Media24Media.com: #सुशासन तिहार

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युवाओं को मिलेगी विश्वस्तरीय पढ़ाई की सुविधा, नालंदा परिसर का मुख्यमंत्री ने लिया जायजा

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बिलासपुर प्रवास के दौरान मधुबन-जूना बिलासपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब का निरीक्षण कर परियोजना की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्यों का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह परियोजना प्रदेश के युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगी और बिलासपुर को शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षा तैयारी के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।


इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, महापौर पूजा विधानी, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, विशेष सचिव रजत बंसल, संभागायुक्त सुनील जैन, पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि बिलासपुर में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी सीजीपीएससी, यूपीएससी, नीट, जेईई, एसएससी, बैंकिंग, व्यापम तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। इन विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगभग 13 एकड़ शासकीय भूमि पर 120 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक एजुकेशन हब विकसित किया जा रहा है।

परियोजना के अंतर्गत नालंदा डिजिटल पब्लिक लाइब्रेरी, 300-300 सीटर बालक एवं बालिका छात्रावास, आधुनिक शैक्षणिक ब्लॉक तथा विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। एक ही परिसर में अध्ययन, आवास और शैक्षणिक संसाधनों की उपलब्धता विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उत्कृष्ट वातावरण प्रदान करेगी। इससे प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलेगा।

अधिकारियों ने बताया कि परिसर में 48 बड़े रेंटल हॉल का निर्माण भी किया जा रहा है। इससे नगर निगम के लिए दीर्घकालिक और स्थायी आय का स्रोत विकसित होगा। पीपीपी मॉडल पर विकसित की जा रही इस परियोजना का संचालन वित्तीय दृष्टि से भी आत्मनिर्भर होगा तथा नगर निगम पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं आएगा।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार युवाओं को बेहतर संसाधन, आधुनिक अधोसंरचना और प्रतिस्पर्धी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब केवल एक भवन परियोजना नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं को नई दिशा देने वाला ज्ञान केंद्र है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि परियोजना पूर्ण होने के बाद बिलासपुर की पहचान प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख शैक्षणिक एवं प्रतियोगी परीक्षा तैयारी केंद्र के रूप में स्थापित होगी। यह एजुकेशन हब हजारों विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला बनेगा।

’मत्स्य पालकों को मिली नई उड़ान, आजीविका सशक्त बनाने मुख्यमंत्री ने वितरित की आधुनिक सामग्री’

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 रायपुर : सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सोमवार को कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर मत्स्य पालन विभाग द्वारा जिले के मत्स्य पालकों एवं मत्स्य व्यवसाय से जुड़े हितग्राहियों को आजीविका संवर्धन के लिए विभिन्न आधुनिक उपकरण एवं सामग्री प्रदान की गई।


मुख्यमंत्री साय ने ग्राम मालाकोट के कमल सिंह नेताम एवं ग्राम जोबा के नरेंद्र कश्यप को मोटर साइकिल और आइस बॉक्स प्रदान किए। इन संसाधनों के माध्यम से अब दोनों हितग्राही अपनी मछलियों को सुरक्षित तरीके से दूरस्थ बाजारों तक पहुंचा सकेंगे, जिससे उनके व्यवसाय को नई गति मिलेगी।

हितग्राहियों ने बताया कि पहले मछलियों के परिवहन और संरक्षण में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। आइस बॉक्स उपलब्ध होने से अब मछलियों की गुणवत्ता लंबे समय तक सुरक्षित रहेगी और उन्हें बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। वहीं मोटर साइकिल मिलने से परिवहन आसान होने के साथ-साथ समय और लागत की भी बचत होगी।

आधुनिक जाल से बढ़ेगा उत्पादन

कार्यक्रम में ग्राम बड़ेकनेरा के ललित बघेल एवं रामलाल नेताम को मछली पकड़ने के लिए आधुनिक जाल वितरित किए गए। हितग्राहियों ने बताया कि नए जाल मिलने से मत्स्य उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलेगी तथा व्यवसाय को और अधिक व्यवस्थित एवं लाभकारी बनाया जा सकेगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में पहल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक व्यवसायों को आधुनिक संसाधनों से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मत्स्य पालन आज ग्रामीण क्षेत्रों में आय का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभर रहा है और सरकार इस क्षेत्र से जुड़े हितग्राहियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी आय और जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाना है। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं मत्स्य पालन विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन से प्राप्त यह सहयोग उनके व्यवसाय के विस्तार और आर्थिक उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक संसाधनों की मदद से वे अपने मत्स्य व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकेंगे।

सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पहुंचे बीजापुर के सुदूर गांव कोण्डापल्ली : चौपाल में सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं

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 रायपुर : प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यहां आयोजित जनचौपाल में ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं, योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति जानी तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से मुलाकात कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी जरूरतमंद को अपने अधिकारों एवं सुविधाओं के लिए भटकना न पड़े। इसी भावना के साथ सरकार स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और उनके समाधान का प्रयास कर रही है।

जनचौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया तथा हितग्राहियों को वनाधिकार मान्यता पत्र, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना, श्रम कार्ड, किसान हितग्राही योजनाओं सहित विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ वितरित किए। उन्होंने लाभार्थियों से चर्चा कर योजनाओं के प्रभाव और उनके अनुभवों की जानकारी भी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों से प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी जब उसका लाभ पात्र व्यक्ति तक सही समय पर पहुंचे और आमजन को शासन की संवेदनशीलता का अनुभव हो।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है तथा क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में विकास की नई धारा पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन लोगों के द्वार तक पहुंच रहा है, जिससे न केवल समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है, बल्कि शासन के प्रति आमजन का विश्वास भी लगातार मजबूत हो रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना - मुख्यमंत्री साय

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 बलौदाबाजार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य सरकार को गांव-गांव तक पहुंचाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करना और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना है।


मुख्यमंत्री ने भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में समाधान शिविर में पहुंचे ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार यह जानने के लिए गांवों तक पहुंच रही है कि लोगों को पानी, बिजली, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाएं समय पर मिल रही हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि रायपुर में बैठकर ग्रामीणों की समस्याओं को पूरी तरह समझा नहीं जा सकता, इसलिए पूरी सरकार गांवों में पहुंचकर लोगों से सीधे संवाद कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में लगातार दूसरे वर्ष सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत पंचायतों और नगरीय क्षेत्रों में समाधान शिविर आयोजित कर आम जनता की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक अनेक स्थानों पर शिविर संपन्न हो चुके हैं तथा आगामी दिनों में भी शिविरों का आयोजन जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को प्राथमिकता के साथ पूरा किया है। उन्होंने बताया कि सरकार बनते ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए और दो वर्षों में 10 लाख आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी और दो वर्षों का बकाया बोनस भी दिया गया है।

उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से महिलाएं बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जरूरतों और छोटे व्यवसायों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं।

