Media24Media.com: बस्तर संभाग में खुलेंगे 29 नए धान उपार्जन केंद्र

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बस्तर संभाग में खुलेंगे 29 नए धान उपार्जन केंद्र

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 रायपुर, 5 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर संभाग के किसानों को बड़ी राहत दी है। सहकारिता मंत्री केदार कश्यप की पहल पर खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 और आगामी खरीफ विपणन वर्षों के लिए संभाग में 29 नए धान उपार्जन केंद्र खोलने की अनुमति दी गई है।


नए केंद्र खुलने से बस्तर संभाग के दूरस्थ, वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को धान बेचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इससे किसानों के समय, श्रम और परिवहन खर्च में कमी आएगी। साथ ही मौजूदा उपार्जन केंद्रों पर भीड़ कम होगी और धान खरीदी व्यवस्था अधिक सुगम होगी।

सातों जिलों में खुलेंगे नए केंद्र

अनुमति प्राप्त 29 केंद्रों में बस्तर में 11, कांकेर में 6, कोंडागांव में 6, बीजापुर में 1, सुकमा में 2, दंतेवाड़ा में 1 और नारायणपुर में 2 केंद्र शामिल हैं।

बस्तर: बाकेल, चिउरगांव, काकरवाड़ा, धुरागांव, बागमोहलई, सतोषा, कुड़कानार, नंदपुरा, सौतपुर सहित 11 स्थानों पर केंद्र खोले जाएंगे।

कांकेर: आतुरगांव, कढ़ईखोदरा, करैगांव, कारेगांव, नवागांव (गोडरी) और लक्ष्मीपुर पीवी-73 में नए केंद्र स्थापित होंगे।

कोंडागांव: इंगरा, भाटगांव, चलका, चिंगनार, सालेभाट और बड़गांव में धान उपार्जन केंद्र खोले जाएंगे।

बीजापुर: उसूर विकासखंड के तिम्मापुर में केंद्र खुलेगा।
सुकमा: बड़ेसेट्टी और बुड़दी में केंद्र स्थापित होंगे।
दंतेवाड़ा: गीदम विकासखंड के समलूर में नया केंद्र खुलेगा।
नारायणपुर: हलामीमुंजमेटा और तारागांव में नए केंद्र शुरू किए जाएंगे।

केंद्रों पर मिलेंगी जरूरी सुविधाएं

नए धान उपार्जन केंद्रों में किसानों के बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए फिंगरप्रिंट और आईरिस उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा कंप्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस, जनरेटर, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन और नमी मापक यंत्र की व्यवस्था होगी।

केंद्रों पर इंटरनेट कनेक्टिविटी, बिजली, पर्याप्त प्रकाश, पेयजल और पहुंच मार्ग जैसी सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी। धान के सुरक्षित भंडारण के लिए पर्याप्त जगह, पॉलीथिन कवर और जल निकासी की व्यवस्था की जाएगी।

खरीदी से पहले पूरी करनी होगी तैयारी

सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने अधिकारियों को धान खरीदी शुरू होने से पहले सभी नए केंद्रों की तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रों के लिए ऊंची और समतल भूमि का चयन करने के साथ ही किसानों की सुविधा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है।

मंत्री ने कहा कि बस्तर की भौगोलिक परिस्थितियों और दूरस्थ गांवों के किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उपार्जन केंद्रों का विस्तार किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और उन्हें धान बेचने के लिए अनावश्यक दूरी तय न करनी पड़े।

हजारों किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

29 नए उपार्जन केंद्र शुरू होने से बस्तर संभाग के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। किसानों को अपने गांव या आसपास के क्षेत्र में ही समर्थन मूल्य पर धान बेचने की सुविधा मिलेगी। इससे धान परिवहन आसान होगा और खरीदी प्रक्रिया में भी तेजी आएगी।

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