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9 से 23 अप्रैल तक मनाया जाएगा पोषण पखवाड़ा 2026, बच्चों के बेहतर विकास और पोषण पर जोर

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नई दिल्ली- महिला एवं बाल विकास मंत्रालय 9 से 23 अप्रैल 2026 तक पोषण पखवाड़ा (Poshan Pakhwada) का 8वां संस्करण मनाने जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य देशभर में माताओं और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाना और स्वस्थ भारत की नींव को मजबूत करना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोषण के महत्व पर जोर देते हुए कहा है कि “एक स्वस्थ और पोषित बच्चा ही एक मजबूत राष्ट्र की आधारशिला है। पोषण अभियान केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि जन आंदोलन है।”

इस वर्ष पोषण पखवाड़ा का राष्ट्रीय शुभारंभ 9 अप्रैल 2026 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में होगा। इस कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर और मंत्रालय के सचिव अनिल मलिक मौजूद रहेंगे।

इस वर्ष की थीम

“जीवन के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क विकास को अधिकतम करना”
विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चे के जीवन के पहले 1000 दिन और 6 वर्ष तक का समय उसके मानसिक और शारीरिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इस दौरान 85% तक मस्तिष्क विकास हो जाता है।

मुख्य फोकस क्षेत्र

  • मातृ एवं शिशु पोषण: गर्भावस्था, स्तनपान और सही आहार पर जोर

  • 0–3 वर्ष: बच्चों के मस्तिष्क विकास के लिए शुरुआती गतिविधियां

  • 3–6 वर्ष: खेल आधारित शिक्षा और समग्र विकास

  • स्क्रीन टाइम कम करना: बच्चों में स्वस्थ आदतें बढ़ाना

  • आंगनवाड़ी सशक्तिकरण: सामुदायिक भागीदारी और बेहतर सुविधाएं

देशभर में जागरूकता अभियान

इस पखवाड़े के दौरान देशभर के आंगनवाड़ी केंद्रों में

  • पोषण पंचायत

  • जागरूकता कार्यक्रम

  • खेल आधारित शिक्षा

  • स्वस्थ जीवनशैली अभियान
    आयोजित किए जाएंगे, जिनमें माताएं, परिवार और समुदाय सक्रिय रूप से भाग लेंगे।

जन आंदोलन के रूप में पोषण अभियान

पोषण अभियान आज एक जन आंदोलन बन चुका है, जिसमें लोगों की भागीदारी से कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को मजबूत किया जा रहा है।

निष्कर्ष

पोषण पखवाड़ा 2026 का उद्देश्य यह संदेश देना है कि सही पोषण, देखभाल, शिक्षा और सामुदायिक भागीदारी से ही एक स्वस्थ, शिक्षित और सशक्त भारत का निर्माण संभव है।

परीक्षा पे चर्चा बनी जन आंदोलन, विकसित भारत की शिक्षा यात्रा में निर्णायक बदलाव

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक लेख साझा किया, जिसमें बताया गया है कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ किस तरह एक जन आंदोलन बन चुकी है और यह भारत की शिक्षा यात्रा में एक निर्णायक बदलाव का प्रतीक है, जो विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में मार्ग प्रशस्त कर रही है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के एक्स (X) पर किए गए एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO India) ने कहा कि इस लेख में यह स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा पे चर्चा केवल एक संवाद कार्यक्रम नहीं रह गई है, बल्कि यह देशव्यापी जन आंदोलन का रूप ले चुकी है, जिसने शिक्षा को लेकर सोच और दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन लाया है।

लेख में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की विशेषताओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह नीति बाल-केंद्रित दृष्टिकोण, भारतीय ज्ञान परंपरा पर जोर और मातृभाषा में शिक्षा को बढ़ावा देकर विद्यार्थियों को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार करती है।

प्रधानमंत्री ने इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव बताते हुए कहा कि परीक्षा पे चर्चा छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को तनावमुक्त और सकारात्मक माहौल में जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रही है। यह पहल न केवल छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ा रही है, बल्कि शिक्षा को आनंदमय और उद्देश्यपूर्ण बनाने में भी योगदान दे रही है।

यह पहल भारत को एक शिक्षित, सशक्त और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक अहम कदम के रूप में देखी जा रही है।

