Media24Media.com: पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, दो महीने का कच्चा तेल भंडार उपलब्ध

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पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, दो महीने का कच्चा तेल भंडार उपलब्ध

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 नई दिल्ली: West Asia में जारी संकट के बीच भारत ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि देश में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है। सरकार के अनुसार, भारत के पास लगभग 60 दिनों का कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं।


पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव Sujata Sharma ने बताया कि भारत के पास कुल 5.33 मिलियन मीट्रिक टन का रणनीतिक कच्चा तेल भंडार है। साथ ही सरकार इस भंडार को और बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है।

ऊर्जा आपूर्ति पर जोर

उन्होंने कहा कि देशभर में ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पिछले एक महीने में 3.33 लाख पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं, जिनमें से करीब 2.90 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को मिले हैं। इसके अलावा, लगभग साढ़े तीन लाख लोगों ने नए पीएनजी कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है।

सरकार ने पीएनजी उपयोगकर्ताओं से एलपीजी कनेक्शन छोड़ने की अपील भी की है। अब तक करीब 14,400 उपभोक्ताओं ने अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर किया है।

कमर्शियल एलपीजी कोटा बढ़ाया

औद्योगिक और व्यावसायिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आठ राज्यों के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के कोटे में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।

हॉर्मुज जलमार्ग पर भारत का रुख

Strait of Hormuz में तनाव के बीच ब्रिटेन द्वारा बुलाई गई अंतरराष्ट्रीय बैठक में Vikram Misri ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में निर्बाध आवाजाही के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि संकट का समाधान केवल कूटनीति और संवाद से ही संभव है।

बैठक में 60 से अधिक देशों ने हिस्सा लिया और हॉर्मुज जलमार्ग में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा की गई।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

ब्रिटेन की विदेश सचिव Yvette Cooper ने कहा कि ईरान ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने के लिए एक महत्वपूर्ण जलमार्ग को बाधित किया है। उन्होंने सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया।

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