Media24Media.com: मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव: इजरायल-हिजबुल्लाह टकराव से सीजफायर पर संकट, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य किया बंद

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मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव: इजरायल-हिजबुल्लाह टकराव से सीजफायर पर संकट, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य किया बंद

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 तेहरान/यरुशलम: पश्चिम एशिया में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (IRNA) के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में घोषित दो सप्ताह का सीजफायर अब खतरे में पड़ता दिख रहा है।


रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल की तेज सैन्य कार्रवाई के जवाब में रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद करने का फैसला लिया है।

इस घटनाक्रम से वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि ईरान ने इस जलमार्ग से गुजरने वाले तेल टैंकरों की आवाजाही रोक दी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है।

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि हिजबुल्लाह इस सीजफायर समझौते का हिस्सा नहीं था।

लेबनान में इजरायल के हमले तेज

इजरायली सेना इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने पुष्टि की है कि लेबनान में हालिया हमले हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए हैं। सेना के अनुसार, “ऑपरेशन रोरिंग लायन” के तहत अब तक का सबसे बड़ा समन्वित हमला किया गया, जिसमें बेरूत, बेका वैली और दक्षिणी लेबनान में 100 से अधिक ठिकानों पर स्ट्राइक की गई।

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इन हमलों में कम से कम 112 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 800 से अधिक घायल हुए हैं।

सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई

IDF प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने कहा कि यह ऑपरेशन सटीक खुफिया जानकारी पर आधारित था और कई हफ्तों की योजना के बाद अंजाम दिया गया।

सेना के अनुसार, हमलों में हिजबुल्लाह के कमांड सेंटर, मिसाइल ठिकाने, नौसैनिक क्षमताएं, राडवान फोर्स और एरियल यूनिट्स से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया।

इजरायल ने जारी रखी सख्त नीति

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि हिजबुल्लाह से उत्पन्न खतरे को खत्म करने तक दक्षिणी लेबनान में सैन्य अभियान जारी रहेगा।

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इजरायल, ट्रंप प्रशासन के उस प्रस्ताव का समर्थन करता है, जिसमें ईरान के खिलाफ हमले अस्थायी रूप से रोकने की बात कही गई है—लेकिन शर्त यह है कि ईरान तुरंत होर्मुज जलडमरूमध्य को खोले और क्षेत्र में सभी हमले बंद करे।

मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य टकराव और रणनीतिक जलमार्ग के बंद होने से न केवल क्षेत्रीय स्थिरता बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी बड़ा असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे, तो यह संकट और गहरा सकता है।

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