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गुरुग्राम में रोड धूल नियंत्रण और सफाई का व्यापक निरीक्षण: CAQM ने दी सख्त चेतावनी

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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 26.12.2025 को गुरुग्राम में एक व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य नगर निगम गुरुग्राम (MCG) द्वारा बनाए गए रोड स्ट्रेचेज की सफाई और रख-रखाव की समीक्षा करना था।

यह निरीक्षण मौजूदा ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत लगातार निगरानी और प्रवर्तन प्रयासों के हिस्से के रूप में किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य धूल नियंत्रण उपायों के पालन का मूल्यांकन करना और सड़क धूल, नगरपालिका ठोस अपशिष्ट (MSW), निर्माण और विध्वंस (C&D) अपशिष्ट और खुले में जलाने जैसी समस्याओं की पहचान करना था।

निरीक्षण का विस्तार:

  • कुल 17 निरीक्षण टीमों ने गुरुग्राम में MCG के अंतर्गत 125 सड़क स्ट्रेचेज का निरीक्षण किया।

  • 15 टीमें हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) की और 2 टीमें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की थीं।

  • निरीक्षण में सभी सड़क स्ट्रेचेज का समय-स्टैम्प और जियो-टैग के साथ फोटो डॉक्यूमेंटेशन तैयार किया गया।

निरीक्षण निष्कर्ष:

  • 34 सड़क स्ट्रेचेज पर उच्च दृश्य धूल (High Visible Dust) पाई गई।

  • 58 स्ट्रेचेज पर मध्यम धूल (Moderate Dust) दर्ज की गई।

  • 29 स्ट्रेचेज पर कम धूल (Low Dust) देखी गई।

  • केवल 4 स्ट्रेचेज पर कोई दृश्य धूल (No Visible Dust) नहीं थी।

उच्च दृश्य धूल वाले स्ट्रेचेज में अक्सर नगरपालिका ठोस अपशिष्ट और C&D अपशिष्ट का भी उच्च संचय पाया गया और कई स्थानों पर खुले में जलाने की घटनाएं भी दर्ज की गईं। यह सभी आंकड़े सड़क रखरखाव, कचरा प्रबंधन और क्षेत्रीय प्रवर्तन में गंभीर कमियों की ओर इशारा करते हैं।

आयोग की सिफारिशें:

  • MCG को अपने ऑन-ग्राउंड संचालन को मजबूत करने की आवश्यकता है।

  • नियमित यांत्रिक सड़क सफाई, समय पर धूल और कचरा उठाना और वैज्ञानिक तरीके से निपटान करना आवश्यक है।

  • सक्रिय पानी छिड़काव और धूल नियंत्रण उपाय अपनाना।

  • खुले में जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी।

आगे की कार्रवाई:

CAQM ने स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान NCR में नियमित रूप से जारी रहेंगे। आयोग पूरे क्षेत्र में साफ, हरा-भरा और धूल-मुक्त सड़क स्ट्रेचेज सुनिश्चित करने के लिए तत्परता से कार्य कर रहा है।

दिल्ली में CAQM का सड़क निरीक्षण अभियान: 136 सड़क खंडों में धूल, कचरा और खुले में जलाने की खामियां उजागर

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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और उससे सटे क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 12.12.2025 को सड़क निरीक्षण अभियान के तहत 19 टीमों को तैनात किया। इस अभियान के दौरान दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के अधिकार क्षेत्र में आने वाले दिल्ली के कुल 136 सड़क खंडों का निरीक्षण किया गया। यह कार्रवाई लागू GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) के अंतर्गत आयोग की सतत निगरानी और प्रवर्तन प्रयासों का हिस्सा थी।

इस विशेष अभियान का उद्देश्य सड़कों पर दिखाई देने वाली धूल, नगर निगम ठोस कचरा (MSW) तथा निर्माण एवं विध्वंस (C&D) अपशिष्ट के जमाव का आकलन करना था। साथ ही, इन सड़क खंडों पर MSW/बायोमास के खुले में जलाने की घटनाओं की भी जांच की गई। तैनात टीमों में CAQM की फ्लाइंग स्क्वॉड्स और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के अधिकारी शामिल थे।

निरीक्षण के दौरान जियो-टैग्ड और समय-स्टैम्प की गई तस्वीरें एकत्र कर समेकित निरीक्षण रिपोर्ट के रूप में आयोग को प्रस्तुत की गईं। संकलित आंकड़ों के अनुसार, 15 सड़क खंडों पर उच्च स्तर की दिखाई देने वाली धूल पाई गई, 38 पर मध्यम स्तर की धूल, 61 पर कम धूल और 22 सड़क खंडों पर कोई दृश्य धूल नहीं पाई गई। MSW और C&D अपशिष्ट के जमाव की सूचना क्रमशः 55 और 53 सड़क खंडों पर मिली। वहीं, 6 सड़क खंडों पर MSW/बायोमास जलाने के प्रमाण पाए गए।