मुख्यमंत्री ने “लखपति दीदी” अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं और आगे करोड़पति दीदी बनने की दिशा में बढ़ रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार कर रही है। प्रदेश की 6000 से अधिक पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां लोगों को प्रमाण पत्र, राजस्व रिकॉर्ड, बैंकिंग और अन्य सेवाएं गांव में ही उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अब रजिस्ट्री के साथ तत्काल नामांतरण की सुविधा भी दी जा रही है, जिससे लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने कही कि सरकार जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू करने जा रही है, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं ऑनलाइन और टोल फ्री नंबर के जरिए दर्ज करा सकेंगे तथा समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ग्राम करहीबाजार में सर्व समाज हेतु सांकृतिक भवन का निर्माण हेतु 25 लाख देने,ग्राम करहीबाजार में सी.सी रोड निर्माण कार्य सुकालू के घर से सिद्ध बाबा मार्ग तक लागत राशि 25 लाख,हायर सेकेंडरी स्कूल करहीबाजार एवं कोदवा में भवन निर्माण,भाटापारा में एसडीएम -तहसील हेतु संयुक्त कार्यालय भवन की स्वीकृति,मिडिल स्कूल गुड़ेलिया का हाई स्कूल उन्नयन, ग्राम विटकुली में मांगलिक भवन निर्माण हेतु 20 लाख एवं ग्राम पंचायत कोठमी,ग्राम पंचायत मोपका,ग्राम पंचायत कोनी,ग्राम पंचायत बोरसी, ग्राम पंचायत कोदवा, ग्राम पंचायत पाटन,ग्राम पंचायत रामपुर में 10-10लाख रुपए की लागत से सी सी रोड निर्माण की घोषणा की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के 147 हितग्राहियों को लाभान्वित किया तथा नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं और स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता की सुविधा और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, भाटापारा नगर पालिका अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री उप सचिव एवं जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, कलेक्टर कुलदीप शर्मा,पुलिस अधीक्षक ओपी शर्मा सहित अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।

जिला चिकित्सालय सूरजपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी सौगात : मुख्यमंत्री ने किया अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा का वर्चुअल शुभारंभ

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अवसर पर जिला चिकित्सालय सूरजपुर में 32 स्लाइस अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का वर्चुअल शुभारंभ किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, सीजीएमएससी तथा मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष (CMPHTF) के माध्यम से लगभग 449.99 लाख रुपये की लागत से यह सुविधा स्थापित की गई है।


 मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पहल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी और आम नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा सूरजपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।

सीटी स्कैन सुविधा प्रारंभ होने से सूरजपुर जिले की लगभग 9 लाख 11 हजार आबादी के साथ-साथ पड़ोसी जिलों के मरीजों को भी सीधा लाभ मिलेगा। अब सड़क दुर्घटनाओं में हेड इंजरी, मस्तिष्क में रक्तस्राव या खून का थक्का जमना, कैंसर, ट्यूमर, स्ट्रोक (पैरालिसिस), छाती संबंधी संक्रमण, पेट की गंभीर बीमारियां तथा मिर्गी जैसी जटिल बीमारियों की जांच जिला चिकित्सालय में ही संभव हो सकेगी।

अब तक इन जांचों के लिए मरीजों को अंबिकापुर रेफर किया जाता था, जिससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नई सुविधा शुरू होने से मरीजों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी तथा निजी केंद्रों की तुलना में काफी कम दर पर सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

जिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट और प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की 24×7 टीम भी तैनात की गई है, जिससे मरीजों को निरंतर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस सुविधा से मरीजों और उनके परिजनों पर आर्थिक बोझ कम होगा तथा जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक मजबूत होगी।

पक्के घर का सपना हुआ साकार : मुख्यमंत्री साय ने लेमरू में हितग्राही धरम सिंह के नए आवास में कराया गृह प्रवेश

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 रायपुर : सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कोरबा जिले के लेमरू पहुंचकर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही धरम सिंह के नव निर्मित आवास का उद्घाटन एवं गृह प्रवेश कराया। वर्षों तक कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाले धरम सिंह के परिवार के लिए यह दिन किसी उत्सव से कम नहीं रहा। मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों से आत्मीय मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और नए घर के लिए शुभकामनाएं दीं।


मुख्यमंत्री साय ने आवास का अवलोकन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और नई उम्मीद लेकर आई है। उन्होंने कहा कि सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने बच्चों को अच्छी शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।


मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सोलर पैनल स्थापना हेतु डीएमएफ मद से हितग्राही अंशदान की 60 हजार रुपये की राशि प्रदान की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों को केवल आवास ही नहीं, बल्कि बेहतर जीवन के लिए आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री के आगमन से धरम सिंह का परिवार भावुक हो उठा। परिवार ने आत्मीय स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से मिले लाभों के लिए आभार व्यक्त किया। पूरे गांव में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने कहा कि अब योजनाओं का लाभ वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है और लोगों का शासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।

इस अवसर पर उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पहुंचे कोसला धाम

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आज जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड स्थित ग्राम कोसला पहुंचकर माता कौशल्या मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने माता कौशल्या एवं प्रभु श्रीराम से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति के लिए प्रार्थना की।


मुख्यमंत्री साय के मंदिर परिसर पहुंचने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, मंदिर सेवा समिति एवं ग्रामीणों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी भी उनके साथ उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री  साय ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, आस्था और परंपराएं प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। हमारी सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है।

मंदिर सेवा समिति द्वारा मुख्यमंत्री साय को माता कौशल्या मंदिर का आकर्षक छायाचित्र स्मृति स्वरूप भेंट किया गया।

मुख्यमंत्री साय के अचानक आगमन से क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का वातावरण देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीणजन एवं स्थानीय नागरिक इस अवसर पर उपस्थित थे।


बगिया से बस्तर' तक गूंजा सुशासन का स्वर-जनता से सीधा संवाद बना विश्वास का आधार

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 रायपुर : किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत जनता का विश्वास होता है। सरकारें योजनाएं बनाती हैं, बजट प्रस्तुत करती हैं और विकास के दावे करती हैं, लेकिन इन सबकी सार्थकता तभी सिद्ध होती है जब उनका लाभ आम नागरिक तक पहुंचे और लोग स्वयं अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन महसूस करें। छत्तीसगढ़ में इसी सोच को साकार करने के लिए ‘सुशासन तिहार’ जैसे अभिनव अभियान की शुरुआत की गई है।


1 मई से 10 जून तक चलने वाला यह 40 दिवसीय अभियान शासन को सीधे जनता के द्वार तक ले जाने का एक प्रभावी प्रयास है। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी गांव-गांव और शहरों के वार्डों में पहुंचकर आमजन की समस्याएं सुन रहे हैं और उनका समाधान कर रहे हैं। खास बात यह है कि यह पहल केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि संवाद, सहभागिता और समाधान पर केंद्रित है।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस अभियान में सक्रिय भागीदारी इसे और अधिक प्रभावशाली बनाती है। उनका विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर जमीनी हकीकत का आकलन करना और आम जनता से सीधा संवाद करना यह दर्शाता है कि नेतृत्व केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भी प्रतिबद्ध है। तेज गर्मी और प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच उनकी यह सक्रियता प्रशासनिक तंत्र के लिए भी एक प्रेरणा है।

