Media24Media.com: छत्तीसगढ़ में RTE पर सख्ती: निजी स्कूलों को चेतावनी, दाखिला न देने पर मान्यता होगी रद्द

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छत्तीसगढ़ में RTE पर सख्ती: निजी स्कूलों को चेतावनी, दाखिला न देने पर मान्यता होगी रद्द

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आरटीई के तहत गरीब और वंचित बच्चों को प्रवेश देने से इनकार करने वाले निजी स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


 RTE के तहत अनिवार्य 25% आरक्षण

सरकार ने दोहराया है कि Right to Education Act 2009 के तहत निजी स्कूलों की प्रारंभिक कक्षाओं में 25% सीटें आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित करना अनिवार्य है। इस नियम का पालन न करने पर स्कूलों की मान्यता तक रद्द की जा सकती है।

 लाखों बच्चों को मिल रहा लाभ

राज्य के 6,862 निजी स्कूलों में वर्तमान में 3.63 लाख से अधिक बच्चे RTE के तहत पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं इस साल कक्षा पहली में करीब 22 हजार सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया जारी है।

 पारदर्शी प्रतिपूर्ति व्यवस्था

सरकार निजी स्कूलों को प्रति छात्र के हिसाब से प्रतिपूर्ति राशि देती है—

कक्षा 1 से 5: ₹7,000 प्रति वर्ष
कक्षा 6 से 8: ₹11,400 प्रति वर्ष

यह राशि स्कूल की फीस या निर्धारित खर्च के आधार पर तय होती है और अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर मानी जा रही है।

 नियम तोड़ने पर कड़ी कार्रवाई

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि-

RTE के तहत प्रवेश से इनकार
प्रवेश प्रक्रिया में बाधा
भ्रामक जानकारी फैलाना

इन सभी मामलों में संबंधित स्कूलों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें मान्यता रद्द करना भी शामिल है।

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