Media24Media.com: कावेरी सीड्स कंपनी के रायपुर कार्यालय घेराव से पहले किसान नेता गिरफ्तार, किसानों-मजदूरों के 6 करोड़ रुपये से अधिक बकाया

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कावेरी सीड्स कंपनी के रायपुर कार्यालय घेराव से पहले किसान नेता गिरफ्तार, किसानों-मजदूरों के 6 करोड़ रुपये से अधिक बकाया

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महासमुंद से ट्रैक्टर रैली लेकर रायपुर जाने की थी तैयारी, भारतीय किसान यूनियन ने प्रशासन की कार्रवाई पर उठाए सवाल

महासमुंद- कावेरी सीड्स कंपनी द्वारा बीज उत्पादन कराने के बाद किसानों और मजदूरों का भुगतान नहीं किए जाने के विरोध में शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को रायपुर स्थित कंपनी के कार्यालय का घेराव करने जा रहे किसान नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। भारतीय किसान यूनियन छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष तेजराम विद्रोही और जिला पंचायत सदस्य एवं किसान नेता जागेश्वर उर्फ जुगनू चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद किसान आंदोलन का मामला गरमा गया है। प्रभावित किसान और मजदूर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों सहित अन्य वाहनों से महासमुंद से रायपुर रवाना होने के लिए एकत्रित हो रहे थे।

176 किसानों का 4.62 करोड़ रुपये से अधिक भुगतान लंबित

किसान नेता जागेश्वर उर्फ जुगनू चंद्राकर के अनुसार, कावेरी सीड्स कंपनी लिमिटेड के छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय प्रबंधक राजकुमार रेड्डी के मार्गदर्शन में रबी सीजन 2024-25 के दौरान किसानों के खेत लीज (रेग) पर लेकर बीज उत्पादन कराया गया था। आरोप है कि उत्पादन कार्य पूरा होने के बावजूद किसानों को उनकी उपज का भुगतान नहीं किया गया। इसके साथ ही खेतों में काम करने वाले मजदूर भी अपनी मजदूरी के लिए लंबे समय से परेशान हैं।

चंद्राकर के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के सात जिलों के 176 किसानों का कुल 4 करोड़ 62 लाख 29 हजार 866 रुपये बकाया है। इनमें महासमुंद जिले के 85 किसान शामिल हैं। वहीं, मजदूरों की 7 लाख 89 हजार 500 रुपये की मजदूरी भी लंबित है। इस तरह किसानों और मजदूरों का कुल मूल बकाया 4 करोड़ 70 लाख 19 हजार 366 रुपये बताया गया है।

भारतीय किसान यूनियन के अनुसार, जुलाई 2025 से अक्टूबर 2026 तक 15 महीने की अवधि के लिए 2 प्रतिशत मासिक ब्याज जोड़ने पर कुल बकाया राशि बढ़कर लगभग 6 करोड़ 11 लाख 25 हजार 175 रुपये हो गई है।

आश्वासन के बाद भी नहीं हुआ भुगतान

भारतीय किसान यूनियन छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष तेजराम विद्रोही ने बताया कि प्रभावित किसान और मजदूर भुगतान की मांग को लेकर शासन-प्रशासन के समक्ष कई बार आवेदन और निवेदन कर चुके हैं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

उन्होंने बताया कि इससे पहले 20 फरवरी 2026 को भी किसान रायपुर के लिए रवाना हो रहे थे। उस दौरान बेलसोंडा के पास प्रशासन ने भुगतान कराने का आश्वासन देकर किसानों को रोक लिया था। हालांकि, यूनियन का आरोप है कि आश्वासन के बावजूद अब तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया।

https://youtu.be/sIqsWBzqujo

मुंशियों को भुगतान, मजदूरों की मजदूरी अब भी बकाया होने का आरोप

तेजराम विद्रोही ने कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीज उत्पादन कार्य के लिए स्थानीय स्तर पर मासिक वेतन पर मुंशियों की नियुक्ति की गई थी। उनके अनुसार, छह महीने का भुगतान लंबित रहने के बाद कथित समझौते के तहत छह मुंशियों को तीन महीने के भुगतान के रूप में कुल 1 लाख 80 हजार रुपये दिए गए।

विद्रोही का आरोप है कि मुंशियों के माध्यम से काम करने वाले मजदूरों की मजदूरी और जिन किसानों के खेतों में बीज उत्पादन कराया गया, उनका भुगतान अब तक नहीं किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसानों और मजदूरों को उनकी मेहनत की राशि देने में देरी क्यों की जा रही है।

किसान नेताओं की गिरफ्तारी पर यूनियन ने जताई नाराजगी

तेजराम विद्रोही ने कहा कि बकाया भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन करने जा रहे किसान नेताओं को गिरफ्तार करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई करने के बजाय आंदोलनकारी किसानों को नजरबंद और गिरफ्तार किया जा रहा है। यूनियन ने इसे किसान विरोधी और लोकतांत्रिक अधिकारों के विपरीत कार्रवाई बताते हुए शासन-प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

किसानों और मजदूरों की मांग है कि कावेरी सीड्स कंपनी से बकाया मूल राशि के साथ ब्याज का भुगतान कराया जाए तथा जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए। अब देखना होगा कि किसानों की लंबित राशि के भुगतान को लेकर प्रशासन और कंपनी की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।


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