इन अवलोकनों से संबंधित सड़क खंडों के रखरखाव में स्पष्ट कमियां और बार-बार की जा रही लापरवाही सामने आई है। इससे यह आवश्यकता रेखांकित हुई कि DDA को अपनी परिचालन दक्षता बढ़ानी होगी और निरंतर एवं समयबद्ध धूल नियंत्रण उपायों के माध्यम से त्वरित सुधारात्मक कदम उठाने होंगे। साथ ही, MSW/बायोमास के खुले में जलाने की रोकथाम के लिए सभी सड़क खंडों पर बेहतर अनुपालन सुनिश्चित करना भी आवश्यक बताया गया।

आयोग ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं दिल्ली में कणीय पदार्थ (पार्टिकुलेट मैटर) के स्तर को प्रभावित करती हैं। इसलिए जमीनी स्तर पर मजबूत कार्रवाई की आवश्यकता है, जिसमें नियमित यांत्रिक सफाई, एकत्रित धूल का समय पर निपटान, सड़क किनारों और मध्य विभाजकों का रखरखाव, जल छिड़काव/धूल-दमन प्रणालियों की तैनाती तथा खुले में जलाने की घटनाओं की रोकथाम के लिए लक्षित कार्रवाई शामिल है, विशेषकर DDA द्वारा अनुरक्षित सभी सड़क खंडों पर।

आयोग ने दोहराया कि ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत इस प्रकार के लक्षित निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि धूल नियंत्रण और MSW/बायोमास के खुले में जलाने की रोकथाम संबंधी इसके वैधानिक निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके। इसका उद्देश्य दिल्ली भर की सड़कें साफ, धूल और खुले में जलाने से मुक्त तथा नियामक प्रावधानों के अनुरूप बनाए रखना है।

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण पर CAQM की सख्ती, राज्यों को कड़े निर्देश

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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) एवं आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की सुरक्षा एवं प्रवर्तन उप-समिति ने 12 दिसंबर 2025 को दिल्ली–एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों के कड़े प्रवर्तन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बैठक आयोजित की। उप-समिति की यह 23वीं बैठक थी, जिसमें एनसीआर के राज्य सरकारों/दिल्ली सरकार (GNCTD) द्वारा वायु प्रदूषण को कम करने के लिए किए गए क्षेत्र-विशिष्ट प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा की गई, विशेष रूप से वर्तमान में लागू ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) की अवधि के दौरान।

GNCTD के लिए

अवलोकन:

दिल्ली सरकार को विभिन्न हॉटस्पॉट्स पर यातायात जाम, सड़क की धूल, नगर निगम ठोस अपशिष्ट (MSW) के निस्तारण और उसके जलने की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटना होगा।

आयोग द्वारा दिए गए निर्देश:

  • चिन्हित हॉटस्पॉट्स पर यातायात जाम कम करने के लिए केंद्रित मासिक बैठकें आयोजित की जाएं।

  • पीएम2.5 और पीएम10 के स्तर को कम करने के लिए सड़कों की वैक्यूमिंग की जाए।

  • एमसीडी और एनडीएमसी द्वारा नगर निगम ठोस अपशिष्ट का समुचित संग्रहण और निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

  • एमएसडब्ल्यू और बायोमास जलाने की घटनाओं पर रोक के लिए रात्रिकालीन गश्त को तेज किया जाए।

  • पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरों के माध्यम से प्रवर्तन को सख्त किया जाए।

हरियाणा के एनसीआर जिलों के लिए

अवलोकन:

हरियाणा का प्रदर्शन यातायात जाम, सड़क की धूल और एमएसडब्ल्यू निस्तारण से निपटने के मामले में संतोषजनक नहीं पाया गया।

आयोग के निर्देश:

  • विभिन्न एजेंसियों और विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

  • वायु प्रदूषण में योगदान देने वाले विभिन्न क्षेत्रों में अचानक/गोपनीय निरीक्षण के लिए समर्पित टीमें गठित की जाएं।

  • गुरुग्राम में यातायात जाम कम करने के लिए एमसीजी को हॉटस्पॉट्स की पहचान की व्यवस्था मजबूत करनी होगी तथा वाहन प्रदूषण पर कड़ी कार्रवाई करनी होगी।

  • एमएसडब्ल्यू और बायोमास जलाने की रोकथाम हेतु रात्रिकालीन गश्त तेज की जाए।

  • पेट्रोल पंपों पर एएनपीआर कैमरों की स्थापना कर प्रवर्तन को और सख्त किया जाए।

उत्तर प्रदेश और राजस्थान के एनसीआर जिलों के लिए

अवलोकन एवं निर्देश:

उत्तर प्रदेश के एनसीआर जिलों का प्रदर्शन वायु प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में तुलनात्मक रूप से संतोषजनक पाया गया। हालांकि, विशेष रूप से वाहन क्षेत्र में केंद्रित कार्रवाई के लिए तय समयसीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा।

आयोग ने उत्तर प्रदेश और राजस्थान दोनों के एनसीआर जिलों के लिए वाहन एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सेवा प्रदाताओं और ई-कॉमर्स इकाइयों हेतु वेब पोर्टल विकसित करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 निर्धारित की है। इसके साथ ही राजस्थान को इन संस्थाओं की निगरानी के लिए अपनी नीति भी 31 दिसंबर 2025 तक अधिसूचित करनी होगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और सीएक्यूएम अधिनियम की धारा 14 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

उप-समिति ने सभी एनसीआर राज्यों और दिल्ली सरकार को वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए निगरानी, विश्लेषण और प्रभावी शमन हेतु एआई आधारित और अन्य उन्नत तकनीकी समाधानों को तेजी से अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि विशेष रूप से शीतकाल के दौरान दिल्ली–एनसीआर में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के सामूहिक और समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। सभी कार्यान्वयन एजेंसियों ने आश्वासन दिया कि वे वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों की नियमित समीक्षा करेंगी और विभिन्न क्षेत्रों में सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई जारी रखेंगी।

एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए जीआरएपी में संशोधन: सीएक्यूएम ने किए महत्वपूर्ण बदलाव

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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आस-पास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 21.11.2025 को पूरे एनसीआर के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) में संशोधन किया है।

GRAP पूरे एनसीआर के लिए एक आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली है, जो दिल्ली में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) स्तर और मौसम/मौसमी परिस्थितियों के पूर्वानुमान पर आधारित है। यह एनसीआर में कई हितधारकों, कार्यान्वयन एजेंसियों और प्राधिकरणों को क्षेत्र में वायु गुणवत्ता के बिगड़ने की स्थिति से निपटने के लिए एक साथ लाता है। एनसीआर के लिए GRAP वैज्ञानिक आंकड़ों, हितधारकों से परामर्श, विशेषज्ञ सिफारिशों, और पिछले वर्षों के मैदानी अनुभवों एवं सीखों के आधार पर तैयार किया गया है।

आयोग ने 20.11.2025 को अपनी GRAP उप-समिति के माध्यम से संबंधित हितधारकों के साथ प्रस्तावित संशोधनों पर विस्तृत चर्चा की और GRAP अनुसूची में निम्नलिखित प्रमुख संशोधन करने पर सहमति व्यक्त की:

A. GRAP स्टेज-II में शामिल निम्नलिखित प्रावधान अब स्टेज-I में शामिल किए जाएंगे:

स्टेज-I – ‘खराब’ वायु गुणवत्ता

(दिल्ली AQI: 201–300)

  • निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें ताकि वैकल्पिक बिजली उत्पादन सेट/उपकरण (जैसे DG सेट आदि) के उपयोग को हतोत्साहित किया जा सके।

  • ट्रैफिक मूवमेंट को सिंक्रोनाइज़ करें और ट्रैफिक जाम बिंदुओं पर पर्याप्त कर्मियों की तैनाती करें ताकि यातायात सुचारू रहे।

  • लोगों को वायु प्रदूषण के स्तर और प्रदूषण कम करने के लिए अपनाए जाने वाले उपायों (Do’s & Don’ts) के बारे में जागरूक करने हेतु अखबारों, टीवी, रेडियो आदि पर अलर्ट जारी करें।

  • सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को CNG/इलेक्ट्रिक बसों और मेट्रो सेवाओं की अतिरिक्त फ्लीट एवं बढ़ी हुई फ्रीक्वेंसी के साथ बढ़ाया जाए। ऑफ-पीक यात्रा को प्रोत्साहित करने हेतु किरायों में अंतर लाया जाए।

B. GRAP स्टेज-III में मौजूद निम्न प्रावधान अब स्टेज-II में शामिल किए जाएंगे:

स्टेज-II – ‘बहुत खराब’ वायु गुणवत्ता

(दिल्ली AQI: 301–400)

  1. दिल्ली सरकार (GNCTD) और एनसीआर की राज्य सरकारें—दिल्ली तथा गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जिलों में—सार्वजनिक कार्यालयों और नगरपालिकाओं के समय में बदलाव (staggering of timings) लागू करें।

  2. एनसीआर के अन्य क्षेत्रों में राज्य सरकारें अपने अनुसार निर्णय ले सकती हैं।

  • केंद्र सरकार दिल्ली-एनसीआर में अपने कार्यालयों के समय में बदलाव के संबंध में निर्णय ले सकती है।

