Media24Media.com: विक्रम-1 मिशन की ऐतिहासिक सफलता पर टीडीबी ने स्काईरूट एयरोस्पेस को दी बधाई

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विक्रम-1 मिशन की ऐतिहासिक सफलता पर टीडीबी ने स्काईरूट एयरोस्पेस को दी बधाई

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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), भारत सरकार के अंतर्गत कार्यरत टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड (TDB) ने स्काईरूट एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड को विक्रम-1 मिशन की सफल उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी है। यह सफलता भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। यह उपलब्धि स्वदेशी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में भारत की वैश्विक पहचान को और सशक्त बनाती है तथा देश में विकसित डीप-टेक नवाचारों की परिवर्तनकारी क्षमता को प्रदर्शित करती है।

यह ऐतिहासिक सफलता टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड की उस दीर्घकालिक प्रतिबद्धता की भी पुष्टि करती है, जिसके तहत बोर्ड व्यावसायीकरण की मजबूत संभावनाओं वाली स्वदेशी प्रौद्योगिकियों की पहचान, सम्मान और प्रोत्साहन देता रहा है।

स्वदेशी प्रक्षेपण यान (Launch Vehicle) प्रौद्योगिकियों के विकास में स्काईरूट एयरोस्पेस के अग्रणी योगदान को देखते हुए, कंपनी को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2022 के अवसर पर टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा नेशनल टेक्नोलॉजी स्टार्ट-अप अवॉर्ड 2022 से सम्मानित किया गया था। यह पुरस्कार तत्कालीन केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर तत्कालीन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव डॉ. श्रीवारी चंद्रशेखर तथा टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड के सचिव श्री राजेश कुमार पाठक भी उपस्थित थे।

यह पुरस्कार स्काईरूट एयरोस्पेस को छोटे उपग्रहों के प्रक्षेपण बाजार के लिए विकसित स्वदेशी क्रायोजेनिक, लिक्विड और सॉलिड प्रोपल्शन तकनीकों के विकास के लिए प्रदान किया गया था। इससे कंपनी की तकनीकी उत्कृष्टता और व्यावसायिक क्षमता को उसके शुरुआती चरण में ही मान्यता मिली। आज विक्रम-1 मिशन की सफलता इस बात का प्रमाण है कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी पुरस्कारों का उद्देश्य भारत की उन कंपनियों को प्रोत्साहित करना है, जो क्रांतिकारी तकनीकों के माध्यम से राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालने की क्षमता रखती हैं।

स्काईरूट एयरोस्पेस की टीम को बधाई देते हुए टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड के सचिव राजेश कुमार पाठक ने कहा,

"स्काईरूट एयरोस्पेस की सफलता पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी स्टार्ट-अप पुरस्कार से सम्मानित एक उभरते स्टार्ट-अप से लेकर भारत के निजी अंतरिक्ष कार्यक्रम में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने तक की उनकी यात्रा, भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती को दर्शाती है। अपने नवाचार-आधारित विकास को आगे बढ़ाते हुए स्काईरूट एयरोस्पेस ने अनुसंधान, विकास एवं नवाचार (RDI Fund) के अंतर्गत टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड को एक प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया है, जो वर्तमान में विचाराधीन है।"

टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड लगातार स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण को बढ़ावा देने के लिए एयरोस्पेस, रक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ ऊर्जा, जैव प्रौद्योगिकी, उन्नत विनिर्माण तथा डिजिटल प्रौद्योगिकी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में नवाचार-आधारित उद्यमों को प्रोत्साहित करता रहा है। स्काईरूट एयरोस्पेस जैसी कंपनियों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि समय पर संस्थागत पहचान और निरंतर सहयोग भारत के नवाचार-आधारित उद्यमियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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