‘सुशासन तिहार’ का मूल उद्देश्य शासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुख बनाना है। जब अधिकारी सीधे गांवों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं, तो न केवल वास्तविक स्थिति स्पष्ट होती है, बल्कि लोगों के भीतर यह विश्वास भी मजबूत होता है कि उनकी आवाज़ सुनी जा रही है। इस प्रकार की पहल प्रशासन में संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व दोनों को सुदृढ़ करती है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे 'लोगों की सुनें, उन्हें सुनाएं नहीं' की भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रशासनिक अधिकारियों का व्यवहार ही शासन की छवि तय करता है। इसलिए आमजन के साथ संवाद करते समय शालीनता, धैर्य और सम्मान अनिवार्य होना चाहिए। जब कोई नागरिक शासकीय कार्यालय पहुंचे, तो उसे यह अनुभव होना चाहिए कि उसकी बात गंभीरता से सुनी जा रही है।

प्रदेश में आयोजित समाधान शिविर इस अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जहां पंचायत और वार्ड स्तर पर लोगों से आवेदन लेकर उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। इसमें जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है, जिससे शासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो रहा है।

हालांकि, इस पहल की वास्तविक सफलता उसके दीर्घकालिक प्रभाव और निरंतरता पर निर्भर करती है। निश्चित ही राज्य सरकार ‘सुशासन तिहार’ से प्राप्त अनुभवों के आधार पर प्रशासनिक व्यवस्था में स्थायी सुधार करेंगे और यह संवाद की यह प्रक्रिया भी लगातार जारी रहेगी। ‘सुशासन तिहार’ एक अभियान नहीं, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह इस बात का संकेत है कि यदि शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और संवेदनशीलता बनी रहे, तो विकास की राह न केवल सशक्त होती है, बल्कि अधिक समावेशी बनेगी।

(लेखक-एल.डी. मानिकपुरी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी)

चंदागढ़ में CM साय की जनचौपाल: बरगद की छांव में सुनीं समस्याएं, विकास की घोषणाएं

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 रायपुर : सुशासन तिहार (Sushasan Tihar) में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में पहुंचकर संवेदनशील और जनकेंद्रित शासन की एक प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर जैसे ही चंदागढ़ में उतरा, ग्रामीणों ने उत्साह और आत्मीयता के साथ उनका भव्य स्वागत किया।


मुख्यमंत्री सीधे पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम भैंसामुड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने बजरंग बली मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद गांव के बीचों-बीच बरगद के विशाल पेड़ की शीतल छांव में जनचौपाल सजी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार (Sushasan Tihar) 1 मई से 10 जून तक आयोजित किया जा रहा है और इसका उद्देश्य सरकार को जनता के द्वार तक ले जाना है, ताकि समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वे जनता की समस्याएं सुनने आए हैं और ग्रामीणों की समस्या का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने ग्रामवासियों से राशन, नमक, शक्कर की उपलब्धता, पेयजल व्यवस्था, बिजली, पटवारी से संबंधित समस्याओं सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

जनचौपाल के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने “लखपति दीदी” सुमिला कोरवा और पुष्पलता चौहान से आत्मीय संवाद किया और उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने जाना कि महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं ईंट निर्माण, किराना दुकान और बीसी सखी जैसे कार्यों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 8 लाख लखपति दीदी बन जा चुकी हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में यह संख्या 3 करोड़ से अधिक हो चुकी है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन है।

मुख्यमंत्री साय ने ग्राम चंदागढ़ और भैंसामुड़ा के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए सामुदायिक भवन निर्माण, मिनी स्टेडियम निर्माण, सीसी रोड निर्माण तथा बच्चों के लिए क्रिकेट किट और यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को सामुदायिक भवन के लिए उपयुक्त स्थल का चयन करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का भी जायजा लिया। कलावती चौहान ने बताया कि गांव में महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों को मिल रहा है, जिस पर मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री साय ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य की स्थिति की जानकारी ली और चरण पादुका योजना के लाभ के संबंध में भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य में श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से आमजन को धार्मिक और सामाजिक रूप से जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में स्थापित अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से अब आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं और ग्रामीणों को ऑनलाइन बैंकिंग एवं अन्य सुविधाओं का भी लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों की मांगों और समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी समस्याओं का प्राथमिकता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और लोगों को उनका लाभ समय पर मिले।

इस अवसर पर विधायक पत्थलगांव गोमती साय, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। (Sushasan Tihar)

गोद में उठाया, चश्मा पहनाया : भैंसामुड़ा में दिखा मुख्यमंत्री का आत्मीय रूप

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 रायपुर : सुशासन तिहार के दौरान जशपुर जिले के ग्राम भैंसामुड़ा में एक ऐसा आत्मीय और भावुक क्षण सामने आया, जिसने वहां मौजूद प्रत्येक व्यक्ति के मन को गहराई से छू लिया और पूरे वातावरण को संवेदनाओं से भर दिया। यह दृश्य उस मानवीय स्पर्श का जीवंत उदाहरण बन गया, जहां शासन और संवेदना एक साथ दिखाई देते हैं।


सुशासन तिहार के दौरान जैसे ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नजर 4 वर्षीय नन्हीं बच्ची मानविका चौहान पर पड़ी, वे सहज भाव से उसके पास पहुंच गए। उनके इस स्वाभाविक और अनायास कदम ने पूरे माहौल को एक अलग ही अपनत्व के वातावरण में बदल दिया।

मुख्यमंत्री साय ने स्नेहपूर्वक बच्ची को अपनी गोद में उठाया और मुस्कुराते हुए उससे आत्मीय संवाद करने लगे। उनके चेहरे पर झलकता स्नेह और व्यवहार की सरलता इस बात को दर्शा रही थी कि सच्चा नेतृत्व वही होता है, जो लोगों के बीच जाकर उनके अपनेपन को महसूस करता है। मुख्यमंत्री साय के पूछने पर मासूमियत भरी आवाज़ में जब मानविका ने तुतलाते हुए कहा - "मुझे डॉक्टर बनना है", तो उस छोटे-से वाक्य में एक बड़े सपने की झलक साफ दिखाई दे रही थी।

यह सुनकर मुख्यमंत्री साय के चेहरे पर सहज और स्नेहिल मुस्कान उभर आई। उन्होंने पूरे अपनत्व के साथ बच्ची को आशीर्वाद दिया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह संवाद भले ही कुछ क्षणों का रहा, लेकिन उसमें जो भावनात्मक गहराई थी, उसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को यह महसूस कराया कि छोटे बच्चों के सपनों को भी सही प्रोत्साहन देने का कार्य भी मुख्यमंत्री का रहे हैं। इसी आत्मीयता में मुख्यमंत्री साय ने अपने पास रखा चश्मा निकालकर बड़े प्यार से बच्ची को पहनाया और उसे पुचकारते हुए उसका हौसला बढ़ाया।

मानविका की माता दीपांजलि चौहान ने बताया कि उनकी बेटी मुख्यमंत्री से मिलने को लेकर बेहद उत्साहित थी और उनसे मिलकर अत्यंत खुश हुई। उन्होंने इस स्नेहपूर्ण व्यवहार के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके परिवार के लिए एक यादगार अनुभव बन गया है।

यह पूरा प्रसंग संवेदनशील और जनसरोकार से जुड़े नेतृत्व का सजीव उदाहरण बन गया, जहां शासन केवल योजनाओं और नीतियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि स्नेह, संवाद और विश्वास के माध्यम से सीधे लोगों के दिलों तक अपनी जगह बनाता है।

