Media24Media.com: #विश्वकर्मा जयंती

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लाफिन कला मे धूमधाम से मना विश्वकर्मा जयंती,सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा आकर्षण का केंद्र

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महासमुंद- बुधवार को ग्राम लाफिन कला के उत्साही युवाओं द्वारा विश्वकर्मा जयंती धूमधाम से मनाया गया।ग्राम के महामाई चौक में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर विधिवत पूजा आराधना की गई।

ग्राम के बच्चों संस्कृति संरक्षण के उद्देश्य से विश्वकर्मा आयोजन समिति द्वारा पारंपरिक डांस प्रतियोगिता भी आयोजित किया गया। जिसमें ग्रुप डांस मे प्रथम तुलसी के बिरवा डांस ग्रुप, द्वितीय ओजस्वी,दामिनी की टीम व तृतीय जागृति  अनामिका की टीम रही। वहीं एकल तथा युगल में प्रथम संध्या पटेल , द्वितीय मीनाक्षी, तारणी तथा तृतीय रेशमी साहू रही।सभी विजेताओं को आयोजन समिति की ओर से नगद राशि व उपहार भेंटकर पुरस्कृत किया गया। तथा शेष सभी प्रतिभागियों को सांत्वना राशि प्रदान किए गए।इस तरह बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केन्द्र बना रहा।साथ ही ग्राम के नवाचारी शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल का राज्य शिक्षक पुरस्कार 2025 के लिए चयन होने पर ग्रामीणों ने हर्ष व्यक्त करते हुए अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। 

कार्यक्रम के आयोजन व संयोजन में प्रमुख रूप से तुलस पटेल मकान  ठेकेदार, ग्राम पंचायत लाफिन कला के सरपंच राधेश्याम साहू, उपसरपंच भूपेन्द्र साहू, पंचगण मोहित साहू, नंदकुमार पटेल,कुश कुमार पटेल, पूर्व पंच नेहा पवन साहू ,ताम्रध्वज साहू, लोकेश साहू, नीलकमल साहू, पप्पू पटेल, डाकेश  साहू, रामशरण साहू, ओगराम निषाद, नीरज साहू, पूनमचंद साहू, रूपेश  साहू,  संतोष  पटेल, दिनेश  साहू, डोमेश  साहू, सालिक पटेल, पन्नालाल निषाद, विजय साहू, अवधेश साहू, हरीश साहू, गोकुल साहू, गोविंद साहू, हरिराम साहू, पुरूषोत्तम साहू, कमलेश साहू, रामजी साहू, नाथूराम साहू, पुरानिक साहू, बसंत साहू का विशेष योगदान रहा। सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन शिक्षक गोवर्धन प्रसाद साहू ने किया।इस अवसर पर तहसील साहू समाज के पूर्व अध्यक्ष गिरीश साहू , तुकाराम साहू, मुकेश साहू, ठाकुर राम पटेल, रामकुमार साहू, जनकराम साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री निवास में भगवान विश्वकर्मा जयंती पर की पूजा अर्चना

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 श्रम की सार्थकता और सृजन की भावना को समाज में प्रतिष्ठित करने का श्रेय भगवान विश्वकर्मा को - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े तथा छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री साय ने संसार के प्रथम वास्तुकार एवं सृजन-निर्माण के देवता भगवान विश्वकर्मा को नमन करते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के श्रमवीर प्रदेश की प्रगति और निर्माण के वास्तविक आधारस्तंभ हैं। श्रम की सार्थकता और सृजन की भावना को समाज में प्रतिष्ठित करने का श्रेय भगवान विश्वकर्मा को जाता है। विश्वकर्मा जयंती का यह अवसर हम सभी को समर्पण और ईमानदारी से कार्य करने की प्रेरणा देता है।

विश्वकर्मा जयंती: सृजन और कौशल के देवता की आराधना

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विश्वकर्मा जयंती: शिल्प और तकनीक के देवता की आराधना, पूरे देश में मनाया गया औजारों का त्योहार

इतिहास और मान्यता

विश्वकर्मा जयंती को भगवान विश्वकर्मा के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।
हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार भगवान विश्वकर्मा को ब्रह्मांड के प्रथम वास्तुकार और शिल्पकार माना जाता है। उन्हीं के हाथों से स्वर्गलोक, द्वारका, हस्तिनापुर, लंका, पुष्पक विमान और विभिन्न दिव्य अस्त्र-शस्त्रों का निर्माण हुआ था।

भगवान विश्वकर्मा को शिल्पकला, स्थापत्य कला, इंजीनियरिंग और तकनीक के देवता कहा जाता है। वे सृजनात्मक शक्ति और परिश्रम का प्रतीक हैं।

क्यों मनाई जाती है?

