Media24Media.com: असम: ऑयल इंडिया प्लांट में भीषण विस्फोट और आग, मौतों का आंकड़ा बढ़कर 3 हुआ

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असम: ऑयल इंडिया प्लांट में भीषण विस्फोट और आग, मौतों का आंकड़ा बढ़कर 3 हुआ

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असम के डिब्रूगढ़ जिले में ऑयल इंडिया लिमिटेड के तेल भंडारण परिसर में मेंटेनेंस कार्य के दौरान जोरदार विस्फोट हुआ। इसके बाद भीषण आग लग गई। हादसे में कई कर्मचारी झुलस गए।

महत्वपूर्ण अपडेट: 7 नवंबर की शाम 5:09 बजे प्रकाशित PTI की रिपोर्ट के अनुसार, इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 3 हो गई है। पहले मौतों की संख्या 1 थी, फिर 2 हुई और अब 3 हो चुकी है।

आखिर हादसा कैसे हुआ?

यह घटना ऑयल इंडिया के Intermediate Tank Farm (ITF), तेंगाखाट परिसर में हुई।

  • शुक्रवार सुबह करीब 9:05 बजे कर्मचारी मेंटेनेंस का काम कर रहे थे।

  • काम Indirect Bath Heater (IDBH) क्षेत्र में चल रहा था।

  • इस हिस्से को 4 नवंबर से मेंटेनेंस के लिए अलग रखा गया था।

  • इसी दौरान अचानक विस्फोट हुआ और आग फैल गई।

  • आग की चपेट में वहां काम कर रहे कर्मचारी आ गए।

कंपनी की शुरुआती जानकारी के अनुसार, मेंटेनेंस ऑपरेशन के दौरान दुर्घटनावश विस्फोट हुआ। हालांकि विस्फोट का वास्तविक तकनीकी कारण अभी जांच के अधीन है।

कितने लोगों की मौत और कितने घायल?

3-मौतें, 7 नवंबर शाम तक

7- घायल कर्मचारी, शुरुआती कुल संख्या

9- मौके पर कर्मचारी, कुल मौजूद लोग

3-गंभीर हालत में, नवीनतम उपलब्ध रिपोर्ट

कुल 9 कर्मचारी मौके पर मौजूद थे। उनमें से 7 घायल हुए और 2 सुरक्षित बच गए। बाद में घायलों में से तीन की मौत हो गई। नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक तीन अन्य घायल गंभीर हालत में हैं।

मृतकों की पहचान

अब तक मीडिया रिपोर्टों में तीन मृतकों की पहचान सामने आई है:

नाम

        जानकारी

राजू दत्ता

       हादसे के दिन घटनास्थल पर मौत

तपस ज्योति गोगोई

       70% तक जलने के बाद 7 नवंबर सुबह करीब 3 बजे मौत

रूपम गोगोई

        गंभीर रूप से झुलसने के बाद गुवाहाटी के अस्पताल में मौत

तपस ज्योति गोगोई पिछले 13 वर्षों से ठेका कंपनी में काम कर रहे थे। उनके परिवार में माता-पिता, पत्नी और एक बेटी हैं।

राहत और बचाव कार्य

हादसे के बाद तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
  • ऑयल इंडिया की फायर सर्विस टीम मौके पर पहुंची।

  • दमकल की कुल 11 गाड़ियां आग बुझाने में लगाई गईं।

  • SDRF और जिला प्रशासन की टीम ने भी मोर्चा संभाला।

  • घायलों को डिब्रूगढ़ के असम मेडिकल कॉलेज अस्पताल और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

  • कंपनी के अनुसार दोपहर लगभग 12:30 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया।

जिला प्रशासन ने आसपास के लोगों से घबराने की जरूरत नहीं होने की अपील की।

हादसे की जांच कौन करेगा?

ऑयल इंडिया लिमिटेड ने इस दुर्घटना की जांच के लिए आंतरिक जांच समिति गठित की है।

जांच में मुख्य रूप से इन बिंदुओं को देखा जाएगा:

  1. मेंटेनेंस के दौरान विस्फोट कैसे हुआ?

  2. क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था?

  3. जिस उपकरण की मरम्मत हो रही थी, उसमें कोई तकनीकी खराबी थी?

  4. क्या गैस, तेल या ज्वलनशील पदार्थ के कारण आग लगी?

  5. क्या सुरक्षा व्यवस्था में कोई लापरवाही हुई?

फिलहाल किसी व्यक्ति या कंपनी की लापरवाही आधिकारिक रूप से साबित नहीं हुई है।

सरकार और कंपनी की प्रतिक्रिया
  • केंद्रीय मंत्री सरबानंद सोनोवाल ने ऑयल इंडिया के CMD से बात कर स्थिति की जानकारी ली।

  • असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं।

  • मृतकों के परिवारों के लिए ₹10 लाख और घायलों के लिए ₹5 लाख की अनुग्रह राशि घोषित की गई है।

यह हादसा क्यों महत्वपूर्ण है?

ऑयल इंडिया लिमिटेड देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस कंपनियों में से एक है। उसके उत्पादन और भंडारण परिसरों में सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है।

इस हादसे से तीन गंभीर सवाल उठते हैं:

  • औद्योगिक संयंत्रों में मेंटेनेंस के दौरान सुरक्षा कितनी प्रभावी है?

  • ठेका कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा प्रशिक्षण और उपकरण मिल रहे हैं या नहीं?

  • भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?

मेरी टिप्पणी: इस घटना को केवल औद्योगिक दुर्घटना मानकर छोड़ना उचित नहीं होगा। जांच में मेंटेनेंस प्रक्रिया, सुरक्षा प्रोटोकॉल और ठेका कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता से समीक्षा होनी चाहिए।


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