जनता का बढ़ा भरोसा : इंडिया टुडे–MOTN सर्वे में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को गृह राज्य में 41.9% जनता का विश्वास, बड़े राज्यों में दूसरा स्थान

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रायपुर। इंडिया टुडे–C Voter के Mood of the Nation (MOTN) Survey में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कामकाज को लेकर जनता का भरोसा लगातार बढ़ता दिख रहा है। अगस्त 2025 के सर्वेक्षण में उनके गृह राज्य के 41.9 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने उनके कार्य को संतोषजनक बताया है, जो फरवरी 2025 के 39 प्रतिशत से बढ़कर दर्ज हुआ है। यानी महज़ छह महीनों में मुख्यमंत्री के प्रति जनता की संतुष्टि में 2.9 प्रतिशत अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है। यह उपलब्धि बड़े राज्यों की श्रेणी में उन्हें दूसरे स्थान पर स्थापित करती है।

उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशभर का व्यापक भ्रमण करते हुए आमजन की समस्याओं को सीधे सुना और शिकायत निवारण समाधान शिविरों के माध्यम से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की। इस पहल से शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन को जमीनी स्तर पर नई गति मिली। साथ ही निचले प्रशासनिक तंत्र की कमियाँ उजागर हुईं, जिन्हें तत्परता से दूर किया गया। मुख्यमंत्री की यह संवेदनशील और सक्रिय कार्यशैली जनता को निकटता से महसूस हुई, जिससे उनके प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री सचिवालय की टीम ने विभागों और जिला कलेक्टरों की कार्यप्रणाली की सतत मॉनिटरिंग करते हुए योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। ई-ऑफिस प्रणाली के क्रियान्वयन से फाइलों के निराकरण में गति आई, वहीं भ्रष्टाचार पर प्रहार और प्रशासनिक सुधारों ने शासन की कार्यक्षमता को नई ऊर्जा दी। केंद्र सरकार की मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों का पूरा होना, विशेषकर प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन और कृषक उन्नति योजना जैसे कार्यक्रमों ने गरीबों, महिलाओं और किसानों के बीच भरोसे और संतोष की भावना को और गहरा किया। भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, युवाओं के लिए रोजगार सृजन तथा निवेश और व्यापार-व्यवसाय के नए अवसरों ने प्रदेश में नई आशा और उत्साह का संचार किया।

मुख्यमंत्री साय की सरल, सौम्य और ईमानदार छवि, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता ने उन्हें जनता के बीच अलग पहचान दिलाई है। विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे सुधारों ने शासन के प्रति लोगों के विश्वास को मजबूत किया है और उन्हें ‘बेहतर प्रदर्शन करने वाले मुख्यमंत्री’ के रूप में स्थापित किया है।

सर्वेक्षण के परिणाम यह संकेत देते हैं कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाएँ और कार्यक्रम जनता तक सही तरीके से पहुँच रहे हैं। महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण, किसानों को राहत पहुँचाने वाली कृषि योजनाएँ, युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास कार्यक्रम तथा गरीब परिवारों के लिए संचालित कल्याणकारी उपायों ने जनता की संतुष्टि को मज़बूती प्रदान की है।

इसी अवधि में मुख्यमंत्री का जापान और दक्षिण कोरिया का निवेशक दौरा भी महत्वपूर्ण साबित हुआ है। वहां आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से हुई सार्थक चर्चाओं ने प्रदेश को वैश्विक निवेश के नक्शे पर अग्रणी स्थान दिलाने की नींव रखी है। खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स और औद्योगिक सहयोग की दिशा में हुए समझौते जनता के भविष्य में विश्वास और आशा को और मजबूत करते हैं।

बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में भी सरकार ने निर्णायक कदम उठाए हैं। सड़कों, पुलों, सिंचाई और बिजली की परियोजनाओं को गति देने के साथ ही रेलवे और उद्योग आधारित ढाँचागत विकास को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री स्वयं जिलों का नियमित भ्रमण कर स्थानीय जरूरतों और चुनौतियों को समझते हैं और प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हैं। इससे आम नागरिकों को सीधे शासन से जुड़ाव का अनुभव हो रहा है।

रजत जयंती वर्ष में आयोजित रजत जयंती महोत्सव, तीजा-पोरा महोत्सव और स्वच्छता संगम जैसे सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों में मुख्यमंत्री की सक्रिय भागीदारी ने जनता के साथ भावनात्मक जुड़ाव को और गहरा किया है। इन आयोजनों ने यह संदेश दिया है कि सरकार केवल नीतियों और योजनाओं तक सीमित नहीं है बल्कि संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों को भी समान महत्त्व देती है।

Mood of the Nation Survey में दर्ज आंकड़े यह भी स्पष्ट करते हैं कि छत्तीसगढ़ के लोग मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व को विकास और स्थिरता की गारंटी मान रहे हैं। 41.9 प्रतिशत संतुष्टि दर का अर्थ है कि हर दो में से एक नागरिक राज्य सरकार के कामकाज से संतुष्ट है। बड़े राज्यों में दूसरा स्थान इस बात की पुष्टि करता है कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय पटल पर एक मजबूत और उभरते हुए राज्य के रूप में स्थापित हो रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि यह उपलब्धि जनता के विश्वास और सहयोग का परिणाम है। उन्होंने राज्य के किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं को आश्वस्त किया कि सरकार उनकी आकांक्षाओं और सपनों को पूरा करने के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम करती रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ विकास और सुशासन के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।

उल्लखेनीय है कि जनता के विश्वास और सर्वेक्षण के नतीजे छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में संकेत करते हैं। यह परिणाम न केवल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व की पुष्टि है बल्कि पूरे प्रदेश के लिए आशा और प्रेरणा का संदेश भी है। छत्तीसगढ़ आज आत्मविश्वास और नए संकल्पों के साथ विकास के मार्ग पर अग्रसर है और जनता का यह समर्थन उस यात्रा को और अधिक मजबूत बना रहा है।


मुख्यमंत्री ने कोंडागांव में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की

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 कोंडागांव : सुशासन तिहार अंतर्गत शुक्रवार 30 मई को रात में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कोंडागांव जिला प्रवास के दौरान विश्राम गृह में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार में 8 अप्रैल से लेकर 11 अप्रैल तक समस्याएं औऱ मांगें रखीं। अधिकारियों ने ज्यादातर समस्याओं का समाधान कर लिया है। इस दौरान हमने भी मंत्रियों और अधिकारियों के साथ गांव गांव पहुंचकर और ग्रामीणों की समस्याएं सुनी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने 2 साल का बकाया बोनस भी दिया है, इससे किसानों को काफी लाभ हुआ। प्रदेश सरकार जो गत वर्षों में छत्तीसगढ़ की जनता की सेवा लगातार कार्य कर रही है और राज्य में खुशहाली भी आ रही है। साय ने आगे बताया कि 24 अप्रैल की पंचायती राज दिवस सरकार ने पूरे प्रदेश में अटल सेवा केंद्र शुभारंभ किया गया है। आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश भर में विस्तार किया जाएगा। गांव में ही लेनदेन की सुविधाएं मिलने से अब ग्रामीणों को बैंक जाने की जरूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा कृषि वैज्ञानिक के माध्यम से हमारे प्रदेश के किसानों के बीच में बातचीत करेंगे, उनको आधुनिक खेती के विषय में बताएंगे। उन्होंने बताया कि पंजीयन में दस नई क्रांति से पारदर्शिता आई है, नियद नेल्लानार योजना से बस्तर क्षेत्र के दूरस्थ अंचल में विकास की रौशनी पहुंची है। इस अवसर पर केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी, नगर पालिका अध्यक्ष नरपति पटेल, उपाध्यक्ष जसकेतु उसेंडी, पूर्व विधायक सेवक राम नेताम मौजूद थे।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जिला अस्पताल महासमुंद का किया औचक निरीक्षण

