Media24Media.com: #धान खरीदी

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महासमुंद में पूर्ण पारदर्शिता के साथ धान खरीदी सम्पन्न, प्रदेश में सर्वाधिक

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 महासमुंद : खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में धान खरीदी के अंतिम दिन भी खरीदी कार्य पूरी पारदर्शिता एवं सुव्यवस्थित ढंग से हुआ। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में सतत निगरानी, नियमित निरीक्षण, समन्वय एवं सक्रियता के साथ जिले में धान खरीदी किया गया।


31 जनवरी की स्थिति में महासमुंद जिले में 182 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से एक लाख 48 हजार 418 किसानों से कुल 10 लाख 187 मीट्रिक टन धान की खरीदी किया गया। जो कि प्रदेश में सर्वाधिक है। जिसमें मोटा धान 8 लाख 17 हजार 29 मीट्रिक टन, पतला 32.80 मीट्रिक टन एवं सरना एक लाख 83 हजार 125 मीट्रिक टन शामिल है। अब तक कुल 5 लाख 18 हजार 507 मीट्रिक टन धान का डी.ओ. जारी हो चुका है। हैं। जिसके विरूद्ध जिले में कुल 333 मिलों के माध्यम से 2 लाख 97 हजार 449 मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।

धान खरीदी में अनियमितता बर्दाश्त नहीं, दोषियों पर सख़्त कार्रवाई जारी

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सरकार की स्पष्ट नीति है कि धान खरीदी और भंडारण से जुड़े किसी भी स्तर पर अनियमितता, लापरवाही या गड़बड़ी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में जिला बेमेतरा के धान संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा में कुल 12,72,389.56 क्विंटल धान का भंडारण किया गया था। कलेक्टर बेमेतरा के निर्देशानुसार इस संग्रहण केन्द्र में भंडारित धान का भौतिक सत्यापन एवं गुणवत्ता परीक्षण के लिए राजस्व, खाद्य, मार्कफेड, नागरिक आपूर्ति निगम, सहकारिता, कृषि उपज मंडी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग सहित संबंधित विभागों का संयुक्त जांच दल गठित किया गया।

संयुक्त जांच दल द्वारा 31 दिसंबर 2025 को संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच के दौरान पाया गया कि भंडारित धान के स्टैक पूर्ण स्थिति में नहीं थे, धान के बोरे अव्यवस्थित रूप से बिखरे हुए थे तथा ऑनलाईन उपलब्ध स्टॉक की जानकारी और मौके पर उपलब्ध धान में गंभीर अंतर पाया गया।जांच में धान मोटा 4,209.19 क्विंटल एवं धान सरना 49,430.03 क्विंटल, कुल 53,639.22 क्विंटल धान की कमी पाई गई। इस संबंध में संयुक्त जांच दल द्वारा तैयार प्रतिवेदन शासन को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया है।

जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिला विपणन अधिकारी बेमेतरा द्वारा संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा के प्रभारी नितीश पाठक, क्षेत्र सहायक को दिनांक 14 जनवरी 2026 से समस्त प्रभारों से मुक्त करते हुए उनके विरुद्ध निलंबन एवं विभागीय जांच संस्थित करने के आदेश जारी किए गए हैं।

प्रशासनिक व्यवस्था की निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से हेमंत कुमार देवांगन, क्षेत्र सहायक को आगामी आदेश पर्यन्त धान संग्रहण केन्द्र लेंजवारा (सरदा) एवं भंडारण केन्द्र बेमेतरा का प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

भौतिक सत्यापन के दौरान संग्रहण केन्द्र सरदा एवं लेंजवारा में कुल 11,648.62 क्विंटल धान भौतिक रूप से उपलब्ध पाया गया, जिसमें से 3,000 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है। शेष उपलब्ध धान के उठाव की प्रक्रिया नियमानुसार सतत जारी है।

जांच के दौरान यह भी पाया गया कि संग्रहण केन्द्रों में प्लास्टिक बोरों में धान का भंडारण किया गया था, जो निर्धारित मानकों के विपरीत है। इन सभी तथ्यों को विभागीय जांच के दायरे में शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश है कि “धान का हर दाना खरीदा जाएगा, किसानों को उनका पूरा भुगतान समय पर मिलेगा, लेकिन किसी भी स्तर पर अनियमितता करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।” धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और किसान हितैषी बनाए रखने के लिए सरकार पूरी सख़्ती और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में अनियमितता, 38 कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई, 31 कर्मचारी निलंबित, तीन पर एफआईआर, एक की सेवा समाप्ति

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रायपुर। राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर की जा रही धान खरीदी में अनियमितता बरतने के फलस्वरूप समिति प्रबंधकों तथा धान खरीदी से जुड़े 38 कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। इनमें 31 कर्मचारियों के विरूद्ध निलंबन तथा निलंबित, एक की सेवा समाप्ति, दो को सेवा से पृथक, एक को कार्य से पृथक और तीन कर्मचारियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराया गया है। ये कार्रवाईयां प्रदेश के 12 जिलों दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, सक्ती, जगदलपुर, रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद तथा बलौदाबाजार-भाटापारा में की गई हैं। 

खाद्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार धान खरीदी कार्य के निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण में स्कंध में कमी के 5 मामले, स्कंध अधिक एवं अव्यवस्थित स्टेकिंग के 3 मामले, नीति विपरीत कार्य-निर्देशों का उल्लंघन के 4 मामले, अमानक धान खरीदी के 5 मामले, धान खरीदी में अनियमितता के 11 मामले, अवकाश के दिन धान खरीदी के 3 मामले सहित फर्जी खरीदी, अनियमितता, टोकन अनियमितता, बिना आवक पर्ची, अवैध वसूली, अव्यवस्था के एक-एक तथा बारदाना वितरण में अनियमितता के 2-2 मामलों पर कार्रवाई की गई है। 

दुर्ग जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के भौतिक सत्यापन में स्कंध गड़बड़ी पाए जाने के फलस्वरूप झीट धान उपार्जन केन्द्र के समिति प्रबंधक सौरभ यादव तथा गोढ़ी के समिति प्रबंधक शेखर सिंह कश्यप, खिलोराकला के समिति प्रभारी देवदत पटेल, कन्हारपुर के समिति प्रभारी सेवाराम पटेल, ठेंगाभाट के समिति प्रभारी ईश्वर कुमार साहू, मुरमुंदा के समिति प्रभारी टिकेन्द्र कुर्रे को निलंबित किया गया है। इसी प्रकार सेलूद के सहायक समिति प्रबंधक रोमनदास वैष्णव और भृत्य हरिशंकर साहू को नीति के विपरित कार्य व उल्लंघन के मामले में निलंबित किया गया है। 

बेमेतरा जिले में अमानक धान खरीदी के मामले में धान उपार्जन केन्द्र बोरतरा के प्रभारी सहायक प्रबंधक टिकेश्वर निषाद, फड प्रभारी (लिपिक) किशन जंघेल, गाडाडी धान उपार्जन केन्द्र के प्रभारी समिति प्रबंधक भुनेश्वर वर्मा तथा फड प्रभारी गेंदलाल वर्मा को निलंबित किया गया है। वहीं मऊ के सहायक समिति प्रबंधक उमेश कुमार साहू के विरूद्ध फर्जी धान खरीदी के मामले में निलंबित तथा एफआईआर की कार्रवाई की गई है। कबीरधाम जिले में धान उपार्जन केन्द्र कुकदूर के समिति प्रबंधक अनिल बाजपेयी के विरूद्ध भौतिक सत्यापन स्कंध में कमी पाए जाने के कारण निलंबन के साथ-साथ एफआईआर दर्ज किया गया है। बारदाना वितरण में अनियमितता के कारण चपोरा उपार्जन केन्द्र प्रभारी नरेश यादव को निलंबित किया गया है।

