Media24Media.com: अमेरिका में रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ का रास्ता साफ, भारत-चीन पर भी असर की आशंका

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

अमेरिका में रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ का रास्ता साफ, भारत-चीन पर भी असर की आशंका

Document Thumbnail

वॉशिंगटन- अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने रूस पर नए प्रतिबंधों से जुड़ा एक व्यापक विधेयक पारित कर दिया है, जिसमें रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार अमेरिकी राष्ट्रपति को देने का प्रावधान है। भारत और चीन उन प्रमुख देशों में शामिल हैं, जो इस प्रावधान से प्रभावित हो सकते हैं।

‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ नामक विधेयक को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 262-159 मतों से मंजूरी दी। इससे पहले विधेयक अमेरिकी सीनेट से भी पारित हो चुका है। अब इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

भारत समेत प्रमुख खरीदारों पर पड़ सकता है असर

विधेयक का उद्देश्य रूस की ऊर्जा आय पर दबाव बढ़ाना और रूस से तेल एवं गैस खरीदने वाले देशों को वैकल्पिक स्रोतों की ओर जाने के लिए प्रोत्साहित करना है। प्रस्तावित प्रावधान के तहत अमेरिका रूस से ऊर्जा खरीद जारी रखने वाले प्रमुख देशों पर भारी टैरिफ लगा सकता है। भारत और चीन को इस प्रावधान के संभावित रूप से प्रभावित देशों में प्रमुखता से बताया गया है।

हालांकि, विधेयक अपने आप भारत से आने वाले सभी सामानों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लागू नहीं करता। यह अमेरिकी राष्ट्रपति को कुछ परिस्थितियों में ऐसा टैरिफ लगाने का अधिकार देता है। 

भारत ने कहा- ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

अमेरिकी कदम पर भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और ऊर्जा की खरीद बाजार की परिस्थितियों तथा उपलब्धता को ध्यान में रखकर की जाती रहेगी। भारत ने यह भी कहा है कि वह अपने व्यापार और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।

भारत लंबे समय से रूस समेत विभिन्न देशों से ऊर्जा स्रोतों की खरीद करता रहा है। सरकार का कहना है कि ऊर्जा आपूर्ति में विविधता और किफायती कीमतें देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।

भारत-अमेरिका संबंधों पर भी नजर

अमेरिकी विधेयक ऐसे समय आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार एवं टैरिफ से जुड़े मुद्दों पर बातचीत चल रही है। प्रस्तावित नए अधिकारों से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना पर भी चर्चा हो रही है।

अब सभी की नजर राष्ट्रपति ट्रंप के अगले कदम पर है। यदि विधेयक कानून बनता है और इसके तहत भारत जैसे देशों पर टैरिफ लगाया जाता है, तो इसका असर ऊर्जा आयात, व्यापार लागत और व्यापक आर्थिक संबंधों पर पड़ सकता है।

Advertisement Sushasan Divas Advertisement Mohan Chandrakar Chhattisgarh Tourism Chhattisgarh Tourism
Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.