Media24Media.com: #CERTIn

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #CERTIn. Show all posts
Showing posts with label #CERTIn. Show all posts

MeitY ने BFSI क्षेत्र के लिए 'डिजिटल थ्रेट रिपोर्ट 2025-26' का दूसरा संस्करण जारी किया

No comments Document Thumbnail

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In), वित्तीय क्षेत्र कंप्यूटर सुरक्षा घटना प्रतिक्रिया दल (CSIRT-Fin) और SISA के सहयोग से बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, बीमा (BFSI) तथा डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र के लिए 'डिजिटल थ्रेट रिपोर्ट 2025-26' का दूसरा संस्करण जारी किया।

रिपोर्ट वित्तीय संस्थानों, नियामकों और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों को बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, बीमा और डिजिटल भुगतान क्षेत्र में तेजी से बदलते साइबर खतरों का समग्र आकलन उपलब्ध कराती है।

रिपोर्ट जारी करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि साइबर खतरे लगातार अधिक जटिल होते जा रहे हैं। ऐसे समय में डिजिटल विश्वास को मजबूत करने के लिए सरकारी संस्थानों और उद्योग जगत के बीच मजबूत साझेदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि CERT-In, CSIRT-Fin और SISA के बीच यह सहयोग भारत की साइबर सुरक्षा क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी साइबर सुरक्षा ज्ञान को आगे बढ़ाने में सहायक होगा।

रिपोर्ट डिजिटल फॉरेंसिक एवं इंसिडेंट रिस्पॉन्स (DFIR) अनुसंधान, CERT-In और CSIRT-Fin के विश्लेषण तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित खतरों पर किए गए अध्ययन पर आधारित है। इसमें बताया गया है कि पिछले संस्करण में किए गए सात प्रमुख पूर्वानुमानों में से छह अब वास्तविकता बन चुके हैं। इससे स्पष्ट होता है कि किसी नए साइबर खतरे के सामने आने और उसके दुरुपयोग के बीच का समय तेजी से घट रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, सोशल इंजीनियरिंग, क्रेडेंशियल चोरी, सप्लाई-चेन पर हमले और क्लाउड का दुरुपयोग जैसे खतरे अब सामान्य हमले की रणनीतियां बन चुके हैं। आधुनिक साइबर हमले अब वैध लॉगिन, अधिकृत भुगतान या सामान्य उपयोगकर्ता गतिविधि की तरह दिखाई देते हैं, जिससे उन्हें समय रहते पहचानना बेहद कठिन हो जाता है।

SISA के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी दर्शन शांतमूर्ति ने कहा कि नवाचार और उसके दुरुपयोग के बीच की दूरी काफी कम हो गई है। उन्होंने कहा कि BFSI क्षेत्र का आधार विश्वास है और साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी नियंत्रण का विषय नहीं, बल्कि संस्थानों की विकास रणनीति का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है।

CERT-In के महानिदेशक डॉ. संजय बहल ने कहा कि भारत का वित्तीय तंत्र जितना अधिक डिजिटल और परस्पर जुड़ा हुआ होगा, साइबर सुरक्षा उतनी ही साझा जिम्मेदारी बन जाएगी। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट संस्थानों को उभरते खतरों का पूर्वानुमान लगाने, परिचालन क्षमता बढ़ाने और देश की डिजिटल वित्तीय व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने में मदद करेगी।

रिपोर्ट में 'एनाटॉमी ऑफ साइबर फेल्योर' नामक चार-स्तरीय ढांचा (4-Layer Gap Archetype Framework) भी प्रस्तुत किया गया है, जो यह समझने में मदद करता है कि आधुनिक साइबर हमले किन कमजोरियों का लाभ उठाकर बड़े सुरक्षा उल्लंघन में बदल जाते हैं। इसके आधार पर संस्थान जोखिमों की पहचान कर अपनी साइबर सुरक्षा रणनीति को अधिक प्रभावी बना सकते हैं।