बिलासपुर जिले के धान उपार्जन केन्द्र पीपरतराई के प्रभारी तेजुराम को खराब धान खरीदी के मामले में निलंबित किया गया है। वहीं धान खरीदी केन्द्र एरमसाही के प्रभारी कामीराम खुंटे के विरूद्ध 920 बोरों की कमी पाए जाने पर एफआईआर दर्ज कराया गया है। जांजगीर-चांपा जिले में धान खरीदी केन्द्र बोड़सरा के भृत्य हरिहर यादव, कम्प्यूटर ऑपरेटर अमित कुमार तिवारी, चौकीदार निरंजन साहू को छुट्टी के दिन आवक लेने के फलस्वरूप निलंबित कर दिया गया है। धान उपार्जन केन्द्र कोसमंदा के कम्प्यूटर ऑपरेटर छविलाल मन्नेवार को टोकन में अनियमितता के कारण निलंबित किया गया है।  

रायगढ़ जिले में धान खरीदी में अनियमितता के फलस्वरूप मुकडेगा के सहायक समिति प्रबंधक तेलूराम सिदार, कोडसिया के सहायक समिति प्रबंधक प्रहलाद बेहरा, छाल के सहायक समिति प्रबंधक ठंडाराम बेहरा और जमरगीडीह के सहायक समिति प्रबंधक कृपाराम राठिया को निलंबित किया गया है। सक्ती जिले के धान उपार्जन केन्द्र कांसा के प्रभारी एकलव्य चंद्राकर को बिना आवक पर्ची धान खरीदी के मामले में सेवा से पृथक कर दिया गया है। जगदलपुर जिले में कोलचूर प्रभारी समिति प्रबंधक गौतम तिवारी और रेटावण्ड के प्रभारी समिति प्रबंधक दीनबंधु पाणीग्रही को धान खरीदी में अनियमितता के फलस्वरूप निलंबित किया गया है। रायपुर जिले में नरदहरा के लिपिक-ऑपरेटर राकेश जांगड़े को किसानों से अवैध वसूली के मामले में सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई है। 

गरियाबंद जिले में धान खरीदी में लापरवाही एवं अनियमितता के लिए लोहरसी के कर्मचारी संतोष कुमार साहू, मैनपुर के गोपी राम मरकाम को निलंबित तथा शोभा के भीखम मरकाम को कार्य से पृथक किया गया है। महासमुंद जिले में धान खरीदी में अनियमितता के मामले में पिरदा के उपार्जन केन्द्र प्रभारी रोहित पटेल और सिंगबहाल के उपार्जन केन्द्र प्रभारी बुध्दिवंत प्रधान के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराया गया है। साथ ही धान खरीदी में अव्यवस्था के कारण तोषगांव के उपार्जन केन्द्र प्रभारी नकुल साहू को निलंबित किया गया है।

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में धान खरीदी केन्द्र सकरी के प्रभारी समिति प्रबंधक सतीष कुमार महिलांग द्वारा नीति के विपरित कार्य करने के फलस्वरूप निलंबित किया गया है तथा बारदाना प्रभारी कुमारी थानेश्वरी साहू को नीति के विपरीत कार्य करने के फलस्वरूप सेवा से पृथक किया गया है। करमदा के प्रभारी समिति प्रबंधक राजकमल साहू को धान स्कंध में कमी पाए जाने के फलस्वरूप निलंबित किया गया है।

धान खरीदी में नया रिकॉर्ड: 13 जनवरी तक 17.77 लाख किसानों के खातों में पहुंचा ₹23,448 करोड़

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रहे धान खरीदी महाअभियान ने इस वर्ष ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। 

दिनांक 13 जनवरी 2026 तक खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक 17,77,419 किसानों से 105.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसके एवज में किसानों को ₹23,448 करोड़ की रिकॉर्ड राशि का भुगतान किया गया है। यह अब तक के सभी वर्षों की तुलना में 13 जनवरी तक की सबसे अधिक खरीदी और सबसे अधिक भुगतान है।

यदि पिछले वर्षों के 13 जनवरी तक के आंकहोगा भीड़ों से तुलना की जाए तो सरकार की यह उपलब्धि और भी स्पष्ट रूप से सामने आती है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 13 जनवरी तक 17,49,003 किसानों से 72.15 LMT धान की खरीदी की गई थी और ₹13,550 करोड़ का भुगतान हुआ था। वर्ष 2021-22 में इसी अवधि तक 17,09,834 किसानों से 68.77 LMT धान खरीदा गया था, जिसके बदले ₹13,410 करोड़ किसानों को दिए गए थे।

खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में 13 जनवरी तक 22,14,302 किसानों से 97.67 LMT धान की खरीदी की गई थी और ₹20,022 करोड़ का भुगतान हुआ था। इन सभी वर्षों की तुलना में वर्ष 2025-26 में धान खरीदी की मात्रा और किसानों को वितरित की गई राशि – दोनों ही उच्चतम स्तर पर पहुँच चुकी हैं।

आंकड़ों से स्पष्ट है कि जहां 2020-21 में 72.15 LMT, 2021-22 में 68.77 LMT और 2022-23 में 97.67 LMT धान खरीदा गया था, वहीं 2025-26 में मात्र 13 जनवरी तक ही 105.14 LMT धान खरीदा जा चुका है, जो अपने-आप में एक नया रिकॉर्ड है। इसी तरह किसानों को मिलने वाली राशि भी सीधे बढ़कर ₹23,448 करोड़ तक पहुँच गई है।

यह ऐतिहासिक बढ़ोतरी इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार की पारदर्शी खरीदी व्यवस्था, समयबद्ध भुगतान प्रणाली और किसान-हितैषी नीतियों ने प्रदेश के किसानों का भरोसा मजबूत किया है। किसानों को उपज का उचित मूल्य समय पर मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सशक्त हो रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।

राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि हर पात्र किसान से हर दाना खरीदा जाएगा और हर रुपये का भुगतान समय पर किया जाएगा, ताकि छत्तीसगढ़ का किसान और अधिक समृद्ध, आत्मनिर्भर और सुरक्षित बन सके।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के भंडारण में सूखत एवं अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। जिन संग्रहण केन्द्रों में 0.5 प्रतिशत से अधिक एवं 1 प्रतिशत से कम कमी पाई गई, वहाँ केन्द्र प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। 01 से 02 प्रतिशत तक कमी पाए जाने पर विभागीय जांच शुरू की गई, जबकि 02 प्रतिशत से अधिक कमी वाले केन्द्र प्रभारियों को निलंबित कर विभागीय जांच संस्थित की गई तथा आपराधिक पाए जाने पर एफ.आई.आर. दर्ज की गई है।

