Media24Media.com: फर्जी मैट्रिमोनियल साइट से साइबर ठगी का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड समेत गिरोह का खुलासा

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फर्जी मैट्रिमोनियल साइट से साइबर ठगी का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड समेत गिरोह का खुलासा

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 रायगढ़। रायगढ़ पुलिस ने फर्जी मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए संचालित एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस रैकेट का मास्टरमाइंड कपिल गर्ग बताया जा रहा है, जो लोक सेवा केंद्र की आड़ में लंबे समय से लोगों को निशाना बना रहा था।


पुलिस ने दरोगापारा स्थित “निधि परिवहन केंद्र” में छापेमारी कर लैपटॉप, फर्जी दस्तावेज, शासकीय सील-मुहर सहित कई आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है। जांच में सामने आया कि कपिल गर्ग की लोक सेवा केंद्र आईडी एक माह पहले ही निरस्त हो चुकी थी। इसके बाद उसने “इंडिया मैट्रिमोनी” के नाम से फर्जी प्लेटफॉर्म तैयार कर ठगी का नेटवर्क खड़ा किया।

गिरोह में शामिल युवतियां फर्जी जीमेल आईडी और मोबाइल नंबरों के जरिए यूट्यूब चैनल बनाकर आकर्षक प्रोफाइल अपलोड करती थीं। इन प्रोफाइल्स के माध्यम से संपर्क नंबर साझा किए जाते थे, जिससे लोग झांसे में आ जाते थे।

जैसे ही कोई व्यक्ति संपर्क करता, उससे पहले बायोडाटा लिया जाता और फिर यूपीआई के जरिए रजिस्ट्रेशन फीस वसूली जाती थी। इसके बाद पसंदीदा प्रोफाइल से बातचीत और मीटिंग आईडी दिलाने के नाम पर दोबारा रकम ली जाती थी। व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड भेजकर लगातार पैसे ऐंठे जाते थे। अंत में आरोपी यह कहकर संपर्क खत्म कर देते थे कि संबंधित युवती को रिश्ता पसंद नहीं है।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि “शांति देवी सोसायटी ऑफ एजुकेशन” केंद्र भी इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। इसकी संचालिका हिमांशु मेहर पिछले तीन वर्षों से इस गिरोह के साथ मिलकर लोगों को ठगने का काम कर रही थी।

मामले में शशि मोहन सिंह ने कहा कि साइबर ठगी के मामलों पर पुलिस की लगातार नजर है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध मैट्रिमोनियल या सोशल मीडिया प्रोफाइल पर भरोसा न करें और ऐसे मामलों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

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