रिपोर्ट में अगले 18 महीनों का रोडमैप भी प्रस्तुत किया गया है, जिसमें बुनियादी सुरक्षा उपायों को मजबूत करने, निरंतर जोखिम मूल्यांकन, समन्वित प्रतिक्रिया और अधिक सक्षम साइबर सुरक्षा ढांचा विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है।

CERT-In ने 2025 में साइबर सुरक्षा में दिखाई मजबूती, 29.44 लाख से अधिक घटनाओं का सफलतापूर्वक प्रबंधन

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली-भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था और बढ़ते साइबर खतरों के बीच, भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) ने 2025 में साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। CERT-In ने 2025 में 29.44 लाख से अधिक साइबर घटनाओं का सफलतापूर्वक प्रबंधन किया और देश की साइबर प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूती से स्थापित किया।

सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत काम करने वाली CERT-In, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत कार्यरत है। यह राष्ट्रीय स्तर पर साइबर घटनाओं का नियंत्रण, जोखिम का आकलन, जागरूकता और सहयोग के माध्यम से डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करती है।

2025 में CERT-In की प्रमुख उपलब्धियाँ

साइबर घटनाओं का प्रबंधन और चेतावनियाँ

  • 2025 में CERT-In ने 29.44 लाख से अधिक साइबर घटनाओं को संभाला।

  • 1,530 चेतावनियाँ (Alerts), 390 Vulnerability Notes और 65 Advisories जारी किए गए।

  • 29 Common Vulnerabilities and Exposures (CVEs) की पहचान और प्रकाशन किया गया।

साइबर सुरक्षा ऑडिट क्षमता में वृद्धि

  • CERT-In ने 231 प्रमाणित साइबर सुरक्षा ऑडिट संगठनों को सूचीबद्ध (Empanel) किया।

  • इससे सरकारी, सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों की ICT प्रणाली की सुरक्षा और मजबूत हुई।

  • अधिकांश ऑडिट बैंकिंग, वित्त, पावर, ऊर्जा और परिवहन क्षेत्रों में किए गए।

क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण

  • CERT-In ने 32 विशेष तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम और 95 जागरूकता सत्र आयोजित किए।

  • 20,799 अधिकारियों और साइबर सुरक्षा पेशेवरों को प्रशिक्षण दिया गया।

साइबर ड्रिल और तैयारी अभ्यास

  • 2025 में CERT-In ने 122 साइबर सुरक्षा ड्रिल और अभ्यास आयोजित किए।

  • इसमें लगभग 1,570 संगठनों ने भाग लिया, जिनमें रक्षा, ऊर्जा, वित्त, परिवहन, दूरसंचार और IT/ITeS क्षेत्र शामिल हैं।

सार्वजनिक जागरूकता

  • CERT-In ने 95 जागरूकता सत्र आयोजित किए, जिनमें 91,065 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

  • अक्टूबर 2025 में राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह (NCSAM) के अंतर्गत “Cyber Smart Kids: Suraksha Guide” और वरिष्ठ नागरिकों के लिए “Cybersecurity Best Practices” जैसी गाइडबुक प्रकाशित की गई।

Cyber Swachhta Kendra (CSK): 98% डिजिटल आबादी को कवरेज

CERT-In द्वारा संचालित Cyber Swachhta Kendra (CSK) ने देश में साइबर स्वच्छता को बढ़ावा दिया है। दिसंबर 2025 तक CSK ने 98% डिजिटल आबादी को कवर किया है।

  • 1,427 संगठनों को CSK से जोड़ा गया।

  • 89.55 लाख से अधिक बार मालवेयर हटाने के उपकरण डाउनलोड किए गए।

CSK का उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार और मैलवेयर से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना है।

वैश्विक स्तर पर मान्यता: भारत की साइबर सुरक्षा नेतृत्व क्षमता

CERT-In की निरंतर कार्यशैली और AI-आधारित खतरा पहचान तकनीक को अंतरराष्ट्रीय मंचों ने भी सराहा है।

  • वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) ने CERT-In के AI-आधारित खतरा पहचान और साइबर खतरे साझा करने के मॉडल की प्रशंसा की।

  • ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और WEF द्वारा प्रकाशित ‘Cyber Resilience Compass’ रिपोर्ट में CERT-In को महत्वपूर्ण योगदानकर्ता बताया गया।

  • फ्रांस की राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी (ANSSI) द्वारा AI जोखिम आधारित दृष्टिकोण पर प्रकाशित रिपोर्ट में CERT-In को अंतरराष्ट्रीय साझेदार के रूप में शामिल किया गया।

निष्कर्ष

भारत की डिजिटल क्रांति के साथ साइबर खतरों में वृद्धि के बावजूद, CERT-In ने 2025 में अपने मजबूत और समन्वित सुरक्षा तंत्र से राष्ट्रीय साइबर प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत किया है। बड़े पैमाने पर घटनाओं का प्रबंधन, ऑडिटिंग, क्षमता निर्माण, जागरूकता और वैश्विक मान्यता ने CERT-In को भारत की साइबर सुरक्षा रणनीति का केंद्र बनाया है।

सरकार की यह प्रतिबद्धता देश के डिजिटल भविष्य को सुरक्षित, विश्वसनीय और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


सरकार का फोकस सुरक्षित साइबरस्पेस पर: CERT-In और NCIIPC के जरिए मजबूत की जा रही देश की डिजिटल सुरक्षा

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- भारत सरकार सुरक्षित, भरोसेमंद और जवाबदेह साइबरस्पेस सुनिश्चित करने के लिए निरंतर सतर्कता के साथ काम कर रही है। देश की डिजिटल अवसंरचना पर साइबर खतरों को देखते हुए भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया टीम (CERT-In) और राष्ट्रीय महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र (NCIIPC) चौबीसों घंटे डिजिटल सेवाओं और महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सुरक्षा में जुटे हैं।

CERT-In और NCIIPC साइबर घटनाओं की नियमित निगरानी करते हैं, त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करते हैं और सेवाओं की बहाली में सहयोग करते हैं। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत सुरक्षा और भेद्यता ऑडिट किए जाते हैं। इसी कड़ी में जुलाई 2025 में CERT-In ने समग्र साइबर सुरक्षा ऑडिट नीति दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनके तहत सभी क्षेत्रों—विशेषकर महत्वपूर्ण अवसंरचना—में वर्ष में कम से कम एक बार साइबर सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य किया गया है। इसके लिए 231 सुरक्षा ऑडिट संगठनों को पैनल में शामिल किया गया है।

सरकार ने रैनसमवेयर और सीमा-पार साइबर अपराधों से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। CERT-In को आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 70B के तहत राष्ट्रीय नोडल एजेंसी घोषित किया गया है, जो नवीनतम साइबर खतरों पर अलर्ट और एडवाइजरी जारी करता है तथा प्रभावित संस्थानों को सुधारात्मक उपायों की सलाह देता है। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और राष्ट्रीय डेटा केंद्रों की वार्षिक सुरक्षा ऑडिट कराई जाती है, साथ ही एआई/एमएल आधारित उन्नत टूल्स से 24×7 निगरानी, ज़ीरो ट्रस्ट सुरक्षा, एंडपॉइंट प्रोटेक्शन और पुराने सिस्टम्स को हटाने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।

इसके अलावा, CERT-In का स्वचालित साइबर थ्रेट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म विभिन्न क्षेत्रों के संगठनों के साथ रियल-टाइम अलर्ट साझा करता है। साइबर मॉक ड्रिल, सेक्टर-विशिष्ट CSIRT (जैसे CSIRT-Fin, CSIRT-Power), साइबर क्राइसिस मैनेजमेंट प्लान (CCMP) और 213 संवेदनशीलता कार्यशालाओं के जरिए तैयारियों को और मजबूत किया गया है।

