Media24Media.com: राष्ट्रीय हथकरघा दिवस: भारतीय बुनकरों की कला और विरासत को मिला सम्मान

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राष्ट्रीय हथकरघा दिवस: भारतीय बुनकरों की कला और विरासत को मिला सम्मान

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नई दिल्ली- देशभर में आज राष्ट्रीय हथकरघा दिवस उत्साह और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भारत की समृद्ध हथकरघा परंपरा, कुशल बुनकरों के योगदान और स्वदेशी वस्त्रों की महत्ता को याद किया गया। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस प्रत्येक वर्ष 7 अगस्त को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 2015 में की गई थी और यह 1905 के स्वदेशी आंदोलन की स्मृति में मनाया जाता है।

इस अवसर पर विभिन्न राज्यों में प्रदर्शनी, हस्तशिल्प मेले, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बुनकर सम्मान समारोह आयोजित किए गए। कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को स्थानीय हथकरघा उत्पादों को अपनाने और पारंपरिक बुनकरों का समर्थन करने के लिए प्रेरित किया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय हथकरघा उद्योग केवल रोजगार का माध्यम ही नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक शिल्पकला का महत्वपूर्ण प्रतीक भी है। बदलते समय में हस्तनिर्मित वस्त्रों की बढ़ती मांग से बुनकरों को नए अवसर मिल रहे हैं और 'वोकल फॉर लोकल' जैसी पहल इस क्षेत्र को नई मजबूती प्रदान कर रही है।

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का उद्देश्य आम नागरिकों को भारतीय हस्तनिर्मित वस्त्रों के महत्व से जोड़ना, बुनकरों के परिश्रम का सम्मान करना तथा देश की समृद्ध वस्त्र विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रखना है।

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