Media24Media.com: पंजाब में कर्मभूमि एक्सप्रेस के 4 डिब्बों में भीषण आग, 1,500 यात्रियों में मची अफरा-तफरी; सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया

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पंजाब में कर्मभूमि एक्सप्रेस के 4 डिब्बों में भीषण आग, 1,500 यात्रियों में मची अफरा-तफरी; सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया

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पंजाब- पंजाब के पटियाला जिले में राजपुरा के पास शुक्रवार दोपहर एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। अमृतसर से पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी जा रही कर्मभूमि एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12508) के चार डिब्बों में अचानक आग लग गई।

आग की लपटें और धुएं का गुबार देखकर यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। ट्रेन को तुरंत रोककर यात्रियों को बाहर निकाला गया। रेलवे कर्मचारियों, दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया।

शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 1,500 यात्री ट्रेन में सवार थे। किसी यात्री की मौत या घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।

 कहां और कब हुआ हादसा?

  • दिनांक: शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

  • समय: दोपहर लगभग 1:30 बजे

  • स्थान: सराय बंजारा रेलवे स्टेशन के पास

  • जिला: पटियाला, पंजाब

  • नजदीकी शहर: राजपुरा

  • रेलवे सेक्शन: राजपुरा–सरहिंद

  • ट्रेन नंबर: 12508 कर्मभूमि एक्सप्रेस

यह ट्रेन अमृतसर से न्यू जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल) की ओर जा रही थी।

ट्रेन के किन डिब्बों में लगी आग?

शुरुआती जानकारी के अनुसार आग इंजन के पीछे पांचवें डिब्बे में देखी गई।

इसके बाद आग आसपास के डिब्बों तक फैल गई।

  • तीन जनरल कोच आग से बुरी तरह प्रभावित हुए।

  • चौथे कोच को भी नुकसान पहुंचा।

  • डिब्बों से काफी धुआं और आग की लपटें निकलती दिखाई दीं।

  • रेलवे कर्मचारियों ने प्रभावित कोचों को बाकी ट्रेन से अलग कर दिया।

इस कार्रवाई का उद्देश्य आग को अन्य डिब्बों तक फैलने से रोकना था।

आग लगने का कारण क्या था?

आग लगने की असली वजह अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुई है।

प्रारंभिक रिपोर्टों में दो संभावनाएं सामने आईं:

  1. पैंट्री में आग: पटियाला के डिप्टी कमिश्नर के अनुसार शुरुआती जानकारी में आग पैंट्री से शुरू होने की बात सामने आई।

  2. शॉर्ट सर्किट: कुछ शुरुआती रिपोर्टों में बिजली के पंखे या इलेक्ट्रिकल सिस्टम में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई।

हालांकि रेलवे ने तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं। इसलिए अभी किसी एक कारण को निश्चित नहीं माना जा सकता।

यात्रियों को कैसे बचाया गया?

आग की सूचना मिलते ही रेलवे ने आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय की।

  • ट्रेन को तुरंत रोक दिया गया।

  • यात्रियों को प्रभावित डिब्बों से बाहर निकाला गया।

  • लोको पायलट और गार्ड ने प्रभावित डिब्बों को अलग करने की कार्रवाई की।

  • दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।

  • स्थानीय ग्रामीणों ने भी यात्रियों की मदद की।

  • पुलिस और जिला प्रशासन ने राहत कार्य संभाला।

कुछ यात्रियों ने घबराहट में चलती ट्रेन से कूदने की कोशिश भी की। एक रिपोर्ट में 2–3 यात्रियों को मामूली चोट आने की बात कही गई है, हालांकि रेलवे की रिपोर्टों में किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं की गई।

कितने यात्री प्रभावित हुए?

विवरण

         जानकारी

ट्रेन में यात्री

        लगभग 1,500

प्रभावित डिब्बे               

             4

गंभीर रूप से प्रभावित

           3 कोच

चौथा कोच

    आंशिक नुकसान

मृतक

    कोई पुष्टि नहीं

घायल

    आधिकारिक पुष्टि नहीं

दूसरी ट्रेनों पर क्या असर पड़ा?

इस घटना के बाद रेलवे ने सुरक्षा के मद्देनजर राजपुरा–सरहिंद रेल सेक्शन में कुछ समय के लिए रेल परिचालन नियंत्रित किया।

  • आठ अन्य ट्रेनों को डायवर्ट किया गया।

  • प्रभावित ट्रेन के यात्रियों के लिए वैकल्पिक ट्रेन की व्यवस्था की गई।

  • रेलवे कर्मचारियों ने प्रभावित डिब्बों को हटाने और ट्रैक सामान्य करने का काम किया।

  • यात्रियों को सुरक्षित तरीके से आगे की यात्रा कराने की व्यवस्था की गई।

रेलवे ने क्या कहा?

उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि कर्मभूमि एक्सप्रेस के चार डिब्बों में आग लगने की सूचना मिली थी।

रेलवे की सुरक्षा प्रणाली समय पर सक्रिय हुई, जिसके कारण ट्रेन को सुरक्षित रूप से रोका जा सका। आग पर काबू पाने के प्रयास किए गए और वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे।

रेलवे ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू की है।

घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश

रेलवे प्रशासन ने आग लगने की वजह पता लगाने के लिए तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं।

जांच में इन पहलुओं को देखा जाएगा:

  • इलेक्ट्रिकल वायरिंग में खराबी।

  • पंखे और अन्य बिजली उपकरणों की स्थिति।

  • पैंट्री में आग लगने की संभावना।

  • कोचों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था।

  • आग एक डिब्बे से दूसरे डिब्बे तक कैसे फैली।

जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आएगी।

यात्रियों के लिए इस घटना से क्या सीख मिलती है?

रेल यात्रा के दौरान यात्रियों को कुछ सावधानियां रखनी चाहिए:

  1. ट्रेन में आग या धुआं दिखाई देने पर तुरंत रेलवे स्टाफ को सूचना दें।

  2. आपातकालीन अलार्म और निकास द्वार की जानकारी रखें।

  3. घबराकर चलती ट्रेन से कभी न कूदें।

  4. गैस सिलेंडर, पेट्रोल, पटाखे और अन्य ज्वलनशील पदार्थ लेकर यात्रा न करें।

  5. रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें।

निष्कर्ष: पंजाब के पटियाला जिले में कर्मभूमि एक्सप्रेस के चार डिब्बों में आग लगने की घटना गंभीर थी। करीब 1,500 यात्रियों की सुरक्षा चुनौती बन गई थी, लेकिन समय पर ट्रेन रोकने और प्रभावित डिब्बों को अलग करने से बड़ा नुकसान टल गया। आग लगने का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।


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