साइबर प्रतिभा विकास के लिए ISEA कार्यक्रम, CSPAI (AI सुरक्षा) प्रमाणन, और साइबर स्वच्छता केंद्र (CSK) के माध्यम से नागरिकों व संगठनों को मुफ्त टूल्स, सलाह और जागरूकता सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

यह जानकारी इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने 17 दिसंबर 2025 को लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।

विदेशी पत्रकारों के लिए CERT-In ने आयोजित किया साइबर सुरक्षा परिचयात्मक सत्र, भारत को बताया वैश्विक साइबर हब

No comments Document Thumbnail

भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-In), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने विदेश मंत्रालय (MEA) के सहयोग से 12 दिसंबर 2025 को यूरोप, अमेरिका और मध्य एशियाई देशों से आए पत्रकारों के लिए साइबर सुरक्षा से संबंधित एक परिचयात्मक भ्रमण एवं संवादात्मक सत्र का आयोजन किया।

इस सत्र की अध्यक्षता CERT-In के महानिदेशक एवं नियंत्रक (प्रमाणन प्राधिकारी), MeitY, नई दिल्ली के डॉ. संजय बहल ने की। MeitY के संयुक्त सचिव कृष्ण कुमार सिंह ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए मंत्रालय की विभिन्न पहलों पर प्रकाश डाला, जिनमें इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट भी शामिल है।

डॉ. बहल ने साइबर सुरक्षा, संकट प्रबंधन, कमजोरियों के आकलन, सूचना साझा करने, साइबर घटनाओं पर समन्वित प्रतिक्रिया, ऑडिटरों के पैनल गठन तथा भारत में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों में CERT-In की भूमिका और जिम्मेदारियों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि शोध सहयोग, सार्वजनिक–निजी भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय मंचों में सहभागिता के माध्यम से CERT-In, डिजिटल इंडिया के विजन के अनुरूप एक मजबूत और विश्वसनीय साइबर रक्षा संरचना का निर्माण कर रहा है।

डॉ. बहल ने कहा कि CERT-In उभरते खतरों के विरुद्ध समय पर चेतावनियां और लक्षित परामर्श जारी करता है, जिससे अनावश्यक घबराहट के बिना संगठनों और नागरिकों को अग्रिम सुरक्षा मिल सके। उन्होंने यह भी बताया कि भारत तेजी से एक वैश्विक साइबर सुरक्षा केंद्र के रूप में उभर रहा है, जहां 400 से अधिक स्टार्टअप्स और 6.5 लाख से अधिक कुशल पेशेवरों की भागीदारी से 20 अरब डॉलर का साइबर सुरक्षा उद्योग विकसित हो चुका है। ये नवोन्मेषक थ्रेट डिटेक्शन, साइबर फॉरेंसिक्स और एआई आधारित निगरानी प्रणालियों जैसे उन्नत समाधान विकसित कर रहे हैं।

उभरते खतरे परिदृश्य पर बात करते हुए डॉ. बहल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक दोधारी तलवार की तरह है, जो रक्षकों और हमलावरों—दोनों को सक्षम बनाती है। उन्होंने बताया कि CERT-In वास्तविक समय में साइबर घटनाओं का पता लगाने, उन्हें रोकने और प्रतिक्रिया देने के लिए एआई आधारित विश्लेषण और स्वचालन का उपयोग करता है, साथ ही दुर्भावनापूर्ण एआई-सक्षम हमलों से निपटने के लिए प्रतिरोधक उपाय भी विकसित कर रहा है।

