Media24Media.com: पुतिन की पश्चिमी देशों को चेतावनी- रूस पर हमला हुआ तो सभी हथियारों के इस्तेमाल का विकल्प खुला

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पुतिन की पश्चिमी देशों को चेतावनी- रूस पर हमला हुआ तो सभी हथियारों के इस्तेमाल का विकल्प खुला

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 मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों और नाटो को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि रूस के किसी क्षेत्र पर सीधा हमला होता है, तो मॉस्को अपने पास मौजूद सभी हथियारों के इस्तेमाल पर विचार करेगा। उन्होंने खास तौर पर रूस के बाल्टिक क्षेत्र स्थित कालिनिनग्राद का उल्लेख किया। कालिनिनग्राद रूस का एक एक्सक्लेव है, जो पोलैंड और लिथुआनिया के बीच स्थित है।


पुतिन ने गुरुवार को मॉस्को में वाल्दाई डिस्कशन क्लब के मंच से यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि रूस का किसी यूरोपीय देश पर हमला करने का इरादा नहीं है, लेकिन अगर रूस के खिलाफ सीधी आक्रामक कार्रवाई होती है तो उसे जवाब देना पड़ेगा। पुतिन ने कहा कि ऐसी स्थिति में रूस के पास मौजूद सभी हथियारों के इस्तेमाल का सवाल तुरंत सामने आएगा।

कालिनिनग्राद को लेकर बढ़ा तनाव

पुतिन का बयान रूस की ओर से नाटो को भेजे गए एक राजनयिक संदेश के बाद आया है। मॉस्को ने आरोप लगाया है कि नाटो कालिनिनग्राद को हवाई और समुद्री मार्ग से अलग-थलग करने की तैयारी कर रहा है। रूस ने चेतावनी दी है कि यदि इस क्षेत्र को रूस के बाकी हिस्सों से काटने की कोशिश की गई तो वह कड़ी सैन्य प्रतिक्रिया देगा।

कालिनिनग्राद रूस का रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यह बाल्टिक सागर के किनारे पोलैंड और लिथुआनिया के बीच स्थित है और यहां रूस की महत्वपूर्ण सैन्य मौजूदगी है।

क्या परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करेगा रूस?

पुतिन ने सीधे तौर पर यह नहीं कहा कि किसी हमले की स्थिति में रूस निश्चित रूप से परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करेगा। हालांकि, उनके “सभी हथियारों” के इस्तेमाल वाले बयान में परमाणु हथियारों का विकल्प भी शामिल माना जा रहा है। इससे पहले रूस ने नाटो को भेजे संदेश में कालिनिनग्राद को अलग-थलग करने की स्थिति में अपने पूरे सैन्य शस्त्रागार, जिसमें परमाणु हथियार भी शामिल हैं, इस्तेमाल करने की चेतावनी दी थी।

पुतिन ने कहा कि रूस नाटो की सैन्य क्षमता से परिचित है और वह मौजूदा परिस्थितियों को लेकर गंभीर है। उन्होंने पश्चिमी देशों से तनाव को और बढ़ाने से बचने की अपील भी की।

नाटो ने रूस की परमाणु बयानबाजी पर जताई आपत्ति

रूस की चेतावनी पर नाटो ने प्रतिक्रिया देते हुए उसकी परमाणु बयानबाजी को गैर-जिम्मेदाराना बताया है। नाटो का कहना है कि वह एक रक्षात्मक गठबंधन है और उसके सैन्य अभ्यास रूस के किसी हिस्से को निशाना बनाने के लिए नहीं हैं। नाटो महासचिव मार्क रुटे ने भी रूस से परमाणु धमकियों से बचने को कहा है।

रूस और नाटो के बीच यह तनाव यूक्रेन युद्ध के बीच और बढ़ा है। मॉस्को जहां यूरोपीय देशों पर सैन्य गतिविधियां बढ़ाने का आरोप लगा रहा है, वहीं नाटो रूस की कार्रवाइयों को लेकर अपनी सुरक्षा चिंताओं पर जोर दे रहा है।

पीएम मोदी के प्रयासों की पुतिन ने की सराहना

इसी दौरान पुतिन ने यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों और विचारों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी उन विश्व नेताओं में शामिल हैं जो लगातार संघर्ष को समाप्त करने का मुद्दा उठाते हैं और दोनों पक्षों को स्वीकार्य समाधान तलाशने की बात करते हैं।

पुतिन ने कहा कि मोदी की संघर्ष समाप्त करने में गहरी रुचि है और वह शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रयास कर रहे हैं। भारत लगातार संघर्षों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर देता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी हाल की भारत-रूस वार्ता में संघर्षों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को आगे बढ़ाने की बात दोहराई थी।

भारत के साथ आर्थिक और परिवहन सहयोग पर भी चर्चा

पुतिन ने भारत के साथ आर्थिक सहयोग और परिवहन संपर्क बढ़ाने की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। रूस और भारत के बीच इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) सहित विभिन्न परिवहन गलियारों के विकास पर पहले से सहयोग चल रहा है। दोनों देशों ने व्यापार और लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी जोर दिया है।

पुतिन ने कहा कि भारत के साथ सहयोग की संभावनाएं केवल परिवहन और लॉजिस्टिक्स तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आर्थिक सहयोग के अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार की गुंजाइश है।

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