Media24Media.com: वाराणसी में पुलिस मुठभेड़ में झारखंड का वांटेड नक्सली कमांडर ढेर, ₹30 लाख का था इनाम

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वाराणसी में पुलिस मुठभेड़ में झारखंड का वांटेड नक्सली कमांडर ढेर, ₹30 लाख का था इनाम

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वाराणसी- उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रविवार सुबह पुलिस और झारखंड के एक वांटेड नक्सली कमांडर के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ में ब्रिजेश गंजू उर्फ गोपाल सिंह भोकता की मौत हो गई। वह झारखंड में प्रतिबंधित तृतीय प्रस्तुति समिति (TPC) का कमांडर बताया गया है। उसके ऊपर कुल ₹30 लाख का इनाम घोषित था।

रामनगर इलाके में हुई मुठभेड़

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वाराणसी के रामनगर इलाके में हुई। पुलिस को ब्रिजेश गंजू के इलाके में मौजूद होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने उसे रोकने और गिरफ्तार करने का प्रयास किया।

बताया गया है कि ब्रिजेश एक सहयोगी के साथ मोटरसाइकिल पर टेगरा क्रॉसिंग से मुगलसराय की ओर जा रहा था। पुलिस ने जब उसे रोकने की कोशिश की तो वह कथित तौर पर मोटरसाइकिल से उतरकर पुलिस टीम पर गोली चलाने लगा। इसके बाद पुलिस और उसके बीच गोलीबारी हुई।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल

पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान ब्रिजेश गंजू को गोली लगी। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने बताया कि आरोपी की ओर से चलाई गई कुछ गोलियां यूपी ATS के DSP विपिन राय और हेड कॉन्स्टेबल नितेंद्र कृष्णा की बुलेटप्रूफ जैकेट से टकराईं। पुलिसकर्मियों को गंभीर चोट नहीं आई।

₹30 लाख का था इनाम

ब्रिजेश गंजू लंबे समय से पुलिस के लिए वांटेड था। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ करीब 50 आपराधिक मामले दर्ज थे। इनमें हिंसा और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े मामले शामिल बताए गए हैं।

उसकी गिरफ्तारी की सूचना देने पर झारखंड सरकार ने ₹25 लाख, जबकि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने ₹5 लाख के इनाम की घोषणा की थी। इस तरह उसके ऊपर कुल ₹30 लाख का इनाम था।

TPC का कमांडर था ब्रिजेश गंजू

ब्रिजेश गंजू उर्फ गोपाल सिंह भोकता को झारखंड स्थित प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति समिति (TPC) का प्रमुख/कमांडर बताया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, TPC का गठन CPI (Maoist) से अलग हुए एक गुट के रूप में हुआ था।

हथियार बरामद होने का दावा

पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से दो पिस्तौल और एक कार्बाइन समेत हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ब्रिजेश गंजू वाराणसी में कब से रह रहा था और उसके स्थानीय स्तर पर किन लोगों से संपर्क थे।

सहयोगी की तलाश जारी

मुठभेड़ के दौरान ब्रिजेश के साथ मौजूद उसके सहयोगी के संबंध में पुलिस जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, उसके नेटवर्क और वाराणसी में उसके ठिकाने से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।

नोट: मुठभेड़ और आरोपी के खिलाफ मामलों से संबंधित विवरण पुलिस/जांच एजेंसियों के बयानों और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं; जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य तथ्य सामने आ सकते हैं।

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