C. GRAP स्टेज-IV के निम्नलिखित प्रावधान अब स्टेज-III में शामिल किए जाएंगे:

स्टेज-III – ‘गंभीर’ वायु गुणवत्ता

(दिल्ली AQI: 401–450)

  • एनसीआर राज्य सरकारें/दिल्ली सरकार निर्णय लें कि सार्वजनिक, नगरपालिका एवं निजी कार्यालय 50% क्षमता के साथ कार्य करें, जबकि शेष कर्मचारी घर से कार्य करें।

  • केंद्र सरकार भी अपने कर्मचारियों के लिए "वर्क फ्रॉम होम" की अनुमति के संबंध में उपयुक्त निर्णय ले सकती है।

उपरोक्त संशोधन GRAP (नवंबर 2025) में किए गए मुख्य परिवर्तन हैं। GRAP का पूरा विवरण आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है: caqm.nic.in

इसके अतिरिक्त, एनसीआर में GRAP लागू करने के लिए जिम्मेदार सभी एजेंसियों को संशोधित GRAP अनुसूची में किए गए परिवर्तनों पर ध्यान देने और तुरंत प्रभाव से इन्हें लागू करने का निर्देश दिया गया है।


दिल्ली में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में, GRAP Stage-II लागू — नागरिकों और एजेंसियों को सख्त निर्देश

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आज, दिल्ली में औसत दैनिक वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 296, यानी ‘खराब’ श्रेणी दर्ज की गई, जैसा कि सेंट्रल पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी दैनिक AQI बुलेटिन में बताया गया। शाम 6 बजे दिल्ली का घंटा औसत AQI 300 और 7 बजे 302 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। इसके बाद, ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) की उप-समिति ने मौजूदा वायु गुणवत्ता स्थिति और मौसम/मौसमी हालात की समीक्षा के लिए तुरंत बैठक बुलाई।

GRAP Stage-II लागू करने का निर्णय:

CAQM की उप-समिति ने IMD और IITM से उपलब्ध वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान और मौसम संबंधी जानकारी के आधार पर निर्णय लिया कि NCR में Stage-II के 12-बिंदु कार्य योजना को तुरंत लागू किया जाए, ताकि वायु गुणवत्ता में और गिरावट को रोका जा सके।

Stage-II के तहत लागू किए जाने वाले मुख्य उपाय:

नागरिकों के लिए निर्देश:

  • सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें और निजी वाहनों का उपयोग कम करें।

  • ट्रैफिक कम congested मार्ग चुनें, भले ही रास्ता लंबा हो।

  • अपने वाहनों के एयर फिल्टर नियमित अंतराल पर बदलें।

  • अक्टूबर से जनवरी तक धूल उत्पन्न करने वाले निर्माण कार्यों से बचें।

  • ठोस कचरा और बायोमास का खुले में जलाना न करें।

Stage-II के 12-बिंदु उपाय (एजेंसियों के लिए):

  1. चिन्हित सड़कों पर मैकेनिकल/वै큼 स्वीपिंग और जल छिड़काव दैनिक रूप से करें। मशीनों के शिफ्ट/घंटों को बढ़ाएँ।

  2. प्रमुख ट्रैफिक हॉटस्पॉट्स पर धूल नियंत्रण और जल छिड़काव सुनिश्चित करें।

  3. C&D साइटों पर धूल नियंत्रण उपायों की कड़ी निगरानी।

  4. NCR के सभी हॉटस्पॉट्स में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए लक्षित कार्रवाई।

  5. अविरत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कर DG सेट्स के प्रयोग को कम करना।

  6. DG सेट्स के नियमन का पालन, जिसमें आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर विशेष दिशा-निर्देश लागू।

  7. ट्रैफिक संचालन समन्वय और जाम वाले पॉइंट्स पर पर्याप्त कर्मियों की तैनाती।

  8. समाचार, टीवी, रेडियो में जनजागरूकता अभियान।

  9. पार्किंग शुल्क बढ़ाकर निजी वाहन कम करें।

  10. सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में वृद्धि (CNG/इलेक्ट्रिक बसें, मेट्रो) और समयावधि बढ़ाएँ।

  11. Resident Welfare Associations अपने कर्मचारियों को इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराएँ ताकि बायोमास/एमएसडब्ल्यू जलाने से बचा जा सके।

  12. NCR राज्यों से डिज़ल/EV/ CNG बसों को ही दिल्ली प्रवेश की अनुमति, अन्य बसों पर रोक।

CAQM स्थिति की निगरानी लगातार कर रहा है और आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता पर नियमित समीक्षा करेगा।



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