Media24Media.com: भारत-यूके सहयोग के तहत ‘BE-JTO’ परियोजना को बढ़ावा, उन्नत विमान तकनीक के विकास की दिशा में बड़ा कदम

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भारत-यूके सहयोग के तहत ‘BE-JTO’ परियोजना को बढ़ावा, उन्नत विमान तकनीक के विकास की दिशा में बड़ा कदम

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नई दिल्ली- Technology Development Board (TDB), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत, ने Casey Aviation Private Limited, गुरुग्राम के साथ “Boost Electric Jump Take-Off (BE-JTO)” परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस परियोजना को भारत–यूके सहयोगी अनुसंधान एवं विकास (R&D) कार्यक्रम के तहत, यूके स्थित ARC Aerosystems Ltd के साथ साझेदारी में वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।

उन्नत टेक्नोलॉजी के विकास पर फोकस

यह परियोजना हाइब्रिड प्रोपल्शन आधारित Jump Take-Off (JTO) प्रणाली के विकास पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य मानव रहित (Unmanned) और हल्के विमान प्लेटफॉर्म्स की कार्यक्षमता को बढ़ाना है। इसके तहत रोटरक्राफ्ट प्रोपल्शन सिस्टम के परीक्षण और सत्यापन के लिए एक विशेष टेस्ट बेंच सुविधा भी स्थापित की जाएगी।

क्या होगा फायदा?

यह नई तकनीक:

  • कम दूरी या लगभग वर्टिकल टेक-ऑफ को संभव बनाएगी

  • ऑपरेशन में अधिक लचीलापन प्रदान करेगी

  • दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में उपयोगी साबित होगी

इसका उपयोग कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जा सकेगा, जैसे:

  • क्षेत्रीय कनेक्टिविटी

  • आपदा राहत कार्य

  • मेडिकल इवैक्यूएशन

  • ड्रोन आधारित लॉजिस्टिक्स

  • निगरानी (Surveillance)

उत्तर भारत में पहली तरह की सुविधा

इस परियोजना के तहत उत्तर भारत में अपनी तरह की पहली प्रोपल्शन टेस्टिंग सुविधा स्थापित की जाएगी। यह सुविधा स्टार्टअप्स और डेवलपर्स को अपने ड्रोन और एडवांस्ड एरियल मोबिलिटी सिस्टम्स के परीक्षण और विकास में मदद करेगी।

स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा

यह टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर न केवल कंपनी के आंतरिक विकास में सहायक होगा, बल्कि अन्य नवाचारकर्ताओं को भी सेवाएं प्रदान करेगा और नई तकनीकों के व्यावसायीकरण (Commercialization) को बढ़ावा देगा।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

इस अवसर पर TDB के सचिव Rajesh Kumar Pathak ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के तहत होने वाले R&D कार्यक्रम रणनीतिक क्षेत्रों में अत्याधुनिक तकनीकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि हाइब्रिड प्रोपल्शन और एडवांस टेक-ऑफ सिस्टम भारत में मानव रहित विमानन और क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को नई दिशा दे सकते हैं।

कंपनी की प्रतिक्रिया

Casey Aviation के प्रवर्तकों ने सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना उनकी तकनीक को वास्तविक परिस्थितियों में परखने और भविष्य के लिए स्केलेबल समाधान विकसित करने में मदद करेगी।

निष्कर्ष

यह पहल भारत में उन्नत विमानन तकनीक, नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो भविष्य में देश के एरियल मोबिलिटी सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।

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