विगत 02 वर्षों में धान खरीदी एवं भण्डारण में अनियमितता तथा लापरवाही पाए जाने पर कुल 33 खाद्य निरीक्षकों एवं खाद्य अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए, 02 मामलों में संग्रहण केन्द्र प्रभारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई तथा 01 संग्रहण केन्द्र प्रभारी को निलंबित किया गया है। यह स्पष्ट करता है कि सरकार भ्रष्टाचार और लापरवाही के प्रति शून्य सहनशीलता नीति पर कार्य कर रही है।

खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में आई सूखत के संबंध में शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 06 जिला विपणन अधिकारियों एवं 06 संग्रहण केन्द्र प्रभारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। यह कदम प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने और भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को रोकने की दिशा में निर्णायक पहल है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018-19 में कुल 25.61 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 80.38 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में खरीदी का दायरा, मात्रा और किसानों को मिलने वाला प्रत्यक्ष लाभ ऐतिहासिक स्तर तक बढ़ा है।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय पूल के अंतर्गत 78 लाख मीट्रिक टन चावल का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध लगभग 116 लाख मीट्रिक टन धान का निराकरण संभव हो पाया। शेष धान का निराकरण नीलामी के माध्यम से किया गया।केन्द्रीय लक्ष्य के अनुरूप प्राप्त चावल की मिलिंग में FCI के पास गोदाम क्षमता कम होने के कारण धान के अंतिम निराकरण में लगभग 12 से 15 माह का समय लग गया, जिससे संग्रहण केन्द्रों में ड्रायज (सूखत) होना संभावित रहा। वर्तमान में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के अंतर्गत संग्रहण केन्द्रों में रखे धान का उठाव प्रगतिरत है तथा ऑक्शन एवं नीलामी से विक्रय किए गए धान का उठाव प्रक्रियाधीन है। संपूर्ण धान निराकरण के पश्चात ही कुल सूखत का वास्तविक आंकलन किया जा सकेगा।

राज्य सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि किसानों के धन, अनाज और विश्वास से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। धान खरीदी, भुगतान, भंडारण और निराकरण की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, उत्तरदायी और तकनीकी निगरानी में रखा गया है ताकि हर किसान को समय पर भुगतान और सुरक्षित व्यवस्था का लाभ मिले।


ऑनलाइन 24×7 टोकन सुविधा से धान खरीदी हुई सरल : 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा किसानों का भरोसा

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन रही है। योजना के अंतर्गत 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही धान खरीदी तथा धान उपार्जन केंद्रों पर लागू सरल, सुव्यवस्थित और पारदर्शी व्यवस्थाओं ने किसानों का भरोसा और आत्मविश्वास बढ़ाया है।

प्रदेशभर में ऑनलाइन 24×7 टोकन प्रणाली लागू होने से धान विक्रय की प्रक्रिया अधिक सहज और परेशानी-मुक्त हो गई है। किसान अब घर बैठे टोकन प्राप्त कर निर्धारित समय पर उपार्जन केंद्र पहुंच रहे हैं, जिससे भीड़, लंबी कतारों और अनावश्यक प्रतीक्षा की समस्या समाप्त हो गई है।

इसी क्रम में जांजगीर जिले के ग्राम सुकली के किसान भीम गोंड़ ने धान उपार्जन केंद्र पेंड्री में 116 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन टोकन व्यवस्था के कारण पूरी प्रक्रिया आसान हो गई। निर्धारित समय पर केंद्र पहुंचते ही नमी परीक्षण, तौल और विक्रय की सभी प्रक्रियाएं सहजता और पारदर्शिता के साथ पूर्ण हुईं।

किसान भीम गोंड़ ने बताया कि समय पर भुगतान मिलने से किसानों का शासन की व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि अब किसान अपनी उपज पूरे आत्मसम्मान और निश्चिंतता के साथ बेच पा रहे हैं, जो किसान-हितैषी सुशासन का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि शासन की पारदर्शी व्यवस्था और आधुनिक तकनीक के उपयोग से खेती अब केवल आजीविका का साधन नहीं रह गई है, बल्कि यह सम्मानजनक आय और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन रही है।

प्रदेश में धान खरीदी कार्य प्रशासनिक निगरानी और डिजिटल व्यवस्थाओं के साथ निरंतर संचालित किया जा रहा है, जिससे प्रत्येक पात्र किसान को समर्थन मूल्य का पूरा लाभ मिल रहा है और राज्य में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।


महासमुंद : सुचारू रूप से धान खरीदी व्यवस्था जारी

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महासमुंद। राज्य सरकार द्वारा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने हेतु समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है। इसी कड़ी में ग्राम झालखम्हरिया सेवा सहकारी समिति में सुव्यवस्थित धान खरीदी व्यवस्था के कारण किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। समिति में आफ लाइन और ऑनलाइन टोकन व्यवस्था नियमित रूप से लागू की गई है, जिससे धान विक्रय के दौरान न तो भीड़ है और न ही भगदड़ की स्थिति। किसान पूरी सुविधा और संतोष के साथ अपना धान विक्रय कर रहे हैं।

समिति प्रबंधक भोज राम साहू ने बताया कि आज कुल 24 किसानों के टोकन काटे गए, जिनके माध्यम से 1090 क्विंटल धान की खरीदी की गई। अब तक समिति में 27,482 क्विंटल धान की सफलतापूर्वक खरीदी हो चुकी है। वर्तमान में लगभग 50 प्रतिशत किसान धान विक्रय कर चुके हैं, जिसमें 535 किसान शामिल हैं। समिति में कुल 1077 किसान पंजीकृत हैं। धान उठाव की व्यवस्था भी सुचारू रूप से संचालित हो रही है। अब तक लगभग 50 प्रतिशत धान का उठाव हो चुका है और परिवहन या भंडारण में किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है।

धान विक्रय के लिए पहुँचे युवा किसान देव कुमार साहू ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन टोकन के माध्यम से बिना किसी परेशानी के 105 कट्टा (लगभग 42 क्विंटल) धान विक्रय हेतु लाया है। उनकी लगभग 2 एकड़ कृषि भूमि है। उन्होंने कहा कि समिति में पर्याप्त मात्रा में हमाल उपलब्ध हैं, जिससे धान तौल एवं उठाव में समय की कोई बर्बादी नहीं होती। पूरी प्रक्रिया शासन के निर्देशानुसार सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है।

समिति प्रबंधक ने यह भी बताया कि धान विक्रय के पश्चात किसानों के बैंक खातों में राशि का तत्काल अंतरण किया जा रहा है, जिससे किसानों में खुशी और संतोष दिखाई दे रहा है।

धान खरीदी अव्यवस्था पर कांग्रेस का काम रोको प्रस्ताव, सरकार को घेरा

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 CG Assembly Winter Session 2025: छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आज दूसरे दिन धान खरीदी में अव्यवस्था को लेकर सदन में तीखा टकराव देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने धान खरीदी की बदहाल व्यवस्था को लेकर काम रोको प्रस्ताव पेश किया। कांग्रेस ने सभी कार्य स्थगित कर इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग की।


नेता प्रतिपक्ष ने सदन में आरोप लगाया कि किसानों को समय पर टोकन नहीं मिल रहे हैं, पंजीयन प्रक्रिया जटिल बना दी गई है और कई जगहों पर खरीदी लगभग ठप है। उन्होंने कहा कि सूखत के नाम पर अतिरिक्त कटौती की जा रही है और बोरे निर्धारित वजन से कम हैं। धान का उठाव नहीं होने से किसान गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