परीक्षा पे चर्चा 2026 के लिए पंजीकरण ने पार किया 3 करोड़ का आंकड़ा

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नई दिल्ली-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रमुख पहल ‘परीक्षा पे चर्चा (PPC)’ के लिए पंजीकरण ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। 30 दिसंबर 2025 तक छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों सहित 3 करोड़ से अधिक पंजीकरण दर्ज किए जा चुके हैं।

यह अभूतपूर्व प्रतिक्रिया कार्यक्रम की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है और यह साबित करती है कि परीक्षा से जुड़े तनाव और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर छात्रों से संवाद स्थापित करने में यह पहल कितनी सफल रही है। इतनी बड़ी भागीदारी यह भी दर्शाती है कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ अब एक जन आंदोलन के रूप में उभर चुकी है, जो देशभर के विद्यार्थियों और शिक्षकों से गहराई से जुड़ रही है।

परीक्षा पे चर्चा 2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 1 दिसंबर 2025 से MyGov पोर्टल पर शुरू किए गए थे। शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किया जाने वाला यह कार्यक्रम अब सीखने, संवाद और सकारात्मक सोच का एक प्रतीक्षित उत्सव बन चुका है, जो छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को एक साझा मंच पर लाता है।

परीक्षा पे चर्चा 2026 में भाग लेने के लिए यहां पंजीकरण करें:

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने मध्य प्रदेश के सांसदों के साथ टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा बैठक की

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केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री, जे. पी. नड्डा ने आज मध्य प्रदेश के सांसदों के साथ टीबी मुक्त भारत अभियान को तेज़ी से लागू करने के उद्देश्य से राज्य-वार फोकस्ड संवाद के तहत बैठक की। यह बैठक देशभर के सांसदों के साथ चल रहे संवादों का हिस्सा है, जिसमें पहले इसी महीने उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और तमिलनाडु के सांसदों से भी चर्चा की गई थी।

मुख्य बिंदु:

  • बैठक का विषय था: “Parliamentarians Championing a TB Mukt Bharat”। इसमें सांसदों की भूमिका पर ज़ोर दिया गया कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्रों में सक्रिय कार्रवाई करें और राजनीतिक दलों के बीच सहयोग बढ़ाकर राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन लक्ष्य को प्राप्त करें।

  • बैठक में केंद्रीय संचार और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री, ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वास्थ्य और परिवार कल्याण) स्मृति अनुप्रिया पटेल और केंद्रीय राज्य मंत्री (जनजातीय मामलों)  दुर्गादास उइके सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

नड्डा के संबोधन में:

  • भारत ने टीबी उन्मूलन में महत्वपूर्ण प्रगति की है। WHO Global TB Report 2025 के अनुसार, 2015 से 2024 के बीच टीबी की घटनाओं में 21% की कमी आई है, जो वैश्विक औसत से लगभग दोगुनी है। टीबी से संबंधित मृत्यु दर में 25% की कमी आई है।

  • भारत का उपचार सफलता दर 90% है, जो वैश्विक औसत 88% से अधिक है।

  • उन्होंने सांसदों से आग्रह किया कि वे जन आंदोलन (Jan Andolan) को बढ़ावा दें, समुदायों में जागरूकता फैलाएं और मरीजों एवं उनके परिवारों के लिए व्यापक मानसिक और सामाजिक समर्थन सुनिश्चित करें।

अन्य विवरण:

  • केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वास्थ्य), स्मृति अनुप्रिया पटेल ने मध्य प्रदेश के सक्रिय प्रयासों, खासकर जनजातीय और दूरदराज़ इलाकों में, की सराहना की।

  • उन्नत डायग्नोस्टिक टूल्स जैसे AI-enabled Chest X-rays, मोबाइल डायग्नोस्टिक वैन और NAAT मशीनों के उपयोग को बढ़ाने पर जोर दिया गया।

  • Ni-kshay Poshan योजना के तहत ₹1,000 मासिक पोषण सहायता बढ़ाने से उपचार परिणामों में सुधार हुआ है।

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की अतिरिक्त सचिव और मिशन निदेशक, अराधना पटनायक ने बताया कि भारत में अब 9,300 से अधिक NAAT मशीनें उपलब्ध हैं, जो पूरे ब्लॉकों में कवर करती हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश के टीबी अभियान के प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों का विवरण प्रस्तुत किया।

सांसदों की प्रतिबद्धता:

  • Ni-kshay शिविरों के माध्यम से शीघ्र पहचान सुनिश्चित करना।

  • जिला स्तर पर टीबी सेवाओं की सुचारु व्यवस्था।

  • Ni-kshay मित्रों, MYBharat स्वयंसेवकों और पंचायतों के माध्यम से टीबी मरीजों को व्यापक समर्थन प्रदान करना।

  • DISHA बैठकों में टीबी को प्राथमिकता देना, स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण करना और मरीजों से सीधे जुड़ना।

टीबी मुक्त भारत अभियान:

  • दिसंबर 2024 में शुरू हुआ और बाद में पूरे देश में विस्तारित।

  • मिशन मोड में कार्य करते हुए, समय पर पहचान, उपचार, उच्च जोखिम वाले मरीजों के लिए विशेष देखभाल और व्यापक मानसिक-सामाजिक समर्थन सुनिश्चित किया जा रहा है।

  • जन आंदोलन के तहत 2 लाख MYBharat स्वयंसेवक, 6.7 लाख से अधिक Ni-kshay मित्र और 30,000 से अधिक निर्वाचित प्रतिनिधि अभियान में सहयोग कर रहे हैं।

वस्त्र मंत्रालय के अधीन संगठनों ने "स्वच्छता ही सेवा अभियान 2025" के अंतर्गत व्यापक गतिविधियों का आयोजन

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नई दिल्ली-वस्त्र मंत्रालय एवं इसके अधीन विभिन्न संगठनों ने “स्वच्छता ही सेवा अभियान 2025” के अंतर्गत राष्ट्रव्यापी स्तर पर अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य स्वच्छता, जनजागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना रहा।

जेसीआई क्षेत्रीय कार्यालय ने निगम के सफाई मित्रों एवं आमजन के लिए “सफाई मित्र सुरक्षा शिविर” आयोजित किए। इन शिविरों से 200 से अधिक लोगों को लाभ मिला, जिनमें नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, औषधि वितरण एवं अन्य सेवाएँ सम्मिलित रहीं।

टेक्सटाइल्स कमेटी, मुंबई ने अधिक भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर स्वच्छ भारत सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित किए, जिनमें स्थानीय एवं क्षेत्रीय कला, संगीत और नृत्य शैलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश प्रसारित किया गया।

राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम लिमिटेड (एनएचडीसी) ने अपने मुख्यालय परिसर में 22 सितंबर 2025 को प्रातः 11:00 बजे विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। इसके अतिरिक्त, निगम के क्षेत्रीय कार्यालयों में भी निरंतर बड़े पैमाने पर सफाई अभियान संचालित किए जा रहे हैं।

राष्ट्रीय जूट बोर्ड (एनजेबी) ने “जन-आधारित विशाल स्वच्छता अभियान” का आयोजन कोलकाता के न्यू टाउन क्षेत्र में किया। इस अवसर पर सचिव सहित अन्य अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

हथकरघा विकास आयुक्त का कार्यालय द्वारा नई दिल्ली स्थित उद्योग भवन परिसर के विभिन्न अनुभागों में कीट नियंत्रण एवं गहन सफाई गतिविधियाँ आयोजित की गईं।

इस अवसर पर वस्त्र मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा:

“स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि यह जनआंदोलन है। वस्त्र मंत्रालय तथा इसके अधीन सभी संगठन प्रधानमंत्री जी के स्वच्छ भारत के संकल्प को साकार करने हेतु प्रतिबद्ध हैं।”

स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान ने देशभर में दिखाई जोरदार भागीदारी

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17 सितम्बर 2025 को शुरू किया गया “स्वस्थ नारी सशक्त परिवार” अभियान पूरे भारत में जोरदार भागीदारी देख रहा है, जिसमें लाखों महिलाएँ, बच्चे और परिवार समग्र स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। 20 सितम्बर 2025 तक, अभियान के तहत 2.83 लाख से अधिक स्वास्थ्य शिविर (स्क्रीनिंग और विशेषज्ञता शिविर) आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 76 लाख से अधिक नागरिकों ने भाग लिया।

मुख्य विशेषताएँ

  • उच्च रक्तचाप और मधुमेह जांच: 37 लाख से अधिक नागरिकों की उच्च रक्तचाप और 35 लाख से अधिक की मधुमेह जांच।

