Media24Media.com: महासमुंद में 190 की शराब 200 में बेची, आबकारी अधिकारी निलंबित

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महासमुंद में 190 की शराब 200 में बेची, आबकारी अधिकारी निलंबित

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब की ओवररेटिंग और अवैध शराब निर्माण के मामलों में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। महासमुंद में निर्धारित कीमत से अधिक दाम पर शराब बेचने का मामला सामने आने पर दुकान प्रभारी और वृत्त प्रभारी को निलंबित किया गया है। वहीं कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में अवैध शराब निर्माण से जुड़ी सामग्री की बड़ी बरामदगी के बाद दो आबकारी अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा महासमुंद मामले में दो सहायक जिला आबकारी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।


20 रुपये ज्यादा वसूलने पर कार्रवाई

महासमुंद जिले की तुमा डबरी (बेमचा) कंपोजिट मदिरा दुकान में 7 सितंबर को राज्य स्तरीय उड़नदस्ते ने आकस्मिक जांच की। छद्म ग्राहक के माध्यम से कराए गए परीक्षण में बैगपाइपर व्हिस्की के एक पाव की निर्धारित कीमत 190 रुपये के बजाय 200 रुपये वसूलते पाया गया।

जांच में दो अलग-अलग विक्रेताओं द्वारा दो पाव शराब के लिए निर्धारित 380 रुपये के बजाय 400 रुपये लिए जाने की पुष्टि हुई। इस तरह ग्राहकों से कुल 20 रुपये अधिक वसूले गए। मामले में दोनों विक्रेताओं के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39(ग) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

विभाग ने मामले को क्षेत्रीय निगरानी में गंभीर चूक मानते हुए मदिरा दुकान प्रभारी और वृत्त प्रभारी नितेश सिंह बैस को निलंबित कर दिया।

कांकेर में हजारों बोतल और ढक्कन बरामद

दूसरी कार्रवाई उत्तर बस्तर कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र में हुई। ग्राम बसंत नगर (नारायणपुर) स्थित एक बंद किराए के मकान में पुलिस की कार्रवाई के दौरान अवैध शराब निर्माण से संबंधित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई।

बरामद सामग्री में 4,409 खाली शराब की बोतल-पौवा, 3,380 ढक्कन, 105 पत्ते स्टीकर और होलोग्राम शामिल हैं। इसके अलावा जम्मू स्पेशल व्हिस्की के 30 भरे हुए पौवे भी मिले, जिनमें करीब 5.400 लीटर शराब थी।

विभाग के अनुसार विभिन्न ब्रांडों के स्टीकर और होलोग्राम की कीमत करीब 59,645 रुपये, जबकि खाली बोतल-पौवों की कीमत करीब 22,045 रुपये है।

दो आबकारी अधिकारियों पर भी कार्रवाई

अवैध शराब निर्माण से जुड़ी यह सामग्री आबकारी उप निरीक्षक एवं भानुप्रतापपुर वृत्त प्रभारी रानू मरकाम के क्षेत्राधिकार में बरामद हुई। विभाग ने इसे कर्तव्य में लापरवाही और प्रभावी निगरानी के अभाव का मामला मानते हुए उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया।

इसी मामले में जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय के प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी मधुकर श्याम हरित के खिलाफ भी प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही और पर्यवेक्षण में कमी पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई की गई है।

दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस

महासमुंद में ओवररेटिंग के मामले में विभाग ने उच्च स्तर पर भी जवाबदेही तय की है। सहायक जिला आबकारी अधिकारी दीपक ठाकुर और अजय कुमार पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। दोनों अधिकारियों से सात दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर उनके खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई की जा सकती है।

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