डॉ. महंत ने कहा कि पंजीयन में जानबूझकर जटिलताएं पैदा की गई हैं। गिरदावरी में भारी त्रुटियां हुई हैं और अब तक करीब 5 प्रतिशत किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया है। वन अधिकार पट्टा धारक किसानों का भी पंजीयन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को टोकन नहीं मिलने से वे मानसिक दबाव में हैं और कुछ मामलों में आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं।

विपक्ष द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव को आसंदी ने स्वीकार कर लिया, जिसके बाद धान खरीदी पर चर्चा की अनुमति दी गई। चर्चा की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की। उन्होंने कहा कि सरकार धान खरीदना ही नहीं चाहती। किसानों का रकबा लगातार घट रहा है। नेटवर्क और टावर की कमी के कारण कई इलाकों में इंटरनेट नहीं चल पा रहा है, जिससे पोर्टल बार-बार बंद हो रहा है।

भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि किसान पूरे प्रदेश में भटक रहे हैं। उन्होंने महासमुंद जिले की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि एक किसान ने अत्यधिक दबाव में आकर आत्मघाती कदम उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धान खरीदी व्यवस्था को चौपट कर इसे निजी हाथों में सौंपना चाहती है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार में किसान धान नहीं बेच पा रहे हैं। लाखों किसान अपनी उपज बेचने से वंचित हैं और लाखों क्विंटल धान सहकारी समितियों में सड़ रहा है। धान का समय पर उठाव नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि एक माह में 35 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है, लेकिन अव्यवस्था के लिए पूरी सरकार जिम्मेदार है। साथ ही उन्होंने एफसीआई द्वारा पिछले वर्ष का चावल नहीं खरीदे जाने का मुद्दा भी उठाया।

किसानों को बड़ी राहत, ‘तुंहर टोकन’ ऐप 24×7 रहेगा उपलब्ध

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 रायपुर : किसानों के हित में राज्य सरकार ने बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि धान खरीदी के लिए ‘तुंहर टोकन’ ऐप अब 24 घंटे, यानी 24×7 उपलब्ध रहेगा। इस निर्णय से धान खरीदी की प्रक्रिया पहले से अधिक आसान, सुगम और किसान हितैषी हो गई है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि धान खरीदी को सरल बनाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है। अब किसानों को टोकन बुक करने के लिए किसी तय समय का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। किसान दिन हो या रात, अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी ऐप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर सकेंगे। इससे तकनीकी दबाव, समय की पाबंदी और खरीदी केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ की समस्या से राहत मिलेगी।

सरकार के फैसले के तहत किसानों को आगामी 20 दिनों तक, यानी 13 जनवरी तक अग्रिम टोकन लेने की सुविधा दी गई है। इससे किसान पहले से अपनी धान विक्रय की योजना बना सकेंगे और खरीदी केंद्रों पर बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

इसके साथ ही छोटे और लघु किसानों को भी बड़ी राहत दी गई है। दो एकड़ या उससे कम रकबा वाले किसानों के लिए टोकन लेने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 जनवरी कर दी गई है। यह निर्णय छोटे किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि उन्हें धान विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

धान खरीदी में पारदर्शिता का लाभ -किसानों ने कहा, 3100 रुपये समर्थन मूल्य से मिला वास्तविक फायदा

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाई जा रही पारदर्शी और किसान हितैषी धान खरीदी व्यवस्था ने किसानों के चेहरे पर संतोष और भरोसे की नई चमक ला दी है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी के दौरान नारायणपुर जिले के 17 उपार्जन केंद्रों में बारदाना, छाया, पेयजल, मेडिकल किट जैसी सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।


खरीदी प्रक्रिया को ज्यादा सहज और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन टोकन प्रणाली लागू की गई है, जिससे किसानों को अब लंबी कतारों और अनावश्यक प्रतीक्षा से मुक्ति मिल रही है। वहीं नोडल अधिकारियों की नियमित मॉनिटरिंग के कारण किसानों को किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा। धान विक्रय के बाद भुगतान भी दो दिनों के भीतर किसानों के खातों में अंतरित किया जा रहा है, जिससे उन्हें बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा।


नारायणपुर जिले के माहका धान खरीदी केंद्र में अपना धान बेचने पहुंचे किसान नंद कुमार शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए सरकार की इस व्यवस्था की सराहना की। पाँच एकड़ खेत में इस वर्ष 60 क्विंटल धान का उत्पादन करने वाले श्री शर्मा ने बताया कि 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मानक से किसानों को वास्तविक लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टोकन प्रणाली ने प्रक्रिया को आसान बना दिया है और केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाएँ संतोषजनक हैं।

नंद कुमार ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने धान बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग खेती-बाड़ी सुधार और पारिवारिक आवश्यकताओं को पूरा करने में करने की बात कही।

केंद्र में मौजूद अन्य किसानों ने भी धान खरीदी की सुदृढ़ व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए उम्मीद जताई कि ऐसी सुविधाएँ आने वाले वर्षों में भी जारी रहेंगी और सरकार के प्रयासों से किसानों का विश्वास निरंतर बढ़ता रहेगा।

पारदर्शी व्यवस्था से खुशहाल किसान—3100 रुपये समर्थन मूल्य से नंद कुमार ने जताया मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाई जा रही पारदर्शी और किसान हितैषी धान खरीदी व्यवस्था ने किसानों के चेहरे पर संतोष और भरोसे की नई चमक ला दी है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी के दौरान नारायणपुर जिले के 17 उपार्जन केंद्रों में बारदाना, छाया, पेयजल, मेडिकल किट जैसी सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। 

खरीदी प्रक्रिया को ज्यादा सहज और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन टोकन प्रणाली लागू की गई है, जिससे किसानों को अब लंबी कतारों और अनावश्यक प्रतीक्षा से मुक्ति मिल रही है। वहीं नोडल अधिकारियों की नियमित मॉनिटरिंग के कारण किसानों को किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा। धान विक्रय के बाद भुगतान भी दो दिनों के भीतर किसानों के खातों में अंतरित किया जा रहा है, जिससे उन्हें बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा।

नारायणपुर जिले के माहका धान खरीदी केंद्र में अपना धान बेचने पहुंचे किसान नंद कुमार शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए सरकार की इस व्यवस्था की सराहना की। पाँच एकड़ खेत में इस वर्ष 60 क्विंटल धान का उत्पादन करने वाले शर्मा ने बताया कि 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मानक से किसानों को वास्तविक लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टोकन प्रणाली ने प्रक्रिया को आसान बना दिया है और केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाएँ संतोषजनक हैं।

नंद कुमार ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने धान बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग खेती-बाड़ी सुधार और पारिवारिक आवश्यकताओं को पूरा करने में करने की बात कही।

केंद्र में मौजूद अन्य किसानों ने भी धान खरीदी की सुदृढ़ व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए उम्मीद जताई कि ऐसी सुविधाएँ आने वाले वर्षों में भी जारी रहेंगी और सरकार के प्रयासों से किसानों का विश्वास निरंतर बढ़ता रहेगा।

किसानों के लिए जरूरी खबर - जिनके खसरे एग्रीस्टेक पोर्टल आईडी में लिंक नहीं, वे समितियों में जाकर करवा सकते हैं अपडेट

