    • मध्य प्रदेश
    •  40
    •  49
    •    62
    • 151
    •  409

शीर्ष 3 – व्यक्तिगत स्पर्धाएँ

  • रैंक
  • राज्य
  • स्वर्ण
  • रजत
  • कांस्य
  • कुल
  • अंक
  • 1
  • तेलंगाना
  • 82
  • 65
  • 74
  • 221
  • 679
  • 2
  • छत्तीसगढ़
  • 54
  • 43
  • 62
  • 159
  • 461
  • 3
  • मध्य प्रदेश
  • 40
  • 47
  • 61
  • 148
  • 402

शीर्ष 3 – टीम इवेंट्स

  • रैंक
  • राज्य
  • स्वर्ण
  • रजत
  • कांस्य
  • कुल
  • अंक
  • 1
  • तेलंगाना
  • 6
  • 1
  • 2
  • 9
  • 35
  • 2
  • ओडिशा
  • 2
  • 5
  • 1
  • 8
  • 26
  • 3
  • आंध्र प्रदेश
  • 1
  • 2
  • 2
  • 5
  • 13

तेलंगाना ने 230 पदकों और 714 अंकों के साथ ओवरऑल चैम्पियनशिप जीती।

पीएम मोदी के खेल एवं जनजातीय सशक्तिकरण के विज़न की दिशा में बड़ा कदम

यह EMRS खेल महोत्सव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न को आगे बढ़ाता है:

  • खेलो इंडिया – "खेलो, बढ़ो, प्रगति करो"

  • ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में खेल प्रतिभा की खोज

  • EMRS छात्रों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुँचाना

  • फिटनेस, नेतृत्व, टीमवर्क सुदृढ़ करना

  • विकसित भारत के निर्माण में खेलों की भूमिका को मजबूत करना

NESTS और EMRS संस्थान जनजातीय खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय उत्कृष्टता तक ले जाने के मार्ग तैयार कर रहे हैं।

सांस्कृतिक एवं औपचारिक कार्यक्रम की झलकियाँ

समापन समारोह में शामिल थे:

  • छात्रों द्वारा अतिथियों का पारंपरिक स्वागत

  • दीप प्रज्वलन, वंदे मातरम और वेव मार्च

  • ओडिशी एवं धीमसा जैसे सांस्कृतिक नृत्य

  • पदक एवं ट्रॉफी वितरण

  • अद्भुत आतिशबाज़ी

  • मुख्य अतिथि एवं दूती चंद द्वारा मशाल का विसर्जन और EMRS ध्वज अवतरण

कार्यक्रम का समापन कलेक्टर डॉ. शुभंकर मोहापात्र द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।


जंजातीय गौरव दिवस पर संसद में भगवान बिरसा मुंडा को राष्ट्र का नमन

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भारत की राष्ट्रपति,द्रौपदी मुर्मु; भारत के उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति,सी. पी. राधाकृष्णन; लोकसभा अध्यक्ष,ओम बिड़ला; संसदीय कार्य मंत्री एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री,किरण रिजिजू; राज्यसभा के उपसभापति,हरिवंश; सांसदगण; पूर्व सांसद; तथा अन्य विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों ने आज संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर भगवान बिरसा मुंडा की जयंती—जंजातीय गौरव दिवस—के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

ओम बिड़ला ने इससे पहले ‘एक्स’ पर अपने संदेश में लिखा,

“अतुलनीय स्वतंत्रता सेनानी और जनजातीय अस्मिता व स्वाभिमान के शाश्वत प्रतीक धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी की 150वीं जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि, तथा जंजातीय गौरव दिवस की सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएँ।

सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने जल, जंगल और ज़मीन के अधिकारों के लिए जो साहसिक संघर्ष किया, वह विदेशी शासन के विरुद्ध धधकती क्रांति के रूप में उभरा और स्वतंत्रता की चेतना को पूरे देश में फैलाया। उत्पीड़ित, वंचित और जनजातीय समुदायों की आवाज़ बनकर, बिरसा मुंडा जी ने अपने अटल संकल्प, बलिदान और अद्वितीय नेतृत्व से अनगिनत युवाओं में राष्ट्रवाद, आत्मसम्मान और न्याय की भावना जगाई।

उनका जीवन राष्ट्र की सामूहिक स्मृति में सदैव प्रेरणा स्रोत रहेगा और हमें कर्तव्य-पथ, सामाजिक न्याय तथा सांस्कृतिक गरिमा का मार्ग दिखाता रहेगा।”

भगवान बिरसा मुंडा, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध उलगुलान (क्रांति) का नेतृत्व किया, प्रतिरोध के एक सशक्त प्रतीक बन गए। उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने राष्ट्रीय चेतना को प्रज्वलित किया और उनकी विरासत आज भी पूरे देश के जनजातीय समुदायों द्वारा गहरी श्रद्धा से स्मरण की जाती है।

