Media24Media.com: इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार पर CBI जांच की मांग, अंतरराज्यीय नेटवर्क के कनेक्शन की आशंका

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इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार पर CBI जांच की मांग, अंतरराज्यीय नेटवर्क के कनेक्शन की आशंका

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बीजापुर- छत्तीसगढ़ के इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार और कथित तस्करी से जुड़े मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। मामले की जांच में अंतरराज्यीय कनेक्शन सामने आने की आशंका के बाद छत्तीसगढ़ वन विभाग ने केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की सिफारिश की है। वन मंत्री केदार कश्यप ने भी मामले में CBI जांच की मांग का समर्थन किया है।

प्रारंभिक जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि बाघों के अवैध शिकार से जुड़े आरोपियों के तार छत्तीसगढ़ से बाहर तक जुड़े हो सकते हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में महाराष्ट्र पुलिस की खुफिया शाखा से जुड़े दो लोगों के नाम भी सामने आए हैं। इस वजह से जांच का दायरा बढ़ गया है और संभावित अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।

बाघों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

इंद्रावती टाइगर रिजर्व लंबे समय से बाघ संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है। ऐसे में बाघों के अवैध शिकार और उनकी खाल की तस्करी से जुड़े मामलों ने वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार के अनुसार, वर्ष 2024 में एक, 2025 में एक और 2026 में तीन अवैध शिकार/तस्करी के मामले सामने आए हैं। इन मामलों में कुल 6 बाघों की खाल जब्त किए जाने और 41 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी विधानसभा में दी गई थी।

CBI जांच से सामने आ सकता है पूरा नेटवर्क

वन विभाग का मानना है कि मामले में यदि अंतरराज्यीय नेटवर्क की भूमिका है, तो इसकी स्वतंत्र और विस्तृत जांच जरूरी है। इसी वजह से केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की सिफारिश की गई है। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि बाघों के शिकार के पीछे कौन लोग हैं, वन्यजीवों के अंगों की तस्करी कहां तक फैली है और इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका हो सकती है।

मामले में वन्यजीव संरक्षण से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

संरक्षण व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर

बाघों की सुरक्षा को लेकर केंद्र का राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) भी राज्यों के साथ संरक्षण गतिविधियों और निगरानी को मजबूत करने का काम करता है।

अब इस मामले में केंद्रीय जांच की मांग के बाद सभी की नजर आगे की कार्रवाई पर है। CBI जांच होने की स्थिति में संभावित अंतरराज्यीय नेटवर्क, वन्यजीव तस्करी और संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

नोट: मामले में सामने आए आरोप और संभावित कनेक्शन जांच का विषय हैं। किसी व्यक्ति की संलिप्तता न्यायिक प्रक्रिया में दोष सिद्ध होने तक आरोप मात्र है।

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