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रायपुर। धान खरीदी के संबंध में किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रावधान शासन द्वारा एग्री स्टेक पोर्टल में किया गया है। जिसके तहत एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीकृत एक से अधिक खसरे वाले ऐसे किसान जिनके सभी खसरों में से कुछ खसरे पोर्टल में उनके एग्रीस्टेक आईडी में प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं या लिंक होना शेष रह गए हैं, ऐसे खसरों की पहचान कर समितिवार सूची बनाई गई है, तथा उसे समितियों के बाहर चस्पा किया गया है। 

किसानों से आग्रह किया जाता है कि वे समितियों में जाकर अपने छूटे हुए खसरों का मिलान कर उसे पोर्टल में लिंक करवा सकते हैं। इसके लिए किसान समितियों के किसान सहायता केंद्र में सुबह 09 से 05 तक समितियों में जाकर वहां के ऑपरेटर अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। खाद्य अधिकारी कबीरधाम ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी हेतु भारत सरकार, कृषि मंत्रालय के एग्रीस्टेक पोर्टल में किसान पंजीयन अनिवार्य किया गया है।

एग्रीस्टेक पोर्टल में किसान को प्राप्त फार्मर आईडी के साथ उनके फॉर्म आई डी (खसरे) को लिंक किया जाना है। वर्तमान में एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीकृत कृषक के ऐसे खसरे जो यूनीफाइड फार्मर पोर्टल में पंजीकृत थे वो कैरी फारवर्ड हो गए है परंतु वो समस्त खसरे एग्रीस्टेक में फार्मर आईडी के साथ लिंक नही है, उनमें से कुछ खसरे लिंक होने रह गए हैं। इन समस्त छुटे हुए खसरों को एग्रीस्टेक पोर्टल में माध्यम से जोड़ा जाना है ताकि समिति स्तर पर ये सभी खसरे खरीदी हेतु उपलब्ध हो सके। कबीरधाम जिले पंजीकृत किसानों के ऐसे 34 हजार 566 खसरे हैं जो किसानों के एग्री स्टेक आईडी में लिंक होने शेष हैं। इन्हें लिंक कराने की प्रक्रिया किसान स्वयं समिति में जाकर करवा सकते हैं। इसके लिए कोई समय सीमा निर्धारित है।


हड़ताली समिति कर्मचारियों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई, प्रभारी प्रबंधक सहित 13 कर्मचारी बर्खास्त,3 के विरुद्ध एफआईआर प्रस्तावित

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रायपुर। सहकारी समिति के हड़ताली कर्मचारियों के विरुद्ध प्रशासन के द्वारा सख्त कार्यवाही शुरू कर दी गई है। धान खरीदी कार्य से इंकार करने वाले कर्मचारियों पर अति आवश्यक सेवा अनुरक्षण क़ानून के तहत कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में आज प्रभारी प्रबंधक सहित 13 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है तथा 3 कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर प्रस्तावित है।

जिला खाद्य अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार सिमगा समिति प्रबंधक मंजुला शर्मा, खोखली समिति प्रबंधक राकेश कुमार टंडन, धुर्रा बांधा समिति प्रबधक मूलचंद वर्मा,रोहांसी समिति प्रबंधक धर्मेन्द्र साहु, समिति प्रबंधक तिल्दा रामकुमार साहु को बर्खास्त किया गया है। इसी तरह कसडोल विकासखंड के समिति गिरौद के विक्रेता नन्द कुमार पटेल, हसुआ के विक्रेता गोकुल प्रसाद साहु,थरगांव के विक्रेता ललित साहू, कटगी के विक्रेता रामस्वरूप यादव,चिखली के विक्रेता खेलसिंग कैवर्त्य कोसमसरा के विक्रेता अमित साहू, सरखोर के विक्रेता भीम साहु, लवन के विक्रेता रविकमल को बर्खास्त किया गया है। विकासखंड पलारी अंतर्गत समिति कोनारी के प्रभारी प्रबंधक राजेंद्र चंद्राकर, समिति रोहरा के कम्प्यूटर ऑपरेटर बीरेंद्र साहु एवं समिति रिसदा के विक्रेता टीका राम वर्मा के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने शाखा प्रबंधक को पत्र जारी किया गया है।



किसानों का सम्मान और 31 सौ रुपए समर्थन मूल्य देने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य : कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव

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रायपुर। किसानों के सम्मान और हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली छत्तीसगढ़ सरकार ने आज धान खरीदी खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 का ऐतिहासिक शुभारंभ किया। स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य विभाग के मंत्री गजेन्द्र यादव आज रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखण्ड स्थित ग्राम कोड़ातराई पहुंचे, जहाँ उन्होंने धान उपार्जन केंद्र में धान खरीदी सीजन का विधिवत शुभारंभ किया। मंत्री यादव ने इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन का पूजन किया और अन्न माता के प्रतीक के रूप में किसानों द्वारा लाए गए धान का विधि-विधान से पूजन कर शुभकामनाएँ दीं।

कैबिनेट मंत्री  यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के गौरव और भविष्य को सुरक्षित करते हुए धान का समर्थन मूल्य 3,100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जो पूरे देश में सबसे अधिक है और यह गौरव छत्तीसगढ़ को किसानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के कारण प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि किसानों का सम्मान हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। देश में सबसे अधिक समर्थन मूल्य देकर किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने वाला पहला राज्य छत्तीसगढ़ है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों की जरूरतों, समस्याओं और आकांक्षाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। किसान समृद्ध होंगे तो छत्तीसगढ़ और भारत दोनों विकसित बनेंगे।

मंत्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक किसान आर्थिक रूप से सक्षम, आधुनिक कृषि तकनीक से सशक्त और आत्मनिर्भर बने। सरकार किसानों को खाद, बीज, ऋण, कृषि उपकरण, प्रशिक्षण और डिजिटल सुविधाएँ सरलता से उपलब्ध करा रही है, ताकि खेती अधिक उत्पादक और लाभकारी हो सके। उन्होंने कहा कि आज अपने गृह क्षेत्र से लगभग 300 किलोमीटर की दूरी तय कर रायगढ़ पहुंचना उनके लिए सौभाग्य की बात है, क्योंकि वे यहां के मेहनतकश किसानों से सीधे संवाद कर उनकी स्थिति, आवश्यकताओं और उम्मीदों को नजदीक से समझ पा रहे हैं।

रायगढ़ जिले में धान खरीदी की प्रक्रिया आज से शुरू होकर 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। जिले के सभी पंजीकृत और पात्र किसान निर्धारित उपार्जन केंद्रों में प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान विक्रय कर सकेंगे। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि खरीदी प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए सभी व्यवस्थाएँ पूरी कर ली गई हैं। कर्मचारियों का प्रशिक्षण संपन्न हो चुका है, केंद्रवार अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई है और धान उपार्जन केंद्रों में आवश्यक सभी सुविधाएँ सुनिश्चित कर दी गई हैं। जिले में कुल 105 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से धान खरीदा जाएगा, जिनमें 15 केंद्रों को संवेदनशील और 4 केंद्रों को अति-संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। अवैध धान की आवाजाही रोकने के लिए 24 चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं, जहाँ तीन पालियों में टीमें तैनात रहकर लगातार जांच और निगरानी कर रही हैं। धान खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने और किसानों को पारदर्शी सुविधा प्रदान करने के लिए “तुंहर टोकन” मोबाइल ऐप लागू किया गया है। इस ऐप में प्रतिदिन सुबह 8 बजे टोकन उपलब्ध होंगे और सोसायटी संचालक सुबह 9.30 बजे से टोकन जारी कर सकेंगे। टोकन सात दिनों तक वैध रहेंगे और आधार आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है, जिससे बिना किसान की सहमति कोई टोकन जारी नहीं हो सकेगा।