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 रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सुशासन तिहार के तहत आज महासमुंद जिले के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने महासमुंद पहुँचकर जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।


स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने पंजीयन काउंटर का अवलोकन कर पंजीयन प्रक्रिया की जानकारी ली। कर्मचारियों ने बताया कि आज कुल 391 लोगों का पंजीयन किया गया है। इस अवसर पर स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया एवं आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्रीमती शिखा राजपूत उपस्थित थीं।

उन्होंने डायलिसिस यूनिट का निरीक्षण करते हुए वार्ड में किडनी पीड़ित मरीजों से बातचीत की। मंत्री जायसवाल ने मरीज कोमल रात्रे से इलाज और स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही, अस्थमा पीड़ित राजकुमार एवं पथरी का इलाज करा रहे श्री सीताराम से चर्चा कर उपचार की स्थिति जानी।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मेडिकल वार्ड, मेडिसिन वार्ड तथा बाल्य एवं शिशु वार्ड का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाल्य एवं शिशु वार्ड में एसी और टीवी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है और हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलना चाहिए। जिला अस्पताल निरीक्षण के पश्चात स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवापारा का भी निरीक्षण कर वहां की स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री की चौपाल: कांकेर जिले के ग्राम मांदरी में उतरा मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर, ग्रामीणों से आत्मीयता के साथ किया संवाद, योजनाओं का लिया फीड बैक

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 कांकेर : सुशासन तिहार के अंतिम चरण के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हेलीकॉप्टर कांकेर (उत्तर बस्तर) जिले के ग्राम मांदरी में उतरा। उन्होंनें पंचायत शेड के नीचे अपनी चौपाल लगाई और योजनाओं की जानकारी लेते हुए आम ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि आप लोगों से मिलने का अवसर मिला। आज आप सभी से मिलकर खुद को परिवार के बीच होने जैसा महसूस कर रहा हूँ।


मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार की सार्थकता को बताते हुए कहा कि पहले चरण में आवेदन लिए गए, दूसरे चरण में उन पर कार्यवाही हुई और अब तीसरे चरण में सरकार आपके गांव में पहुंची है। हमने बीते डेढ़ वर्षों में जनता के हित में कार्य किया है। सुशासन तिहार हमारा रिपोर्ट कार्ड भी है और सरकार द्वारा किए गए कार्यों का मूल्यांकन करने का अवसर भी। इसके माध्यम से हम जनकल्याणकारी योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन की स्थिति जान रहे हैं। हमारे अलावा मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी सुशासन तिहार में शामिल हो रहे हैं।



मुख्यमंत्री साय ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने शपथ लेते ही प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी के तहत कैबिनेट में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जरूरतमंदों को आवास मिलेगा, ‘आवास प्लस’ में जिनका नाम है, उन्हें भी आवास दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 70 लाख से अधिक महिलाओं को ‘महतारी वंदन योजना’ की राशि सीधे उनके खातों में देकर आर्थिक समृद्धि और महिला सशक्तिकरण का द्वार खोला गया है। जो लाभार्थी अभी वंचित हैं, उन्हें भी जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 अप्रैल से ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए गए हैं। इससे ग्रामीणों को गांव में ही बैंकिंग व अन्य सेवाओं की सुविधा मिलेगी। अभी यह सेवा 1460 पंचायतों में शुरू की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार तकनीक के उपयोग से भ्रष्टाचार के सभी रास्ते बंद कर रही है। पंजीयन की नई प्रक्रिया से रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया को सरल किया गया है।

संवाद के माध्यम से परखी योजनाओं की हकीकत

ग्राम मांदरी में अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों से छत्तीसगढ़ी में संवाद किया। मुख्यमंत्री ने बिजली व्यवस्था, राशन वितरण और महतारी वंदन योजना की राशि के संबंध में हितग्राहियों से जानकारी ली। इस अवसर पर हितग्राही इतवारीन आचला ने बताया कि महतारी वंदन योजना की प्राप्त राशि का बेटी के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलवाकर राशि जमा कर रही है । उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है, और जनकल्याण ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 3.90 करोड़ की घोषणा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मांदरी हाई स्कूल बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु 20 लाख की स्वीकृति,मांदरी आंगनबाड़ी केंद्र भवन में बाउंड्रीवाल के लिए 5 लाख की स्वीकृति, साल्हेभांट मुख्य मार्ग से टीरउ सलाम घर तक सीसी सड़क निर्माण 600 मीटर हेतु 15 लाख की स्वीकृति ,झुरा नाला से खेतों में सिंचाई के लिए लाइन विस्तार हेतु 3.50 करोड़ की स्वीकृति की घोषणा की।

इस अवसर पर विधायक कांकेर आशा राम नेताम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नूरेटी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ बसव राजू एस., कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, डीआईजी अमित कामले, कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर, पुलिस अधीक्षक इंद्र कल्याण एलेसेला सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण उपस्थित थे। कार्यक्रम में युवाओं प्रतियोगिता परीक्षा के तैयारी हेतु जिला प्रशासन द्वारा तैयार की पुस्तक “नई दिशा” का विमोचन कर युवाओं को वितरित किया। साथ ही का विभिन्न विभागों के जन कल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री, आवास की डेमो चाबी, ट्राई साइकिल आदि वितरित की ।

मुख्यमंत्री साय ने सिमगा के ढाबे में लिया भोजन, आमजन से की आत्मीय बातचीत

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 रायपुर : रायगढ़ जिले के दौरे से लौटते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सिमगा में एक साधारण से ढाबा में रुके और वहां बैठकर स्थानीय व्यंजन का स्वाद लिया। सुशासन तिहार के अंतर्गत दिनभर की व्यस्त दिनचर्या के बावजूद उन्होंने ढाबे में भोजन किया और आमजन से सहजता से संवाद स्थापित किया।


मुख्यमंत्री साय ने ढाबा पर मौजूद लोगों से आत्मीयता से बातचीत की, हालचाल जाना और उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना। न कोई तामझाम, न कोई सुरक्षा का दिखावा—बस एक जननेता की तरह लोगों के बीच बैठकर उन्होंने विश्वास और अपनापन बाँटा। इस दृश्य ने वहाँ मौजूद हर व्यक्ति के मन में मुख्यमंत्री की सरलता और जमीन से जुड़ेपन की एक मजबूत छवि बनाई।

