Media24Media.com: ट्राइडेंट के शेयरों में 13% तक की जोरदार तेजी, दूसरी तिमाही में मुनाफा 93% बढ़कर ₹175.58 करोड़; कंपनी ने किया ₹4,650 करोड़ के निवेश का ऐलान

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ट्राइडेंट के शेयरों में 13% तक की जोरदार तेजी, दूसरी तिमाही में मुनाफा 93% बढ़कर ₹175.58 करोड़; कंपनी ने किया ₹4,650 करोड़ के निवेश का ऐलान

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नई दिल्ली- टेक्सटाइल और पेपर सेक्टर की प्रमुख कंपनी ट्राइडेंट लिमिटेड (Trident Limited) के शेयरों में मंगलवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी के वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के शानदार नतीजों के बाद शेयर बीएसई पर कारोबार के दौरान करीब 13.4 प्रतिशत तक उछलकर ₹25.18 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। कंपनी ने सितंबर तिमाही में अपने शुद्ध मुनाफे में सालाना आधार पर 93.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।

कंपनी ने सोमवार को जारी वित्तीय नतीजों में बताया कि सितंबर 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही में उसका समेकित शुद्ध मुनाफा बढ़कर ₹175.58 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹90.93 करोड़ था। इस तरह कंपनी के मुनाफे में लगभग दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई है।

मुनाफे में बड़ी वृद्धि, लेकिन राजस्व में आई गिरावट

ट्राइडेंट के वित्तीय नतीजों के अनुसार, दूसरी तिमाही में कंपनी का परिचालन से राजस्व 3.79 प्रतिशत घटकर ₹1,719.48 करोड़ रहा। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने ₹1,787.17 करोड़ का राजस्व दर्ज किया था।

हालांकि, कंपनी के परिचालन प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। दूसरी तिमाही में EBITDA 46.5 प्रतिशत बढ़कर ₹313.7 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹214.1 करोड़ था।

वहीं, EBITDA मार्जिन भी 12 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 18 प्रतिशत हो गया। यानी कंपनी की परिचालन लाभप्रदता में सुधार हुआ है और कम राजस्व के बावजूद मुनाफे में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई।

यार्न और बेडशीट कारोबार का बेहतर प्रदर्शन

कंपनी के अलग-अलग कारोबार पर नजर डालें तो यार्न और बेडशीट सेगमेंट में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई।

  • यार्न कारोबार: राजस्व बढ़कर ₹1,018.96 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹923.64 करोड़ था।

  • टॉवल कारोबार: राजस्व घटकर ₹570.75 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹723.46 करोड़ था।

  • बेडशीट कारोबार: राजस्व बढ़कर ₹311.36 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल ₹261.22 करोड़ था।

  • पेपर और केमिकल्स कारोबार: राजस्व बढ़कर ₹287.90 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल ₹246.89 करोड़ था।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि यार्न और बेडशीट कारोबार ने कंपनी की आय बढ़ाने में अहम योगदान दिया, जबकि टॉवल सेगमेंट में गिरावट देखने को मिली।

₹4,650 करोड़ के निवेश से बढ़ेगी उत्पादन क्षमता

दूसरी तिमाही के नतीजों के साथ ही ट्राइडेंट के बोर्ड ने कंपनी के विभिन्न कारोबार में क्षमता विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए करीब ₹4,650 करोड़ की निवेश योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी है।

इस योजना के तहत मध्य प्रदेश में कंपनी की मौजूदा उत्पादन इकाइयों का विस्तार करने के साथ नई विनिर्माण सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

प्रमुख योजनाएं इस प्रकार हैं:

  1. बुधनी में विस्तार: मध्य प्रदेश के बुधनी स्थित मौजूदा यार्न निर्माण संयंत्र में 99,840 अतिरिक्त स्पिंडल लगाए जाएंगे।

  2. धार में नया प्लांट: मध्य प्रदेश के धार में 1,99,680 स्पिंडल क्षमता वाली नई यार्न विनिर्माण इकाई स्थापित की जाएगी। इसके लिए कंपनी लगभग 179.2 एकड़ लीजहोल्ड जमीन खरीद चुकी है।

  3. शीटिंग कारोबार: उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए 336 अतिरिक्त लूम लगाए जाएंगे।

  4. पेपर कारोबार: पेपर निर्माण क्षमता में प्रतिदिन 28 टन (TPD) की वृद्धि की जाएगी।

  5. नवीकरणीय ऊर्जा: कंपनी ने 60 मेगावाट पवन ऊर्जा और 20 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता वाली हाइब्रिड अक्षय ऊर्जा परियोजना की भी योजना बनाई है।

कंपनी का मानना है कि इन परियोजनाओं से उत्पादन क्षमता बढ़ाने, परिचालन दक्षता सुधारने और भविष्य की कारोबारी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

शेयर बाजार में क्यों आई तेजी?

ट्राइडेंट के शेयरों में तेजी की प्रमुख वजह दूसरी तिमाही में शुद्ध मुनाफे की 93 प्रतिशत से अधिक वृद्धि और कंपनी की बड़ी निवेश योजना को माना जा रहा है।

मंगलवार को बीएसई पर शेयर ₹22.20 के पिछले बंद भाव से बढ़कर कारोबार के दौरान ₹25.18 तक पहुंच गया। हालांकि, शुरुआती तेजी के बाद शेयर में कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिली।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बेहतर परिचालन मार्जिन, मुनाफे में वृद्धि और भविष्य की उत्पादन विस्तार योजनाओं ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि, कंपनी के राजस्व में गिरावट और टॉवल कारोबार के कमजोर प्रदर्शन पर भी नजर रखना जरूरी होगा।

आगे क्या रहेगी नजर?

अब निवेशकों की नजर कंपनी की ₹4,650 करोड़ की निवेश योजना को लागू करने की समयसीमा, नए संयंत्रों की स्थापना, उत्पादन क्षमता में वृद्धि और आने वाली तिमाहियों के वित्तीय प्रदर्शन पर रहेगी।

ट्राइडेंट के दूसरी तिमाही के नतीजों ने कंपनी की लाभप्रदता में सुधार का संकेत दिया है। हालांकि, राजस्व में गिरावट यह भी बताती है कि कंपनी के सामने कुछ कारोबारी चुनौतियां बनी हुई हैं।


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