अब किसानों को ऋण पुस्तिका लाने की जरूरत नही

राज्य शासन ने किसानों के लिए एक और बड़ी राहत दी है। अब किसानों को उपार्जन केंद्र में ऋण पुस्तिका लाने की आवश्यकता नहीं है। एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से किसान का संपूर्ण डेटा स्वचालित रूप से सत्यापित हो जाएगा, जिससे खरीदी प्रक्रिया और तेज व पारदर्शी बनेगी। इस वर्ष संस्थागत पंजीयन, भूमिहीन श्रेणी, डुबान क्षेत्र, वन अधिकार पट्टा धारक और ग्राम कोटवार वर्ग को विशेष अनुमति प्रदान की गई है। खरीदी की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा होगी।

कार्यक्रम के दौरान किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और सरकार की किसान हितैषी नीतियों की सराहना की। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार, जिला पंचायत सदस्य सुषमा खलखो, गोपाल अग्रवाल, ब्रजेश गुप्ता, लक्ष्मी जीवन पटेल, रजनी राठिया, जनपद अध्यक्ष हेमलता चौहान, अरुण धर दीवान, विकास केडिया, पवन शर्मा, पावन अग्रवाल, जतिन साव, सतीश बेहरा, अशोक अग्रवाल, ज्योति भगत, साहनू पैकरा, मानी मोहित सतपथी, महेश उरांव, संजय अग्रवाल, शैलेश माली, जैमिनी गुप्ता, कमल पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और पंजीकृत किसान उपस्थित थे। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी तथा पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने कैबिनेट मंत्री यादव का आत्मीय स्वागत किया।

महासमुंद : जिले में आज से धान खरीदी शुरू, झालखम्हरिया केंद्र में कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब एवं विधायक द्वय योगेश्वर राजू सिन्हा, एवं संपत अग्रवाल की उपस्थिति में हुआ शुभारंभ

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर 2025 से पूरे प्रदेश में विधिवत रूप से शुरू कर दिया गया है। इसी क्रम में जिला महासमुंद के धान खरीदी केंद्र झालखमहरिया में आज खरीदी कार्य का औपचारिक शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में केबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि आज किसानों के लिए उत्सव का दिन है। हमारा राज्य किसानों से ही समृद्ध है।यहां तक कि अयोध्या में राम लला के लिए भोग यही छत्तीसगढ़ से चांवल भेजा गया था। 

आज से धान खरीदी की शुरुवात हो गई है पिछले साल भी रिकॉर्ड धान खरीदी किया गया था, इस साल भी रिकॉर्ड धान खरीद की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरप धान खरीदी की जा रही है। किसानों को बोनस एवं सभी समितियों में एटीम की सुविधा कराई जा रही है। ताकि किसानो को किसी प्रकार की समस्या न हो। अधिकारी कर्मचारी भी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहे है। हमारी सरकार किसानों की हितों का पूरा ध्यान रख रही है। उन्होंने कहा कि आज राज्य को 25 वर्ष पूरे हो गए है। आज राज्य प्रगति पथ पर अग्रसर है। तकनीकी रूप से भी क्षमता बढ़ी है। आने वाला 2047 तक राज्य को विकसित बनाना है। हमारा राज्य देश का पहला विकसित राज्य बनेगा। उन्होंने किसानों को बधाई दी।

इस अवसर पर महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा एवं विधायक बसना संपत अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी में गांव के कृषक दुर्गेश साहू के 40 क्विंटल धान की तुलाई कर खरीदी प्रक्रिया की शुरुआत की गई। इससे केंद्र में खरीदी का वातावरण और अधिक उत्साहपूर्ण हो गया। धान खरीदी केंद्र में किसानों की सुविधा, पारदर्शिता और सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं। प्रशासनिक अमले एवं समिति के कर्मचारियों द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर किसान को समय पर, व्यवस्थित और बिना किसी परेशानी के धान बेचने की सुविधा मिले। 

विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि इस जिले में पूरे राज्य में सबसे अधिक धान खरीदी की जाती है। सिंचाई क्षमता को बढ़ाने कार्य जारी है। सिकासेर और सिरपुर बैराज का काम भी पूर्ण हो गया है। इससे सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने विश्वाश व्यक्त किया कि इस वर्ष भी धान खरीदी में जिला इतिहास दर्ज करेगा।

बसना के विधायक संपत अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप धान खरीदी कि जा रही है। लक्ष्य के अनुरूप खरीदी कि जा रही है। सुचारू रूप से धान खरीदी जा रही है। किसानों को किसी तरह परेशानी नहीं होगी। इस बात का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। यहां के किसानों का लाभ हो ,यह सुनिश्चित हो। अवैध धान की खरीदी बिक्री में नजर रखे और प्रशासन का सहयोग करें। आइए इसे एक उत्सव के रूप में मनाएं।

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा कि जिले में 130 समिति के 182 उपार्जन केंद्रों में खरीदी की जा रही है।किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। आज 34 समितियों में 50 किसानों का टोकन कट गया है। आज शाम 5 बजे तक टोकन काट सकते है और धान खरीदी की जा सकती है। यहां जिले में 16 चेक पोस्ट स्थापित किए गए है। अभी तक 23 प्रकरण दर्ज किए गया है जिसमें 3000 किवंटल अवैध धान जप्त की गई है।

इस अवसर पर नगर पालिका उपाध्यक्ष देवी चंद राठी, जनपद सदस्य विजय लक्ष्मी जांगड़े, संदीप दीवान,पीयूष साहू,प्रकाश शर्मा,राहुल चंद्राकर, पंकज चंद्राकर, संदीप घोष, सरपंच अनेश्वरी चंद्राकर , ग्रामीण अध्यक्ष श्याम साकरकर,अपर कलेक्टर रवि साहू, एसडीएम अक्षा गुप्ता,आसपास के किसान बड़ी संख्या में मौजूद थे।



Mahasamund : कलेक्टर के निर्देश पर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के पूर्व प्रशासन हुआ सख्त

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 महासमुंद : धान खरीदी के पूर्व जिला प्रशासन अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं विक्रय पर सख्त रुख अपनाते हुए लगातार कार्रवाई कर रहा है। कलेक्टर  विनय लंगेह के निर्देश पर राजस्व, खाद्य एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीमों ने देर रात तक कई स्थानों पर छापामार कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में अवैध धान जप्त किया है।


तहसील सराईपाली के ग्राम बालसी में देर रात अनिल ट्रेडर्स के गोदाम से 375 कट्टा और रोशन ट्रेडर्स के गोदाम से 50 कट्टा अवैध धान जप्त किया गया। यह कार्रवाई राजस्व विभाग, खाद्य निरीक्षक और मंडी सचिव की संयुक्त टीम द्वारा मंडी अधिनियम के तहत की गई। इसी प्रकार ओड़िशा सीमा से अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे 80 कट्टा धान को नायब तहसीलदार प्रकृति एवं मंडी टीम द्वारा जब्त किया गया।

