Media24Media.com: El Niño का बढ़ता खतरा, एशिया में सूखा और चरम मौसम से खाद्य कीमतों पर असर की आशंका

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El Niño का बढ़ता खतरा, एशिया में सूखा और चरम मौसम से खाद्य कीमतों पर असर की आशंका

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नई दिल्ली- दुनिया में एक मजबूत El Niño जलवायु घटना का असर बढ़ता नजर आ रहा है। वैज्ञानिकों और मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि 2026 के अंत और 2027 की शुरुआत में इसका प्रभाव एशिया के कई हिस्सों में तेज गर्मी, सूखे और बारिश के बदलते पैटर्न के रूप में सामने आ सकता है। 

इसका सबसे बड़ा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ने की आशंका है। भारत समेत दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों में कम बारिश और लंबे समय तक चलने वाला सूखा चावल, पाम ऑयल, गन्ना और अन्य फसलों के उत्पादन को प्रभावित कर सकता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, फसल उत्पादन में कमी का असर आगे चलकर खाद्य आपूर्ति और कीमतों पर पड़ सकता है। चावल और पाम ऑयल जैसे प्रमुख खाद्य उत्पादों की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ने की आशंका है।

भारत में भी कमजोर मानसून और बदलते मौसम को लेकर चिंता बढ़ी है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, 2026 का मानसून सामान्य से करीब 15% कम रहा है और कम बारिश का असर कृषि तथा आने वाले रबी सीजन पर पड़ सकता है। हालांकि, देश में पर्याप्त खाद्य भंडार मौजूद होने से तत्काल खाद्य संकट का असर सीमित रखने में मदद मिल सकती है।

El Niño के कारण केवल सूखे का खतरा नहीं है। अलग-अलग क्षेत्रों में अत्यधिक गर्मी, जंगलों में आग, बाढ़ और तूफानी मौसम जैसी चरम स्थितियां भी बढ़ सकती हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण इन प्रभावों की तीव्रता और बढ़ सकती है।

अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि आने वाले महीनों में El Niño कितना मजबूत होता है और इसका असर कृषि, पानी की उपलब्धता और खाद्य कीमतों पर कितना पड़ता है।


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