Media24Media.com: राम अवतार जग्गी हत्याकांड: शूटर चिमन सिंह को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत

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राम अवतार जग्गी हत्याकांड: शूटर चिमन सिंह को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत

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 नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में दोषी करार दिए गए शूटर चिमन सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने उनकी सजा के क्रियान्वयन पर रोक लगाते हुए अंतरिम जमानत प्रदान की है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह राहत केवल अंतरिम है और उनकी दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली मुख्य अपील पर अंतिम निर्णय सुनवाई पूरी होने के बाद ही सुनाया जाएगा।


दोषमुक्ति नहीं, केवल अंतरिम राहत

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया कि अंतरिम जमानत दिए जाने का अर्थ आरोपी को दोषमुक्त (बरी) घोषित करना नहीं है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अपील लंबित रहने के दौरान उच्चतम न्यायालय विशेष परिस्थितियों में अंतरिम जमानत दे सकता है, लेकिन इससे दोषसिद्धि स्वतः समाप्त नहीं होती।

2003 में हुई थी हत्या, सीबीआई ने की थी जांच

घटना: राम अवतार जग्गी की 4 जून 2003 को रायपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

जांच हस्तांतरण: मामले की संवेदनशीलता और राजनीतिक महत्व को देखते हुए जांच स्थानीय पुलिस से लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी गई थी।

साजिश का खुलासा: सीबीआई ने अपनी जांच में हत्या के पीछे राजनीतिक साजिश का दावा किया था। ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कई आरोपियों को दोषी ठहराया था।

अमित जोगी को भी मिल चुकी है राहत

इस मामले में पूर्व विधायक अमित जोगी को भी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हत्या की साजिश का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट पहले ही उनकी दोषसिद्धि और सजा के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगाते हुए राहत दे चुका है। उनकी अपील पर भी अंतिम फैसला लंबित है।

स्थिति: फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में मामले से जुड़ी सभी अपीलों की विस्तृत सुनवाई जारी है। आरोपियों की दोषसिद्धि और सजा की अंतिम स्थिति शीर्ष अदालत के अंतिम फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी।

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