साल 2021 से, 15 नवंबर को जंजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है ताकि जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान का सम्मान किया जा सके। भारत की स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समुदायों ने अनेक क्रांतिकारी आंदोलनों के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह दिवस उनकी गौरवशाली संस्कृति, इतिहास और विरासत का उत्सव है। देशभर में आयोजित कार्यक्रमों का उद्देश्य एकता, गर्व और जनजातीय योगदानों की पहचान को सुदृढ़ करना है।

समारोहों के हिस्से के रूप में, संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर विभिन्न राज्यों के जनजातीय लोक कलाकारों ने प्रदर्शन कर आगंतुकों का स्वागत किया।



प्रधानमंत्री मोदी ने झारखंड स्थापना दिवस और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर दी शुभकामनाएँ, कहा–साहस और संघर्ष की प्रेरणा आज भी ज़िंदा है

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड के लोगों को राज्य स्थापना दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं और इस अवसर पर सभी परिवारों की प्रगति और समृद्धि की कामना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि झारखंड जनजातीय संस्कृति और गौरवशाली इतिहास से समृद्ध प्रदेश है, जिसकी धरती पर साहस और संघर्ष की गाथाएँ सदियों से सुनाई देती हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा को उनकी 150वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस के पावन अवसर पर पूरा देश उनके अद्वितीय योगदान को याद कर रहा है। उनका साहस, संघर्ष और मातृभूमि के लिए बलिदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

प्रधानमंत्री ने अपने X (पूर्व में Twitter) पोस्ट में लिखा:

"जनजातीय संस्कृति से समृद्ध गौरवशाली प्रदेश झारखंड के सभी निवासियों को राज्य के स्थापना दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। भगवान बिरसा मुंडा जी की इस धरती का इतिहास साहस, संघर्ष और स्वाभिमान की गाथाओं से भरा हुआ है। आज इस विशेष अवसर पर मैं राज्य के अपने सभी परिवारजनों के साथ ही यहां की प्रगति और समृद्धि की कामना करता हूं।"

उन्होंने आगे कहा:

"देश के महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा जी को उनकी 150वीं जयंती पर शत-शत नमन। जनजातीय गौरव दिवस के इस पावन अवसर पर पूरा देश मातृभूमि के स्वाभिमान की रक्षा के लिए उनके अतुलनीय योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण कर रहा है। विदेशी हुकूमत के अन्याय के खिलाफ उनका संघर्ष और बलिदान हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।"


जनजातीय गौरव दिवस पखवाड़ा: भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर विधि विभाग का श्रद्धांजलि समारोह

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विधि और न्याय मंत्रालय के विधि विभाग ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में जनजातीय गौरव दिवस पखवाड़ा मनाया। बिरसा मुंडा—एक महान स्वतंत्रता सेनानी, जननायक और आदिवासी समुदाय के प्रेरणास्रोत—की विरासत भारत की न्याय, गरिमा और सांस्कृतिक विविधता के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को सशक्त करती है।

कानून सचिव डॉ. अंजू राठी राणा के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में भारत के राष्ट्र-निर्माण में आदिवासी समुदायों के योगदान और उनके ऐतिहासिक महत्व पर विचार किया गया। बिरसा मुंडा के असाधारण साहस, उनके नेतृत्व और आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए उनके संघर्ष को कार्यक्रम का केंद्र बनाया गया।

“बिरसा मुंडा का जीवन और योगदान” विषय पर एक लघु वीडियो भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों और विभागीय कर्मचारियों को भारत की जनजातीय परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और संघर्षशीलता की झलक देखने को मिली। यह प्रस्तुति बिरसा मुंडा के ऐतिहासिक योगदान और उनकी अमर विरासत को उजागर करती है।

इस अवसर पर “राष्ट्रीय इतिहास और संस्कृति में जनजातीय समुदायों का योगदान” विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर देश की जनजातीय धरोहर के प्रति सम्मान और जागरूकता का संदेश दिया।

कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जनजातीय समुदायों का भारत की पहचान, इतिहास और सांस्कृतिक विविधता में विशिष्ट और अमूल्य योगदान है। जनजातीय गौरव दिवस पखवाड़ा मनाना इस प्रतिबद्धता को मजबूत करता है कि भारत अपने आदिवासी समाज की विरासत को सम्मान, समझ और गर्व के साथ आगे बढ़ाता रहेगा।





प्रधानमंत्री मोदी आज करेंगे जनजातीय गौरव दिवस पर नर्मदा जिले में विकास परियोजनाओं का शुभारंभ, 9,700 करोड़ से अधिक की सौगात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 नवंबर को गुजरात का दौरा करेंगे। लगभग दोपहर 12:45 बजे प्रधानमंत्री नर्मदा जिले में देवमोगरा मंदिर में पूजा और दर्शन करेंगे। इसके बाद, लगभग 2:45 बजे वे नर्मदा जिले के डेढियापाडा जाएंगे और धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस अवसर पर वे 9,700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न अवसंरचना और विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे तथा सभा को संबोधित करेंगे।