एक अन्य कार्रवाई में तहसील पिथौरा अंतर्गत ग्राम छोटे लोरम में साहेब लाल पटेल के गोदाम से 600 बोरी, ग्राम लालमाटी में बीसीकेशन पिता रूपसाय के घर से 200 बोरी, तथा गोमती पति गंगाराम के घर से 100 बोरी अवैध धान प्रशासनिक टीम ने जब्त किया। यह कार्रवाई एसडीएम पिथौरा श्री बजरंग वर्मा के मार्गदर्शन में की गई तथा मंडी सचिव को मंडी अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर  विनय लंगेह ने कहा कि धान खरीदी प्रारंभ होने से पूर्व कोई भी व्यक्ति या व्यापारी अवैध रूप से धान का भंडारण या परिवहन न करे। नियम विरुद्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले की सीमाओं पर निगरानी और सघन जांच अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा, ताकि समर्थन मूल्य पर खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध परिवहन, भंडारण न हो सके।

15 नवंबर से छत्तीसगढ़ में धान खरीदी शुरू, बॉर्डर पर सख्ती और मॉनिटरिंग के लिए बनेगा कमांड सेंटर

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 रायपुर। राज्य सरकार 15 नवंबर से धान खरीदी की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। इस बार प्रदेश के 26 लाख से अधिक किसान धान बेचेंगे। सरकार ने 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदने की घोषणा की है।


धान खरीदी के लिए प्रदेशभर में 2739 केंद्र बनाए गए हैं। जूट बोरे, तौल मशीन, परिवहन और भंडारण की पूरी व्यवस्था कर ली गई है। खरीदी 31 जनवरी 2026 तक चलेगी और किसानों को धान बेचने के 7 दिन के भीतर भुगतान किया जाएगा।

राज्य को इस साल 73 लाख टन चावल सेंट्रल पूल में भेजने का लक्ष्य मिला है। खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल और ई-केवाईसी प्रणाली लागू की गई है। किसानों से अपील की गई है कि वे केंद्र पहुंचने से पहले रजिस्ट्रेशन, आधार कार्ड, पासबुक और फसल विवरण साथ रखें।

अवैध धान परिवहन पर सख्ती

ओडिशा और अन्य राज्यों से आने वाले अवैध धान पर रोक लगाने के लिए 16 चेकपोस्ट बनाए जा रहे हैं। इन पर राजस्व, कृषि, वन और पुलिस विभाग की संयुक्त ड्यूटी रहेगी।

इस बार 160 लाख टन धान खरीदी का लक्ष्य

पिछले वर्ष 149 लाख टन धान खरीदा गया था। इस बार सरकार ने 160 लाख टन का लक्ष्य रखा है। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, डिजिटल वजन मशीन और ऑनलाइन डेटा एंट्री सिस्टम लगाए जा रहे हैं।

मार्कफेड बनाएगा कमांड सेंटर

धान खरीदी में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मार्कफेड की ओर से इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर तैयार किया जाएगा। जिला स्तर पर भी नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जा रहे हैं ताकि किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

किसानों के लिए ज़रूरी निर्देश

टोकन व्यवस्था: किसान मोबाइल ऐप ‘टोकन तुंहर हाथ’ से या सोसाइटी के माध्यम से ऑफलाइन टोकन ले सकते हैं।

टोकन सीमा: छोटे किसानों को दो और बड़े किसानों को तीन टोकन मिलेंगे।

बोरे की व्यवस्था: आधे बोरे किसान लाएंगे, आधे सरकार उपलब्ध कराएगी।

धान की नमी: 17% से अधिक नमी वाला धान स्वीकार नहीं किया जाएगा।

तौल और रसीद: तौल केवल इलेक्ट्रॉनिक कांटे से होगी। रसीद लेकर ही केंद्र से लौटें।

भुगतान: विक्रय के एक सप्ताह के भीतर राशि PFMS प्रणाली से सीधे खाते में जमा होगी।

समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश, राज्योत्सव, धान खरीदी, तीर्थयात्रा और विकास योजनाओं की व्यापक समीक्षा

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 महासमुंद : कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में आज समय-सीमा की बैठक सुबह 10 बजे आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा एवं  रवि साहू, सभी एसडीएम तथा जिला स्तरीय अधिकारी, जनपद सीईओ एवं अधिकारियों ने भाग लिया।बैठक में आगामी महत्वपूर्ण आयोजनों और योजनाओं की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए कलेक्टर विनय लंगेह ने अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।


राज्योत्सव की तैयारी पर विशेष जोर

कलेक्टर लंगेह ने बताया कि राज्योत्सव कार्यक्रम 2 से 4 नवंबर तक मिनी स्टेडियम, महासमुंद में गरिमा पूर्ण रूप से आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ स्थापना के 25 वर्ष की उपलब्धियों को दर्शाते हुए विभागीय स्टॉल लगाए जाएंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा, मंच व्यवस्था एवं सामग्री वितरण सूची शीघ्र तैयार की जाए ताकि आयोजन उत्कृष्ट और अनुकरणीय हो।

मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना – 323 यात्री होंगे रवाना

बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के तहत 27 अक्टूबर को 323 यात्री रवाना होंगे। कलेक्टर ने समाज कल्याण विभाग को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने और सभी विकासखंडों को लक्ष्यानुसार जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए।

धान खरीदी की तैयारी – 16 चेक पोस्ट, निगरानी कड़ी

कलेक्टर ने कहा कि 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारंभ होगी। इसके लिए 16 चेक पोस्ट बनाए गए हैं ताकि अवैध परिवहन और आवक पर नियंत्रण रखा जा सके। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरे चालू स्थिति में रहें, टीमें नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें और धान खरीदी नीति के 29 बिंदुओं की चेकलिस्ट अनुसार तैयारी सुनिश्चित करें। उन्होंने एग्रीस्टेक पोर्टल पर शेष किसानों के पंजीयन को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही आगामी रबी सीजन में दलहन-तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा। उन्होंने कहा कि इसके लिए मैदानी अमला को विशेष अभियान चलाकर किसानों को के बीच जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

आवास एवं उज्ज्वला योजना की समीक्षा

कलेक्टर ने कहा कि जिले में शेष आवासों को पूर्ण करने तथा लंबित स्वीकृतियां शीघ्र जारी करने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस योजना के तहत जिले को नवीन 5360 का स्वीकृति प्राप्त हुआ है। उन्होंने सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों के अनुसार खाद्य विभाग को आबंटन की प्रक्रिया आगामी 15 दिनों में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

पीएम सूर्यघर योजना में 920 सोलर पैनल स्थापित

कलेक्टर ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत अब तक 920 हितग्राहियों को सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने विद्युत विभाग को अधिक से अधिक हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने हेतु प्रेरित करने कहा।

विद्यार्थियों के आधार आईडी हेतु शिविर

कलेक्टर लंगेह ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के आधार आईडी निर्माण हेतु शिविर आयोजित किए जाएं ताकि किसी भी छात्र को शैक्षणिक योजनाओं के लाभ से वंचित न रहना पड़े। उन्हें पहले से सभी डॉक्यूमेंट की जानकारी देने निर्देश दिए।

छत्तीसगढ़ देखेगा भारतीय वायुसेना की शौर्यगाथा - 5 नवम्बर को नवा रायपुर में रजत जयंती महोत्सव के दौरान होगा ‘सूर्यकिरण एरोबैटिक शो’

