Media24Media.com: बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास ‘प्रगति 2026’ का सफल समापन, 13 देशों की सेनाओं ने दिखाई सामूहिक क्षमता

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बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास ‘प्रगति 2026’ का सफल समापन, 13 देशों की सेनाओं ने दिखाई सामूहिक क्षमता

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मेघालय के उमरोई मिलिट्री स्टेशन में आयोजित बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास ‘प्रगति 2026’ (PRAGATI 2026) का पहला संस्करण 72 घंटे के वैलिडेशन अभ्यास के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अभ्यास ने भाग लेने वाले देशों की सेनाओं के बीच आपसी तालमेल, विश्वास और साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की सामूहिक प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया। समापन कार्यक्रम में छह उप-सेना प्रमुखों सहित 13 मित्र देशों के 40 से अधिक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे। भारतीय सेना के उप-सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने सभी देशों के प्रतिनिधियों की मेजबानी की।

PRAGATI का पूरा नाम “Partnership of Regional Armies for Growth and Transformation in the Indian Ocean Region” है। इस अभ्यास में भारत सहित Bhutan, Cambodia, Malaysia, Maldives, Myanmar, Nepal, Philippines, Seychelles, Sri Lanka, Vietnam, Indonesia और Laos के 400 से अधिक सैनिकों ने भाग लिया। यह अभ्यास समानता, मित्रता और पारस्परिक सम्मान की भावना के साथ आयोजित किया गया, जिससे क्षेत्रीय साझेदारों को अनुभव साझा करने, सर्वोत्तम प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान करने और सैन्य सहयोग मजबूत करने का अवसर मिला।

अभ्यास का मुख्य फोकस अर्ध-पहाड़ी और जंगल क्षेत्रों में आतंकवाद-रोधी अभियानों पर था। व्याख्यान, प्रदर्शन, व्यावहारिक प्रशिक्षण और विशेष कौशल अभ्यासों के बाद प्रतिभागियों ने 72 घंटे का वैलिडेशन अभ्यास किया, जिसमें प्रशिक्षण के परिणामों और सेनाओं के बीच विकसित परिचालन समन्वय का प्रदर्शन किया गया।

प्रशिक्षण में रॉक क्राफ्ट, एम्बुश एवं काउंटर-एम्बुश ड्रिल, स्लिथरिंग, जंगल लेन शूटिंग, कमरे और बस में हस्तक्षेप अभियान, आईईडी की पहचान, घायलों की निकासी तथा अन्य विशेष सैन्य कौशल शामिल थे। विभिन्न देशों के सैनिकों की मिश्रित टीमों ने एक साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिससे आपसी तालमेल, क्षमता निर्माण और विश्वास को बढ़ावा मिला।

अभ्यास की एक प्रमुख विशेषता प्रतिभागियों के बीच दिखाई दी सैनिक भाईचारे और सौहार्द की भावना रही। कठिन प्रशिक्षण परिस्थितियों में सभी सैनिकों ने मिलकर चुनौतियों का सामना किया, जिससे विभिन्न देशों की सेनाओं के बीच साझा सैनिक भावना और मजबूत हुई। इस दौरान सांस्कृतिक आदान-प्रदान और अनौपचारिक संवाद के अवसर भी मिले, जिससे पेशेवर और व्यक्तिगत संबंध और मजबूत हुए।

अभ्यास के दौरान भारतीय सेना ने Federation of Indian Chambers of Commerce and Industry के सहयोग से सहभागी देशों के लिए रक्षा उपकरणों की प्रदर्शनी भी आयोजित की। भारतीय सेना के आर्मी डिज़ाइन ब्यूरो और फिक्की ने भारतीय रक्षा उद्योग द्वारा विकसित अत्याधुनिक स्वदेशी रक्षा उपकरणों और तकनीकों का प्रदर्शन कराया, जबकि भारतीय सेना ने अपनी सेवा में शामिल नई पीढ़ी के उपकरणों का भी प्रदर्शन किया।

यह पहल आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत भारत की बढ़ती स्वदेशी रक्षा डिजाइन, विकास और विनिर्माण क्षमता को प्रदर्शित करने के साथ-साथ रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण मंच बनी। प्रदर्शनी ने उद्योग सहयोग, ज्ञान साझाकरण और रक्षा क्षेत्र में नए अवसरों को भी प्रोत्साहित किया।

अभ्यास के दौरान उप-सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने सहभागी देशों के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। इन बैठकों में रक्षा सहयोग को और मजबूत करने, आपसी समझ बढ़ाने और सैन्य संबंधों को गहरा करने पर चर्चा हुई।

अभ्यास प्रगति 2026 ने सहभागी देशों के बीच परिचालन क्षमता, सामूहिक तैयारी और आपसी विश्वास को नई मजबूती प्रदान की है। इस प्रथम संस्करण ने शांतिपूर्ण, समृद्ध और सुरक्षित क्षेत्र के लिए प्रतिबद्ध समान विचारधारा वाले देशों के बीच भविष्य के सहयोग की मजबूत नींव रखी है तथा आने वाले वर्षों में इस अभ्यास के और व्यापक स्वरूप में आयोजित होने का मार्ग प्रशस्त किया है।


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