डेढियापाडा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, जिनका उद्देश्य जनजातीय समुदायों के उत्थान और क्षेत्र के ग्रामीण एवं दूरदराज़ इलाकों में बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना है।

प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (PM–JANMAN) और धरती आबा जनजातिया ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA–JAGUA) के तहत बनाए गए 1 लाख घरों के गृह प्रवेश कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे।

प्रधानमंत्री लगभग 1,900 करोड़ रुपये की लागत से जनजातीय छात्रों के लिए निर्मित 42 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) का उद्घाटन करेंगे; 228 मल्टी-पर्पस सेंटर्स का उद्घाटन करेंगे जो समुदाय-आधारित गतिविधियों के केंद्र के रूप में कार्य करेंगे; इसके अतिरिक्त असम मेडिकल कॉलेज, डिब्रूगढ़ में सेंटर ऑफ कॉम्पिटेंस, और इंफाल, मणिपुर में जनजातीय अनुसंधान संस्थान (TRI) भवन का उद्घाटन करेंगे, जो जनजातीय संस्कृति और विरासत के संरक्षण के लिए समर्पित है।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री गुजरात के 14 जनजातीय जिलों के लिए 250 बसों को हरी झंडी दिखाएंगे, जिससे जनजातीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री जनजातीय क्षेत्रों में संपर्क बढ़ाने हेतु 748 किलोमीटर नई सड़कों के निर्माण की आधारशिला रखेंगे और DA–JAGUA के अंतर्गत 14 जनजातीय मल्टी-मार्केटिंग सेंटर्स (TMMCs) की नींव रखेंगे, जो समुदाय के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बनेंगे। वे 50 नए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का भी शिलान्यास करेंगे, जिन पर 2,320 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। यह सरकार की जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को और आगे बढ़ाता है।


जनजातीय गौरव वर्ष पखवाड़ा 2025: भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय संस्कृति और सशक्तिकरण का उत्सव

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जनजातीय कार्य मंत्रालय ने 1 से 15 नवंबर 2025 तक “जनजातीय गौरव वर्ष पखवाड़ा” मनाने की घोषणा की है। यह आयोजन “जनजातीय गौरव वर्ष” के भव्य समापन का प्रतीक होगा और 15 नवंबर 2025 को धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के साथ समाप्त होगा।

यह दो सप्ताह लंबा उत्सव देशभर में जनजातीय अनुसंधान संस्थानों (TRIs), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRSs), ट्राइफेड (TRIFED) और एनएसटीएफडीसी (NSTFDC) के सहयोग से आयोजित किया जाएगा, जिसमें भारत के जनजातीय समुदायों की समृद्ध विरासत, संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में पिछले एक दशक में जनजातीय सशक्तिकरण और कल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति हुई है। “जनजातीय गौरव वर्ष पखवाड़ा” का उद्देश्य इन उपलब्धियों और प्रमुख पहलों जैसे पीएम जनमण, आदि कर्मयोगी अभियान, राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन, दाजगुआ (DAJGUA) तथा आजीविका और उद्यमिता कार्यक्रमों के तहत हुई प्रगति का उत्सव मनाना है।

इस पखवाड़े के दौरान विभिन्न राज्य और केंद्र शासित प्रदेश जनजातीय संस्कृति, परंपरा और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाले जीवंत कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे। इनमें मणिपुर में ट्राइबल फ्रेम्स फिल्म फेस्टिवल, छत्तीसगढ़ में शहीद वीर नारायण सिंह लोक कला महोत्सव, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में जनजातीय मेला, गुजरात में जनजातीय गौरव यात्रा, उत्तराखंड में आदि खेल दिवस, तथा गोवा में महा सम्मेलन शामिल हैं।

ये कार्यक्रम भगवान बिरसा मुंडा के साहस, बलिदान और नेतृत्व की भावना को नमन करते हुए “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को सशक्त रूप से व्यक्त करेंगे।

15 नवंबर 2025 को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर देशभर में एक साथ भव्य आयोजन होंगे, जिनमें धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि दी जाएगी — जिनके अदम्य साहस और बलिदान ने भारत के जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलन को प्रेरित किया और जो आज भी देश की पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं।

मंत्रालय ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस उत्सव में शामिल होकर “भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और जनजातीय सशक्तिकरण के 11 वर्ष” के इस गौरवमय अवसर पर जनजातीय नायकों को श्रद्धांजलि दें और समावेशी व सतत विकास के संकल्प को दोहराएँ।

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