सिमगा स्थित आनंद ढाबे पर आम नागरिकों ने भी मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर हर्ष व्यक्त किया और कहा कि यह उनकी नेतृत्व शैली की सादगी और जनभावनाओं से जुड़ाव का प्रतीक है। भोजन के दौरान कई लोगों ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं और उत्साहपूर्वक उनसे बातचीत की। इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद सहित अन्य अधिकारी एवं स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि मैं जहाँ भी जाता हूँ, वहाँ के लोगों से मिलकर मुझे ऊर्जा मिलती है। ये मुलाकातें मेरे लिए औपचारिकता नहीं, आत्मीयता हैं। उनके इस सहज और मानवीय रूप ने यह स्पष्ट कर दिया कि सुशासन केवल मंचों पर नहीं, बल्कि आम जीवन के स्पर्श में भी झलकता है।

Sushasan Tihar 2025 : आपके बीच आकर परिवार सा महसूस कर रहा हूँ: मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : सुशासन तिहार के अंतर्गत आज प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हेलीकॉप्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम कनकबीरा में उतरा। उन्होंने प्री मैट्रिक बालक छात्रावास परिसर के पास गुलमोहर पेड़ के नीचे अपनी चौपाल लगाई और योजनाओं की जानकारी लेते हुए आम ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि आप लोगों से मिलने का अवसर मिला। आप लोगो ने मुझे 3 बार इस क्षेत्र से सांसद चुना। आज आप सभी से मिलकर खुद को परिवार के बीच होने जैसा महसूस कर रहा हूँ।

मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री  साय ने सुशासन तिहार की सार्थकता को बताते हुए कहा कि पहले चरण में आवेदन लेने के पश्चात दूसरे चरण में लिए गए आवेदन पर कार्यवाही की गई। अब तीसरे चरण में सुशासन तिहार के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सरकार आपके गाँव में आई है। हमने बीते डेढ़ वर्षों में राज्य के लोगों के हित में कार्य किया है। सुशासन तिहार एक तरह से हमारा रिपोर्ट कार्ड भी है और हमारी सरकार के द्वारा किए गए कार्यों का आंकलन करने का अवसर भी है। इसके माध्यम से हम योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन की स्थिति भी जान रहे हैं। हमारे अलावा मंत्री,सांसद,विधायक और मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी सुशासन तिहार में शामिल हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल विहारी और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के समय सभी गरीबो के लिए मुफ्त में अनाज की व्यवस्था की गई। किसी को भूखे पेट नहीं सोने दिया गया। हमारी सरकार गरीबो का सम्पूर्ण ख्याल रखती है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत किए गए सभी वादों को पूरा किया है। सरकार ने शपथ लेते ही अगले दिन से केबिनेट में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि सभी जरूरतमंद को आवास दिया जाएगा। आवास प्लस में जिनका नाम है उनको भी आवास दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने किसानों का वादा पूरा कर 31 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी का निर्णय लिया। दो वर्ष से बकाया धान बोनस राशि भी दी। उन्होंने कहा कि 70 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वन्दन योजना की राशि उनके खाते में देकर आर्थिक समृद्धि और महिला सशक्तिकरण का द्वार खोला। इस योजना से जो वंचित है उन हितग्राहियों का नाम भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले हितग्राहियों के हित में निर्णय लेते हुए प्रति मानक बोरा की राशि 4 हजार से 5500 रुपये किया गया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही रामलला दर्शन योजना प्रारंभ कर हितग्राहियों को रामलला का दर्शन कराया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने बड़े-बुजुर्गों की इच्छाओं को पूरा करने के उद्देश्य से बन्द हुई मुख्यमंत्री तीर्थ योजना को प्रारंभ किया है। इस योजना से तीर्थ यात्रा के इच्छुक परिवार अपने पसंद के अन्य तीर्थ स्थल का लाभ उठा पाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने 24 अप्रैल से ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ की है। इस योजना से सभी ग्राम पंचायत जुड़ेंगे और ग्रामीणों को गाँव में ही बैंक जैसी सुविधाएं उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्र में किसी भी योजना के हितग्राहियों को राशि निकालने में सुविधा होगी। किसी को बैंक नहीं जाना पड़ेगा। अभी 1460 पंचायत में यह प्रारंभ की गई है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार के सारे रास्ते बंद कर रही है। उन्होंने बताया कि जमीन की रजिस्ट्री के साथ सरकार ने नामांतरण की प्रक्रिया को भी बहुत सरल किया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पीएससी भर्ती की गड़बड़ी की जाँच कर दोषियों पर कार्यवाही की है। आने वाले दिनों में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीकों से नई भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम देश को विकास की राह में आगे ले जाना चाहते हैं। राज्य में पारदर्शी सरकार के साथ सुशासन स्थापित करना चाहते हैं। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद,कलेक्टर श्री डॉ संजय कन्नौजे, एसपी श्री आंजनेय वार्ष्णेय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।

संवाद के माध्यम से परखी योजनाओं की हकीकत

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम कनकबीरा में अचानक पहुँचे मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों से छत्तीसगढ़ी में संवाद किया। गांव के टीकाराम से तबियत के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में कोई पैसा,सिफारिश नहीं चलेगा। मुख्यमंत्री ने गाँव में बिजली की स्थिति, राशन दुकान में खाद्यान्न वितरण, महतारी वन्दन योजना के हितग्राही से राशि प्राप्त होने की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने किसानों को धान के अलावा मक्का, उडद,मूँग सहित अन्य लाभकारी फसल लेने प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि धान के फसल में ज्यादा पानी लगता है। गर्मी के दिनों में बिजली की मांग भी बढ़ जाती है। इसलिए किसान अन्य फसल भी लें। 

सुशासन तिहार : मुख्यमंत्री साय ने कनकबीरा में लगाई चौपाल: 'परिवार सा लगता है', पुलिया, मंगलभवन, कन्या छात्रावास और पंचायत भवन की घोषणा

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रायपुर । सुशासन तिहार के अंतर्गत आज प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हेलीकॉप्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम कनकबीरा में उतरा। उन्होंने प्री मैट्रिक बालक छात्रावास परिसर के पास गुलमोहर पेड़ के नीचे अपनी चौपाल लगाई और योजनाओं की जानकारी लेते हुए आम ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि आप लोगों से मिलने का अवसर मिला। आप लोगो ने मुझे 3 बार इस क्षेत्र से सांसद चुना। आज आप सभी से मिलकर खुद को परिवार के बीच होने जैसा महसूस कर रहा हूँ।