प्रतिनिधिमंडल को CERT-In द्वारा निरंतर आयोजित ड्रिल्स, क्षमता निर्माण पहलों और अंतरराष्ट्रीय सहयोगों की जानकारी दी गई। इसमें फ्रांस की राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी (ANSSI) के साथ मिलकर एआई पर ‘बिल्डिंग ट्रस्ट इन एआई थ्रू ए साइबर रिस्क-बेस्ड अप्रोच’ शीर्षक से संयुक्त उच्चस्तरीय जोखिम विश्लेषण रिपोर्ट प्रकाशित करना, अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ संयुक्त अभ्यास तथा वैश्विक और क्षेत्रीय साइबर सुरक्षा मंचों में सहभागिता शामिल है। इसके अलावा, भारतीय सहकारी बैंकों की साइबर सुरक्षा मजबूती और नागरिकों के डिजिटल उपकरणों को बॉट्स व मैलवेयर से सुरक्षित रखने की CERT-In की पहल को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की जनवरी 2025 की ‘ग्लोबल साइबरसिक्योरिटी आउटलुक’ रिपोर्ट में भी उल्लेखित किया गया है। डॉ. बहल ने बताया कि वर्ष 2024 में भारत में 147 रैनसमवेयर घटनाएं दर्ज की गईं, जिनके प्रभाव को CERT-In की समन्वित कार्रवाई, रियल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग और फॉरेंसिक हस्तक्षेप से काफी हद तक कम किया गया।

MeitY के संयुक्त सचिव कृष्ण कुमार सिंह ने इंडिया एआई मिशन, फरवरी 2026 में प्रस्तावित एआई इम्पैक्ट समिट, स्वदेशी साइबर सुरक्षा समाधान विकसित करने वाले स्टार्टअप्स के लिए नीतिगत समर्थन, साइबर सुरक्षा अनुसंधान एवं विकास तथा मंत्रालय की विभिन्न राष्ट्रीय स्तरीय पहलों और परियोजनाओं की जानकारी दी।

सत्र का समापन एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रतिनिधिमंडल ने साइबर घटनाओं के समाधान और सूचना साझा करने में सीमा-पार सहयोग पर अपने विचार साझा किए।

“साइबर भारत सेतु” पहल के तहत त्रिपुरा में राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा अभ्यास और त्रिपुरा साइबर सुरक्षा नीति 2025 का शुभारंभ

No comments Document Thumbnail

त्रिपुरा सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी निदेशालय (DIT) ने भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अधीन इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) के सहयोग से “साइबर भारत सेतु: ब्रिजिंग स्टेट्स, सिक्योरिंग भारत” शीर्षक से राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा अभ्यास (National Cybersecurity Exercise) का आयोजन किया है।

यह दो दिवसीय कार्यशाला 11 और 12 नवम्बर 2025 को प्रज्ञा भवन, अगरतला में आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य राज्य की साइबर जागरूकता, तत्परता और प्रतिक्रिया क्षमताओं को मजबूत करना है।

कार्यशाला का मुख्य फोकस विशेषज्ञ-निर्देशित प्रशिक्षण, हैंड्स-ऑन ड्रिल्स, और सिम्युलेटेड परिदृश्य-आधारित अभ्यासों के माध्यम से साइबर रेजिलिएंस (Cyber Resilience) को सुदृढ़ करना है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन ने किया। इस अवसर पर त्रिपुरा के मुख्य सचिव जे. के. सिन्हा (IAS), पुलिस महानिदेशक अनुराग (IPS), सूचना प्रौद्योगिकी सचिव किरण गिट्टे (IAS), सीईआरटी-इन के महानिदेशक डॉ. संजय बहल, तथा त्रिपुरा के सूचना प्रौद्योगिकी निदेशक जेया रघुल गेशन बी (IFS) सहित अन्य विशिष्ट गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

इस अभ्यास में त्रिपुरा सरकार के सचिव, विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के आईटी नोडल अधिकारी, पुलिस अधिकारी, बैंक अधिकारी, तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधि, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्र, तथा अन्य राज्य स्तरीय हितधारक शामिल हुए।