मंत्रिपरिषद का बड़ा निर्णय : किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से होगी धान खरीदी,15 नवम्बर से शुरू होगी खरीदी, 25 लाख किसानों को मिलेगा लाभ

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 रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए राज्य के किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के संबंध में निर्णय लिया गया।


राज्य शासन ने निर्णय लिया है कि धान खरीदी 15 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक की जाएगी, जिसके अंतर्गत 25 लाख से अधिक किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जाएगी। प्रत्येक किसान से 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक धान खरीदा जाएगा।



ई-केवाईसी और डिजिटल सर्वे से पारदर्शिता

धान खरीदी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस वर्ष ई-केवाईसी और एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसान पंजीयन अनिवार्य किया गया है। पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2025 निर्धारित की गई है। राज्य में 23 लाख हेक्टेयर रकबे का डिजिटल क्रॉप सर्वे कराया गया है, जिससे धान के रकबे का ऑनलाइन निर्धारण सुनिश्चित हुआ है। 2 अक्टूबर से 20 हजार ग्राम सभाओं में डिजिटल क्रॉप सर्वे और मैनुअल गिरदावरी के आंकड़ों का पठन-पाठन किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और जन भागीदारी दोनों बढ़ेंगी।

किसानों को मिलेगी कतारों से मुक्ति

धान खरीदी की प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए शासन ने ‘टोकन तुंहर हाथ’ मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन व्यवस्था लागू की है। किसान अब अपनी सुविधा अनुसार दिन और समय तय कर धान विक्रय हेतु टोकन प्राप्त कर सकेंगे। इससे समितियों में लंबी कतारों से राहत मिलेगी।

बायोमैट्रिक प्रणाली से वास्तविक किसानों की पहचान

धान खरीदी केवल वास्तविक किसानों से ही सुनिश्चित हो, इसके लिए बायोमैट्रिक आधारित खरीदी प्रणाली लागू की जाएगी। प्रदेश के 2739 खरीदी केंद्रों में धान खरीदी की जाएगी और समितियों को समुचित व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए हैं।

समितियों को प्रोत्साहन

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में शून्य सुखत (Zero Shortage) प्राप्त करने वाली समितियों को प्रति क्विंटल 5 रुपये के मान से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

नई मॉनिटरिंग प्रणाली

धान की रिसाइक्लिंग और दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए पहली बार इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना मार्कफेड कार्यालय में की जाएगी। इसके साथ ही जिलों में भी कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे।
धान के उठाव, परिवहन और भौतिक सत्यापन हेतु सख्त निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि मितव्ययता और पारदर्शिता बनी रहे।

अन्य प्रमुख निर्णय

नए और पुराने जूट बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। कलेक्टरों द्वारा खरीदी केंद्र प्रभारी प्रशासनिक अधिकारियों को बनाया जाएगा, ताकि धान खरीदी व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो। सीमावर्ती राज्यों से धान की अवैध आवक रोकने के लिए विशेष चेकिंग दल गठित किए जाएंगे। खाद्य विभाग, भारत सरकार द्वारा 73 लाख मीट्रिक टन चावल का केंद्रीय पूल लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

किसानों को समय पर भुगतान

राज्य सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसानों को धान खरीदी के बाद 6 से 7 दिन के भीतर भुगतान किया जाएगा। इससे किसानों को आर्थिक राहत और विश्वास दोनों मिलेगा। इस प्रकार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में लिए गए निर्णयों से छत्तीसगढ़ के किसानों को न केवल आर्थिक मजबूती मिलेगी, बल्कि पारदर्शी और आधुनिक तकनीक आधारित धान खरीदी व्यवस्था का नया अध्याय भी आरंभ होगा।

छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी की शुरुआत, किसानों को एग्रीस्टैक पोर्टल पर करना होगा पंजीयन

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन सत्र 2024-25 के लिए धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसकी औपचारिक घोषणा की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदेगी। किसानों को समय पर भुगतान और खरीदी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं।


खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए किसानों का पंजीयन एग्रीस्टैक पोर्टल पर अनिवार्य किया गया है। पोर्टल से जुड़ी किसी भी जानकारी या सहायता के लिए किसान टोल-फ्री नंबर 1800-233-1030 पर संपर्क कर सकते हैं। अब तक 21.47 लाख किसानों ने पंजीयन करा लिया है, जबकि शेष किसान 31 अक्टूबर 2025 तक अपने निकटतम सहकारी समिति या केंद्र में जाकर पंजीकरण कर सकते हैं।

पिछले खरीफ सीजन में राज्य शासन ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड 149.25 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की थी — जो राज्य गठन के बाद अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड रहा। इसमें 81.98 लाख मीट्रिक टन मोटा धान, 10.75 लाख मीट्रिक टन पतला धान, और 56.52 लाख मीट्रिक टन सरना धान शामिल था। उस दौरान 25.49 लाख किसानों ने धान विक्रय किया था और उन्हें बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत 31,089 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया था।

जिलावार प्रदर्शन की बात करें तो महासमुंद जिला सबसे आगे रहा, जहां 11.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया। इसके बाद बेमेतरा (9.38 लाख मीट्रिक टन) और बलौदाबाजार-भाटापारा (8.56 लाख मीट्रिक टन) दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। राज्य सरकार का कहना है कि एग्रीस्टैक पोर्टल डिजिटल क्रांति की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा, जिससे धान खरीदी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और किसान हितैषी बनेगी।

धान खरीदी में ऐतिहासिक वृद्धि, किसानों के लिए समर्पित डबल इंजन सरकार का बड़ा निर्णय- मुख्यमंत्री साय

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रायपुर, प्रदेश के किसानों के लिए आज एक अत्यंत हर्ष और गर्व का दिन है। केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के अनुमान को 70 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 78 लाख मीट्रिक टन करने की ऐतिहासिक स्वीकृति प्रदान की है। यह निर्णय प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं की मेहनत को नई पहचान और उनकी आर्थिक समृद्धि को नई दिशा देगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अभूतपूर्व निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी जी के प्रति आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय केंद्र और राज्य सरकार की "डबल इंजन" प्रतिबद्धता का सजीव प्रमाण है, जिसमें किसान कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा सोशल मीडिया 'एक्स' में पोस्ट करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 8 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त धान खरीदने की स्वीकृति, हमारे किसानों के परिश्रम को मान्यता देने वाला कदम है। यह न केवल उनकी आय में वृद्धि करेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है और केंद्र सरकार से समन्वय करते हुए उनके लिए हरसंभव सुविधा सुनिश्चित कर रही है। राज्य के धान उत्पादक किसानों को बेहतर मूल्य, समय पर भुगतान और सुगम खरीदी प्रक्रिया के लिए ठोस रणनीति बनाई जा रही है। धान खरीदी सीमा में यह वृद्धि प्रदेश के किसानों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है। यह उनके परिश्रम और उत्पादन क्षमता में केंद्र की आस्था का संकेत है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगठित बनाए रखने के लिए पूरी तैयारी कर चुकी है। प्रदेश के अन्नदाताओं की समृद्धि के लिए सरकार लगातार नई योजनाएँ और उपाय लागू कर रही है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों के जीवन में खुशहाली और सम्मान लाना ही हमारी सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के अन्नदाता नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ेंगे।


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