मुख्यमंत्री  साय ने सुशासन तिहार की सार्थकता को बताते हुए कहा कि पहले चरण में आवेदन लेने के पश्चात दूसरे चरण में लिए गए आवेदन पर कार्यवाही की गई। अब तीसरे चरण में सुशासन तिहार के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सरकार आपके गाँव में आई है। हमने बीते डेढ़ वर्षों में राज्य के लोगों के हित में कार्य किया है। सुशासन तिहार एक तरह से हमारा रिपोर्ट कार्ड भी है और हमारी सरकार के द्वारा किए गए कार्यों का आंकलन करने का अवसर भी है। इसके माध्यम से हम योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन की स्थिति भी जान रहे हैं। हमारे अलावा मंत्री,सांसद,विधायक और मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी सुशासन तिहार में शामिल हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के समय सभी गरीबो के लिए मुफ्त में अनाज की व्यवस्था की गई। किसी को भूखे पेट नहीं सोने दिया गया। हमारी सरकार गरीबो का सम्पूर्ण ख्याल रखती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत किए गए सभी वादों को पूरा किया है। सरकार ने शपथ लेते ही अगले दिन से केबिनेट में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि सभी जरूरतमंद को आवास दिया जाएगा। आवास प्लस में जिनका नाम है उनको भी आवास दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने किसानों का वादा पूरा कर 31 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी का निर्णय लिया। दो वर्ष से बकाया धान बोनस राशि भी दी। उन्होंने कहा कि 70 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वन्दन योजना की राशि उनके खाते में देकर आर्थिक समृद्धि और महिला सशक्तिकरण का द्वार खोला। इस योजना से जो वंचित है उन हितग्राहियों का नाम भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले हितग्राहियों के हित में निर्णय लेते हुए प्रति मानक बोरा की राशि 4 हजार से 5500 रुपये किया गया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही रामलला दर्शन योजना प्रारंभ कर हितग्राहियों को रामलला का दर्शन कराया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने बड़े-बुजुर्गों की इच्छाओं को पूरा करने के उद्देश्य से बन्द हुई मुख्यमंत्री तीर्थ योजना को प्रारंभ किया है। इस योजना से तीर्थ यात्रा के इच्छुक परिवार अपने पसंद के अन्य तीर्थ स्थल का लाभ उठा पाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने 24 अप्रैल से ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ की है। इस योजना से सभी ग्राम पंचायत जुड़ेंगे और ग्रामीणों को गाँव में ही बैंक जैसी सुविधाएं उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्र में किसी भी योजना के हितग्राहियों को राशि निकालने में सुविधा होगी। किसी को बैंक नहीं जाना पड़ेगा। अभी 1460 पंचायत में यह प्रारंभ की गई है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार के सारे रास्ते बंद कर रही है। उन्होंने बताया कि जमीन की रजिस्ट्री के साथ सरकार ने नामांतरण की प्रक्रिया को भी बहुत सरल किया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पीएससी भर्ती की गड़बड़ी की जाँच कर दोषियों पर कार्यवाही की है। आने वाले दिनों में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीकों से नई भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम देश को विकास की राह में आगे ले जाना चाहते हैं। राज्य में पारदर्शी सरकार के साथ सुशासन स्थापित करना चाहते हैं। इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद,कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे, एसपी आंजनेय वार्ष्णेय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।

संवाद के माध्यम से परखी योजनाओं की हकीकत

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम कनकबीरा में अचानक पहुँचे मुख्यमंत्री साय ने ग्रामीणों से छत्तीसगढ़ी में संवाद किया। गांव के टीकाराम से तबियत के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में कोई पैसा,सिफारिश नहीं चलेगा। मुख्यमंत्री ने गाँव में बिजली की स्थिति, राशन दुकान में खाद्यान्न वितरण, महतारी वन्दन योजना के हितग्राही से राशि प्राप्त होने की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने किसानों को धान के अलावा मक्का, उडद,मूँग सहित अन्य लाभकारी फसल लेने प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि धान के फसल में ज्यादा पानी लगता है। गर्मी के दिनों में बिजली की मांग भी बढ़ जाती है। इसलिए किसान अन्य फसल भी लें।

नाला में पुलिया, मंगल भवन,कन्या छात्रावास और पंचायत भवन की घोषणा की

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कनकबीरा में ग्रामीणों से संवाद के साथ ग्रामीणों की मांग पर कनकबिरा के आश्रित ग्राम नरगीखोल लात नाला पर पुलिया निर्माण, कनकबीरा में मंगल भवन निर्माण,कन्या छात्रावास और गोड़म में पंचायत भवन निर्माण की घोषणा की।

सारंगढ़ के प्रथम विधायक को अपने पास बिठाया

ग्राम कनकबीरा में औचक निरीक्षण पर आए प्रदेश के मुखिया श्री विष्णु देव साय ने जब गुलमोहर पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद प्रारंभ किया तो उनकी नजर नीचे बैठे सारंगढ़ विधानसभा के प्रथम व पूर्व विधायक श्री शमशेर सिंह पर पड़ी। उन्होंने बड़े ही आत्मीयता के साथ मिलते हुए उन्हें अपने पास बुलाया और कुर्सी देकर पास बिठाया। पूर्व विधायक श्री शमशेर सिंह से बातचीत कर मुख्यमंत्री ने हालचाल भी जानी। पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह क्षेत्र में समाज सेवा का कार्य कर रहे हैं और मंदिर भी बनवाया है।

85 वर्षीय भागीरथी साहू को भेंट किया अपना साफा

ग्राम कनकबीरा में हेलीकॉप्टर उतरते देख लाठी के सहारे मुख्यमंत्री के चौपाल तक आए 85 साल के भागीरथी साहू भले ही भीड़ में मुख्यमंत्री को बोलते हुए देख नहीं पा रहे थे, वे उनको पूरी तन्मयता के साथ सुन रहे थे। चौपाल में संवाद खत्म होते ही मुख्यमंत्री साय ने जब भागीरथी साहू से भेंट की तो उन्होंने अपना हाल-चाल बताया। मुख्यमंत्री ने कंधे पर हाथ रखकर बहुत ही स्नेह के साथ भागीरथी से मुलाक़ात की। जाते-जाते मुख्यमंत्री ने अपने गले से साफा उतारकर भागीरथी साहू के गले में पहनाकर सम्मान प्रकट किया। मुख्यमंत्री साय ने ग्रामीणों को की-रिंग भी भेंट की।

सड़क मार्ग से हुए रवाना

मौसम खराब होने की वजह से मुख्यमंत्री साय सड़क मार्ग से रायगढ़ रवाना हुए। उन्होंने कनकबीरा में दुर्गा मंदिर में माँ दुर्गा का दर्शन भी किया।

सुशासन तिहार : अभिलेख में त्रुटि सुधार होने पर बहुत खुश हैं पवन अब मिलेगा शासकीय योजनाओं का लाभ

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 रायपुर : सुशासन तिहार में अभिलेख में त्रुटि सुधार होने पर पवन सिंह मरावी बहुत खुश हैं, अब उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ मिलेगा। पेण्ड्रा ब्लाक के ग्राम पंचायत कुदरी के पवन सिंह मरावी की उम्मीदों को नई उड़ान तब मिली जब उन्होंने सुशासन तिहार में भाग लेकर अपनी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान पाया। पवन सिंह लंबे समय से बी-1 रिकॉर्ड में त्रुटि के कारण शासन की विभिन्न योजनाओं, खासकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से वंचित थे।


हर बार आवेदन करने के बावजूद उन्हें एक ही समस्या का सामना करना पड़ता था, जिससे वे बेहद निराश और परेशान थे, लेकिन मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की सुशासन तिहार कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन करने का अवसर मिला तो उन्होंने तुरंत आवेदन प्रस्तुत किया और राजस्व विभाग द्वारा उनके आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बी-1 एवं किसान किताब में नाम की त्रुटि को सुधारा गया। अब इन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ मिलेगा।

अभिलेख में त्रुटि सुधार होने से अब पवन सिंह न केवल शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में सक्षम होंगे, बल्कि उनके लिए एक नई राह भी खुल गई है। इस सफलता पर उन्होंने शासन-प्रशासन के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा, “मैं शासन का दिल से धन्यवाद करता हूँ कि मेरी वर्षों पुरानी समस्या को इतनी जल्दी हल किया गया। अब मुझे किसान सम्मान निधि सहित सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा।“ सुशासन तिहार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब प्रशासन संवेदनशील हो और जनता सजग हो। पवन सिंह मरावी की कहानी उन सभी के लिए प्रेरणा है जो अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए प्रयासरत हैं।

