Media24Media.com: परिवार मूलक ग्राम स्वराज्य और मूल्य शिक्षा की पहल: कोकड़ी सरकारी स्कूल ने 200 से अधिक परिवारों को किया सम्मानित

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परिवार मूलक ग्राम स्वराज्य और मूल्य शिक्षा की पहल: कोकड़ी सरकारी स्कूल ने 200 से अधिक परिवारों को किया सम्मानित

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महासमुंद- चेतना विकास मूल्य शिक्षा, जीवन विद्या अध्ययन, परिवार मूलक ग्राम स्वराज्य व्यवस्था, अखंड समाज एवं सार्वभौम व्यवस्था तथा शिक्षा के मानवीयकरण की दिशा में कार्यरत कोकड़ी सरकारी स्कूल में ‘कोकड़ी दर्शन जनपहल-06’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय प्रबंध समिति, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के सहयोग और संरक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम में 200 से अधिक परिवारों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों में परिवार मूलक ग्राम स्वराज्य व्यवस्था एवं अखंड समाज-सार्वभौम व्यवस्था की समझ विकसित करना तथा परिवार और समाज में स्वच्छता, नशामुक्ति, अपराधमुक्ति, शाकाहार, व्यवहार कुशलता, सही संबोधन, कृषि नवाचार, आवर्तनशील खेती, स्वावलंबन, हुनर एवं स्किल डेवलपमेंट जैसे विषयों को व्यवहार में उतारने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए शिक्षक गेंदलाल कोकडिया ने बताया कि जनपहल में विकसित भारत-विकसित संसार की संकल्पना, सुखी एवं समृद्ध व्यक्ति-परिवार-समाज-देश-विश्व निर्माण, पशु-पक्षियों के संरक्षण एवं संवर्धन, प्रकृति संतुलन, सही आहार-विहार-व्यवहार, बच्चों एवं अभिभावकों के अभिव्यक्ति कौशल, गांव की छोटी-छोटी समस्याओं के स्थानीय समाधान, जनप्रतिनिधियों के कर्तव्य एवं दायित्व तथा शिक्षा के मानवीयकरण जैसे विषयों पर खुली चर्चा एवं परिचर्चा हुई।

विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले परिवारों का सम्मान

कार्यक्रम में गांव एवं आसपास के क्षेत्रों में अपने कार्यों से प्रेरणा देने वाले अनेक परिवारों एवं व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। इनमें तेंदुवाही के समृद्ध किसान जागेश्वर सिंह पटेल, कोकड़ी में 40 से अधिक गिर गायों का पालन करने वाले रामशरण पटेल, नशामुक्त एवं शाकाहारी जीवन का उदाहरण प्रस्तुत करने वाले अशोक कुमार सोनवानी, मोहित भारती सहित अनेक परिवार शामिल रहे।

इसके अलावा मधुबन दर्रीपाली से पहुंचे लगभग 20 परिवारों सहित गणेश राम सहिस, पशु चिकित्सक डॉ. अनिल देवदास, समाजसेवी रायतुम संतोष कुमार साहू, सुशील आर्य पटेवा, नरसिंह यादव, कोमल यादव, पूरन साहू एवं खूबचंद भारती सहित अनेक परिवारों और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया।

अतिथियों ने कोकड़ी स्कूल को बताया प्रेरणादायी मॉडल

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शुक्लांबर पटेल, शिक्षक रायगढ़, उर्मिला मंगल सिदार, शिक्षक रायगढ़ तथा चंद्रकला बाबूलाल नायक, समाजसेवी रायगढ़ रहे। अतिथियों ने कोकड़ी सरकारी स्कूल के शैक्षिक प्रयोगों और जीवन विद्या अध्ययन आधारित गतिविधियों की सराहना की।