सीईआरटी-इन के अधिकारियों — अशुतोष बहुगुणा (सीनियर साइंटिस्ट एवं टीम लीड, साइबर सिक्योरिटी एश्योरेंस ग्रुप), शशांक गुप्ता (साइंटिस्ट) और मोहित कटारिया (साइंटिस्ट) — ने ज्ञानवर्धक सत्रों का संचालन किया और इंटरैक्टिव वर्कशॉप्स आयोजित कीं।

“साइबर भारत सेतु” पहल का उद्देश्य एक साइबर रेजिलिएंट भारत का निर्माण करना है — जो राज्यों के बीच साइबर क्षमताओं को जोड़ते हुए, नवाचार को प्रोत्साहित करे और प्रोएक्टिव डिफेंस व प्रतिक्रिया रणनीतियों को बढ़ावा दे। यह पहल क्षमता निर्माण (capacity building), इंटेलिजेंस साझेदारी (intelligence sharing) और संयोजित प्रयासों (coordinated efforts) के माध्यम से भारत की डिजिटल अवसंरचना, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा को सशक्त बनाने पर केंद्रित है।

अभ्यास में उन्नत सत्रों और सिम्युलेशन-आधारित गतिविधियों को शामिल किया गया है, जिनके माध्यम से प्रतिभागी संगठनों की साइबर सुरक्षा तत्परता और घटना प्रबंधन क्षमताओं में व्यावहारिक सुधार लाने का लक्ष्य रखा गया है।

इस अवसर पर त्रिपुरा साइबर सुरक्षा नीति 2025 (Tripura Cyber Security Policy 2.0 - TCSP 2.0) का शुभारंभ भी किया गया। इस नीति का लोकार्पण एस. कृष्णन, सचिव, MeitY, भारत सरकार द्वारा, मुख्य सचिव जे. के. सिन्हा, पुलिस महानिदेशक अनुराग, आईटी सचिव किरण गिट्टे, सीईआरटी-इन के महानिदेशक डॉ. संजय बहल तथा आईटी निदेशक जेया रघुल गेशन बी की उपस्थिति में किया गया।

TCSP 2.0 का उद्देश्य बदलते साइबर खतरों का सामना करते हुए एक लचीला (resilient), अनुकूलनीय (adaptive) और नागरिक-केंद्रित (citizen-centric) साइबर पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है। यह नीति राज्य की आईटी एवं आईसीटी प्रणालियों की सुरक्षा, संस्थागत तंत्र को मजबूत करने, क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने और सार्वजनिक-निजी क्षेत्रों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करने के लिए एक दिशानिर्देश ढांचा (guiding framework) के रूप में कार्य करेगी।

वर्ष 2024 में अक्टूबर माह को राज्यभर में राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह (National Cyber Security Awareness Month - NCSAM) के रूप में मनाया गया था। इसके अंतर्गत अनेक जागरूकता और क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए गए थे।

उसकी सफलता और प्रभाव को ध्यान में रखते हुए तथा TCSP 2.0 की भावना के अनुरूप, त्रिपुरा साइबर सुरक्षा जागरूकता माह 2025 (TCSAM 2025) अभियान की शुरुआत “साइबर जागृत त्रिपुरा” (Cyber Jagrit Tripura) थीम के तहत की गई। इसका शुभारंभ भारत सरकार के MeitY सचिव  एस. कृष्णन ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया।

इस अवसर पर TCSAM 2025 का मैस्कॉट “रक्षा मित्र” (Raksha Mitra) भी लॉन्च किया गया, जिसका उद्देश्य राज्यभर में साइबर सुरक्षा जागरूकता को व्यापक रूप से फैलाना है।

TCSAM 2025, एक महीने लंबा अभियान होगा, जिसे सूचना प्रौद्योगिकी निदेशालय, त्रिपुरा सरकार अन्य हितधारकों के सहयोग से आयोजित करेगा। इस दौरान राज्य भर में जनता, विद्यार्थियों और सरकारी कर्मचारियों के बीच साइबर स्वच्छता (cyber hygiene) और जागरूकता को सुदृढ़ करने के लिए कई प्रशिक्षण एवं जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.