2047 तक विकसित भारत के निर्माण हेतु सामूहिक प्रयास आवश्यक - विधायक सिन्हा

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 महासमुंद : सुशासन तिहार के तृतीय चरण अंतर्गत जिले में समाधान शिविर का आयोजन 30 मई तक जारी रहेगा। यह शिविर नागरिकों की समस्याओं के निराकरण के साथ ही शासन की योजनाओं और सेवाओं की जानकारी सीधे ग्रामीणों तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभा रहा है। इसी क्रम में आज महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत रायतुम हाई स्कूल में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा शामिल हुए।

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इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक सिन्हा एवं जनप्रतिनिधियां द्वारा विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया गया। साथ ही मुख्य अतिथि द्वारा हितग्राहियों को मनरेगा जॉब कार्ड, पेंशन स्वीकृति पत्र, राशन कार्ड, आवास अभिनन्दन पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य देवकी पटेल, जनपद सदस्य रूपकुमारी ध्रुव, कौशल्या ठाकुर एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने समाधान शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप यह शिविर आम जनता को एक ही स्थान पर विभिन्न सरकारी सेवाएं और योजनाओं का लाभ प्रदान करने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। सरकार की यह प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे और उन्हें सीधे योजनाओं का लाभ मिले। उन्होंने कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना हमारा साझा लक्ष्य है। इस लक्ष्य की प्राप्ति केवल तभी संभव है जब प्रशासन, अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि मिलकर एकजुटता और समर्पण के साथ कार्य करें। विधायक श्री सिन्हा ने यह भी कहा कि सरकार की योजनाओं और नीतियों का लाभ आम जनता तक तभी पहुंच पाएगा जब सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय और पारदर्शिता होगी। उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि वे जनसमस्याओं का तत्परता से समाधान करें और विकास कार्यों को प्राथमिकता दें, ताकि ‘विकसित भारत’ का सपना साकार हो सके।

उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना, जिसका वादा हमारी सरकार ने किया था, आज उनके खातों में एक हजार रुपए की राशि हर माह पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि हमारी बहन-बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए सरकार महतारी सदन का निर्माण कर रहे हैं। झलप में भी इसका निर्माण कार्य जारी है और पटेवा में भी बनना जल्दी शुरू होगा। यह सदन सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि एक मंच है, जिसके कोरा में बैठकर बहनें अपनी समस्याओं और सामाजिक विषयों पर खुलकर चर्चा कर सकेंगी। यह नारी स्वावलंबन की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।

विधायक श्री सिन्हा ने जिले में चल रहे विकास कार्यां की जानकारी देते हुए बताया कि महासमुंद क्षेत्र में लहंगर से पीढ़ी मार्ग की स्वीकृति हो गई है। जल्दी ही टेंडर लगेगा और भूमि पूजन किया जाएगा। इसी तरह पटेवा से रायतुम मार्ग, ग्राम साराडीह, बनसिवनी मार्ग, नवापारा से अछरीडीह आदि की स्वीकृति के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पटेवा से खल्लारी मार्ग और पतई माता रोड की स्वीकृति से हमारे ग्रामीण अंचल को बेहतर संपर्क सुविधा मिलेगी। जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी और निर्माण कार्य प्रारम्भ होगा।

शिविर में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष पवन पटेल, संदीप घोष, मुन्ना साहू, सुनील पटेल, सरपंच सोनिया ठाकुर, चम्पाबाई पटेल, दिनेश्वर साहू, संतोष चंद्राकर, उषा सोनी, पार्वती पटेल, इंदिरा बाई सिन्हा, कुमारी बंजारे, श्रीमती आशा ठाकुर, नूतन दीवान, सिया बाई नंदे, पप्पू गजेन्द्र, निशेन्द्र गजेन्द्र, एसडीएम हरिशंकर पैकरा, जनपद सीईओ बरन सिंह मंडावी, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।

रायतुम समाधान शिविर में 13 ग्राम पंचायतों इनमें बनपचरी, कछारडीह, कोलपदर, नवागांव, पटेवा, रायतुम, रूमेकेल, सिंधोरी, तोरेंगा, तोरला, बोदरा, जोगीडीपा एवं भावा के ग्रामीणजन बड़ी संख्या में शामिल हुए और अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन भी प्रस्तुत किए। सुशासन तिहार में कुल 3472 आवेदन प्राप्त हुए। जिसमें 3466 आवेदनों का निराकरण कर लिया गया है। शेष आवेदनों का निराकरण किया जा रहा है। शिविर में संबंधित विभागों द्वारा मौके पर ही लोगों को संबंधित आवेदनों के निराकरण की जानकारी दी गई।

इस अवसर पर लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं से संबंधित सेवाएं प्रदान की गईं। जिसमें समाज कल्याण विभाग द्वारा 68 हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति पत्र, पंचायत विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 02 लाभार्थियों को अभिनन्दन पत्र, 11 लोगों को जॉब कार्ड, खाद्य विभाग द्वारा 06 हितग्राहियों को राशन कार्ड, राजस्व विभाग द्वारा 30 हितग्राहियों को स्वामित्व कार्ड, 03 कृषकों को किसान किताब एवं छत्तीसगढ़ निक्षय निरामय अंतर्गत 03 ग्राम पंचायत को टीबी मुक्त प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। शिविर में जनसम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित बहुउद्देशीय एवं ज्ञान व योजना परख जनमन पत्रिका का वितरण किया गया। इसी तरह आज पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत भुरकोनी हाई स्कूल, बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत नर्रा एवं सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत पाटसेंदरी हाई स्कूल में समाधान शिविर का आयोजन हुआ।

महासमुंद : 26 मई को 4 स्थानों पर समाधान शिविर का होगा आयोजन

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 महासमुंद : सुशासन तिहार के तृतीय चरण अंतर्गत जिले में समाधान शिविर 30 मई तक आयोजित होगा। जिले में कुल 49 समाधान शिविर का आयोजन किया जाना हैं| अब तक 39 समाधान शिविर का आयोजन किया जा चुका है। जिसमें नगरीय निकाय में 07 एवं जनपद पंचायत अंतर्गत 32 शिविर आयोजित हुआ है।

सुशासन तिहार

आगामी शिविर 26 मई को 4 स्थानों पर पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत भुरकोनी हाई स्कूल, बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत नर्रा, महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत रायतुम हाई स्कूल, सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत पाटसेंदरी हाई स्कूल में आयोजित होगा।

इसी तरह 27 मई को बसना विकासखण्ड अंतर्गत भंवरपुर स्वामी आत्मानंद स्कूल, 28 मई को दो स्थानों पर पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत पथरला मिडिल स्कूल के सामने, महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत सिरपुर हाई स्कूल, 29 मई को सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत गेर्रा मिडिल स्कूल तथा 30 मई को दो स्थानों पर पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत परसवानी हाई स्कूल एवं बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत हाथीबाहरा में समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा।

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