Media24Media.com: 6 महीने बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा तमनार हिंसा का मास्टरमाइंड, पुलिस पर हमले और आगजनी का है मुख्य आरोपी

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6 महीने बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा तमनार हिंसा का मास्टरमाइंड, पुलिस पर हमले और आगजनी का है मुख्य आरोपी

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 रायपुर : रायगढ़ जिले के तमनार में दिसंबर 2025 में हुई हिंसा, आगजनी और पुलिस पर हमले के बहुचर्चित मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। घटना के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी राजेश मरकाम (39) को पुलिस ने आखिरकार छह महीने बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को गुरुवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।


पुलिस के मुताबिक, कसडोल निवासी राजेश मरकाम इस पूरे घटनाक्रम का मुख्य साजिशकर्ता था। उस पर आंदोलनकारियों को भड़काकर पुलिस बल पर हमला करवाने, सरकारी संपत्ति में आगजनी कराने और हिंसा फैलाने का आरोप है। लंबे समय से फरार आरोपी की तलाश जारी थी। मुखबिर से सूचना मिलने पर तमनार और पूंजीपथरा पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्राम बरपाली में घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने हिंसक घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

JPL की जनसुनवाई के विरोध से शुरू हुआ था विवाद

यह पूरा मामला Jindal Power Limited (JPL) की कोल ब्लॉक जनसुनवाई के विरोध से जुड़ा है। प्रभावित 14 गांवों के ग्रामीण 12 दिसंबर 2025 से धरने पर बैठे थे। 27 दिसंबर की सुबह लिबरा चौक पर करीब 300 ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू किया। प्रशासन और पुलिस ने समझाइश देकर उन्हें हटाया, लेकिन कुछ ही देर में भीड़ बढ़कर करीब एक हजार तक पहुंच गई।

दोपहर करीब ढाई बजे माहौल अचानक हिंसक हो गया। उग्र भीड़ ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिस जवानों पर पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में थाना प्रभारी कमला पुषाम समेत कई पुलिसकर्मी और महिला आरक्षक घायल हुए। महिला पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की गई और उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए।

सरकारी गाड़ियों को किया आग के हवाले, प्लांट में जमकर तोड़फोड़

हिंसक भीड़ ने मौके पर खड़ी पुलिस बस, जीप, एम्बुलेंस समेत कई सरकारी वाहनों में आग लगा दी। इसके बाद प्रदर्शनकारी जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट में घुस गए और वहां कन्वेयर बेल्ट, ट्रैक्टर सहित कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। कार्यालय परिसर में भी जमकर तोड़फोड़ की गई।

घटना के बाद पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कुल 16 एफआईआर दर्ज की थीं। अब तक 22 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। जांच में राजेश मरकाम की भूमिका हिंसा भड़काने और भीड़ को उकसाने में सामने आने पर मामले में BNS की धारा 49 भी जोड़ी गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूरी हिंसा में अहम भूमिका निभाई थी।

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