Media24Media.com: अरब सागर में भारत-पाकिस्तान के युद्धपोत टकराए

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अरब सागर में भारत-पाकिस्तान के युद्धपोत टकराए

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भारतीय नौसेना के कोलकाता-क्लास डेस्ट्रॉयर से टकराया PNS हुनैन, भारत ने पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारी को किया तलब


नई दिल्ली। अरब सागर के अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में मंगलवार शाम भारतीय और पाकिस्तानी नौसेना के दो जहाजों के बीच टक्कर हो गई। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान नौसेना का जहाज PNS हुनैन तेज रफ्तार से आगे बढ़ते हुए भारतीय नौसेना के एक फ्रंटलाइन कोलकाता-क्लास गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर के बेहद करीब पहुंच गया, जिसके बाद दोनों जहाजों की टक्कर हुई।

घटना के समय भारतीय युद्धपोत नियमित निगरानी मिशन पर था। भारतीय पक्ष के अनुसार, PNS हुनैन का भारतीय युद्धपोत के बेहद करीब आना असुरक्षित और गैर-पेशेवर तरीके से संचालन का मामला था।

भारतीय युद्धपोत को बड़ा नुकसान नहीं

टक्कर के बावजूद भारतीय नौसेना के युद्धपोत को किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। वहीं, PNS हुनैन को गंभीर क्षति पहुंचने की बात सामने आई है और घटना के बाद वह वापस बंदरगाह लौट गया।

घटना को लेकर भारत ने राजनयिक स्तर पर भी आपत्ति दर्ज कराई है। नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के चार्ज द अफेयर्स को विदेश मंत्रालय ने तलब कर घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने इस्लामाबाद स्थित अपने चार्ज द अफेयर्स को भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के समक्ष समान विरोध दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

1991 के समझौते के अनुच्छेद 10 का हवाला

भारत ने इस घटना के संदर्भ में अप्रैल 1991 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए समझौते के अनुच्छेद 10 का हवाला दिया है। भारत का कहना है कि इस प्रावधान के तहत दोनों देशों की सैन्य गतिविधियों के दौरान अग्रिम सूचना और आवश्यक सावधानी से जुड़े नियमों का पालन किया जाना चाहिए।

नई दिल्ली ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज का संचालन इन प्रावधानों के अनुरूप नहीं था।

कोलकाता-क्लास और PNS हुनैन में बड़ा अंतर

भारतीय नौसेना का कोलकाता-क्लास डेस्ट्रॉयर आधुनिक स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल युद्धपोत है। इसका विस्थापन करीब 7,400 टन, लंबाई लगभग 163 मीटर और चौड़ाई करीब 17.4 मीटर है। इसमें आधुनिक रडार और सेंसर के साथ लंबी दूरी की मिसाइल, वायु रक्षा और पनडुब्बी रोधी हथियार प्रणालियां मौजूद हैं। जहाज करीब 300 कर्मियों को ले जा सकता है और दो हेलिकॉप्टर संचालित करने में सक्षम है।

इसके मुकाबले PNS हुनैन यारमूक-क्लास बैच-2 का ऑफशोर पेट्रोल वेसल है। इसे वर्ष 2024 में पाकिस्तानी नौसेना में शामिल किया गया था। इसका विस्थापन करीब 2,600 टन, लंबाई लगभग 98 मीटर और चौड़ाई करीब 14.5 मीटर है। यह मुख्य रूप से समुद्री गश्त, निगरानी, समुद्री सुरक्षा और सीमित लड़ाकू अभियानों के लिए तैयार किया गया है।

अलग-अलग भूमिका के लिए बनाए गए हैं दोनों जहाज

कोलकाता-क्लास युद्धपोत का डिजाइन मुख्य रूप से उच्च-तीव्रता वाले नौसैनिक अभियानों के लिए किया गया है, जबकि PNS हुनैन जैसी ऑफशोर पेट्रोल पोत श्रेणी की प्राथमिक भूमिका समुद्री निगरानी और सुरक्षा है। ऐसे में दोनों जहाजों का आकार, विस्थापन, हथियार क्षमता और परिचालन भूमिका एक-दूसरे से काफी अलग है।

घटना से समुद्री संचालन पर उठे सवाल

अरब सागर के अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में हुई इस टक्कर ने नौसैनिक जहाजों के सुरक्षित संचालन और समुद्री नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। खासकर दो देशों के युद्धपोतों की मौजूदगी वाले क्षेत्र में दूरी बनाए रखने, संचार और सुरक्षित नौवहन प्रक्रियाओं का पालन महत्वपूर्ण माना जाता है।

भारत ने घटना पर औपचारिक राजनयिक विरोध दर्ज करा दिया है। फिलहाल पाकिस्तान की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई है। दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियों से जुड़े समझौतों के मद्देनजर यह मामला अब राजनयिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण हो गया है।

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