Media24Media.com: कर्नाटक में फिर 'नाटक', DK शिवकुमार कैबिनेट से मंत्री रेड्डी ने दिया इस्तीफा

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कर्नाटक में फिर 'नाटक', DK शिवकुमार कैबिनेट से मंत्री रेड्डी ने दिया इस्तीफा

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 बेंगलुरु। कर्नाटक में नई सरकार के गठन के कुछ ही दिनों बाद कांग्रेस के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की कैबिनेट में शामिल मंत्री रामलिंग रेड्डी ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। माना जा रहा है कि विभागों के बंटवारे को लेकर नाराजगी के चलते उन्होंने यह कदम उठाया है।


इस्तीफे की घोषणा करते हुए रामलिंग रेड्डी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल मंत्री पद छोड़ा है, कांग्रेस पार्टी नहीं। उन्होंने कहा कि वे पिछले 53 वर्षों से कांग्रेस से जुड़े हुए हैं और पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा बनी रहेगी। रेड्डी ने कहा कि उन्होंने कभी किसी पद की मांग नहीं की और विभिन्न कांग्रेस सरकारों में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।

सूत्रों के अनुसार, रेड्डी को सिंचाई विभाग दिए जाने से वे असंतुष्ट थे और बेंगलुरु से जुड़े विभाग की जिम्मेदारी चाहते थे। हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस पर टिप्पणी नहीं की।

रेड्डी ने कहा, "मैं अपनी अंतरात्मा के खिलाफ काम नहीं कर सकता। इस अपमान को आखिर कब तक सहूं? मेरे पास इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।"

मनाने की कोशिश नाकाम

इस्तीफे की घोषणा के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें मनाने का प्रयास किया। पार्टी के वरिष्ठ नेता उनके पास पहुंचे, लेकिन रेड्डी अपने फैसले पर अडिग रहे। उन्होंने कहा कि अब किसी भी सुझाव पर विचार करने का समय निकल चुका है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे विधायक बने रहेंगे और कांग्रेस नहीं छोड़ेंगे।

पार्टी ने जताया समाधान का भरोसा

रेड्डी के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री प्रियंक खरगे ने कहा कि मामले पर पार्टी के वरिष्ठ नेता चर्चा करेंगे और जल्द ही समाधान निकाल लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंतरिक मामला है और इसे सुलझा लिया जाएगा।

विभागों के बंटवारे के बाद बढ़ी नाराजगी

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार देर रात 13 मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन किया था। मुख्यमंत्री ने वित्त, कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार समेत कुछ अहम विभाग अपने पास रखे हैं। विभागों के बंटवारे के बाद ही सरकार के भीतर असंतोष की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।

प्रमुख मंत्रियों को मिली जिम्मेदारियां

उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर को राजस्व विभाग के साथ युवा सशक्तीकरण एवं खेल विभाग सौंपा गया है। प्रियंक खरगे को गृह विभाग के साथ सूचना प्रौद्योगिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग का प्रभार दिया गया है।

वहीं के.जे. जॉर्ज को ऊर्जा विभाग, एम.बी. पाटिल को बड़े एवं मध्यम उद्योग, सतीश जारकीहोली को लोक निर्माण, के.एच. मुनियप्पा को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा शरण प्रकाश पाटिल को चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

यतींद्र सिद्धरमैया को शहरी विकास विभाग

पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के पुत्र यतींद्र सिद्धरमैया को शहरी विकास विभाग दिया गया है। उनके पास शहरी जलापूर्ति, जल निकासी, शहरी अवसंरचना विकास एवं विभिन्न शहरी विकास प्राधिकरणों की जिम्मेदारी भी रहेगी। वहीं कृष्णा बायरे गौड़ा को बेंगलुरु शहरी विकास विभाग, बैराथी सुरेश को परिवहन, यू.टी. खादर को स्वास्थ्य और ईश्वर खंड्रे को ग्रामीण विकास विभाग का प्रभार सौंपा गया है।

नई सरकार के गठन के तुरंत बाद मंत्री के इस्तीफे ने कांग्रेस नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि असंतोष को जल्द नहीं संभाला गया तो सरकार के सामने शुरुआती दौर में ही चुनौती खड़ी हो सकती है।

 
 
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