विश्वकर्मा जयंती को श्रमिक, कारीगर, इंजीनियर, तकनीशियन और औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े लोग विशेष रूप से मनाते हैं।
इस दिन लोग अपने औजारों, मशीनों और कार्यस्थलों की पूजा करते हैं ताकि कार्य में सफलता, समृद्धि और सुरक्षा बनी रहे।

  • कारीगर और मजदूर अपने उपकरण साफ़ कर उन्हें सजाते हैं।

  • फैक्ट्रियों और वर्कशॉप्स में मशीनों की पूजा की जाती है।

  • इसे "औजारों का त्यौहार" भी कहा जाता है।

 कब से और कब मनाई जाती है?

  • तिथि: विश्वकर्मा जयंती हर साल कन्या संक्रांति के दिन मनाई जाती है, जो प्रायः 17 सितंबर को पड़ती है।

  • परंपरा: इसकी परंपरा वेदों और पुराणों के समय से चली आ रही है। ऋग्वेद और अथर्ववेद में विश्वकर्मा देव का उल्लेख मिलता है।

  • खासकर औद्योगिक क्रांति के बाद, इसे मजदूरों और कामगारों ने बड़े उत्सव के रूप में मनाना शुरू किया।

आज का महत्व

आज विश्वकर्मा जयंती केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि कड़ी मेहनत और तकनीकी विकास का उत्सव है।
यह दिन हमें याद दिलाता है कि श्रम और कौशल से ही सभ्यता और प्रगति का निर्माण होता है।


विश्वकर्मा जयंती पर विशेष लेख : छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत अब तक 8.39 लाख निर्माण श्रमिक लाभान्वित

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रायपुर-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति के उत्थान के लिए लगातार उन्हें आर्थिक मदद दी जा रही है। इसी सिलसिले में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत पंजीयन एवं लाभांवित श्रम विभाग द्वारा 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक लगभग 7.3 लाख निर्माण श्रमिकों का पंजीयन किया गया है तथा वर्ष 2024 से 15 सितम्बर 2025 तक संचालित योजनाओं के माध्यम से लगभग 8.39 लाख श्रमिकों को लाभांवित हुए हैं, जिस पर लगभग 535.62 करोड़ रूपए व्यय किया गया है।

उल्लेखनीय है कि असंगठित श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में एक नई पहल शुरू की गई है। असंगठित श्रमिकों एवं उनके परिवारों के समग्र विकास के लिए अम्ब्रेला योजना ‘अटल श्रम सशक्तिकरण योजना‘ प्रारंभ की गई है। प्रवासी श्रमिक साथियों को सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदाय करने हेतु प्रथम चरण में 5 राज्य क्रमशः उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा, गुजरात एवं महाराष्ट्र में जहां अधिक संख्या में श्रमिक प्रवास करते हैं, वहां ‘मोर चिन्हारी भवन’ बनाया जाएगा। इसके अलावा श्रमिकों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने 106 निजी चिकित्सालयों से अनुबंध किया गया है। इससे उन्हें हृदय रोग, किडनी रोग, मस्तिष्क रोग, जटिल सर्जरी आदि के लिए सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में उपचार सुविधा मिलेगी। 

इसी तरह राज्य शासन द्वारा श्रम विभाग की ‘अम्ब्रेला योजना अटल श्रम सशक्तिकरण योजना‘ के नाम से शुरू की गई है। इससे श्रमिकों तथा उनके परिवारों को एक ही स्थान पर सरकार के सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा, इसके लिए ‘श्रमेव जयते‘ पोर्टल बनाया गया है। पंजीकृत श्रमिकों के द्वारा आर्थिक गतिविधि के लिए बैंक से लिए जाने वाले ऋण पर लगने वाले ब्याज में अनुदान देने के लिए जल्द ही नई योजना शुरू की जा रही है ताकि आत्म निर्भर बनते हुए स्वयं मालिक बनने की दिशा में बढ़ सकें। इसके अलावा असंगठित श्रमिकों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन एवं सतत् निगरानी हेतु राज्य के प्रत्येक संभाग में संभाग स्तरीय श्रम कल्याण कार्यालय के स्थापना की जा रही है।

