Media24Media.com: PM मोदी से बात करते भावुक हुए कैप्टन स्मित, बोले- हनुमान जी ने सबको बचाया

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PM मोदी से बात करते भावुक हुए कैप्टन स्मित, बोले- हनुमान जी ने सबको बचाया

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 नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर बातचीत की और उनके साहस की सराहना की। फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में 30 सितंबर को सह-पायलट ने कैप्टन मच्छार पर कथित तौर पर हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू किया। विमान की सऊदी अरब के तबुक में आपात लैंडिंग कराई गई।


PM मोदी से बातचीत में भावुक हुए कैप्टन मच्छार

बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार ने प्रधानमंत्री मोदी को उस घटना के दौरान अपने अनुभव के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें लगा था कि विमान नीचे गिर सकता है। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में उन्होंने अपनी पूरी क्षमता से यात्रियों को बचाने की कोशिश की।

मच्छार ने यह भी बताया कि घटना के दौरान वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे और इसी से उन्हें हिम्मत मिली। बातचीत के दौरान वह भावुक हो गए। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें सांत्वना देते हुए कहा कि अगर आप मेरे सामने भावुक नहीं होंगे तो फिर कहां होंगे।

“मैंने नहीं, हनुमान जी ने सबको बचाया”

कैप्टन मच्छार ने प्रधानमंत्री से कहा कि उन्होंने जो कुछ किया, उसमें उनका मानना है कि “मैंने नहीं, हनुमान जी ने सबको बचाया।” उन्होंने बताया कि यात्रियों को बचाने की कोशिश में उन्हें गंभीर चोटें आईं और वह घायल होकर गिर गए थे।

मच्छार ने यह भी कहा कि वह अपने देश से दूर होने के बावजूद अपनी संस्कृति से खुद को करीब महसूस करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके साहस और यात्रियों की सुरक्षा के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

पीएम मोदी पहले भी कर चुके हैं पायलट की तारीफ

इस घटना के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने 1 अक्टूबर को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी कैप्टन मच्छार की बहादुरी की प्रशंसा की थी। मोदी ने कहा था कि बेहद खतरनाक परिस्थितियों और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने दूसरों की जान बचाने के लिए साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया।

प्रधानमंत्री ने इससे पहले कैप्टन मच्छार के परिवार से भी बातचीत की थी और उनके इलाज के लिए हरसंभव सहायता का भरोसा दिया था।

कैसे टली बड़ी विमान दुर्घटना?

30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। जांच के अनुसार, उड़ान के दौरान ओमानी सह-पायलट ने कैप्टन मच्छार पर हमला किया और विमान को नुकसान पहुंचाने की कथित कोशिश की। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने हमलावर को काबू करने में मदद की।

विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपात स्थिति में उतारा गया। इस दौरान विमान में सवार सभी लोगों की जान बच गई। मामले की जांच सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य संबंधित एजेंसियां कर रही हैं।

“9/11 जैसी घटना टल गई” वाले बयान का भी जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने 1 अक्टूबर को एक कार्यक्रम में कैप्टन मच्छार के साहस का उल्लेख करते हुए कहा था कि उनके प्रयासों से एक ऐसी त्रासदी टल गई, जिसकी तुलना 9/11 जैसी घटना से की गई। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी मच्छार की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा था कि उन्होंने संभावित बड़ी विमान त्रासदी को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

हालांकि, घटना के पीछे की मंशा और सह-पायलट के उद्देश्य को लेकर जांच अभी जारी है। अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी।

इलाज के लिए UAE ले जाए गए कैप्टन मच्छार

घटना के बाद कैप्टन मच्छार को सऊदी अरब में प्राथमिक उपचार दिया गया। बाद में उन्हें आगे के इलाज के लिए संयुक्त अरब अमीरात ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है और उन्हें चिकित्सा सहायता दी जा रही है।

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