Media24Media.com: AIIMS रायपुर में मानवता को सलाम, सुमना की किडनियों से दो मरीजों को मिला जीवनदान

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AIIMS रायपुर में मानवता को सलाम, सुमना की किडनियों से दो मरीजों को मिला जीवनदान

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 रायपुर। कभी-कभी छोटी सी जिंदगी भी ऐसा संदेश दे जाती है, जो समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है। राजधानी रायपुर की 12 वर्षीय सुमना कुंडू अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन अपने निधन के बाद वह दो लोगों के जीवन में नई उम्मीद की किरण बन गई। अंगदान के जरिए सुमना ने मानवता की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर ओर सराहना हो रही है।


गंभीर बीमारी से जूझ रही सुमना पिछले नौ दिनों से रायपुर AIIMS में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती थी। डॉक्टरों ने उसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस कठिन घड़ी में सुमना के परिजनों ने साहसिक और प्रेरणादायक फैसला लेते हुए अंगदान की अनुमति प्रदान की।

दो मरीजों को मिला नया जीवन

सुमना की दोनों किडनियों का सफल प्रत्यारोपण किया गया। इनमें से एक किडनी 15 वर्षीय किशोर को और दूसरी 45 वर्षीय व्यक्ति को प्रत्यारोपित की गई। सफल ट्रांसप्लांट के बाद दोनों मरीजों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगी है।

AIIMS रायपुर के चिकित्सकों ने बताया कि सुमना का अंगदान दो परिवारों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। अस्पताल प्रशासन ने इसे मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।

अंतिम विदाई में छलक पड़े भाव

अंगदान के इस महान कार्य के सम्मान में AIIMS रायपुर में सुमना कुंडू को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। भावुक माहौल में सभी ने सुमना और उसके परिवार के इस निर्णय को नमन किया।

अंगदान के प्रति बढ़ी जागरूकता

सुमना की कहानी अब लोगों को अंगदान के महत्व के प्रति जागरूक और प्रेरित कर रही है। चिकित्सकों का मानना है कि अंगदान के माध्यम से कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन दिया जा सकता है और समाज में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।

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