शुक्लांबर पटेल ने कोकड़ी सरकारी स्कूल को शिक्षा के मानवीयकरण की दिशा में विश्व स्तर पर पहचान बनाने वाला प्रेरणादायी विद्यालय बताते हुए कहा कि पूज्य ए. नागराज जी, मध्यस्थ दर्शन एवं जीवन विद्या अध्ययन के प्रणेता, स्वयं विद्वानों के साथ विद्यालय का भ्रमण कर चुके हैं। उन्होंने विद्यालय में किए जा रहे प्रयोगों को सरकार द्वारा आत्मसात कर अन्य विद्यालयों में भी लागू किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उर्मिला मंगल सिदार ने कोकड़ी सरकारी स्कूल को जीवन विद्या अध्ययन आधारित मॉडल स्कूल बताते हुए गेंदलाल कोकडिया द्वारा अपने वेतन के पैसे से तेंदुवाही में स्थापित मानवीय शिक्षा शोध केंद्र के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जीवन विद्या अध्ययन के माध्यम से ग्रामीणों और शिक्षा जगत में मूल्य शिक्षा को लेकर महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।

जीवन विद्या आधारित संस्कारों पर भी हुई चर्चा

चंद्रकला बाबूलाल नायक ने जीवन विद्या अध्ययन आधारित विवाह, नामकरण एवं मृत्यु संस्कार जैसे विषयों पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं इन प्रयोगों को जीवन में अपनाया है। उन्होंने अपनी बेटी राखी का विवाह गेंदलाल कोकडिया के साथ जीवन विद्या अध्ययन आधारित पद्धति से किए जाने तथा अपनी सास के मृत्यु संस्कार को भी इसी दृष्टिकोण से संपन्न किए जाने का अनुभव साझा किया।

संकुल समन्वयक सुरेश कुमार साहू ने कोकड़ी सरकारी स्कूल को प्रेरणादायी विद्यालय बताते हुए चेतना विकास मूल्य शिक्षा कार्यशाला को समझने के लिए अन्य विद्यालयों के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का कोकड़ी स्कूल में शैक्षिक भ्रमण कराने की आवश्यकता बताई। उन्होंने जीवन विद्या अध्ययन एवं चेतना विकास मूल्य शिक्षा को राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शामिल करने तथा इसे शैक्षिक पाठ्यक्रम एवं पाठ्य-पुस्तकों का हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

अभिव्यक्ति कौशल और व्यक्तित्व विकास पर जोर

कोकड़ी सरकारी स्कूल के सहयोगी शिक्षक हेमंत कुमार देवांगन ने जीवन विद्या अध्ययन से अपने जीवन में आए बदलावों को साझा करते हुए इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जीवन विद्या अध्ययन से व्यक्ति के व्यक्तित्व एवं व्यवहार में सकारात्मक सुधार आता है।

राखी गेंदलाल कोकडिया ने कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि चेतना विकास का अर्थ मानव की समझ का विकास है। उन्होंने कहा कि आदर्श परिवार व्यवस्था के लिए जीवन विद्या अध्ययन महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे परिवार के प्रति क्या, क्यों, कैसे और कितना की समझ विकसित होती है तथा संबंधियों के प्रति कर्तव्य और दायित्व की भावना मजबूत होती है। इससे परिवार में सुख, समृद्धि और आपसी सौहार्द का वातावरण बनता है।

रागेश्वर कोकडिया, सरस्वती शिशु मंदिर झलप ने बौद्धिक विकास को चेतना के विकास से जोड़ते हुए बच्चों के अभिव्यक्ति कौशल को बढ़ाने के लिए जीवन विद्या अध्ययन आधारित प्रेरणादायी अनमोल वचनों को उपयोगी बताया।

गांव को नशामुक्त और अपराधमुक्त बनाने का संकल्प

कार्यक्रम के अंत में खूबचंद भारती, अशोक सोनवानी, नंदकुमार पटेल (पंच कोकड़ी) एवं मोहित भारती ने सभी अतिथियों एवं सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ललिता बरिहा, स्वास्थ्य कार्यकर्ता जानकी पटेल, विद्यालय प्रबंध समिति कोकड़ी के अध्यक्ष कामदेव यादव सहित ग्रामीणों एवं उपस्थित परिवारों ने अपने गांव को नशामुक्त, अपराधमुक्त, स्वच्छ, व्यवहारकुशल एवं संस्कारयुक्त गांव बनाने का संकल्प लिया।

‘कोकड़ी दर्शन जनपहल-06’ कार्यक्रम ने शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखते हुए परिवार, समाज, प्रकृति, कृषि, संस्कार, व्यवहार एवं मानवीय मूल्यों से जोड़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम में शामिल परिवारों ने कोकड़ी सरकारी स्कूल के इन प्रयासों को ग्रामीण समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

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