  • कैंसर स्क्रीनिंग: 9 लाख से अधिक महिलाओं की स्तन कैंसर, 4.7 लाख से अधिक की सर्वाइकल कैंसर, और 16 लाख से अधिक की मौखिक कैंसर जांच।

  • मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य: 18 लाख से अधिक प्रसवपूर्व जांच; 51 लाख बच्चों को जीवनरक्षक टीके प्रदान किए गए।

  • रक्ताल्पता एवं पोषण: 15 लाख से अधिक नागरिकों की रक्ताल्पता जांच; पोषण परामर्श लाखों परिवारों तक पहुँचाया गया।

  • टीबी एवं सिकल सेल जांच: 22 लाख से अधिक नागरिकों की TB और 2.3 लाख की Sickle Cell रोग जांच।

  • रक्तदान एवं पीएम-जेएवाई पंजीकरण: 1.6 लाख से अधिक रक्तदाता पंजीकृत; 4.7 लाख नए आयुष्मान/PM-JAY कार्ड जारी।

संस्थानिक सहभागिता

NHM स्वास्थ्य शिविरों के साथ-साथ आयुष्मान आरोग्य मंदिर, AIIMS, अन्य राष्ट्रीय महत्व के संस्थान, तृतीयक देखभाल अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और निजी संस्थान भी इस अभियान में अग्रणी रहे। इन संस्थानों ने हजारों विशेषज्ञता शिविर आयोजित किए, जिनमें उन्नत स्क्रीनिंग, डायग्नोस्टिक्स, परामर्श और उपचार सेवाएँ प्रदान की गईं।

केंद्रीय सरकार के संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों और निजी संगठनों ने कुल 3,410 स्क्रीनिंग और विशेषज्ञता शिविर आयोजित किए, जिनसे 5.8 लाख से अधिक नागरिक लाभान्वित हुए।

क्षेत्रीय प्रमुख गतिविधियाँ

अभियान सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में जन आंदोलन के रूप में मनाया जा रहा है:

  • दिल्ली: सफदरजंग अस्पताल, CGHS आर.के. पुरम और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में TB, NCD, मानसिक स्वास्थ्य और मातृ स्क्रीनिंग के मेगा शिविर।

  • गुजरात: डाहोद, कच्छ और नवसारी में कैंसर स्क्रीनिंग और NCD देखभाल शिविर, 42,000 से अधिक महिलाओं को लाभ।

  • जम्मू और कश्मीर: श्रीनगर और RS पुरा में मेगा स्वास्थ्य शिविर, जिसमें बड़ी संख्या में समुदाय ने भाग लिया (सेवा पखवाड़ा के तहत)।

  • पूर्वोत्तर: अरुणाचल प्रदेश के पापुम परे से मणिपुर के इम्फाल तक, अभियान ने दूरदराज़ के आदिवासी समुदायों तक पहुँच बनाई और मुफ्त स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता अभियान आयोजित किए।

  • गोवा और महाराष्ट्र: PHC और पंचायतों द्वारा रैली, स्क्रीनिंग शिविर और रक्तदान अभियान।

  • बिहार और उत्तर प्रदेश: जिला अस्पताल और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में NCD स्क्रीनिंग और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं से हजारों लोग लाभान्वित।

  • लद्दाख: लिंगशेड गाँव में सामान्य परामर्श, मोतियाबिंद स्क्रीनिंग और मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता सत्र आयोजित।

सराहना एवं आगे की दिशा

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय स्वास्थ्यकर्मियों, राज्य सरकारों, स्थानीय निकायों और सामुदायिक संगठनों के अथक प्रयासों की सराहना करता है। उनकी सक्रिय भागीदारी इस अभियान की सफलता का मूल कारण है।

अभियान 2 अक्टूबर 2025 तक जारी रहेगा, और लक्ष्य है:

“स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार – स्वस्थ महिलाएं, मजबूत परिवार और सक्षम राष्ट्र।”


स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान : महिलाओं के स्वास्थ्य व सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रव्यापी पहल

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स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान

देशभर में स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान — जो कि 8वें राष्ट्रीय पोषण माह (17 सितम्बर से 2 अक्टूबर, 2025) के साथ संयोजन में आयोजित किया जा रहा है — का शुभारंभ 17 सितम्बर, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया। इस अभियान के अंतर्गत, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC), जो श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है, देशभर के 160 ईएसआई अस्पतालों में व्यापक स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर रहा है।

ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, फरीदाबाद

अभियान के पहले दिन, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, फरीदाबाद में महिलाओं के स्वास्थ्य, रोकथामात्मक देखभाल और सामुदायिक जागरूकता से जुड़ी गतिविधियाँ आयोजित की गईं। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. पूजा गोयल (प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष) और डॉ. रोहित ढाका (सहायक प्रोफेसर एवं नोडल अधिकारी, सामुदायिक चिकित्सा विभाग) द्वारा किया गया। इस अवसर पर फैकल्टी सदस्य, मेडिकल ऑफिसर और स्टाफ भी उपस्थित थे। इस पहल ने ईएसआईसी की प्रतिबद्धता को दर्शाया, जो कामकाजी महिलाओं और उनके परिवारों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर कार्यरत है।

उद्योगिक स्वास्थ्य शिविर शाही एक्सपोर्ट प्रा. लि. एवं ध्रुव ग्लोबल लि. में आयोजित किए गए, जहाँ महिलाओं की गैर-संचारी रोगों (NCDs) और क्षय रोग (टीबी) के लिए प्रश्नावली आधारित स्क्रीनिंग की गई। जांच में हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, और क्लिनिकल परीक्षण शामिल थे। जीवनशैली से जुड़े रोग, मासिक धर्म स्वच्छता, टीकाकरण, पोषण और एनीमिया प्रबंधन पर परामर्श एवं जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। साथ ही, निक्षय मित्र पहल के अंतर्गत लाभार्थियों का पंजीकरण भी हुआ और टीबी संकल्प में भागीदारी हुई।

इसके अतिरिक्त, अस्पताल परिसर में रक्तदान शिविर भी आयोजित हुआ। स्वैच्छिक रक्तदाता और सिंगल डोनर प्लेटलेट (SDP) दाताओं को सम्मानित किया गया। सभी दाताओं की हीमोग्लोबिन और ब्लड ग्रुप की जांच की गई तथा रक्त को सुरक्षित संक्रमण हेतु वायरल मार्कर स्क्रीनिंग से जांचा गया। साथ ही, समुदाय में रक्तदान की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता सत्र भी आयोजित हुए।

महिला स्वास्थ्य पर विशेष जोर देते हुए व्यापक स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया, जिसमें गर्भवती महिलाओं की जांच, पोषण मूल्यांकन, परामर्श और टीबी, उच्च रक्तचाप, मधुमेह एवं एनीमिया की स्क्रीनिंग की गई। महिलाओं के लिए मौखिक, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की विशेष जांच की गई, जिनमें पैप स्मीयर टेस्ट भी शामिल था।

ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, सनतनगर, हैदराबाद

17 सितम्बर, 2025 को ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, सनतनगर, हैदराबाद में हाल ही में निर्मित 200-बेड वाले अस्पताल भवन में इन-हाउस कैंप सेवाओं का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत आयोजित हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सौरव कुमार दत्ता (मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, ईएसआईसी) ने की और इस अवसर पर राजीव लाल (क्षेत्रीय निदेशक, ईएसआईसी, हैदराबाद) समेत वरिष्ठ अधिकारी एवं फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे।

नई 200-बेड की सुविधा के साथ कैंप सेवाओं की शुरुआत ने ईएसआईसी सनतनगर की स्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त बनाया है, जिससे बीमित लाभार्थियों और आम जनता दोनों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ और अधिक सुलभ होंगी।

अभियान के तहत अस्पताल परिसर में कई गतिविधियाँ आयोजित हुईं—

  • वार्षिक निवारक स्वास्थ्य जांच शिविर

  • रक्तदान शिविर और संकल्प

  • स्वच्छता ही सेवा संकल्प

  • योग सत्र

  • फार्माकोविजिलेंस सप्ताह समारोह

इन गतिविधियों ने ईएसआईसी की समग्र दृष्टि को उजागर किया, जिसमें स्वास्थ्य संवर्धन, रोग रोकथाम और सामुदायिक भागीदारी पर बल दिया गया।

निष्कर्ष

स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान के तहत आयोजित इन गतिविधियों ने न केवल महिलाओं को जरूरी स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराईं, बल्कि जीवनशैली में बदलाव, पोषण और महिलाओं से जुड़े स्वास्थ्य मुद्दों पर भी जागरूकता फैलाई। ईएसआईसी राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और एक स्वस्थ, सशक्त एवं सक्षम समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।


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