Media24Media.com: अमेरिका-ईरान शांति समझौते का पीएम मोदी ने किया स्वागत, बोले- संघर्ष से कई देशों को हुआ भारी नुकसान

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अमेरिका-ईरान शांति समझौते का पीएम मोदी ने किया स्वागत, बोले- संघर्ष से कई देशों को हुआ भारी नुकसान

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 नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार को अमेरिका (US) और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का स्वागत करते हुए पश्चिम एशिया में स्थायी शांति और स्थिरता की उम्मीद जताई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संघर्ष के कारण दुनिया के कई देशों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा और कई लोगों की जान भी गई।


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कई दिनों की गहन बातचीत के बाद हुआ यह समझौता क्षेत्र में शांति बहाल करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री मार्गों पर आवाजाही को सामान्य बनाने में अहम साबित होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दोबारा खुलने से वैश्विक व्यापार को राहत मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में जारी तनाव खत्म करने के लिए हमेशा संवाद और कूटनीतिक समाधान का समर्थन करता रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बाकी मुद्दों पर भी बातचीत के जरिए स्थायी और अंतिम समाधान निकलेगा।

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी इस समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे पश्चिम एशिया में शांति और सुरक्षा स्थापित होगी। उन्होंने दावा किया कि कई अमेरिकी प्रशासन ईरान के साथ ऐसा समझौता करने में विफल रहे, लेकिन मौजूदा प्रयासों से यह संभव हो पाया है।

ट्रंप ने कहा कि इस सप्ताह के अंत तक समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिसके बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल दिया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र और दुनिया के लिए तेल आपूर्ति दोबारा सामान्य हो सकेगी। उन्होंने इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी राहत बताया।

बताया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत और मध्यस्थता के बाद इस समझौते पर सहमति बनी है। इस बीच ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप-विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने भी समझौते की पुष्टि करते हुए कहा कि शुक्रवार को औपचारिक हस्ताक्षर समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके बाद समझौता ज्ञापन (MoU) सार्वजनिक किया जाएगा।

ईरान ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित 60 दिनों की आगे की वार्ता प्रक्रिया में तभी शामिल होगा, जब अमेरिका दुश्मनी खत्म करने, प्रतिबंध हटाने और ईरानी संपत्तियों को जारी करने से जुड़े वादों को पूरा करेगा। फिलहाल इस समझौते को पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ा कूटनीतिक कदम माना जा रहा है।

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