Media24Media.com: कार्यशाला : गहराते जल संकट से बचाव के लिए वाटर रिचार्जिंग और पौधरोपण पर बनी सहमति

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कार्यशाला : गहराते जल संकट से बचाव के लिए वाटर रिचार्जिंग और पौधरोपण पर बनी सहमति

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बड़ा सुझाव : क्षेत्र में पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए बांध निर्माण की उठी मांग


आरंग। ग्राम पंचायत रीवा में लगातार गहराते पेयजल संकट से निपटने और पानी सहेजने की मुहिम को गति देने के लिए सोमवार को जल प्रबंधन एवं संरक्षण विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। मंथन के अंत में सभी विशेषज्ञों और अतिथियों ने गांव में पानी रिचार्ज सिस्टम निर्माण और मानसून में अधिक से अधिक पौधरोपण करने का सुझाव दिया जिसे ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया।


पीपला वेलफेयर फाउंडेशन और समस्त ग्रामवासियों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी, भू-जल विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, समाजसेवी और ग्रामीण एक मंच पर जुटे और संकट से उबरने के लिए सामूहिक रणनीति तैयार की। कार्यशाला में पहुंचे जियो हाइड्रोलॉजिस्ट घनश्याम वर्मा और देवव्रत साहू ने रीवा गांव की भूगर्भीय (जमीन के भीतर की) संरचना की तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों को वाटर रिचार्जिंग और वर्षा जल को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से जमीन के भीतर भेजने की सरल विधियों के बारे में विस्तार से समझाया। रीवा के सरपंच घसियाराम साहू और ग्रामीणों ने गांव के दर्द को साझा करते हुए कहा कि हमारा क्षेत्र लंबे समय से पीने के पानी की किल्लत से जूझ रहा है। इस संकट को दूर करने के लिए अब पूरे गांव को एक होकर उचित प्रबंधन करना होगा। वहीं जनपद सदस्य प्रतिनिधि महेश साहू ने कहा कि यह समस्या केवल एक गांव की नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की है, जिसके स्थायी समाधान के लिए बड़े स्तर पर कार्ययोजना बनाकर बांध बनाने की बेहद आवश्यकता है। कार्यशाला में समाजसेवी कैप्टन ओके तिवारी ने कई प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत कर ग्रामीणों को पानी बचाने के लिए प्रेरित किया। कृषि वैज्ञानिक कृष्ण कुमार साहू ने खेती और जीवन में जल की महत्ता बताई, पीएचई विभाग की इंजीनियर रानू दिनकर ने जल समस्या के निवारण के लिए किए जा रहे शासकीय प्रयासों की जानकारी दी।

भविष्य में जल के लिए हो सकता है अगला विश्व युद्ध

वहीं पीपला फाउंडेशन के संरक्षक व समाजसेवी आनंदराम पत्रकारश्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि, यदि भविष्य में कभी विश्व युद्ध हुआ तो वह केवल जल के लिए होगा। इसलिए हमें जल संरक्षण की ओर अभी से ठोस कदम उठाने होंगे।

जबकि समाजसेवी महेन्द्र पटेल ने चुनौतियों से निपटने के लिए आगामी बरसात में महा-पौधारोपण अभियान चलाने का सुझाव दिया।
इस मौके पर उपसरपंच सूरज साहू, पंचगण मनबोध साहू, वेदप्रकाश साहू, रमेश चंद्राकर,धनेश्वरी ढीढी, चंद्रकली डहरिया, सरिता साहू, योगेश्वरी साहू, सुषमा चंद्राकर, प्रेमलाल साहू, रोहित चंद्राकर, महेन्द्र साहू, अशोक ढीमर, घनश्याम डहरिया,पंच प्रतिनिधि अश्विनी साहू, फत्ते साहू, फाऊंडेशन से महेन्द्र पटेल,ईश्वरी साहू, मेहत्तर साहू, संतोष साहू, नारायण साहू, सुरेन्द्र नसीने व दिनेश साहू सहित अन्य ग्रामीणों की उपस्थिति रही।

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