श्रम विभाग द्वारा मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र श्रमिकों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण एवं सहायता हेतु राज्य के प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय तथा समस्त विकासखंडों में मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र योजना अंतर्गत 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक 94,300 निर्माण श्रमिकों को पंजीयन/नवीनीकरण/योजनाओं के आवेदन में सहयोग प्रदान किया गया है।

छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के पंजीयन हेतु स्व-घोषणा प्रमाण पत्र छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के पंजीयन की प्रक्रिया सरल करते हुये, ठेकेदार अथवा नियोजक के अधीन कार्य करने संबंधी नियोजक से नियोजन प्रमाण पत्र के स्थान पर श्रमिकों से ही निर्माण कार्य में नियोजित होने संबंधी स्वघोषणा पत्र का प्रावधान किया गया है। उक्त सरलीकरण करने से श्रमिकों को पंजीयन कराने में सुविधा हुई है।

मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के स्वयं के आवास क्रय एवं आवास निर्माण हेतु 01 लाख रूपये एकमुश्त अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा रहा है। 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक 1042 निर्माण श्रमिकों को नवीन आवास क्रय/आवास निर्माण हेतु अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित उक्त योजनांतर्गत कक्षा 10वीं एवं कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक प्रतिशत प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं छत्तीसगढ़ बोर्ड के मेरिट के प्रथम 10 में स्थान प्राप्त करने पर प्रत्येक श्रमिक बच्चों को राशि रूपये 01 लाख प्रोत्साहन राशि तथा रूपये 01 लाख दोपहिया वाहन क्रय करने हेतु प्रदाय किया गया है। 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक निर्माण श्रमिक के 7478 पुत्र/पुत्रियों को 10 करोड़ 14 लाख 49 हजार 614 रूपए प्रदान किया गया है।

प्रसूति सहायता योजना 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित ‘मिनीमाता महतारी जतन योजना’ अंतर्गत 65 हजार 010 महिला निर्माण श्रमिकों को लाभांवित किया गया है।शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना उक्त योजना अंतर्गत पंजीकृत निर्माण, असंगठित एवं संगठित श्रमिकों को 05 रूपए में गरम एवं पौष्टिक भोजन प्रदाय किया जा रहा है। 31 दिसम्बर 2023 की स्थिति में 29 भोजन केन्द्र संचालित थे, जो कि वर्तमान में बढ़कर 17 जिलों में 37 भोजन केन्द्र हो गये हैं। 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 विभाग द्वारा 11,35,362 यूनिट भोजन (मिल) पंजीकृत संगठित एवं असंगठित श्रमिकों को प्रदाय किया जा चुका है, जिसमें छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा राशि रूपये रूपये 52,865,395 व्यय हुआ है।

मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना सामान्य मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी को एक लाख रूपए की राशि, कार्य स्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी को 5 लाख रूपए की राशि तथा कार्य स्थल पर दुर्घटना से स्थायी दिव्यांगता होने पर श्रमिक को ढ़ाई लाख रूपए की राशि दिए जाने का प्रावधान है। जिसके तहत् 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक कुल 3658 निर्माण श्रमिकों के आश्रितों को लाभांवित किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 17 सितंबर 2024 को डी०बी०टी० के माध्यम से राशि का हस्तांतरण किया था। श्रम विभाग द्वारा प्रदेश स्तरीय श्रमिक सम्मेलन आयोजित कर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत् पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को केन्द्रीकृत डी.बी.टी. के माध्यम से लाभांवित करना प्रारंभ कर दिया गया है।

छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को 17 सितम्बर, 2024 से अब तक 16 योजनाओं में 6 लाख 48 हजार 633 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को 327 करोड़ 13 लाख 53 हजार 108 रूपए से लाभांवित किया गया।


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