Media24Media.com: महादेव सट्टा ऐप केस: सौरभ चंद्राकर दिल्ली की अदालत में पेश, CBI ने मांगी ट्रांजिट रिमांड

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महादेव सट्टा ऐप केस: सौरभ चंद्राकर दिल्ली की अदालत में पेश, CBI ने मांगी ट्रांजिट रिमांड

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रायपुर/नई दिल्ली। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में आरोपी और प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उसे छत्तीसगढ़ लाने और आगे की पूछताछ के लिए अदालत से ट्रांजिट रिमांड की मांग की है। सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने सौरभ का कथित फर्जी पासपोर्ट भी जब्त किए जाने की जानकारी दी। गिरफ्तारी की वैधता को लेकर बचाव पक्ष ने सवाल उठाए, जिसके बाद अदालत में दोनों पक्षों के बीच कानूनी बहस हुई। मामले की अगली सुनवाई दोपहर 2:30 बजे निर्धारित की गई।


गिरफ्तारी के कानूनी आधार पर आमने-सामने आए CBI और बचाव पक्ष

अदालत में सुनवाई के दौरान सौरभ चंद्राकर के वकील ने उसकी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए सवाल उठाए। बचाव पक्ष का तर्क था कि भारत सरकार की ओर से ओमान को केवल मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई की जानकारी दी गई थी। ऐसे में CBI ने किस कानूनी आधार पर सौरभ को गिरफ्तार किया?

इस पर CBI ने दलील दी कि बचाव पक्ष जिस पुराने आदेश का हवाला दे रहा है, वह पहले का है। जांच एजेंसी के मुताबिक, सौरभ की गिरफ्तारी ओमान सरकार के नए आदेश के तहत की गई है, जिसमें किसी एक विशेष जांच एजेंसी का उल्लेख नहीं है। अब अदालत के फैसले से यह तय होगा कि CBI को सौरभ की ट्रांजिट रिमांड मिलती है या नहीं।

भिलाई से दुबई तक फैला महादेव ऐप का नेटवर्क

छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला सौरभ चंद्राकर कभी जूस की दुकान चलाता था। उसके पिता नगर निगम में पंप ऑपरेटर थे। शुरुआती दौर में सौरभ अपने साथी रवि उप्पल के साथ सट्टेबाजी के कारोबार से जुड़ा। बाद में दोनों ने ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क खड़ा किया और वर्ष 2019 में दुबई पहुंचकर कारोबार का विस्तार किया।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से सट्टा लगाने की सुविधा देने वाला महादेव ऑनलाइन ऐप धीरे-धीरे देशभर में फैल गया। इस नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर लेनदेन और कथित अवैध कमाई की गई। एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के संचालन, वित्तीय लेनदेन और इससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं।

200 करोड़ रुपये की शादी भी जांच के घेरे में

महादेव सट्टा ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सौरभ चंद्राकर की फरवरी 2023 में संयुक्त अरब अमीरात के रास अल खैमाह में हुई शादी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए थे।

ED के अनुसार, शादी समारोह में करीब 200 करोड़ रुपये नकद खर्च किए गए थे। परिवार के सदस्यों को नागपुर से UAE ले जाने के लिए निजी विमान किराए पर लिए गए थे। समारोह में बॉलीवुड से जुड़ी कई हस्तियों, डांसरों और इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों को भी बुलाया गया था।

जांच एजेंसी का दावा था कि शादी के खर्चों का भुगतान हवाला नेटवर्क के जरिए किया गया। ED के मुताबिक, एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को हवाला के माध्यम से करीब 112 करोड़ रुपये दिए गए, जबकि लगभग 42 करोड़ रुपये की होटल बुकिंग का भुगतान UAE की मुद्रा में नकद किया गया था।

हवाला के जरिए रकम खपाने का आरोप

ED की जांच में आरोप लगाया गया था कि ऑनलाइन सट्टेबाजी से हासिल रकम को अलग-अलग बैंक खातों तक पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता था। नए यूजर्स और फ्रेंचाइजी यानी पैनल संचालकों को जोड़ने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में नकदी खर्च कर प्रचार-प्रसार भी किया जाता था।

जांच एजेंसियों का आरोप है कि सौरभ चंद्राकर और उसके सहयोगियों ने UAE में बैठकर इस नेटवर्क का संचालन किया और कथित अवैध कमाई को अलग-अलग माध्यमों से खपाया।

70 से अधिक FIR, 300 से ज्यादा गिरफ्तारियां

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में अलग-अलग जांच एजेंसियों की कार्रवाई के दौरान अब तक 70 से अधिक FIR दर्ज होने और 300 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी का दावा किया गया है। जांच का दायरा लगातार बढ़ा है और नेटवर्क से जुड़े कथित संचालकों, पैनल ऑपरेटरों तथा वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जा रही है।

सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, शुभम सोनी और अनिल अग्रवाल के बीच कथित कारोबारी हिस्सेदारी को लेकर भी जांच में कई पहलुओं की पड़ताल की गई है। सौरभ की गिरफ्तारी के बाद अब CBI की पूछताछ और अदालत से मिलने वाली ट्रांजिट रिमांड पर इस बहुचर्चित मामले की आगे की जांच निर्भर करेगी।

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