Media24Media.com: भारत-अमेरिका के शीर्ष राजनयिकों की मुलाकात, रूस पर अमेरिकी प्रतिबंध कानून को लेकर भारत ने जताई चिंता

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भारत-अमेरिका के शीर्ष राजनयिकों की मुलाकात, रूस पर अमेरिकी प्रतिबंध कानून को लेकर भारत ने जताई चिंता

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नई दिल्ली/न्यूयॉर्क- भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच न्यूयॉर्क में मुलाकात हुई। यह बैठक संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सप्ताह के दौरान हुई। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के साथ-साथ रूस और ईरान से जुड़े अमेरिकी प्रतिबंधों, खाड़ी क्षेत्र और यूक्रेन की स्थिति पर चर्चा की।

रूस पर नए अमेरिकी कानून को लेकर भारत की चिंता

बैठक में जयशंकर ने अमेरिका के नए Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026 (SRIA) को लेकर भारत के हितों और चिंताओं को सामने रखा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18 सितंबर को इस कानून पर हस्ताक्षर किए थे। कानून के तहत रूस से ऊर्जा खरीदने वाले कुछ बड़े देशों के खिलाफ अतिरिक्त टैरिफ लगाने की शक्ति अमेरिकी प्रशासन को मिलती है। संभावित टैरिफ 100 प्रतिशत तक हो सकते हैं। 

हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि कानून में भारत पर स्वतः 100 प्रतिशत टैरिफ लागू नहीं किया गया है। संभावित कार्रवाई अमेरिकी प्रशासन के आगामी फैसलों पर निर्भर करेगी।

भारत के लिए क्यों अहम है यह मुद्दा?

रूस भारत के प्रमुख कच्चे तेल आपूर्तिकर्ताओं में बना हुआ है। अगस्त 2026 में भारत ने रूस से करीब 20.8 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल आयात किया, जो उस महीने भारत के कुल क्रूड आयात का लगभग 45 प्रतिशत था। ऐसे में रूस से ऊर्जा खरीद पर संभावित अमेरिकी कार्रवाई का असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार पर पड़ सकता है।

भारत लगातार यह रुख रखता आया है कि उसकी ऊर्जा खरीद का उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति के स्रोतों में विविधता बनाए रखना है। वहीं अमेरिका रूस की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा क्षेत्र पर दबाव बढ़ाने के लिए नए प्रतिबंधों और शुल्क संबंधी उपायों पर काम कर रहा है।

खाड़ी और यूक्रेन पर भी हुई चर्चा

जयशंकर ने बैठक के बाद बताया कि दोनों नेताओं के बीच खाड़ी क्षेत्र और यूक्रेन की स्थिति पर भी बातचीत हुई। रुबियो ने अपनी ओर से भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी और प्रमुख क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर दोनों देशों के समन्वय की बात कही। 

आगे की राह पर नजर

भारत और अमेरिका के बीच रूस से तेल खरीद तथा संभावित अमेरिकी प्रतिबंधों का मुद्दा आने वाले समय में द्विपक्षीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। फिलहाल दोनों देशों के बीच इस विषय पर बातचीत जारी है और भारत पर किसी नए अमेरिकी टैरिफ के अंतिम प्रभाव का आकलन अमेरिकी प्रशासन के अगले फैसलों के बाद ही किया जा सकेगा। 

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