Media24Media.com: बजाज फाइनेंस कर्मचारी पर 10 लाख की ठगी का आरोप, लोन बंद कराने के नाम पर की धोखाधड़ी, केस दर्ज

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बजाज फाइनेंस कर्मचारी पर 10 लाख की ठगी का आरोप, लोन बंद कराने के नाम पर की धोखाधड़ी, केस दर्ज

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 कोरबा। जिले में लोन बंद कराने और किस्त जमा करने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बजाज फाइनेंस कंपनी के एक कर्मचारी पर आरोप है कि उसने ग्राहकों से रकम लेकर उसे कंपनी के खाते में जमा कराने के बजाय अपने निजी बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिया। जिले में अब तक ऐसे तीन मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें पीड़ितों से करीब 10 लाख रुपये की ठगी की गई है। पुलिस ने अलग-अलग शिकायतों के आधार पर आरोपी कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच व तलाश शुरू कर दी है।


केस 1: लोन बंद कराने के नाम पर 2 लाख ठगे

मामले में पहली शिकायत बालको क्षेत्र की एक महिला ने दर्ज कराई है। महिला के अनुसार, बजाज फाइनेंस कर्मचारी शशांक सिंह ने लोन की किस्त और खाता पूरी तरह बंद कराने का झांसा देकर उससे करीब दो लाख रुपये अपने निजी खाते में ट्रांसफर करवा लिए। रकम लेने के बावजूद आरोपी ने यह पैसा संबंधित लोन खाते में जमा नहीं कराया। शिकायत पर बालको थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अमानत में खयानत (धोखाधड़ी) का मामला दर्ज किया है।

केस 2: जूस सेंटर संचालक को 5 लाख का चूना

दूसरा मामला बजरंग चौक, राताखार का है। पीड़ित संदीप सिंह, जो दीनदयाल मार्केट (पावर हाउस रोड) में जूस सेंटर चलाते हैं, ने बताया कि उन्होंने जुलाई 2025 में बजाज फाइनेंस से ₹5,49,856 का लोन लिया था। इसकी मासिक किस्त 14,164 रुपये तय थी। आरोप है कि शशांक सिंह ने खुद को कंपनी का अधिकृत कर्मचारी बताते हुए संदीप को झांसा दिया कि एकमुश्त राशि देने पर उनका लोन अकाउंट बंद करा दिया जाएगा।

भरोसा करके संदीप ने अगस्त 2025 में 3 लाख रुपये के दो चेक और 2 लाख रुपये नकद, यानी कुल 5 लाख रुपये आरोपी को दे दिए। आरोपी ने चेक अपने खाते में क्लियर करा लिए, लेकिन लोन अकाउंट बंद नहीं कराया।

केस 3: सीएसईबी चौकी में दर्ज हुआ तीसरा मामला

थगी का तीसरा मामला सीएसईबी पुलिस चौकी क्षेत्र में सामने आया है। पुलिस के अनुसार, तीनों मामलों को मिलाकर अब तक करीब 10 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज हो चुकी है।

फर्जी दस्तावेज से दूसरे लोन लेने का भी आरोप

पीड़ितों ने गंभीर आरोप लगाया है कि लोन प्रक्रिया के दौरान आरोपी शशांक सिंह ने उनके आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज लिए थे। आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल (मिसयूज) कर आरोपी ने अन्य वित्तीय कंपनियों से पीड़ितों के नाम पर फर्जी तरीके से लोन ले लिए और उन पैसों या खरीदे गए सामान को खुद रख लिया।

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